प्रीलिम्स फैक्ट्स :

प्रीलिम्स फैक्ट्स

उत्तर क्षेत्र का राजभाषा सम्मेलन

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय के तत्‍वावधान में वर्ष 2017-18 के पहले क्षेत्रीय सम्‍मेलन (Official Language Conference of Northern Region) का आयोजन उत्‍तर-1 (North-1) एवं उत्‍तर-2 (North-2) क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यान्‍वयन कार्यालयों द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित किया गया।

  • इस सम्‍मेलन में दिल्‍ली संघ राज्‍य क्षेत्र, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू-कश्‍मीर, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश एवं उत्‍तराखंड से आए केंद्र सरकार के कार्मिकों ने भाग लिया।
  • इस सम्मलेन का मुख्‍य उद्देश्‍य इन क्षेत्रों में स्‍थित केंद्र सरकार के विभिन्‍न कार्यालयों, बैंकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समितियों के विजेताओं को पुरस्‍कार प्रदान करना था, ताकि संघ की राजभाषा नीति के कार्यान्‍वयन और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा मिल सके।

औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली

  • हाल ही में वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्द्धन विभाग (Department of Industrial Policy & Promotion- DIPP) द्वारा ‘औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली’ (Industrial Park Rating System- IPRS) पर तैयार की गई रिपोर्ट जारी की गई।
  • औद्योगिक पार्कों की रेटिंग इन 4 बिंदुओं अथवा पैमानों पर की गई है: आंतरिक बुनियादी ढाँचा, बाह्य बुनियादी ढाँचा, कारोबारी सेवाएँ व सुविधाएँ तथा परिवेश और सुरक्षा प्रबंधन।
  • IPRS पर हर साल अमल करने का प्रस्‍ताव है, जिसके तहत देश भर में फैले पार्कों को कवर किया जाएगा। इसका दायरा बढ़ाया जाएगा और इसे अपडेट भी किया जाएगा ताकि गुणात्‍मक आकलन से संबंधित व्‍यापक जानकारियों और विभिन्‍न तकनीकी उपायों को इसमें समाहित किया जा सके।
  • इतना ही नहीं, इसका विकास एक ऐसे साधन के रूप में किया जाएगा जिससे नीति निर्माताओं एवं निवेशकों दोनों को ही मांग एवं आवश्‍यकता आधारित महत्त्वपूर्ण उपाय करने में मदद मिलेगी।

पृष्ठभूमि

  • संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्‍चित करने और विनिर्माण क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने के लिये DIPP ने मई, 2017 में औद्योगिक सूचना प्रणाली (Industrial Information System- IIS) लॉन्च की थी, जो देश भर में फैले औद्योगिक क्षेत्रों और क्‍लस्‍टरों के लिये GIS आधारित डेटाबेस है।
  • यह पोर्टल कच्‍चे माल यथा- कृषि, बागवानी, खनिजों एवं प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्‍धता, महत्त्वपूर्ण लॉजिस्‍टिक्स केंद्रों से दूरी, भू-भाग की परतों और शहरी बुनियादी अवसंरचना सहित समस्‍त औद्योगिक सूचनाओं की नि:शुल्‍क एवं आसान पहुँच वाला एकल स्‍थल केंद्र है।

हाथियों को समर्पित देश का पहला अस्पताल

  • मथुरा के चुरमुरा गाँव में पूर्ण रूप से हाथियों को समर्पित देश के पहले अस्पताल की स्थापना की गई है।
  • इस अस्पताल में हाथियों के इलाज के लिये वायरलेस डिजिटल एक्सरे, थर्मल इमेजिंग और अल्ट्रासोनोग्राफी जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
  • हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र के निकट स्थित इस अस्पताल को घायल, बीमार या बूढ़े हाथियों के इलाज के लिये डिज़ाइन किया गया है और यहाँ हाथियों को उठाने के लिये चिकित्सा उत्तोलक भी (medical hoist) हैं।

डीयू टीम ने खोजे सींग वाले मेंढक

दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University), यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (University College Dublin, Ireland) और नेशनल म्यूज़ियम (National Museum-UK) के जीव विज्ञानियों की एक टीम ने पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्रों से सींग वाले मेंढकों (horned frogs) की चार नई प्रजातियों की खोज की है।

  • टीम में डीयू के पर्यावरण अध्ययन विभाग के एस.डी बिजू भी शामिल थे, जिन्हें ‘Frogman of India’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • सींग वाले मेंढकों का नामकरण कुछ प्रजातियों की ऊपरी पलकों पर माँसपेशियों का सींग के सामान उभार होने के कारण किया गया है और इनकी खोज मेघालय एवं अरुणाचल प्रदेश के जंगलों से की गई है।
  • वैज्ञानिकों ने सींग वाले मेंढक की चार नई भारतीय प्रजातियों को हिमालयन हॉर्न्ड फ्रॉग(Megophrys himalayana), गारो व्हाइट लिप्ड हॉर्न्ड फ्रॉग (Megophrys flavipunctata), और जायंट हिमालयन हॉर्न्ड फ्रॉग (Megophrys periosa) नाम दिया है।