डाटा पॉइंट: शहरों की गतिशीलता (MOBILLITY INDEX)

डाटा पॉइंट: शहरों की गतिशीलता

संदर्भ

हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह पता चला है कि खराब सड़क अवसंरचना ही वह प्रमुख कारण है जो किसी शहर के ट्रैफिक संकुलन (conjestion) तथा गतिशीलता को बहुत ज़्यादा प्रभावित करता है।


महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • बहुत ज़्यादा लोग, पतली सड़कें और शोर मचाते वाहनों के साथ भारतीय शहर तथा कस्बें विश्व के सबसे भीड़ वाले क्षेत्रों में से एक हैं। लेकिन इन भारतीय शहरों तथा कस्बों में भी काफी विविधता है।
  • गतिशीलता यानी एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा पाने के संदर्भ में, इन शहरों तथा कस्बों का श्रेणीक्रम क्या है? इस सवाल का जवाब ‘मोबिलिटी एंड कंज़ेशन इन अर्बन इंडिया (Mobility and Congestion in Urban India)’ नामक शोधपत्र से मिल जाता है।
  • यह शोध अच्छी सड़क अवसंरचना और ट्रैफिक की उपस्थिति (या अनुपस्थिति) के आधार पर शहरों को वर्गीकृत करने के लिये किया गया था। इस शोधकार्य में विश्व बैंक द्वारा सहायता प्रदान की गई।
  • शोधपत्र के अनुसार, ट्रैफिक के संदर्भ में बंगलुरु की हालत सबसे खस्ताहाल है, जबकि गतिशीलता सूचकांक (Mobility Index) में कोलकाता सबसे पिछड़ा है।

गतिशीलता सूचकांक (Mobility Index) क्या है?

  • यह ऐसा सूचकांक है, जिसे विभिन्न कारकों जैसे- ट्रैफिक, मौसम और समय के आधार पर तैयार किया जाता है। शहर का सूचकांक जितना अधिक होगा, उसकी गतिशीलता यानी एक एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जा पाने की योग्यता भी अधिक होगी।
  •  भारत के 10 सबसे तेज़ शहर-

mobility index

  • भारत के 20 सबसे धीमे शहर-

slowest city

वाहन और संकुलन (Vehicle and conjestion)

  • अध्ययन किये गए सभी शहरों में पाया गया कि संकुलन (conjestion) पंजीकृत वाहनों की संख्या से सीधे संबंधित है। जितने ज़्यादा पंजीकृत वाहन, उतना ज़्यादा संकुलन (conjestion)।