दुधवा टाइगर रिज़र्व की गश्त हेतु एसएसबी PRE+MAINS

दुधवा टाइगर रिज़र्व की गश्त हेतु एसएसबी

चर्चा में क्यों ?

दुधवा टाइगर रिज़र्व और सशस्त्र सीमा बल (SSB) दुधवा के जंगलों और इसके समृद्ध वन्यजीवन को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने के लिये एक साथ मिलकर काम करने हेतु तैयार हो गए हैं।


महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • SSB द्वारा गश्त का यह कार्य वन्यजीव और वन अपराधियों की गतिविधियों के बारे में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय एवं जानकारी साझा करने हेतु किया जा रहा है।
  • उल्लेखनीय है कि सशस्त्र सीमा बल यानी SSB  भारत का एक अर्धसैनिक बल है जिस पर 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी है।

दुधवा टाइगर रिज़र्व के बारे में

  • यह उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी ज़िले में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में सबसे अच्छे प्राकृतिक जंगलों और घास के मैदानों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • इस तराई आर्क लैंडस्केप (TAL) के अंतर्गत तीन महत्त्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र शामिल हैं :
  • दुधवा राष्ट्रीय उद्यान
  • किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य
  • कतर्निया घाट वन्यजीव अभयारण्य
  • तीनों संरक्षित क्षेत्रों को राज्य में रॉयल बंगाल टाइगर के अंतिम व्यवहार्य घर होने के नाते प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के तहत दुधवा टाइगर रिजर्व के रूप में संयुक्त रूप से गठित किया गया है।

प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger)

  • भारत सरकार ने 1973 में राष्ट्रीय पशु बाघ को संरक्षित करने के लिये ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ लॉन्च किया।
  • वर्तमान में ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ के तहत संरक्षित टाइगर रिज़र्व की संख्या 50 हो गई है।
  • ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक सतत केंद्र प्रायोजित योजना है जो नामित बाघ राज्यों में बाघ संरक्षण के लिये केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।
  • वर्ष 1987 में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य को प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत दुधवा टाइगर रिज़र्व में शामिल किया गया था, जबकि कतर्निया वन्यजीव अभयारण्य को वर्ष 2000 में दुधवा टाइगर रिज़र्व में शामिल किया गया था। [1] यह भारत के 47 टाइगर रिजर्व में से एक है

तराई आर्क लैंडस्केप (TAL)

  • TAL भारत और नेपाल ट्रांस-सीमा संरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र से बना है इसमें हिमालय के पास की तलहटी और नेपाल तथा भारत के 14 संरक्षित क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
  • यह क्षेत्र लगभग 12.3 मिलियन एकड़ (5 मिलियन हेक्टेयर) तक फैला हुआ है और इसमें पूर्व में नेपाल की बागमती नदी और पश्चिम में भारत की यमुना नदी शामिल है।
  • TAL कई लुप्तप्राय स्तनधारियों का निवास स्थल है जिसमें बंगाल के बाघ, भारतीय गैंडे, गौर, जंगली एशियाई हाथी, स्लॉथ भालू, दक्षिण एशियाई नदी डॉल्फ़िन और चीतल के साथ – साथ पक्षियों की 500 से अधिक प्रजातियों भी पाई जाती हैं।