प्रीलिम्स फैक्ट्स CURRENT

प्रीलिम्स फैक्ट्स

एक्सीड सैट-1 (Exceed SAT 1)

हाल ही में अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स ने 17 देशों के 63 उपग्रहों के साथ भारत के पहले निजी उपग्रह एक्सीड सैट-1 (Exceed SAT1) को भी प्रक्षेपित किया।

  • एक्सीड सैट-1 का निर्माण मुंबई की एक कंपनी एक्सीड स्पेस ने किया है। इस उपग्रह के निर्माण के साथ ही एक्सीड स्पेस अंतरिक्ष में निजी उपग्रह भेजने वाली भारत की पहली निजी वाणिज्यिक कंपनी बन गई है।
  • इस उपग्रह का वज़न लगभग एक किग्रा. है तथा इसे एल्युमीनियम मिश्रधातु (Aluminium Alloy) से बनाया गया है।
  • एक्सीड सैट-1 का जीवनकाल 5 वर्ष है तथा इसके निर्माण में केवल 18 महीनों का समय लगा है। इसकी लागत 2 करोड़ रुपए है।
  • टीवी ट्यूनर की मदद से लोग 145.9 मेगाहर्ट्ज़ की आवृत्ति पर इस उपग्रह से सिग्नल प्राप्त कर सकेंगे।
  • इस उपग्रह को स्पेसएक्स के राकेट फाल्कन 9 के ज़रिये प्रक्षेपित किया गया है। फाल्कन 9 के साथ लगभग 100 लोगों के अवशेष भी अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। इनमें से अधिकांश अवशेष सेना के दिग्गजों और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाले लोगों के अवशेष शामिल हैं। इससे पहले वर्ष 1998 में अंतरिक्ष यात्री यूजीन शूमेकर की अस्थियों से भरी एक शीशी नासा के लूनर प्रॉसपेक्टर मिशन के साथ अंतरिक्ष में भेजी गई थी।
  • यह अमेरिकी निजी अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा किया गया वर्ष का 19वाँ प्रक्षेपण था। इसके अलावा फाल्कन 9 एक साथ 64 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने में सफल रहा जो कि अमेरिकी रिकॉर्ड है। उल्लेखनीय है कि 15 फरवरी, 2017 को एक बार में 104 उपग्रह प्रक्षेपित कर भारत ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया था।

मांगदेचू परियोजना (Mangdechhu Project)

  • मांगदेचू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Mangdechhu Hydroelectric Project) भूटान में एक जलविद्युत परियोजना है।
  • 720 मेगावाट क्षमता के पॉवरप्लांट का निर्माण भूटान में मांगदेचू नदी पर किया गया है।
  • यह भारत सरकार के समर्थन से भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (Bharat Heavy Electricals Limited -BHEL) द्वारा निर्मित है।
  • यह भूटान में वर्ष 2020 तक 10,000 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन के लिये योजनाबद्ध दस जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है।

USMCA व्यापार समझौता

संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको उत्तर अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (North American Free Trade Agreement -NAFTA) को प्रतिस्थापित करने वाले समझौते के लिये तैयार हो गए हैं।

    • 1994 के मूल NAFTA समझौते का नाम बदलकर संयुक्त राज्य अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता (United States-Mexico-Canada Agreement) या USMCA रखा गया है।
    • NAFTA का उद्देश्य अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच व्यापार एवं निवेश में आने वाली बाधाओं को दूर करके आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था।
    • USMCA श्रमिकों, किसानों और व्यवसायियों को एक उच्च मानक व्यापार समझौता उपलब्ध करेगा जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में मुक्त बाज़ार, बेहतर व्यापार और आर्थिक विकास मज़बूत होगा।
    • यह मध्यम वर्ग को सशक्त बनाएगा और उत्तरी अमेरिका के लगभग आधा बिलियन लोगों के लिये अच्छे वेतन वाली नौकरियों तथा नए अवसरों का सृजन करेगा।