निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण

उत्तर: d)

  1. निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण से लगभग 11 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन होता है, जो ऊर्जा क्षेत्र के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्सर्जन स्रोत है तथा वैश्विक स्तर पर परिवहन क्षेत्र से होने वाले कुल उत्सर्जन से अधिक है।
  2. निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण से होने वाले उत्सर्जन में कटौती’ (Reducing Emissions from Deforestation and Forest Degradation: REDD+) एक तंत्र है जिसे ‘जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन‘ (United Nations Framework Convention on Climate Change- UNFCCC) द्वारा विकसित किया गया है। यह वनों में संग्रहीत कार्बन के लिए एक वित्तीय मूल्य का निर्माण करता है, जिससे विकासशील देशों को वनाच्छादित भूमि से उत्सर्जन कम करने और निम्न कार्बन उधोगो में निवेश करने से लेकर संधारणीय विकास को प्रोत्साहन मिलता है।  विकासशील देशों को परिणाम-आधारित कार्यों (results-based actions) के लिए परिणाम-आधारित भुगतान (results-based payments) प्राप्त होंगे। REDD + केवल निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण तक सीमित नहीं हैबल्कि इसमें वन संरक्षणवनों के सतत प्रबंधन और वन कार्बन स्टॉक को बढ़ाना भी शामिल हैं।
  3.  हरित जलवायु कोष (Green Climate Fund: GCF) को UNFCCC के वित्तीय तंत्र के रूप में कार्य करने हेतु COP-17 में स्थापित किया गया थाजिसमें REDD+ वित्त भी शामिल है। REDD+ पर वारसॉ फ्रेमवर्क GCF के लिए विभिन्न सन्दर्भों का निर्माण करता है, विकासशील देशों को परिणाम आधारित वित्त के लिए GCF में आवेदन करने का निर्देश देता है। वर्तमान में द्वारा चरण 1 (राष्ट्रीय रणनीतियों या कार्य योजनाओं, क्षमता निर्माण का डिज़ाइन) और चरण 2 (राष्ट्रीय रणनीतियों या कार्य योजनाओं का कार्यान्वयन, प्रदर्शन कार्यक्रम) के REDD+ कार्यक्रमों का वित्तपोषण किया जा रहा है।
  4. युगांडा ‘जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन’ ( UNFCCC) ‘निर्वनीकरण और वन निम्नीकरण से होने वाले उत्सर्जन में कटौती’ (REDD+) कार्यक्रम के माध्यम से उत्सर्जन में कमी के बेहतर परिणाम प्रस्तुत करने वाला पहला अफ्रीकी देश बन गया है। परिणाम आधारित भुगतानों में अंतिम REDD+ चरण शामिल है। यह विकासशील देशों को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करता है जो सिद्ध करते हैं कि उन्होंने एक निश्चित अवधि के दौरान वनों की कटाई को रोक दिया। यह कठोर संयुक्त राष्ट्र समर्थित तकनीकी मूल्यांकन के माध्यम से किया जाता है।