प्रत्यक्ष मौद्रीकरण

उत्तर: (a)

व्याख्या:

  • प्रत्यक्ष मौद्रीकरण  से तात्पर्य है कि ‘भारतीय रिज़र्व बैंक’ सीधे तौर पर केंद्र सरकार के घाटे को पूरा करता है। वर्ष 1997 तक सरकार प्रतिभूतियों को सीधे RBI को बिक्री करती थी। अत: कथन 1 सही है। 
  • प्रत्यक्ष मौद्रीकरण के तहत सरकार के बजट घाटे को पूरा करने के लिये तकनीकी रूप से RBI को समतुल्य मुद्रा को छापने की अनुमति देता है। अत: कथन 2 सही है। 
  • अर्थोपाय अग्रिम  (WMA) उपाय बजट के घाटे के वित्तीयन के स्रोत नहीं है। यह केवल सरकार की प्राप्तियों और भुगतान में दिन-प्रतिदिन के बेमेल को कवर करने के लिये एक तंत्र है। अत: कथन 3 सही नहीं है।