प्रीलिम्स फैक्ट्स CURRENT

प्रीलिम्स फैक्ट्स

डॉ. भीमराव अंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस (Mahaparinirvan Day)


6 दिसंबर, 1956
 को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की मृत्यु हुई थी जिसे पूरे देश में महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर का 63वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया जा रहा है।

  • डॉ. बी.आर. अंबेडकर भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता तथा स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री थे।
  • वह एक महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ थे।
  • वर्ष 1990 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • अंबेडकर ने 1956 में अपनी आखिरी किताब लिखी जो बौद्ध धर्म पर थी इस किताब का नाम था ‘द बुद्ध एंड हिज़ धम्‍म’ (The Buddha and His Dhamma)। उल्लेखनीय है कि यह किताब उनकी मृत्‍यु के बाद वर्ष 1957 में प्रकाशित हुई थी।
  • मुंबई के दादर में स्थित चैत्य भूमि बी.आर अंबेडकर की समाधि स्थली है।

वृश्चिकोलसवम उत्सव (Vrischikolsavam Festival)

वृश्चिकोलसवम केरल के त्रिपुनीथुरा (Tripunithura) में श्री पूर्णनाथरेयस (Sree Poornathrayeesa) मंदिर में मनाया जाने वाला वार्षिक उत्सव है।

      • श्री पूर्णनाथरेयस मंदिर दक्षिण भारत का एकमात्र मंदिर है जहाँ भगवान विष्णु की मूर्ति को एक अलग मुद्रा में देखा जा सकता है, इसमें भगवान विष्णु को दिव्य सर्प अनंथन (Ananthan) के पाँच फनों के नीचे बैठे देखा जा सकता है, जिसका मुड़ा हुआ शरीर स्वयं भगवान के लिये सिंहासन का कार्य करता है।
      • इस उत्सव का आयोजन 8 दिनों तक किया जाता है।
      • उत्सव के दौरान परंपरागत कला रूपों और कथकली, ओट्टंथुलल (ottanthullal), थायंपका (thayampaka) और संगीत जैसे कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाती है।

विश्व की पहली टेलीरोबोटिक कोरोनरी सर्जरी (World’s first’ telerobotic coronary surgery)

      • गुजरात के एक ह्रदयरोग विशेषज्ञ ने टेलीरोबोटिक सर्जरी के माध्यम से 32 किमी. दूर बैठकर दिल का ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन को टेलीरोबोटिक के माध्यम से किया जाने वाला विश्व का पहला ऑपरेशन माना जा रहा है।
      • यह ऑपरेशन पद्मश्री से सम्मानित तथा विख्यात ह्रदयरोग विशेषज्ञ डॉ. तेजस पटेल ने किया है।
      • ऐसा माना जा रहा है कि इस प्रकार के ऑपरेशन से चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी। इस तरह की तकनीक की सहायता से गाँवों और दूर-दराज़ के क्षेत्रों में उच्च तकनीक वाली चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

नगालैंड में पहली स्‍वदेश दर्शन परियोजना

      • 5 दिसंबर, 2018 को नगालैंड में ‘जनजातीय सर्किट विकास : पेरेन-कोहिमा-वोखा’ परियोजना का उद्घाटन किया गया।
      • भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की स्‍वदेश दर्शन योजना के तहत नगालैंड राज्‍य में लागू होने वाली यह पहली परियोजना है।
      • 97.36 करोड़ रुपए की की लागत वाली इस परियोजना को नवंबर, 2015 में पर्यटन मंत्रालय ने मंज़ूरी दी थी।
      • इस परियोजना के अंतर्गत मंत्रालय ने जनजातीय पर्यटक गाँव, ईको लॉग हट्स (Eco Log Huts), ओपन एयर थियेटर (Open Air Theatre), जनजातीय कायाकल्‍प केंद्र, कैफेटेरिया, हैलिपैड, पर्यटक विवेचन केंद्र (Tourist Interpretation Centre), वे-साइड सुविधाएँ (Wayside Amenities), सार्वजनिक जन सुविधाएँ, बहुद्देशीय हॉल, ट्रैकिंग मार्ग जैसी सुविधाओं का विकास किया है।

स्वदेश दर्शन योजना

स्‍वदेश दर्शन योजना पर्यटन मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्‍य देश में योजनाबद्ध और प्राथमिकता के तौर पर खास विशेषता वाले सर्किटों का विकास करना है।

      • इस योजना के तहत सरकार जहाँ एक ओर पर्यटकों को बेहतर अनुभव और सुविधाएँ देने के उद्देश्‍य से गुणवत्‍तापूर्ण ढाँचागत विकास पर ज़ोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक वृद्धि को भी प्रोत्‍साहित कर रही है।
      • इस योजना की शुरुआत 2014-15 में की गई थी।
      • पर्यटन मंत्रालय ने अब तक 30 राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 5873.26 करोड़ रुपए की ऐसी 73 परियोजनाओं को मंज़ूरी दी है। योजना के तहत अब तक 8 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा चुका है।