UPSC DAILY CURRENT 10-01-2019

कृषि

बीटी कपास के बीज पर मॉनसेंटो का पेटेंट

चर्चा में क्यों?

सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसमें न्यायालय ने दिग्गज कंपनी मॉनसेंटो टेक्नोलॉजी (Monsanto Technology) के बीटी कपास बीज पर बॉलगार्ड प्रौद्योगिकी के पेटेंट के अधिकार को अवैध करार दिया था।

प्रमुख बिंदु

  • वर्ष 2018 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मॉनसेंटो टेक्नोलॉजी के बीटी कपास बीज पर बॉलगार्ड प्रौद्योगिकी के पेटेंट के अधिकार को अवैध करार दिया था। दिल्ली उच्च न्यायालय के अनुसार, बीटी विशेषता के लिये ज़िम्मेदार जीन अनुक्रम जो कपास के पौधों को प्रभावित करने वाले कीटों को मिटाता है, बीज का एक हिस्सा है इसलिये भारतीय पेटेंट अधिनियम, 1970 (Patents Act, 1970) की धारा 3 (j) के तहत इसे पेटेंट नहीं कराया जा सकता है।
  • 8 जनवरी, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने मॉनसेंटो टेक्नोलॉजी को अपने आनुवंशिक रूप से संशोधित कपास के बीज पर पेटेंट का दावा करने की अनुमति दी, जिससे नई बीज प्रौद्योगिकी विकसित करने वाली फर्मों को बढ़ावा मिलेगा।

क्या था मामला?

  • मॉनसेंटो टेक्नोलॉजी कृषि क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनी है जिसने वर्ष 2015 में अपनी भारतीय सहायक कंपनी मॉनसेंटो महिको बायोटेक्नोलॉजी लिमिटेड (Monsanto Mahyco Biotechnology Ltd.) के माध्यम से नूज़िवीडू सीड्स और उसकी सहायक कंपनियों के खिलाफ एक याचिका दायर की थी।
  • इस याचिका के अनुसार, नूज़िवीडू सीड्स (Nuziveedu Seeds) और उसकी सहायक कंपनियाँ बीटी कॉटन बीजों के लाइसेंस समझौते की समाप्ति के बावजूद भी मॉनसेंटो टेक्नोलॉजी की पेटेंट तकनीक का उपयोग कर बीजों की बिक्री कर रही थीं

बीटी कपास

  • बीटी कपास (Bt-Cotton) को मिट्टी में पाए जाने वाले जीवाणु बैसीलस थूरीनजिएंसिस से जीन निकालकर निर्मित किया गया है।
  • इस जीन को ‘Cry 1AC’ नाम दिया गया है।
  • यह कीटों के प्रति प्रतिरोधकता पैदा करता है जिससे कीटनाशकों के उपयोग की आवश्यकता नहीं रहती  है।
  • बीटी की कुछ नस्लें ऐसे प्रोटीन का निर्माण करती हैं जो कुछ विशिष्ट कीटों को समाप्त करने में सहायक है।


स्रोत : द हिंदू (बिज़नेस लाइन)


भारतीय अर्थव्यवस्था

टोकन व्यवस्था के लिये रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देश

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) ने कार्ड से किये जाने वाले लेन-देन में सुरक्षा को और अधिक मज़बूती प्रदान करने के लिये नई ‘टोकन’ व्यवस्था के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं।


क्या है टोकनाइजेशन (Tokenisation)?

  • इस प्रक्रिया में कार्ड के संवेदनशील विवरण को एक यूनिक कोड वाले टोकन में बदल दिया जाता है।
  • प्वाइंट-ऑफ सेल (Point Of Sale-POS) टर्मिनल्स, क्विक रिस्पांस (Quick Response-QR) कोड के ज़रिये संपर्क रहित भुगतान करने के लिये कार्ड की वास्तविक जानकारी के स्थान पर टोकन का प्रयोग किया जाता है।

प्रमुख बिंदु

  • भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सभी कार्ड भुगतान नेटवर्क को टोकन सेवा प्रदान करने की अनुमति दी है। साथ यह भी स्पष्ट किया है कि इस सेवा का लाभ उठाने के लिये ग्राहक से कोई शुल्क नहीं वसूला जाना चाहिये।
  • टोकन के ज़रिये लेन-देन की सुविधा फिलहाल मोबाइल और टेबलेट के ज़रिये उपलब्ध होगी।
  • एक कार्डधारक टोकन अनुरोधकर्त्ता के एप पर कार्ड पंजीकृत करने और स्पष्ट सहमति ’देने के बाद इन सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
  • भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, कार्ड से लेन-देन की सुरक्षा और प्रमाणीकरण के अतिरिक्त कारक (Additional Factor of Authentication-AFA) / पिन प्रविष्टि के लिये सुरक्षा के सभी विस्तृत निर्देश भी लागू होंगे।
  • किसी भी कार्ड को टोकन व्यवस्था के लिये पंजीकृत करने का काम उपभोक्ता की विशिष्ट सहमति के बाद ही किया जाएगा।

सुरक्षा उपाय

  • RBI के अनुसार, कार्ड के टोकनाइज़ेशन और टोकन व्यवस्था से हटाने का काम केवल अधिकृत कार्ड नेटवर्क द्वारा ही किया जाएगा।
  • इसमें मूल प्राथमिक खाता नंबर (Permanant Account Number-PAN) की रिकवरी भी अधिकृत कार्ड नेटवर्क से ही हो सकेगी।
  • इसके अलावा, वास्तविक कार्ड डेटा, टोकन और अन्य से संबंधित विवरण एक सुरक्षित मोड में संग्रहीत किये जाएंगे और टोकन अनुरोधकर्त्ताओं को PAN या किसी अन्य कार्ड विवरण को संग्रहीत करने की अनुमति नहीं है।
  • RBI के अनुसार, कार्ड टोकन सेवाओं के लिये अंतिम ज़िम्मेदारी अधिकृत कार्ड नेटवर्क की है।

स्रोत : द हिंदू


अंतर्राष्ट्रीय संबंध

नॉर्वेजियन प्रधानमंत्री की भारत यात्रा

चर्चा में क्यों?

नॉर्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोल्बर्ग (Erna Solberg) 7-9 जनवरी, 2019 तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री सोल्बर्ग के साथ उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है।

प्रमुख बिंदु

  • प्रधानमंत्री सोल्बर्ग की यह यात्रा निम्नलिखित 3 बिंदुओं पर केंद्रित है।

♦ प्रधानमंत्री सोल्बर्ग द्वारा रायसीना वार्ता में उद्घाटन भाषण।
♦ प्रधानमंत्री सोल्बर्ग द्वारा भारत-नॉर्वे व्यापार शिखर सम्मेलन 2019 का संबोधन।
♦ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहु-आयामी द्विपक्षीय पार्टनरशिप के विस्तार हेतु कई मुद्दों पर बातचीत।

  • दोनों देश वैश्विक सतत् विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने और जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिये मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
  • नॉर्वे ने परमाणु आपूर्तिकर्त्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिये भारत के आवेदन का समर्थन किया।
  • भारत-नॉर्वे महासागर वार्ता पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये गए और ब्लू इकॉनमी हेतु एक संयुक्त कार्यबल की स्थापना की गई।

भारत-नॉर्वे संबंध

  • भारत तथा नॉर्वे के करीबी और बहु-आयामी संबंध रहे हैं। आर्थिक और तकनीकी सहयोग द्विपक्षीय संबंध के महत्त्वपूर्ण पहलू हैं।
  • 100 से अधिक नॉर्वे कंपनियों ने भारत में जहाज़ निर्माण, पेट्रोलियम से संबंधित सेवाओं, जल विद्युत, स्वच्छ ऊर्जा और आईटी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश किया है।
  • नॉर्वे में भी कई प्रमुख भारतीय कंपनियाँ मौजूद हैं। भारत और नॉर्वे ने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि के लिये महासागरीय संसाधनों के सतत् उपयोग में रुचि दिखाई है।
  • प्रधानमंत्री सोल्बर्ग की यह यात्रा द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा करने और साझा हित के क्षेत्रों में बहुमुखी साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करेगी।

रायसीना वार्ता (Raisina Dialogue)


उद्देश्य

  • एशियाई एकीकरण के साथ-साथ शेष विश्व के साथ एशिया के बेहतर समन्वय हेतु संभावनाओं एवं अवसरों की तलाश करना है।

इसका नाम रायसीना वार्ता क्यों है?

  • भारत के विदेश मंत्रालय का मुख्यालय रायसीना पहाड़ी (साउथ ब्लॉक), नई दिल्ली में स्थित है, इसी के नाम पर इसे रायसीना वार्ता का नाम दिया गया है।

रायसीना वार्ता क्या है?

  • यह भू-राजनीतिक एवं भू-आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने वाला एक वार्षिक सम्मेलन है जिसका आयोजन भारत के विदेश मंत्रालय और ओआरएफ (Observer Research Foundation -ORF) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।
  • यह एक बहु-हितधारक, क्रॉस-सेक्टरल बैठक है जिसमें नीति-निर्माताओं एवं निर्णयकर्त्ताओं को शामिल किया गया है।
  • इसके अंतर्गत न केवल विभिन्न देशों के विदेश, रक्षा और वित्त मंत्रियों को शामिल किया गया है, बल्कि उच्च स्तरीय सरकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, व्यापार और उद्योग जगत के अग्रणी व्यक्तियों तथा सामरिक समुदायों, मीडिया एवं अकादमिक सदस्यों को भी शामिल किया जाता है।
  • ORF (Observer Research Foundation) नई दिल्ली स्थित एक स्वतंत्र थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है। यह भारतीय महासागरीय क्षेत्र में भारत की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर आधारित सम्मेलन है।
  • रायसीना वार्ता के 2019 संस्करण की थीम ‘ए वर्ल्ड रिऑर्डर: न्यू जियोमेट्री, फ्लुइड पार्टनरशिप एंड अनसर्टेन आउटकम्स’ है।

स्रोत- द हिंदू बिज़नेस लाइन, विदेश मंत्रालय की वेबसाइट


विविध
  • सामान्य वर्ग के गरीबों के लिये 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को लागू करने के लिये 124वाँ संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित; निजी क्षेत्र के सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में भी मिलेगा यह आरक्षण; अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू नहीं होगा आरक्षण
  • विपक्ष के विरोध के बावजूद लोकसभा में पारित हुआ नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016; इस विधेयक के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी व ईसाई शरणार्थियों को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुज़ारने पर मिल जाएगी नागरिकता; 2016 में पहली बार लोकसभा में पेश किया गया था यह संशोधन विधेयक; नागरिकता कानून, 1955 में संशोधन करेगा यह विधेयक
  • भारतीय नौसेना अंडमान-निकोबार में जल्द ही शुरू करेगी नया एयरबेस; दिगलीपुर के पास बन रहे इस नौसैनिक बेस का नाम है INS कुहासा; हिंद महासागर में चीन की नौसेना की लगातार बढ़ती गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय नौसेना का यह बेस बेहद अहम; INS कुहासा के ऑपरेशनल हो जाने के बाद अंडमान-निकोबार में भारत के चार एयरबेस हो जाएंगे; अभी तक अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में सबसे बड़ा एयरपोर्ट है; पोर्ट ब्लेयर के दक्षिण में कार निकोबार में वायुसेना का एयरबेस है; इस द्वीप समूह के दक्षिण में कैम्पबेल बे में नौसेना का एयरबेस INS बाज है
  • डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने तथा इन्हें और अधिक सुरक्षित बनाने के उपाय सुझाने के लिये रिज़र्व बैंक ने नंदन निलेकणी की अध्यक्षता में गठित किया एक उच्चस्तरीय पैनल; पाँच सदस्यों वाला यह पैनल डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा को मज़बूत बनाने के लिये ज़रूरी कदमों के बारे में सलाह देगा; डिजिटल माध्यमों से वित्तीय सेवाओं को हासिल करने में ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने के उपाय सुझाना भी इसकी ज़िम्मेदारियों में शामिल; अन्य देशों में मौजूद व्यवस्थाओं का आकलन भी करेगा यह पैनल
  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में अयोध्या मामले के लिये 5 सदस्यों वाली संविधानिक पीठ का गठन; संविधानिक पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के मालिकाना हक से जुड़े मामले में 10 जनवरी से करेगी सुनवाई; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में 2.77 एकड़ विवादास्पद भूमि को तीन पक्षकारों- सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बाँटने का दिया था फैसला
  • सुप्रीम कोर्ट ने जर्मनी की मल्टीनेशनल कंपनी बेयर कॉरपोरेशन के स्वामित्व वाली कंपनी मोनसेंटो को भारत में बीटी कॉटन बीज के पेटेंट सही मालिक बताया; सुप्रीम कोर्ट ने पलटा दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला; दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा था कि बीज, पौधे व जानवर का पेटेंट नहीं हो सकता; कंपनी को प्रोटेक्शन ऑफ प्लांट वेरायटीज़ एंड फार्मर्स राइट्स एक्ट 2001 के तहत विकसित बीज के विभिन्न संस्करणों को पंजीकृत कराने की दी थी अनुमति
  • देशी नस्लों के उत्पादन और उत्पादकता में तेज़ी से वृद्धि करने के लिये भारत एवं ब्राज़ील देंगे तकनीकी सहयोग को बढ़ावा; बफैलो रिसर्च एंड डेवलेपमेंट, ब्राज़ील द्वारा विकसित जीनोमिक चिप भारत की स्वदेशी नस्लों के लिये जीनोमिक चयन को लागू करने हेतु हो सकती है उपयोगी; देहरादून के कालसी एवं केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र मोतिहारी में ब्राज़ील के सहयोग से खोले जाएंगे दो पशु प्रजनन उत्कृष्टता केंद्र
  • केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लॉन्च किया #WebWonderWomen अभियान; सोशल मीडिया को प्रभावित करने वाली महिलाओं के प्रयासों को उजागर करना है इस अभियान का उद्देश्य; महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ट्विटर इंडिया और ब्रेकथ्रू के सहयोग से लॉन्च किया है यह अभियान
  • विक्रम मिस्री बने चीन में भारत के नए राजदूत; 1989 बैच के IFS अधिकारी विक्रम मिस्री ने लिया गौतम बम्बावाले का स्थान, जो पिछले साल नवंबर में रिटायर हो चुके हैं; इससे पहले वह म्यांमार में भारत के राजदूत रह चुके हैं तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ विदेश मंत्रालय में भी अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं; उन्होंने यूरोप, अफ्रीका, एशिया और उत्तर अमेरिका में भी भारत के कई दूतावासों में सेवाएँ दी
  • कांग्रेस ने अप्सरा रेड्डी को महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया; राष्ट्रीय राजनीति में यह किसी भी राजनीतिक दल द्वारा किसी महत्त्वपूर्ण पद पर की गई पहली ट्रांसजेंडर नियुक्ति है; आंध्र प्रदेश के नेल्लोर ज़िले की अप्सरा रेड्डी ने ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों के लिये काम किया और पत्रकारिता भी की; वह AIADMK की प्रवक्ता भी रहीं, लेकिन तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी
  • भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक गीता गोपीनाथ ने संभाला अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्य अर्थशास्त्री का पद; मैसूरू में जन्मी गीता गोपीनाथ इस पद पर पहुँचने वाली पहली महिला हैं; अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के डायरेक्टर पद पर रहे मॉरिस ऑब्स्टफेल्ड ने रिटायरमेंट से पहले ही 1 अक्तूबर 2018 को गीता गोपीनाथ की इस पद पर नियुक्ति की घोषणा कर दी थी; वह अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की 11वीं मुख्य अर्थशास्त्री बनी हैं
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा हमारे सौरमंडल के बाहर ग्रहों की खोज के अभियान के तहत एक नए ग्रह का पता चला; पृथ्वी से 53 प्रकाश वर्ष दूर रेटीकुलम तारामंडल के सूर्य के समान चमकीले बौने ग्रह तारे का 36 दिन में एक चक्कर लगा रहा है यह ग्रह; HD21749B नाम का यह ग्रह पृथ्वी से तीन गुना बड़ा और 23 गुना भारी है

प्रारंभिक परीक्षा

नासा ने की नए ग्रह की खोज

हाल ही में नासा ने सौरमंडल के बाहर एक नए ग्रह की खोज की है। गौरतलब है कि यह सफलता नासा के ग्रह खोजी अभियान को मिली है।

  • नासा द्वारा खोजे गए इस ग्रह का नाम HD 21749b है।
  • पृथ्वी से 53 प्रकाश वर्ष दूर यह ग्रह रेटीकुलम तारामंडल के सूर्य के समान चमकीले ड्वार्फ (बौने) तारे का चक्कर लगा रहा है।
  • तारे से नज़दीक होने के बाद भी इस HD 21749b नामक ग्रह की सतह का तापमान 300 डिग्री फारेनहाइट ही है।

Planet

  • वैज्ञानिकों का कहना है कि पानी के कारण इसका वायुमंडल घना है और इस पर जीवन की संभावना भी हो सकता है।
  • यह ग्रह पृथ्वी से तीन गुना बड़ा और 23 गुना भारी है। इस ग्रह को सब-नेपच्यून (Sub-Neptune) वर्ग में रखा गया है।
  • इस ग्रह का ज़्यादातर हिस्सा गैसीय है और इसका वायुमंडल नेपच्यून (Neptune) और यूरेनस (Uranus) से भी घना है।
  • नासा के ट्रांजिटिंग एक्‍सोप्‍लेनेट सर्वे सेटेलाइट (Transiting Exoplanet Survey Satellite-TESS) मिशन द्वारा खोजा गया यह तीसरा ग्रह है।

TESS मिशन

  • नासा ने इस मिशन को पिछले साल 16 अप्रैल, 2018 को लॉन्च किया था। अगस्त में इसने पहली तस्वीर भेजी थी। नासा के इस मिशन के तहत सौरमंडल के बाहरी ग्रहों यानी एक्‍सोप्‍लेनेट की खोज की जानी है।

#WebWonderWomen

  • हाल ही में मानवाधिकार संगठन ब्रेकथ्रू के साथ साझेदारी में ट्विटर इंडिया और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने #WebWonderWomen अभियान की शुरुआत की है।
  • #WebWonderWomen ऐसी महिलाओं की पहचान करने, उनका सम्मान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने का अभियान है जो अपनी क्षमता से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।

WebWonderWomen

  • इस अभियान के तहत लोग दुनिया में कहीं भी, अपनी पसंदीदा भारतीय महिला एचीवर को अपने ट्विटर हैंडल से नामांकित कर सकते हैं।
  • महिलाओं को निम्नलिखित श्रेणियों में नामित किया जा सकता है- स्वास्थ्य, मीडिया, साहित्य, कला, खेल, तकनीक, यात्रा, व्यवसाय, कानूनी / नीति, सरकारी, मनोरंजन, फैशन / सौंदर्य, वित्त, खाद्य और पर्यावरण।

भारतीय विज्ञान कॉन्ग्रेस का 106वाँ अधिवेशन (106th Session of Indian Science Congress)

  • 3 से 7 जनवरी, 2019 तक जालंधर (पंजाब) के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University-LPU) में भारतीय विज्ञान कॉन्ग्रेस के 106वें अधिवेशन का आयोजन किया गया।
  • इस अधिवेशन की थीम ‘भविष्य का भारतः विज्ञान और प्रौद्योगिकी’ (Future India: Science and Technology) थी।
  • भारतीय विज्ञान कॉन्ग्रेस के हिस्से के रूप में महिला विज्ञान कॉन्ग्रेस (Women’s Science Congress) तथा चिल्ड्रेंस साइंस कॉन्ग्रेस (Children’s Science Congress) का भी आयोजन किया गया।
  • इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री ने ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ का नारा भी दिया।
  • इस वैज्ञानिक सम्मेलन में पंद्रह हज़ार से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • इस कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी ‘प्राइड ऑफ इंडिया’ (Pride of India) भी आयोजित की गई, जिसमें DRDO, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, CSIR, ICAR, ICMR, NPCIL और विभिन्न वैज्ञानिक विभागों और विश्वविद्यालयों सहित 150 संगठनों ने भाग लिया।
  • प्रवेश द्वार पर स्थापित 55 फीट ऊँचा और 25 टन वज़न का ‘मेटल मैग्ना’ (Metal Magna) नामक रोबोट मुख्य आकर्षण था।
  • 105वें भारतीय विज्ञान कॉन्ग्रेस का आयोजन 16 से 20 मार्च, 2018 के मध्य मणिपुर विश्वविद्यालय, इंफाल (मणिपुर) में किया गया था।