Coronavirus Vaccine

वॉशिंगटन
दुनियाभर में कोरोना वायरस की चपेट में 3,740,583 लोग आ चुके हैं और 258,481 लोगों की मौत हो चुकी है। इसकी रोकथाम और इलाज के तरीकों की तेजी से खोज की जा रही है। बड़ी संख्या में एक्सपर्ट्स ‘हर्ड इम्यूनिटी यानी सामूहिक रोग प्रतिरोधक क्षमता’ की थिअरी भी दे रहे हैं। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह तरीका प्रभावी नहीं बल्कि खतरनाक है।

अमेरिका के मैरीलैंड के डॉक्टर फहीम यूनुस ने बताया है कि क्यों हर्ड इम्यूनिटी खतरनाक हो सकती है। डॉ. फहीम का कहना है कि अगर देश की दो तिहाई आबादी को इन्फेक्ट किया गया तो यह संख्या 20 करोड़ पहुंच जाएगी। इनमें से अगर 1 प्रतिशत लोगों की भी मौत हुई तो 20 लाख हो जाएगा। अगर 15 % लोग गंभीर हालात में पहुंच गए तो यह 3 करोड़ हो जाएगा।

इसलिए बेहतर है वैक्सीन
उनका कहना है कि लोगों को वैक्सीन के लिए इंतजार करना चाहिए। म्यूटेशन की स्थिति में वैक्सीन कितनी असरदार होगी, इस पर डॉक्टर फहीम ने साफ किया कि म्यूटेशन के बावजूद ऐसी संभावना है कि 2021 तक COVID-19 के लिए एक से ज्यादा वैक्सीन बना ली जाएंगी। 100 से ज्यादा और 4 अलग-अलग टाइप की वैक्सीनों पर रीसर्च की जा रही है और काफी संभावना है कि सफलता मिल जाएगी। फहीम ने यह भी कहा कि ज्यादातर म्यूटेशन्स का कोई असर नहीं होता है।

इजरायल और इटली का दावा
बता दें कि इजरायल और इटली ने दावा किया है कि उन्होंने वैक्सीन बना ली है। ऐसे में दुनिया को उम्मीद जगी है कि जल्द ही इस खतरे को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकेगा। इन दोनों देशों के अलावा अमेरिका, चीन, भारत, ब्रिटेन और तमाम देशों में भी वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल जारी हैं और जल्द ही सफलता की उम्मीद लगाई जा रही है।