UPSC DAILY CURRENT 10-07-2018

[1]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. यह पूर्वी भारत में बहने वाली नदियों में पाए जाने वाले कछुए की एक प्रजाति है।
  2. यह बांग्लादेश, कंबोडिया, भारत, इंडोनेशिया और मलेशिया की एक स्थानिक प्रजाति है तथा माँस और कवच के लिये इसका शिकार किया जाता है।
  3. हाल ही में नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (NBWL) की स्थायी समिति द्वारा गंभीर रूप से लुप्तप्राय (Critically Endangered) प्रजातियों के रूप में इन्हें केंद्र के ‘रिकवरी कार्यक्रम’ में शामिल किया गया है।

उपर्युक्त कथन निम्नलिखित में किससे संबंधित हैं?

A) नॉर्दन रिवर टेरापिन (Northern River Terrapin)
B) ब्लैक स्पॉटेड टर्टल (Black Spotted Turtle)
C) ब्राउन रूफ्ड टर्टल (Brown Roofed Turtle)
D) क्राउंड रिवर टर्टल (Crowned River Turtle)

Hide Answer –

उत्तर: (a)

[2]

हाल ही में भारत सरकार ने अपने एक पड़ोसी देश के घाटे में चल रहे किस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को संचालित करने का निर्णय लिया है?

A) भूटान का पारो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
B) श्रीलंका का मताला राजपक्षे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
C) नेपाल का त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा
D) मालदीव का वेलाना अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

Hide Answer –

उत्तर: (b)

[3]

हाल ही में डेटा साइंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिये खोले गए उत्कृष्टता केंद्र से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. भारत की प्रमुख सॉफ्टवेयर लॉबी नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज़ कंपनीज़ (NASSCOM) द्वारा इसे खोला गया है।
  2. NASSCOM ने देश में डेटा साइंस और कृत्रिम खुफिया पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने एवं गति प्रदान करने के लिये इनफ़ोसिस और माइक्रोसॉफ्ट के साथ संस्थापक सदस्यों और प्रौद्योगिकी सलाहकारों के रूप में साझेदारी की है।
  3. उत्कृष्टता केंद्र  पहल नवाचार पर एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है जो स्मार्ट विनिर्माण, ऑटोमोटिव, हेल्थकेयर, कृषि, ऊर्जा, IoT(Internet of Things), बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं, खुदरा, दूरसंचार और उभरती प्रौद्योगिकियों में आने वाली समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3

Hide Answer –

उत्तर: (c)

[4]

त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (PCA) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. यह भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा प्रस्तुत किया गया एक गुणात्मक उपकरण है जिसके तहत बैंक के वित्तीय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिये कमज़ोर बैंकों पर प्रत्यक्ष कार्रवाई की जाती है जो कि इन्हें अत्यधिक नुकसान से बचाता है।
  2. इसके तहत भारतीय रिज़र्व बैंक कमज़ोर और संकटग्रस्त बैंकों पर आकलन, निगरानी, नियंत्रण और सुधारात्मक कार्रवाई के लिये कुछ सतर्कता बिंदु आरोपित करता है।
  3. इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज़ बैंक, देना बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया और आईडीबीआई बैंक सहित सार्वजनिक क्षेत्र के कुल 11 बैंकों को अभी तक PCA के तहत रखा गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3

Hide Answer –

उत्तर: (d)

[5]

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के जल-साझाकरण निर्णय को लागू करने के लिये केंद्र द्वारा CWMA का गठन किया गया है।
  2. हाल ही में आयोजित अपनी पहली बैठक में CWMA ने कर्नाटक से जुलाई माह में 31.24 tmcft (हजार मिलियन घन फीट) जल छोड़ने को कहा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

Hide Answer –

उत्तर: (c)

 

थम लुआंग नांग नो (Tham Luang Nang No)गुफा 

Tham Luang Nang No

  • हाल ही में ‘थम लुआंग नांग नो गुफा’(Tham Luang Nang No)में फँसे स्थानीय जूनियर फुटबॉल टीम की खोज और बचाव के हेतु एक अभियान काफी चर्चा में रहा।
  • दोई नांग नॉन (Doi Nang Non) थाईलैंड के चियांग राय प्रांत में स्थित उच्चभूमि की एक पर्वत श्रृंखला है।
  • यह पर्वत श्रृंखला चियांग राय और माई साई के बीच राजमार्ग के पश्चिमी तरफ स्थित है साथ ही म्याँमार सीमा के साथ ही पोंग फा के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में फैला हुआ है।
  • यह पर्वत श्रृंखला डेन लाओ रेंज के दक्षिणी छोर पर कई झरने और गुफाओं से संलग्न एक कास्टिक संरचना है
  • इसी पर्वत श्रृंखला में थम लुआंग नांग नो नामक अर्द्ध-शुष्क चूना पत्थर वाली एक गुफा स्थित है।
  • थम लुआंग गुफा की संरचना एक आराम करने वाली महिला सदृश्य होने के कारण इसे “स्लीपिंग लेडी का माउंटेन” के नाम से भी जाना जाता है।
अंतरिक्ष यात्री बचाव प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण

Crew Escape System

  • इसरो ने श्री हरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 12.6 टन की क्षमता वाले अंतरिक्ष यात्री बचाव प्रणाली(Crew Escape System)का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।
  • यह परीक्षण 259 सेकंड में पूरा हुआ।
  • परीक्षण के निष्फल होने की स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों को तीव्रता से परीक्षण यान से सुरक्षित दूरी पर ले जाने की एक प्रणाली है।
  • प्रथम परीक्षण (पैड अपोर्ट टेस्ट) में लॉन्च पैड पर किसी भी आवश्यकता के अनुसार क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाने का प्रदर्शन किया गया।
  • इस दौरान यात्री बचाव प्रणाली ने अंतरिक्ष में ऊँची उड़ान भरी और बाद में बंगाल की खाड़ी में वृत्ताकार में घूमते हुए अपने पैराशूट्स से पृथ्वी में प्रवेश किया।
  • इस यान परीक्षण के दौरान लगभग विभिन्न लक्ष्यों वाले 300 संवेदकों को रिकॉर्ड किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा उत्तर पूर्वी परिषद की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता

North Eastern Council

  • केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह शिलांग ने में उत्तर-पूर्वी परिषद(एनईसी)की दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता की।
  • इस बैठक में उत्तर-पूर्वी राज्यों के गवर्नर और मुख्यमंत्री भी शामिल हुए।

उत्तर-पूर्वी परिषद (एनईसी)

  • एनईसी की स्थापना वर्ष 1971 में हुई थी।
  • उल्लेखनीय है कि अपनी स्थापना के बाद पहली बार एनईसी ने इस क्षेत्र में सुरक्षा से संबंधित विषयों पर चर्चा की।
  • एनईसी अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के विकास के लिये एक नोडल एजेंसी है।
  • हाल ही में इसकी अध्यक्षता गृह मंत्री को सौंपी गई थी।
  • इससे पूर्व इसकी अध्यक्षता पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय द्वारा की जाती थी।
विश्व संस्कृत सम्मेलन 2018

WSC

  • 17वें विश्व संस्कृत सम्मलेन का आयोजन कनाडा के वैंकूवर में किया जा रहा है।
  • इसका आयोजन 9 जुलाई से 13 जुलाई 2018 तक किया जाएगा।

उद्देश्य

इस सम्मेलन का उद्देश्य विश्व भर में लोगों द्वारा संस्कृत भाषा को बढ़ावा देना, संरक्षित करना एवं व्यवहार में लाना है।

प्रमुख बिंदु

  • इस सम्मलेन का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किया।
  • इससे पूर्व ‘16वें विश्व संस्कृत सम्मेलन का आयोजन बैंकाक, थाईलैंड में किया गया था।
  • विश्व संस्कृत सम्मेलन का आयोजन दुनिया भर के विभिन्न देशों में प्रत्येक तीन वर्षों में एक बार किया जाता है और भारत में इसका आयोजन तीन बार किया जा चुका है।
  • दिल्ली में संपन्न हुए वर्ष 1972 के सम्मेलन को पहला विश्व संस्कृत सम्मेलन माना जाता है।
  • इस वर्ष सम्मेलन में 500 से अधिक विद्वान एवं 40 से अधिक देशों के शिष्टमंडल भाग लेंगे तथा विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत कर अपने ज्ञान का आदान-प्रदान करेंगे।
  • इतिहास एवं वैदिक साहित्य में महिलाओं की शिक्षा, संस्कृत बौद्ध धर्म, मनुस्मृति, योगशाला से आगे मीमांशा, युक्तिदीपिका का सांख्य के लिये स्थान गढ़ना, भागवत पुराण टिप्पणीकारों को प्रस्तुत करना, गार्गी या ज्योतिष पर अनुसंधान जैसे एक दर्जन से अधिक विषयों पर एक विशेष पैनल चर्चा की जाएगी।
  • पाँच दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों पर 500 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किये जाने की उम्मीद है।