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ब्रिक्स (BRICS) उभरती राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं के एक संघ का शीर्षक है। इसके घटक राष्ट्र ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका हैं। इन्हीम देशों के अंग्रेज़ी में नाम के प्रथमाक्षरों B, R, I, C व S से मिलकर इस समूह का यह नामकरण हुआ है। मूलतः, २०१० में दक्षिण अफ्रीका के शामिल किए जाने से पहले इसे “ब्रिक” के नाम से जाना जाता था। रूस को छोडकर, ब्रिक्स के सभी सदस्य विकासशील या नव औद्योगीकृत देश हैं जिनकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। ये राष्ट्र क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। वर्ष २०१३ तक, पाँचों ब्रिक्स राष्ट्र दुनिया के लगभग 3 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और एक अनुमान के अनुसार ये राष्ट्र संयुक्त विदेशी मुद्रा भंडार में ४ खरब अमेरिकी डॉलर का योगदान करते हैं। इन राष्ट्रों का संयुक्त सकल घरेलू उत्पाद १५ खरब अमेरिकी डॉलर का है। वर्तमान में, दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता करता है।

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ब्रिक्स सम्मेलन

प्रारंभिक चार ब्रिक राज्यों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) के विदेश मंत्री सितंबर 2006 में न्यूयॉर्क शहर में मिले और उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला की शुरुआत की। 16 मई 2008 को एक पूर्ण पैमाने की राजनयिक बैठक को येकतेरिनबर्गरूस में आयोजित किया गया था।[5]

दक्षिण अफ्रीका का प्रवेश

2010 में, दक्षिण अफ्रीका ने ब्रिक ग्रुप में शामिल होने के प्रयास शुरू किए, और इसके औपचारिक प्रवेश की प्रक्रिया इसी वर्ष अगस्त में शुरू हुई।.[6] समूह में शामिल होने के लिए ब्रिक देशों द्वारा औपचारिक रूप से आमंत्रित किए जाने के बाद, 24 दिसंबर 2010 को दक्षिण अफ्रीका आधिकारिक तौर पर ब्रिक ग्रुप का एक सदस्य राष्ट्र बन गया। समूह का नाम बदलकर ब्रिक्स कर दिय गया, जिसमें “एस” दक्षिण अफ्रीका को प्रतिबिम्बित करता है।[7] अप्रैल 2011 में, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति, जैकब ज़ुमा, 2011 में सान्या, चीन में हुये ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में एक पूर्ण सदस्य के रूप में हिस्सा लिया था।

पहला ब्रिक शिखर सम्मेलन

प्रथम ब्रिक शिखर सम्मेलन के नेतागण

ब्रिक समूह का पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन, येकतेरिनबर्ग, रुस में १६ जून २००९ लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा (ब्राजील), दिमित्री मेदवेदेव(रूस), मनमोहन सिंह(भारत) और हू जिन्ताओ (चीन) की अध्यक्षता मे हुआ। शिखर सम्मेलन का मुख्य मुद्दा वैश्विक आर्थिक स्थिति में सुधार और वित्तीय संस्थानों में सुधार का था।

 

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