लीप और अर्पित (LEAP and ARPIT)

शासन व्यवस्था

लीप और अर्पित (LEAP and ARPIT)

चर्चा में क्यों?

मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हाल ही में लीप (LEAP) नामक एक कार्यव्रम लॉन्च किया गया जिसका व्रियान्वयन 15 शीर्ष संस्थानों जैसे IITs, TISS, DU, JNU और IISERs द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही ‘अर्पित’ (ARPIT) नामक एक पहल की भी शुरुआत की गई।

क्या है LEAP?

  • LEAP : Leadership for Academicians Programme
  • ‘लीप’ सार्वजनिक वित्त-पोषित उच्च शिक्षा संस्थानों में तीन-सप्ताह तक चलने वाला एक फ्लैगशिप कार्यव्रम है जिसमें नेतृत्व विकास के लिये प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • इसमें दो सप्ताह का घरेलू और एक सप्ताह का विदेशी प्रशिक्षण शामिल है।
  • इसका उद्देश्य द्वितीय स्तर (Second Level) के अकादमिक नेतृत्वकर्त्ताओं को तैयार करना है जो संभावित रूप से भविष्य के लिये नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं।
  • इन पहलों का उद्देश्य शिक्षण की गुणवत्ता में परिवर्तन लाना और नेतृत्वकर्त्ताओं का उन्नयन करना तथा उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता में वृद्धि करना है।

कार्य

  • यह कार्यव्रम वरिष्ठ संकाय (Senior Faculty) प्रदान करेगा जिनकी अकादमिक साख काफी उच्च होगी। ये संकाय अपेक्षित नेतृत्व एवं प्रबंधनात्मक कौशल, जैसे- समस्या समाधान कौशल, तनाव का प्रबंधन, टीम निर्माणकारी कार्य, विवाद प्रबंधन, संचार कौशल विकास, उच्च शिक्षा संस्थानों तथा वित्तीय एवं सामान्य प्रशासन में शासन संबंधी जटिलता और चुनौतियों की समझ और सामना करने जैसे गुणों से युक्त होंगे।

शामिल संस्थान

  • लीप कार्यव्रम 15 एनआईआरएफ शीर्ष रैंकिंग भारतीय संस्थानों यथा, IIT रूड़की, IIT कानपुर, NIT त्रिची, इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) कोलकाता, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, TISS मुंबई आदि द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  • प्रशिक्षण हेतु चयनित विदेशी विश्वविद्यालय- यूनिवर्सिटी ऑफ मिशीगन, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो, यूनिवर्सिटी ऑफ स्टैनफोर्ड, मोनीश यूनिवर्सिटी, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जिनिया (यूएसए) आदि।
  • ये संस्थान वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष 100 स्थानों पर काबिज हैं।

क्या है ARPIT?

  • ARPIT : Annual Refresher Programme in Teaching
  • अर्पित, MOOCs प्लेटफार्म ‘SWAYAM’ का प्रयोग कर रहे 15 लाख उच्च शिक्षण संकाय (Higher Education Faculty) के ऑनलाइन व्यावसायिक विकास के लिये एक प्रमुख और अनोखी पहल है।
  • अर्पित के व्रियान्वयन के लिये 75 विषय-विशिष्ट संस्थानों की पहचान की गई है जिन्हें पहले चरण में ‘नेशनल रिसोर्स सेन्टर्स’ के रूप में अधिसूचित किया गया है।
  • इन्हें विषयों पर नवीनतम विकास, नए एवं उदीयमान प्रवृत्तियों, शैक्षिक सुधार और संशोधित पाठ्यव्रम को करने की पद्धतियों पर केंद्रित ऑनलाइन ट्रेनिंग मटेरियल तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
  • पाठ्यव्रम एक 40 घंटे का मॉड्यूल है जिसमें 20 घंटे का वीडियो कंटेंट है और 20 घंटे का नॉन-वीडियो कंटेंट है। इन्हें अत्यधिक लचीले रूप में पेश किया गया है जिसे कोई अपनी गति और समय के साथ पूरा कर सकता है।
  • पाठ्यव्रम में अकादमिक विकास के हिस्से के रूप में अंतर्निहित मूल्यांकन अभ्यास और गतिविधियाँ शामिल हैं।
  • पाठ्यव्रम के अंत में, एक टर्मिनल मूल्यांकन होगा जो या तो ऑनलाइन या लिखित परीक्षा के रूप में हो सकता है।
  • ऑनलाइन रिप्रेसर कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी संकाय को प्रमाण-पत्र प्रदान किये जाएंगे।