झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना

भारतीय अर्थव्यवस्था

झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत सरकार और विश्व बैंक (World Bank) ने झारखंड के लोगों को 24 x 7 विश्‍वसनीय, गुणवत्‍ता संपन्‍न तथा किफायती बिजली प्रदान करने के उद्देश्‍य से झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना (Jharkhand Power System Improvement Project) के लिये 310 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्‍ताक्षर किये।

प्रमुख बिंदु

  • विश्व बैंक से से प्राप्त इस ऋण के एक बड़े भाग का उपयोग बिजली ट्रांसमिशन संरचना में सुधार करने हेतु किया जाएगा ।
  • परियोजना सरकारी क्षेत्र की बिजली ट्रांसमिशन और वितरण कंपनियों की संस्‍थागत क्षमताओं को विकसित करने और उनके संचालन में सुधार पर केंद्रित होगी।

क्या है झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना?

  • यह परियोजना भारत सरकार द्वारा 2014 में लॉन्च किये गए ‘सबके लिये बिजली’ (Power for All) कार्यक्रम का हिस्‍सा है।
  • इस परियोजना में निजी और सार्वजनिक निवेश के माध्‍यम से 2022 तक बिजली उत्‍पादन क्षमता में 5 गीगावाट (सौर ऊर्जा से 1.5 गीगावाट उत्‍पादन सहित) की वृद्धि करने का प्रावधान है।

परियोजना के प्रमुख घटक

  • परियोजना के प्रमुख घटकों में नए सब-स्‍टेशनों तथा मुख्‍य रूप से 132 किलोवाट वोल्‍टेज स्तर की नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण करना और राज्य लोड डिस्‍पैच सेंटर (State Load Dispatch Centre- SLDC) के संचालन को मज़बूती प्रदान करने के लिये प्रणाली स्‍थापित करने में झारखंड ऊर्जा संचार निगम लि. (Jharkhand Urja Sancharan Nigam Limited- JUSNL) को समर्थन देना है। इससे राज्‍य ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा को एकीकृत करने में मदद मिलेगी।

परियोजना के लाभ

  • झारखंड विद्युत प्रणाली सुधार परियोजना से झारखंड में नई बिजली ट्रांसमिशन संरचना के निर्माण में मदद मिलेगी और राज्य की बिजली क्षेत्र की कंपनियों की तकनीकी दक्षता और वाणिज्‍यिक प्रदर्शन में सुधार होगा।
  • परियोजना से ऑटोमेटेड सब-स्टेशन तथा नेटवर्क विश्‍लेषण एवं नियोजन उपकरण जैसे आधुनिक टेक्‍नोलॉजी समाधान लागू करने में मदद मिलेगी। इससे बिजली की विश्‍वसनीय आपूर्ति संभव होगी।
  • यह परियोजना घरों, उद्योगों, कारोबार तथा अन्‍य उत्‍पादक क्षेत्रों के लिये बिजली आपूर्ति बढ़ाने में सहायता देगी और गरीबी उपशमन तथा झारखंड के समावेशी विकास में योगदान करेगी।