Friendship_Treaty-भूटान की मित्रता संधि (ट्रीटी ऑफ फ्रेंडशिप)

प्रश्न :- भारत -भूटान की मित्रता संधि (ट्रीटी ऑफ फ्रेंडशिप) क्या है? वर्तमान के भारत चीन विवाद का इस संधि से क्या सम्बन्ध है?

– वर्तमान का ताज़ा विवाद चीन और भूटान के बीच है…. भूटान 1910 में ब्रिटिश इंडिया का संरक्षित देश बन गया था. एक संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद इसके विदेश और रक्षा मामलों का संचालन ब्रिटिश इंडिया हुकूमत के पास आ गया था.

– भूटान उन शुरुआती देशों में से एक है जिन्होंने 1947 में आज़ादी मिलने पर भारत को राष्ट्र के तौर पर मान्यता दी थी. तभी से दोनों देशों के रिश्ते काफ़ी क़रीबी रहे हैं.
– जब 1950 में चीन ने तिब्बत को अपने में मिलाया, भारत और भूटान के रिश्ते और गहरे हो गए.

=>चीन भारत और भूटान का सीमाई विवाद :-

– चीन का भारत और भूटान से सीमा को लेकर विवाद चला आ रहा है. अगस्त 1949 में भारत और भूटान के बीच ‘ट्रीटी ऑफ फ्रेंडशिप’ या ‘मित्रता संधि’ हुई थी जिसमें भूटान ने अपनी विदेश नीति में भारत से ‘मार्गदर्शन’ लेने की सहमति दी थी.
– यह भी तय हुआ था कि रक्षा और विदेश मामलों में दोनों देश एक-दूसरे से विमर्श करेंगे.

=>भूटान का रुख़ :-
– इस संधि को लेकर 2007 में दोनों देशों में फिर चर्चा हुई और नई मित्रता संधि पर हस्ताक्षर हुए. इस संधि में भूटान द्वारा विदेश नीति पर भारत से मार्गदर्शन लेने के प्रावधान को व्यापक प्रभुसत्ता से बदल दिया गया.
– असल में भूटान बेहद संदेवनशील भौगोलिक स्थान पर है.
– ऐसे में अगर भूटान पर ऐसा कोई दबाव पड़ता है जिससे इसकी सीमाओं में बदलाव हो सकता है, भारत को सैन्य दृष्टिकोण अपनाना ही पड़ेगा.
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