UPSC CSE Mains 2020 General Study Paper-2

1.”लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अंतर्गत भ्रष्ट आचरण के दोषी व्यक्तियों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया के सरलीकरण की आवश्यकता है” टिप्पणी कीजिए।(150 शब्द,10 मार्क्स )

2.”सूचना का अधिकार अधिनियम में किए गए हालिया संशोधन सूचना आयोग की स्वायत्तता और स्वतंत्रता पर गंभीर प्रभाव डालेंगे” |  विवेचना कीजिए |(150 शब्द,10 मार्क्स )

3.आपके विचार में सहयोग, स्पर्धा एवं संघर्ष ने किस प्रकार से भारत में महासंघ को किस सीमा तक आकार दिया है ? अपने उत्तर को प्रमाणित करने के लिए कुछ हालिया उदाहरण उद्वत  कीजिए। (150 शब्द,10 मार्क्स )

4.हाल के समय में भारत और यू.के. की न्यायिक व्यवस्थाएं अभिसरणीय एवं अपसरणीय होती प्रतीत हो रही हैं। दोनों राष्ट्रों की न्यायिक कार्यप्रणालियों के आलोक में अभिसरण तथा अपसरण के मुख्य बिंदुओं को आलोकित कीजिए।(150 शब्द,10 मार्क्स )

5.”एकदा स्पीकर सदैव स्पीकर” ! क्या आपके विचार में लोकसभा अध्यक्ष पद की निष्पक्षता के लिए इस कार्यप्रणाली को स्वीकारना चाहिए ? भारत में संसदीय प्रयोजन की सुढृण कार्यशैली के लिए इसके क्या परिणाम हो सकते हैं ? (150 शब्द,10 मार्क्स )

6.सामाजिक विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के क्रम में, विशेषकर जराचिकित्सा एवं मातृ स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सुढृण और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल संबंधी नीतियों की आवश्यकता है। विवेचन कीजिए। (150 शब्द,10 मार्क्स )

7.”आर्थिक प्रदर्शन के लिए संस्थागत गुणवत्ता एक निर्णायक चालक है” इस संदर्भ में लोकतंत्र को सुढृण करने के लिए सिविल सेवा में सुधार के सुझाव दीजिए।  (150 शब्द,10 मार्क्स )

8.”चौथी औद्योगिक क्रांति(डिजिटल क्रांति) के प्रादुर्भाव ने ई-गवर्नेंस को सरकार का अविभाज्य अंग बनाने में पहल की है” | विवेचन कीजिए। (150 शब्द,10 मार्क्स )

9.कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू०एच०ओ०) की भूमिका का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (150 शब्द,10 मार्क्स )

10.’अमेरिका एवं यूरोपीय देशों की राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रवासियों को एक निर्णायक भूमिका निभानी है’ उदाहरणों सहित टिप्पणी कीजिए।  (150 शब्द,10 मार्क्स )

11.राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए भारतीय संविधान केंद्रीकरण करने की प्रवृत्ति प्रदर्शित  करता है। महामारी अधिनियम, 1897; आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा हाल में पारित किए गए कृषि क्षेत्र केअधिनियमों के परिप्रेक्ष्य में सुस्पष्ट कीजिए।(250  शब्द,15  मार्क्स )

12.न्यायिक विधायन, भारतीय संविधान में परिकल्पित शक्ति पृथक्करण सिद्धांत का प्रतिपक्षी है।  इस संदर्भ में कार्यपालक अधिकारणों को दिशा-निर्देश देने की प्रार्थना करने संबंधी, बड़ी संख्या में दायर होने वाली, लोकहित याचिकाओं का न्याय औचित्य सिद्ध कीजिए। (250  शब्द,15  मार्क्स )

13.भारत में स्थानीय निकायों की सुढृणता एवं संपोषित ‘प्रकार्य, कार्यकर्ता व कोष’ की अपनी रचनात्मक प्रावस्था से ‘प्रकार्यात्मकता’ की समकालीन अवस्था की ओर स्थानांतरित हुई है। हाल के समय में प्रकार्यात्मकता की दृष्टि से स्थानीय निकायों द्वारा सामना की जा रही अहम चुनौतियों  को आलोकित कीजिए।(250  शब्द,15  मार्क्स )

14.विगत कुछ दशकों में राज्यसभा एक ‘उपयोगहीन स्टैपनी टायर’ से सर्वाधिक उपयोगी सहायक अंग में रूपांतरित हुआ है। उन कारकों तथा क्षेत्रों को आलोकित कीजिए जहां यह रूपांतरण दृष्टिगत हो सकता है। (250  शब्द,15  मार्क्स )

15.एक आयोग के संविधानिकीकरण के लिए कौन-कौन से चरण आवश्यक हैं ? क्या आप के आपके विचार में राष्ट्रीय महिला आयोग को संविधानिकता प्रदान करना भारत में लैंगिक न्याय एवं सशक्तिकरण और अधिक सुनिश्चित करेगा ? कारण बताइए। (250  शब्द,15  मार्क्स )

16.”केवल आय पर आधारित गरीबी के निर्धारण में गरीबी का आपतन और तीव्रता अधिक महत्वपूर्ण है” |  इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र बहुआयामी गरीबी सूचकांक की नवीनतम रिपोर्ट का विश्लेषण कीजिए।(250  शब्द,15  मार्क्स )

17.”सूक्ष्म-वित्त एक गरीबी-रोधी टीका है जो भारत में ग्रामीण दरिद्र की परिसंपत्ति निर्माण और आय सुरक्षा के लिए लक्षित है” | स्वयं सहायता समूहों की भूमिका का मूल्यांकन ग्रामीण भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ-साथ उपरोक्त दोहरे उद्देश्यों के लिए कीजिए। (250  शब्द,15  मार्क्स )

18.राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 धारणीय विकास लक्ष्य-4( 2030) के साथ अनुरूपता में है। उसका ध्येय भारत में शिक्षा प्रणाली की पुन:संरचना और पुनःस्थापना है। इस कथन का समालोचनात्मक निरीक्षण कीजिए। (250  शब्द,15  मार्क्स )

19.’चतुर्भुज सुरक्षा संवाद(क्वाड) वर्तमान समय में स्वयं को सैनिक गठबंधन से एक व्यापारिक गुट में रूपांतरित कर रहा है – विवेचना कीजिए।  (250  शब्द,15  मार्क्स )

20.भारत-रूस रक्षा समझौतों की तुलना में भारत- अमेरिका रक्षा समझौतों की क्या महत्ता है ? हिंदू-प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में स्थायित्व के संदर्भ में विवेचना।(250  शब्द,15  मार्क्स )

  1. Comment “The process of disqualifying persons guilty of corrupt conduct under the Representation of the People Act requires simplification”.
  2. “Recent amendments to the Right to Information Act will have a serious impact on the autonomy and independence of the Information Commission”. Discuss
  3. In your view, how has cooperation, competition and struggle shaped the Federation in India? Cite some recent examples to validate your answer.
  4. In recent times, India and U.K. The judicial systems of the government seem to be convergent and divergent. Highlight the main points of convergence and divergence in light of the judicial practices of both nations
  5. “One-time speaker forever speaker”! Do you think this methodology should be accepted for the impartiality of the post of Lok Sabha Speaker? What are the consequences for the strengthening of parliamentary purpose in India?
  6. In order to increase the possibilities of social development, especially in the field of geriatric and maternal health care, there is a need for strengthening and adequate health care policies. Discuss
  7. “Institutional quality is a decisive driver for economic performance” In this context, suggest improvements in civil service to strengthen democracy.
  8. “The emergence of the Fourth Industrial Revolution (Digital Revolution) has taken the initiative in making e-governance an integral part of the government”. Discuss
  9. Critically examine the role of the World Health Organization (WHO) in providing global health security during the Kovid-19 epidemic.
  10. Comment with examples ‘Indian expatriates have to play a decisive role in the politics and economy of American and European countries’. 11. The Indian Constitution shows a tendency to centralize in order to maintain the unity and integrity of the nation. Epidemic Act, 1897; Explain in the context of the Disaster Management Act, 2005 and recently passed agricultural sector regulations.
  11. Judicial legislation is the antithesis of the principle of power separation envisaged in the Indian Constitution. In this context, justify the justice of the large number of public interest petitions, asking for directions to the executive authorities.
  12. The strengthening and sustaining of local bodies in India has shifted from its creative phase of ‘Functions, Activists and Funds’ to the contemporary state of ‘Functionality’. In the recent times, highlight the important challenges faced by the local bodies in terms of functionalities
  13. In the last few decades, the Rajya Sabha has transformed from a ‘useless stepney tire’ to a most useful auxiliary organ. Highlight the factors and areas where this transformation may be visible.
  14. What are the steps required for constitutionalization of a commission? Do you think that providing constitutionalism to the National Commission for Women will ensure more gender justice and empowerment in India? Give reasons
  15. “The incidence and intensity of poverty are more important in determining poverty based on income only”. In this context, analyze the latest report of the United Nations Multidimensional Poverty Index
  16. “Micro-finance is an anti-poverty vaccine targeted towards asset creation and income security of rural poor in India”. Evaluate the role of self-help groups for the empowerment of women in rural India, as well as the above dual objectives.
  17. National education policy 2020 is in conformity with Sustainable Development Goal-4 (2030). Its mission is to re-structure and restore the education system in India. Critically inspect this statement.
  18. ‘The Quadrilateral Security Dialogue (Quad) is currently transforming itself from a military alliance to a trading bloc – think.
  19. What is the importance of Indo-US defense agreements compared to India-Russia defense agreements? Discuss in terms of stability in the Hindu-Pacific Ocean Region