UPSC DAILY CURRENT 08-06-2018

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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्री संगठन, भारतीय आयुध कारखानों का सबसे पुराना और सबसे बड़ा औद्योगिक सेटअप है, जो रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के तहत कार्य करता है।
  2. सर्वोच्च बोर्ड की अध्यक्षता ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीएओएफ) करते हैं और इसके अलावा इस संगठन में अतिरिक्त डीजीओएफ की रैंक के 9 सदस्य भी शामिल हैं।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर (A)
व्याख्या:

  • हाल ही में रक्षा और एयरोस्पेस उद्योगों के एमएसएमई विक्रेताओं के फेडरेशन के सदस्यों ने कहा कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के साथ कई आदेशों को अचानक रद्द कर दिया है।
  • उन्होंने इस क्षेत्र को बचाने के लिये रक्षा मंत्रालय के हस्तक्षेप की मांग की है।
  • इस कदम से छह लाख श्रमिक बेरोज़गार हो जाएंगे।
  • गौरतलब है कि वर्तमान में लगभग 6,000 एमएसएमई हैं, जो रक्षा क्षेत्र में छह लाख से अधिक उत्पादों की आपूर्ति करते हैं।

भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज संगठन (ओएफबी)
The Indian Ordnance Factories organisation

  • यह समूह भूमि, समुद्र और वायु प्रणालियों के क्षेत्र में एक व्यापक उत्पाद श्रृंखला के उत्पादन, परीक्षण, रसद, अनुसंधान, विकास और विपणन में लगे हुए हैं।
  • भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज संगठन, आयुध कारखानों का सबसे पुराना और सबसे बड़ा औद्योगिक सेटअप है, जो रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के तहत कार्य करता है। अतः पहला कथन सही है।
  • भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड का मुख्यालय कोलकाता में है।
  • भारतीय ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज 41 कारखानों, 9 प्रशिक्षण संस्थानों, 3 क्षेत्रीय विपणन केंद्रों और सुरक्षा के 4 क्षेत्रीय नियंत्रको  का एक समूह है।

सदस्य

  • सर्वोच्च बोर्ड की अध्यक्षता महानिदेशक ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज (डीजीओएफ) के अध्यक्ष करते हैं और इसके अलावा इस संगठन में अतिरिक्त डीजीओएफ (Additional DGOF) की रैंक के 9 सदस्य भी शामिल हैं। अतः दूसरा कथन सही नहीं है।
  • वर्तमान में श्री सुनील कुमार चौरासिया, को ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज (डीजीओएफ) के नए महानिदेशक और ऑर्डेंस फैक्ट्री बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।

विज़न

  • आधुनिक रक्षा और युद्ध क्षेत्र उपकरणों के साथ हमारे सशस्त्र बलों को तैयार करना।
  • उत्पादन सुविधाओं को निरंतर आधुनिकीकृत करना।
  • अधिग्रहण, सिनर्जी और इन-हाउस आर एंड डी के माध्यम से तकनीकों के साथ खुद को लैस करना।
  • सूचना प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से परिचालन दक्षता और संचार में सुधार करना।
  • रक्षा, गैर-रक्षा और निर्यात बाज़ारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के साथ ही वैश्विक उपस्थिति स्थापित करने के प्रयास करना आदि है।
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‘द ग्लोबल इनिसिएटिव ऑन एकेडेमिक नेटवर्क’ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह मानव संसाधन और विकास मंत्रालय का एक कार्यक्रम है तथा इसे वर्ष 2015 में शुरू किया गया था।
  2. इसका प्रमुख लक्ष्य देश के मौजूदा शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारों की गति में तेजी लाने और भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को और मज़बूत करने हेतु भारत के प्राथमिक विद्यालयों के साथ वैज्ञानिकों और उद्यमियों के प्रतिभा पूल को टैप करना है।
  3. शहरी विश्लेषण पर आधारित दूसरा जीआईएएन पाठ्यक्रम नीति आयोग द्वारा जारी किया गया है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर (C)
व्याख्या:

  • हाल ही में शहरी विश्लेषण पर आधारित दूसरा जीआईएएन पाठ्यक्रम नीति आयोग द्वारा जारी किया गया है। अतः तीसरा कथन सही है।
  • द ग्लोबल इनिसिएटीव ऑन एकेडेमिक नेटवर्क (जीआईएएन) के तहत शहरों के स्थायित्व का मूल्यांकन और माप नामक पाठ्यक्रम मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक पहल है और यह सक्रिय रूप से  नीति आयोग द्वारा भी समर्थित है।
  • गौरतलब है कि 4 जून, 2018 को रुड़की में एक समारोह में जीआईएएन पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
  • इस कोर्स का उद्देश्य प्रतिभागियों को शहरीकरण और इसके प्रभावों के उभरते रुझानों को समझने और विश्लेषण करने के लिये ज्ञान और संसाधनों के साथ ज्ञान देना है।
  • पाठ्यक्रम विशेष रूप से शहरी विकास के चालकों और विभिन्न स्थानों तथा लोगों पर पड़ने वाले असमान प्रभाव पर केंद्रित है।
  • इस पाठ्यक्रम की अवधि 4 जून से 9 जून 2018 तक है।

पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता

  • भारत द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून, 2018 को विश्व मेजबानी की गई और इसमें एसडीजी-11, जिसका उद्देश्य “शहरों और मानव बस्तियों को समावेशी, सुरक्षित, लचीला और टिकाऊ बनाने” समेत सतत विकास लक्ष्यों की स्थिरता और उपलब्धि पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

द ग्लोबल इनिसिएटीव ऑन एकेडेमिक नेटवर्क (जीआईएएन) 

  • उच्च शिक्षा में अकादमिक नेटवर्क की वैश्विक पहल (जीआईएएन) को वर्ष 2015 में शुरू किया गया था।
  • यह मानव संसाधन और विकास मंत्रालय का एक कार्यक्रम है। अतः पहला कथन सही है।
  • लक्ष्य देश के मौजूदा शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारों की गति में तेज़ी लाने और भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करने हेतु भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ वैज्ञानिकों और उद्यमियों के प्रतिभा पूल को टैप करने का लक्ष्य है। अतः दूसरा कथन सही नहीं है। 

उद्देश्य

  • भारतीय शैक्षिक संस्थानों में प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संकायों के रुझान को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाना।
  • बढ़ते क्षेत्रों में ज्ञान और शिक्षण कौशल सीखने और साझा करने के लिये हमारे संकाय को अवसर प्रदान करना।
  • प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय संकाय से ज्ञान और अनुभव प्राप्त करने हेतु हमारे छात्रों को अवसर प्रदान करना।
  • अंतर्राष्ट्रीय संकाय के साथ संभावित सहयोगी शोध को बढ़ावा देना।
  • भारतीय उद्योग से तकनीकी व्यक्तियों की समझ में वृद्धि और सुधार तथा प्रासंगिक क्षेत्रों में अपने ज्ञान को अद्यतन करने का अवसर प्रदान करना।
  • राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हित के उभरते विषयों पर नए शैक्षिक तरीकों और  दस्तावेजों को विकसित करना आदि।
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हाल ही में आयोजित जिओ इंटेलीजेंस एशिया के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. जिओ इंटेलिजेंस एशिया के 11वें संस्करण का आयोजन नई दिल्ली के मानेकशा केंद्र में किया गया।
  2. यह नवीनतम प्रौद्योगिकी समाधानों का आकलन करने और सुरक्षा के लिये भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा और विचार-विमर्श करने के लिये सेना, सुरक्षा अधिकारियों और सरकार तथा उद्योग जगत को एक साथ लाएगा।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर (D)
व्याख्या:

जिओ इंटेलिजेंस एशिया-2018 (Geo-Intelligence Asia-2018)

Geo

  • जिओ इंटेलिजेंस एशिया का 11वाँ संस्करण, 04-05 जून 2018 को नई दिल्ली के मानेकशा केंद्र में आयोजित किया गया। अतः पहला कथन सही है। 
  • यह वार्षिक आयोजन जियोस्पेशियल मीडिया और संचार द्वारा सूचना प्रणाली के महानिदेशालय के सहयोग से ज्ञान भागीदारों के रूप में और सैन्य सर्वेक्षण के रूप में सह-आयोजकों द्वारा आयोजित किया गया था।
  • आयोजन का विषय – जिओ इंटेलिजेंस एशिया: 2018 का विषय जिओ स्पेटिअल : “अ फोर्स मल्टीप्लायर फॉर डिफेंस एंड इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी” है।

लाभ
जिओ इंटेलिजेंस एशिया-2018 नवीनतम प्रौद्योगिकी समाधानों का आकलन करने और सुरक्षा के लिये भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा और विचार-विमर्श करने के लिये सेना, सुरक्षा अधिकारियों और सरकार तथा उद्योग जगत को एक साथ लाएगा। अतः दूसरा कथन भी सही है।

उद्देश्य 

  • प्रौद्योगिकी कैसे आगे बढ़ेगी और भविष्य में रक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा क्षमता और विधि को कैसे बदलेगी, के संबंध में चर्चा करना।
  • भू-स्थानिक तकनीक की आवश्यकता की एक सामान्य समझ को उजागर करना।
  • आगे बढ़ने की क्षमताओं के बारे में कुछ प्रारंभिक निष्कर्षों पर पहुँचना।

लक्षित दर्शक 
सीमा नियंत्रण, नागरिक रक्षा विभाग, परामर्शदाता, सीमा शुल्क अधिकारी, रक्षा बल – थल सेना, नौसेना और वायु सेना, रक्षा प्रणाली इंटीग्रेटर्स, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्नि सेवाएँ, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी प्रदाता तथा पुलिस बल इसके लक्षित दर्शक हैं।

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आईबीएसए (IBSA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. आईबीएसए की स्थापना जून 2003 को ब्रासिलिया घोषणा द्वारा औपचारिक रूप से की गई थी।
  2. दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में आईबीएसए 2018 का आयोजन किया गया, इसमें भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री  द्वारा किया गया।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर (B)
व्याख्या:

IBSA

  • दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के मंत्रिस्तरीय बैठक आईबीएसए 2018 का आयोजन किया जा रहा है।
  • इस दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ब्रिक्स देशों और आईबीएसए समूह के सभी शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी। अतः दूसरा कथन सही नहीं है।
  • पीटरमैरिट्सबर्ग रेलवे स्टेशन की घटना की 125 वीं वर्षगांठ और दक्षिण अफ्रीकी प्रतिष्ठित नेता, नेल्सन मंडेला की 100वीं जन्म शताब्दी के साथ-साथ भारत और दक्षिण अफ्रीका के कूटनीतिक संबंधों के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में विदेश मंत्री शामिल होंगी।
  • गौरतलब है कि पीटरमैरिट्सबर्ग रेलवे स्टेशन की घटना की उस ऐतिहासिक घटना से संबंधित है, जब एक ट्रेन से युवा महात्मा गांधी को फेंक दिया गया था।

आईबीएसए (IBSA)

  • आईबीएसए की स्थापना 6 जून, 2003 को ब्रासिलिया घोषणा द्वारा औपचारिक रूप से की गई थी। अतः पहला कथन सही है। 
  • आईबीएसए तीन उभरते देशों (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के बहु जातीय और बहुसांस्कृतिक लोकतंत्रों के बीच एक समन्वय तंत्र है, जो निम्न सिद्धांतों के आधार पर कार्य करता है:
    ♦ एक नए अंतर्राष्ट्रीय वास्तुकला के निर्माण में योगदान देना।
    ♦ वैश्विक मुद्दों पर अपनी आवाज एक साथ लाना विभिन्न क्षेत्रों में अपने संबंधों को गहरा करना।
    ♦ यह दस्तावेज वैश्विक सहयोग के एक आम प्रयास के रूप में विकास सहयोग की अधिक समझ में योगदान देने के लिये  आईबीएसए मंच के प्रत्येक सदस्य के योगदान की मांग करता है।
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लचीला स्मार्ट सामग्री युक्त सेंसर के संभावित अनुप्रयोग निम्नलिखित में से किन-किन उपकरणों  में हो सकते है/हैं?

  1. पारदर्शी कीबोर्ड और स्विच
  2. पारदर्शी स्पर्श सेंसर
  3. बायो-मेडिकल सेंसर

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर (D)
व्याख्या:

Panch

  • हाल ही में हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधकर्त्ताओं ने भविष्य के लिये धारण करने योग्य एक लचीला स्मार्ट सामग्री युक्त सेंसर विकसित किया है।
  • इस नई सामग्री को बहुत कम ऑप्टिकल पारदर्शिता के साथ, मोडा और फैलाया जा सकता है।
  • ‘मेड इन इंडिया’ स्टैंप के साथ इस लचीली सामग्री का प्रयोग विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे पारदर्शी कीबोर्ड, स्विच, बायो-मेडिकल सेंसर और भविष्य के लिये पारदर्शी सेंसर तैयार करने में किया जा सकता है। अतः तीनों कथन सही है।  
  • यह सामग्री लगभग 88 प्रतिशत ऑप्टिकल पारदर्शी और उच्च कुचालक स्थिरांक सहित है।
  • इस लचीली सामग्री के निर्माण में एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा पॉलिमर मैट्रिक्स में भराव सामग्री का एक समान फैलाव था।
  • अतः खराब वितरण के परिणामस्वरूप इस दोष के कारण  सामग्री का लचीलापन कम हो जाता था।
  • टीम ने ग्रैफेन को एम्बेड करके एक सामग्री विकसित की है, जो सिलिकॉन आधारित कार्बनिक बहुलक के अंदर कार्बन की पतली परत है, जिसे पॉलीडिमैथिलसिलोक्सेन (पीडीएमएस) कहा जाता है

 

भारत – इंडोनेशिया समन्वित निगरानी अभियान

India Indoneshia

  • 31वें भारत–इंडोनेशिया समन्वित निगरानी (इंड-इंडो कॉर्पेट) अभियान के समापन समारोह के लिये कमांडर दीपक बाली की कमान में आईएनएस कुलीश और अंडमान तथा निकोबार कमान का एक डोर्नियर समुद्री गश्‍ती विमान बेलावन, इंडोनेशिया पहुँचा।
  • समापन समारोह 6 से 9 जून, 2018 तक आयोजित किया जाएगा।
  • 24 – 25 मई, 2018 को पोर्ट ब्‍लेयर में इंड-इंडो कॉर्पेट अभियान को शुरू किया गया था, इसके तहत 26 मई से 2 जून, 2018 तक समन्वित निगरानी की गई।
  • दोनों देशों की नौसेनाएँ रणनीतिक साझेदारी की व्यापक परिधि के अंतर्गत वर्ष 2002 से वर्ष में दो बार ‘अंतर्राष्ट्रीय सामुद्रिक सीमा रेखा’ (IMBL) पर समन्वित निगरानी को कार्यान्वित कर रही हैं।

उद्देश्‍य

  • इसका उद्देश्‍य मित्रवत देशों के साथ समुद्री क्षेत्र में भारत की शांतिपूर्ण उपस्थिति एवं एकता के लिये बेहतर माहौल सुनिश्चित करना तथा भारत-इंडोनेशिया के बीच मौजूदा संबंधों को सुदृढ़ करना है।
  • इसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र को वाणिज्यिक नौपरिवहन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिये सुरक्षित बनाने पर विशेष बल दिया गया है।
  • हाल के समय में क्षेत्र के समुद्री खतरों से निपटने के लिये भारतीय नौसेना की तैनाती बढ़ी है। इसके अतिरिक्‍त भारत सरकार के सागर (क्षेत्र में सभी के लिये सुरक्षा और प्रगति) के दृष्टिकोण के हिस्‍से के रूप में भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में कई राष्‍ट्रों की सहायता कर रही है।
विशेष आर्थिक ज़ोन नीति का अध्ययन करने वाले समूह के प्रमुख होंगेः बाबा कल्याणी

Baba Kalyani

भारत सरकार ने विशेष आर्थिक ज़ोन (सेज़) नीति का अध्ययन करने के लिये प्रतिष्ठित व्यक्तियों के एक समूह का गठन किया है। सेज़ नीति 1 अप्रैल, 2000 से लागू है। इसके बाद मई, 2005 में संसद ने विशेष आर्थिक ज़ोन अधिनियम, 2005 पारित किया और इसे 23 जून, 2005 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। सेज़ अधिनियम, 2005 को 10 फरवरी, 2006 से लागू किया गया है।

  • यह समूह सेज़ नीति का अध्ययन करेगा, वर्तमान आर्थिक परिदृश्य में निर्यातकों की जरूरतों के मुताबिक सुझाव देगा, सेज़ नीति को डब्ल्यूटीओ के अनुकूल बनाएगा, सेज़ नीति में सुधार का सुझाव देगा, सेज़ योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण करेगा और सेज़ नीति को अन्य समान योजनाओं के अनुरूप संगत बनाने के लिये सुझाव देगा।
  • यह समूह तीन महीने में अपनी अनुशंसाएँ प्रदान करेगा।

विशेष आर्थिक क्षेत्र

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र अथवा ‘सेज़’ (Special Economic Zones – SEZs) उस विशेष रूप से पारिभाषित भौगोलिक क्षेत्र को कहते हैं, जहाँ से व्यापार, आर्थिक क्रियाकलाप, उत्पादन तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
  • यह क्षेत्र देश की सीमा के भीतर विशेष आर्थिक नियम कायदों को ध्यान में रखकर व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिये विकसित किया जाता है।
  • इसके लिये सरकार ने अतिरिक्‍त आर्थिक गतिविधियों का संचालन करने; वस्‍तुओं और सेवाओं के निर्यात को प्रोत्‍साहन देने; स्‍वदेशी और विदेशी स्रोतों से निवेश को प्रोत्‍साहन; रोज़गार के अवसरों का सृजन; आधारभूत सुविधाओं का विकास इत्यादि के उद्देश्य से 2005 में एक अधिनियम पारित किया था|
डॉ. वर्जीनिया ऐपगार

google

डॉ. वर्जीनिया ऐपगार के 109वें जन्मदिन के अवसर पर गूगल ने डूडल बनाकर उनको याद किया है। इस डूडल में डॉ. वर्जीनिया ऐपगार को एक लेटरपैड तथा पेन पकडे हुए दिखाया गया है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • वर्जीनिया ऐपगार का जन्म 7 जून 1909 को हुआ था।
  • उन्हें ऐपगार स्कोर (जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का त्वरित आकलन करने का एक तरीका) के आविष्कारक के रूप में जाना जाता है।
  • उनका शुरुआती जीवन अमेरिका के न्यू जर्सी में बीता।
  • उन्होंने परिवार में बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखा जिसके कारण उनकी रुचि चिकित्सा एवं विज्ञान की तरफ बढ़ी गई।
  • वर्ष 1949 में डॉ वर्जीनिया ने सर्जरी में अपनी पढ़ाई पूरी की।
  • डॉक्टर वर्जीनिया पहली महिला थीं जो प्रतिष्ठित कोलंबिया यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ फिज़िशियंस एंड सर्जंस में प्रोफेसर बनीं। उन्होंने यह उपलब्धि वर्ष 1949 में हासिल की।
  • डॉक्टर ऐपगार और उनके साथियों ने वर्ष 1950 के दौरान अमेरिका में बढ़ते शिशु मृत्यु दर के समय कई हज़ार नवजात बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी एकत्रित की।
  • वर्ष 1960 तक किसी बच्चे के पैदा होने के 24 घंटे के भीतर उसके स्वास्थ्य का पता लगाना बहुत आसान हो गया था।
  • 1972 में डॉक्टर वर्जीनिया ने ‘Is My Baby All Right?’ नाम से एक किताब लिखने में भी योगदान दिया।
  • इस किताब में जन्म के दौरान होने वाली समस्याएँ और उनके समाधान को स्पष्ट किया गया है।
  • डॉ. ऐपगार की मृत्यु वर्ष 1974 में हो गई।
ग्‍वाटेमाला का फ्यूगो ज्‍वालामुखी

Fugo Volcano

फ्यूगो ज्वालामुखी ग्वाटेमाला में चिमाल्टेंगो, एस्कुइंटाला और सैकटेपेक्यूज़ की सीमाओं पर अवस्थित एक सक्रिय स्ट्रैटोज्वालामुखी है। जब मेग्मा सतह तक पहुँच जाता है, तो वह एक तरह के ढाल ज्वालामुखी या स्ट्रैटोज्वालामुखी के रूप में एक ज्वालामुखी पर्वत का निर्माण करता है।

  • फ्यूगो ज्‍वालामुखी ग्वाटेमाला के सबसे प्रसिद्ध शहरों और पर्यटक गंतव्य के तौर पर प्रसिद्ध है।
  • फ्यूगो ज्वालामुखी, राजधानी ग्वाटेमाला सिटी के लगभग 40 किमी दक्षिण-पश्चिम में अवस्थिति है।

ग्वाटेमाला

  • यह मध्य अमेरिका में स्थित एक देश है, जिसके उत्तर-पश्चिम में मेक्सिको, दक्षिण पश्चिम में प्रशांत महासागर, उत्तर-पूर्व में बेलीज़, पूर्व में कैरेबियन और दक्षिण पूर्व में होंडुरास और अल साल्वाडोर स्थित है।
  • इस देश की राजधानी ग्वाटेमाला सिटी है। ग्वाटेमाला की समृद्ध जैविकी और अद्वितीय पारिस्थितिकी इसे जैव विविधता के लिहाज़ से महत्त्वपूर्ण बनाती है।
  • ग्वाटेमाला नाम की व्युत्पत्ति ‘नहुआती’ या ‘नहुआटी’ भाषा के शब्द ‘क्वाटेमल्लान’ से हुई है जिसका अर्थ है अनेक वृक्षों का स्थान।

स्रोत : द हिंदू, डी.एन.ए एवं पी.आई.बी.