UPSC DAILY CURRENT 17-01-2019

भारतीय अर्थव्यवस्था

रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिये GoM का गठन

चर्चा में क्यों?

गुजरात के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की अगुवाई में एक मंत्रिस्तरीय समूह का गठन किया गया है जो एक कंपोज़िशन स्कीम (composition scheme) तैयार करने के अलावा रियल स्टेट के क्षेत्र में GST दर को युक्तिसंगत बनाने की संभावनाओं की तलाश करेगा।

  • GST प्रणाली के तहत रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये इस 7-सदस्यीय मंत्री समूह (Group of Ministers-GoM) के गठन का निर्णय हाल ही में हुई GST परिषद की बैठक के दौरान लिया गया था।

प्रमुख बिंदु

  • GoM के विचारार्थ विषयों (Terms of Reference-ToR) में इस सेक्टर के लिये एक कंपोजिशन स्कीम तैयार करने के तरीके सुझाना शामिल है।
  • GoM, रियल एस्टेट क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रस्ताव के तहत उत्पन्न होने वाले मुद्दों और चुनौतियों सहित GST के अंतर्गत कर की दरों का भी विश्लेषण करेगा।
  • यह समूह कंपोज़िशन स्कीम में ज़मीन के समावेशन/अपवर्जन या किसी अन्य घटक को शामिल करने की वैधानिकता की जाँच करेगा और मूल्यांकन प्रक्रिया संबंधी सुझाव भी देगा।
  • यह समूह एक संयुक्त समझौते और उपयुक्त मॉडल में विकास अधिकारों के हस्तांतरण (Transfer of Development Rights-TDR) और विकास अधिकारों (Development Rights) पर GST के विभिन्न पहलुओं की भी जाँच करेगा।
  • GoM के अन्य मंत्रियों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, पंजाब और उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री तथा गोवा के पंचायत मंत्री मौविन गोडिन्हो (Mauvin Godinho) शामिल हैं।
  • वर्तमान में निर्माणाधीन संपत्ति या रेडी-टू-मूव-इन (ready-to-move-in) फ्लैट्स, जहाँ बिक्री के समय पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी नहीं किया गया है, के मामले में किये गए भुगतान पर 12% GST लगाया जाता है।
  • GST लागू होने से पहले इस तरह की संपत्ति पर 15-18% कर लगाया जाता था।
  • हालाँकि, ऐसी रियल एस्टेट परिसंपत्तियों के खरीदारों पर GST नहीं लगाया जाता है जिनकी बिक्री के समय पूर्णता-प्रमाण पत्र जारी किया गया हो।

स्रोत : पी.आई.बी एवं इकोनॉमिक टाइम्स


शासन व्यवस्था

शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER Report-2018)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट, 2018 (Annual Status of Education Report-ASER, 2018) जारी की गई। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट भारत की शिक्षा प्रणाली के परिणामों के मद्देनज़र पेश की जाती है।

प्रमुख बिंदु

  • शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट, 2018 में 596 ज़िलों के 3,54,944 परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है।
  • इस सर्वेक्षण में 3 से 16 साल की उम्र के 5,46,527 बच्चों को शामिल किया गया।
  • शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट, 2018 में 15,998 ग्रामीण सरकारी स्कूलों का भी अवलोकन किया गया है।
  • शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट में हर वर्ष यह जाँच की जाती है कि ग्रामीण भारत के कितने बच्चे स्कूल जा रहे हैं और आसान पाठ पढ़ पाने व बुनियादी गणित के प्रश्नों को हल करने में सक्षम हैं।
  • 2005, 2007 और 2009 से निरंतर, इस सर्वेक्षण में चयनित गाँव के एक सरकारी स्कूल का अवलोकन भी किया जाता है।
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act), 2010 के बाद इस सर्वेक्षण में उन मापन योग्य मानकों को भी शामिल किया गया, जो इस काननू के तहत देश के किसी भी विद्यालय के लिये बाध्यकारी हैं।

असर (ASER) 2018 में शामिल किये गए क्षेत्र

  • स्कूली स्तर: नामांकन और उपस्थिति
  • अधिगम स्तर: पढ़ने व गणित के प्रश्नों को हल करने का बुनियादी कौशल
  • अधिगम स्तर: ‘बुनियादी शिक्षा स्तर से ऊपर’
  • स्कूलों का अवलोकन

♦ छोटे स्कूल
♦ स्कूल में निहित सुविधाएँ
♦ शारीरिक शिक्षा और खेल सुविधाएँ
♦ शिक्षक और छात्र की उपस्थिति

असर (ASER) 2018 के मुख्य निष्कर्ष

  • पढ़ने की स्थिति

♦ कक्षा 5: कक्षा 5 में नामांकित आधे से अधिक छात्र कक्षा 2 के पाठ को पढ़ सकने में सक्षम हैं। यह आँकडा 2016 में 47.9% था जो 2018 में बढ़ कर 50.3% पर आ गया है। कुछ राज्यों के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 5 के बच्चों ने इस दौरान कुछ सुधार दर्ज़ किया है। ये राज्य इस प्रकार हैं- हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम।

♦ कक्षा 8: भारत में अनिवार्य स्कूली शिक्षा का अंतिम पड़ाव कक्षा 8 है। इस स्तर पर छात्रों से यह अपेक्षा की जाती है कि उन्हें कम-से-कम बुनियादी कौशल में महारत हासिल हो। किंतु असर (ASER) 2018 के आँकडों से यह पता चलता है कि कक्षा 8 के 27 प्रतिशत छात्र कक्षा 2 के पाठ पढ़ने में भी सक्षम नहीं हैं। यह आँकड़ा 2016 से जस-का-तस बना हुआ है।

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय स्तर पर 14 से 16 वर्ष की उम्र के सभी लड़कों में से 50 फीसदी गणितीय भाग (Devision) के प्रश्नों को ठीक-ठीक हल कर लेते हैं जबकि सिर्फ 44 फीसदी लड़कियाँ ही ऐसा कर सकती हैं।
  • 2018 में 6 से 14 साल के उम्र समूह के ऐसे बच्चे जिनका दाखिला स्कूल में नहीं हुआ उनका प्रतिशत तीन फीसदी से गिरकर 2.8 फीसदी हो गया है।

शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (ASER) क्या है?

  • असर (Annual Status of Education Report-ASER) एक वार्षिक सर्वेक्षण है जिसका उद्देश्य भारत में प्रत्येक राज्य और ग्रामीण ज़िले के बच्चों की स्कूली शिक्षा की स्थिति और बुनियादी शिक्षा के स्तर का विश्वसनीय वार्षिक अनुमान प्रदान करना है।
  • यह आम लोगों द्वारा किया जाने वाला देश का सबसे बड़ा वाला सर्वेक्षण है साथ ही यह देश में बच्चों की शिक्षा के परिणामों के बारे में जानकारी का एकमात्र उपलब्ध वार्षिक स्रोत भी है।
  • इस सर्वेक्षण की शुरुआत 2005 में की गई थी।
  • यह सर्वेक्षण शिक्षा क्षेत्र की शीर्षस्थ गैर-व्यवसायिक संस्था ‘प्रथम’ द्वारा कराया जाता है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम

  • भारत में शिक्षा का अधिकार’ संविधान के अनुच्छेद 21A के अंतर्गत मूल अधिकार के रूप में उल्लिखित है।
  • 2 दिसंबर, 2002 को संविधान में 86वाँ संशोधन किया गया और अनुच्छेद 21A के तहत शिक्षा को मौलिक अधिकार बना दिया गया।
  • इस मूल अधिकार के क्रियान्वयन हेतु वर्ष 2009 में नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right of Children to Free and Compulsory Education-RTE Act) बनाया गया।
  • इसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सार्वभौमिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्ययन के नए अवसर सृजित करना है।
  • इसके तहत 6-14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे के लिये शिक्षा को मौलिक अधिकार के रूप में अंगीकृत किया गया।

स्रोत- असर की आधिकारिक वेबसाइट


कृषि

कालिया योजना

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ओडिशा सरकार ने छोटे किसानों एवं भूमिहीन खेतिहर मज़दूरों हेतु एक सहायता योजना, ‘कालिया’ (Krushak Assistance for Livelihood and Income Augmentation-KALIA) की शुरुआत की है।

प्रमुख बिंदु

  • कालिया योजना के तहत राज्य में गरीबी को कम करने और कृषि क्षेत्र में तेज़ी लाने हेतु तीन वर्षों के दौरान लगभग 10,180 करोड़ रूपए खर्च किये जाएंगे।
  • इस योजना के विभिन्न घटकों के तहत छोटे किसान और भूमिहीन खेतिहर मज़दूर लाभ ले सकेंगे।
  • इस योजना को कृषि ऋण माफी के एक व्यवहार्य विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

योजना के तहत प्रावधान

  • खेती करने वालों के लिये: खेती के लिये सहायता के रूप में प्रति किसान परिवार 10,000 रुपए प्रदान किये जाएंगे। 2018-19 और 2021-22 के बीच पाँच फसली सत्रों के लिये खरीफ और रबी के मौसम में प्रत्येक परिवार को 5,000 रुपए अलग से मिलेंगे। 50,000 रुपए तक के फसल ऋण ब्याज मुक्त होते हैं।
  • भूमिहीन कृषि परिवारों के लिये: प्रत्येक भूमिहीन खेतिहर परिवार को कृषि सहायक गतिविधियों जैसे कि बकरी पालन की छोटी इकाई, मछुआरों के लिये मत्स्य किट, मशरूम की खेती और मधुमक्खी पालन आदि के लिये 12500 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • बुज़ुर्गों के लिये: बुज़ुर्ग, बीमार और अन्य ऐसे लोग जो खेती करने में असमर्थ हैं, उन्हें प्रति वर्ष प्रति परिवार 10,000 रुपए प्रदान किये जाएंगे।
  • खेती करने वालों और भूमिहीन कृषि परिवारों के लिये बीमा: कालिया योजना के तहत 2 लाख रुपए का जीवन बीमा कवर और 57 लाख परिवारों के लिये 2 लाख रूपए का अतिरिक्त व्यक्तिगत दुर्घटना कवरेज भी शामिल है।

स्रोत- इंडियन एक्सप्रेस


प्रौद्योगिकी

ग्लोबल एविएशन समिट 2019

चर्चा में क्यों?

हाल ही में भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation-MCA) और फिक्की (Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry-FICCI) द्वारा संयुक्त रूप से प्रथम ग्लोबल एविएशन समिट (Global Aviation Summit) का आयोजन किया गया।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा फिक्की के साथ मिलकर पहला ग्लोबल एविएशन समिट का आयोजन भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में किया गया।
  • इसकी थीम “Flying for all – especially the next 6 Billion” थी।
  • इस कार्यक्रम में वैश्विक विमानन से जुड़े विशेषज्ञों एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की मेज़बानी में विकसित होती अर्थव्यस्थाओं में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को सुनिश्चित करने, आने वाले वर्षों में विकास क्षेत्रों की पहचान कर महत्त्वपूर्ण परिवर्तन करने एवं इनमें अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया।
  • यह कार्यक्रम ड्रोन (Drones), एयर टैक्सी (Air Taxis), वोलोकॉप्टर (Volocopters), नए जेट (New Jets) और अल्ट्रा-लाइट एरियल इलेक्ट्रिक वाहनों (Ultra-light aerial electric vehicles) आदि की नवीनतम अवधारणा को विकसित करने का अवसर देता है।
  • यह भविष्य के हवाई अड्डों (Airports), नवाचारों, (Innovations), बचाव और सुरक्षा (Safety & Security), वित्तपोषण और पट्टे ( financing & leasing) हेतु सतत विकास ( Sustainable Development) एवं सामानों जैसे – कार्गो(cargo), रसद (Logistics) आदि को सुगमता से संचालित करने पर बल देता है।

उद्देश्य

  • इस सम्मेलन का उद्देश्य विमानन विकास के क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक व्यापक मंच प्रदान करना है ताकि विकास के लिये चयनित स्थानों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की जा सके और प्रौद्योगिकी-संचालित नवाचार से भविष्य में हवाई यात्रा में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके।
  • इसके अलावा विमानन क्षेत्र में निर्माताओं, निवेशकों, विक्रेताओं, कार्गो, अंतरिक्ष उद्योग, बैंकिंग संस्थानों, कौशल विकास एजेंसियों तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वैश्विक नेताओं को आकर्षित कर वैश्विक उड्डयन तंत्र का सफल प्रतिनिधित्व करना भी इसके उद्देश्यों में शामिल है।

संगठन


नागरिक उड्डयन मंत्रालय

  • भारत सरकार का नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नागरिक उड्डयन के क्रमिक विकास और विस्तार के लिये योजनाओं के विकास और विनियमन हेतु राष्ट्रीय नीतियों और कार्यक्रमों के निर्माण के लिये ज़िम्मेदार नोडल मंत्रालय है।
  • इसका कार्य हवाई अड्डे की सुविधाओं, हवाई यातायात सेवाओं और यात्रियों तथा कार्गो (माल की गाड़ी) की देख-रेख करना है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण Airports Authority of India (AAI) 

  • इसका गठन संसद के एक अधिनियम द्वारा किया गया था।
  • 1 अप्रैल, 1995 को भारतीय राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा प्राधिकरण का विलय करके भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)कर दिया गया।
  • तब से यह ग्राउंड (Ground) और एयरस्पेस (Airspace) दोनों में नागरिक उड्डयन अवसंरचना के निर्माण, उन्नयन, रखरखाव और प्रबंधन का कार्य करता है।

फिक्की (FICCI)

  • 1927 में स्थापित FICCI भारत का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सर्वोच्च व्यापारिक संगठन है।
  • यह गैर-सरकारी नॉन-फॉर-प्रॉफिट संगठन, भारत के व्यापार और उद्योग, नीति निर्माताओं और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुदाय के लिये एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है।
  • यह भारतीय निजी एवं सार्वजनिक कॉर्पोरेट क्षेत्रों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से अपने सदस्यों को सेवा एवं सुविधा प्रदान करता है।

स्रोत – ग्लोबल एविएशन समिट वेबसाइट


विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

पृथ्वी के आंतरिक भाग में अप्रत्याशित परिवर्तन

चर्चा में क्यों?

हाल ही में ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे (British Geological Survey-BGS) द्वारा किये गए एक अध्ययन में पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में अप्रत्याशित परिवर्तन पाया गया।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • हाल ही में ब्रिटिश जियोलॉजिकल सर्वे द्वारा पृथ्वी के उत्तरी ध्रुवों में अप्रत्याशित बदलाव पाया गया पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव कनाडा में अपनी वर्तमान स्थिति से साइबेरिया की तरफ बढ़ रहा है।

magnetic motion

  • इस बदलाव के चलते भू-भौतिकीविदों द्वारा विश्व चुंबकीय मॉडल पर पुनर्विचार किया जा रहा है जो नेविगेशन उद्देश्यों के लिये उपयोग किया जाता है।
  • विश्व चुंबकीय मॉडल (World Magnetic Model-WMM) कोर और बड़े पैमाने पर क्रस्टल मैग्नेटिक फील्ड (crustal magnetic field) का एक मानक मॉडल है।
  • इसका उपयोग यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका द्वारा रक्षा उद्देश्यों हेतु नेविगेशन के लिये किया जाता है, नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (North Atlantic Treaty Organization – NATO) और इंटरनेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑर्गनाइजेशन (International Hydrographic Organization – IHO) भी इसका प्रयोग करते है। इसके अलावा इसका उपयोग व्यापक रूप से नागरिक नेविगेशन में भी किया जाता है।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह के बदलाव का सबसे बड़ा कारण पृथ्वी के आंतरिक भाग में मौजूद तरल आयरन (लोहे) में अप्रत्याशित परिवर्तन आना है।
  • सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान में पृथ्वी की गति एक साल में लगभग 50 किलोमीटर है। जबकि 1900 से 1980 के बीच इसकी गति बहुत कम थी, लेकिन पिछले 40 वर्षों में इसमें तेज़ी से वृद्धि हुई है।
  • वर्ष 2015 में विश्व चुंबकीय मॉडल को पाँच साल (2015 – 2020) के लिये तैयार किया गया था, लेकिन अमेरिकी सेनाओं द्वारा इस अप्रत्याशित बदलाव होने से लिये इसकी प्रारंभिक समीक्षा की बात कही जा रही है।
  • वर्तमान परिदृश्य में सेल फोन की मैपिंग सुविधा से लेकर समुद्र और हवाई जहाजों को पार करने वाले, लगभग सभी तकनीकी इसको उपयोग में लाते हैं, जिसे विश्व चुंबकीय मॉडल के रूप में जाना जाता है।

भौगोलिक ध्रुव बनाम चुंबकीय ध्रुव

भौगोलिक ध्रुव (Geographic Poles)

  • पृथ्वी भौगोलिक उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर घूमती है। भौगोलिक उत्तर और दक्षिणी ध्रुव वे हैं जहाँ देशांतर (मेरिडियन) की रेखाएँ उत्तर से दक्षिण तक मिलती हैं। दक्षिणी और उत्तरी ध्रुव सीधे एक दूसरे के विपरीत हैं।

चुंबकीय उत्तरी ध्रुव

north pole

  • पृथ्वी एक बड़े चुंबक के रूप में कार्य करता है।
  • पृथ्वी के आतंरिक भाग (Core) में मुख्यतः ठोस लोहा पाया जाता है। यह मुख्यतः तरल धातु के घेरे में अवस्थित होता है।
  • पृथ्वी की कोर में बहने वाली तरल धातु विद्युत धाराओं का निर्माण करती है, जो बदले में हमारे चुंबकीय क्षेत्र का निर्माण करती है।
  • चुंबकीय उत्तरी ध्रुव उत्तरी कनाडा के एल्समेरे द्वीप पर एक बिंदु है जहां से आकर्षण की उत्तरी रेखाएं पृथ्वी में प्रवेश करती हैं।
  • इसका मतलब है कि एक कम्पास सुई चुंबकीय उत्तरी ध्रुव की ओर इशारा करती है – जो भौगोलिक उत्तर से अलग है।

अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन (IHO)

  • अंतर्राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक संगठन एक अंतर-सरकारी परामर्शदाता और तकनीकी संगठन है जिसे वर्ष 1921 में नेविगेशन की सुरक्षा एवं समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा का समर्थन करने के लिये स्थापित किया गया था।
  • भारत भी IHO का सदस्य है।

संगठन का उद्देश्य:

  • राष्ट्रीय हाइड्रोग्राफिक कार्यालयों की गतिविधियों का समन्वय करना।
  • समुद्री चार्ट और दस्तावेजों एकरूपता लाना।
  • हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने और उनके लाभ हेतु विश्वसनीय एवं कुशल तरीकों को अपनाना।
  • हाइड्रोग्राफी के क्षेत्र में विज्ञान का विकास और समुद्रशास्त्र में तकनीक का उपयोग करना।

विविध
  • गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस ने महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न सरकारी मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों को सीधे हस्तशिल्प एवं हस्तकरघा, सहायक सामग्री, जूट उत्पाद, घरों के साज-सजावट का सामान और ऑफिस कार्यालय के सामानों की बिक्री करने में सहायता पहुँचाने के लिये वुमनिया ऑन जीईएम पहल की शुरुआत की है। इस पहल से महिला उद्यमियों को समेकित आर्थिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलेगी।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने दूरदर्शन और प्रसार भारती के साथ मिलकर विज्ञान संचार के क्षेत्र में दो पहलों- ‘डीडी साइंस’ और ‘इंडिया साइंस’ की शुरुआत की। ‘डीडी साइंस’ दूरदर्शन न्यूज़ चैनल पर एक घंटे के स्लॉट वाला कार्यक्रम है, जो सप्ताह में 6 दिन प्रसारित किया जाएगा। ‘इंडिया साइंस’ इंटरनेट आधारित चैनल है, जो किसी भी इंटरनेट आधारित उपकरण पर उपलब्ध है और मांग पर निर्धारित वीडियो लाइव उपलब्ध कराएगा।
  • बुवाई से लेकर फसल की कटाई तक हर चरण में बुवाई क्षेत्र, मौसम, फसल पर लगने वाले रोग जैसी विभिन्न कठिनाइयों को डिजिटली ट्रैक करके किसानों को जानकारी देने वाली देश की पहली ‘महा एग्रीटेक’ योजना की शुरुआत महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में की। इसके तहत सेटेलाइट तथा ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिससे समय पर जानकारी मिलने से किसानों को उपाय करने में आसानी होगी। महाराष्ट्र रिमोट एप्लीकेशन सेंटर तथा इसरो की सहायता से राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन किया है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में ‘आध्यात्मिक सर्किट का विकास: श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर-अरनमुला-सबरीमाला’ परियोजना की शुरुआत की। यह परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत कार्यान्वित की जा रही है। 92.22 करोड़ रुपए लागत वाली इस परियोजना को पर्यटन मंत्रालय ने 2016-17 में मंज़ूरी दी थी। श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर भगवान विष्णु के 108 दिव्यदेशमों में से एक है।
  • केरल हाई कोर्ट के आदेश से पिछले वर्ष 30 नवंबर को हटाई गई रोक के बाद के. धन्या सनाल केरल की दूसरी सबसे ऊँची अगस्त्यार्कुदम(Agastyarkoodam) चोटी पर ट्रेकिंग के लिये जाने वाली पहली महिला बन गई हैं। स्थानीय कानी (Kani) जनजाति के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका यह मानना है कि इस चोटी पर उनके देवता अगस्त्य मुनि का निवास है और वे अगस्त्य मुनि को अपने समुदाय का रक्षक मानते हैं। उन्हीं के नाम पर इस चोटी का नाम है। इसीलिये इस पर महिलाओं को जाने की मनाही थी।
  • बिहार सरकार ने राजधानी पटना में 15 दिनों तक मछली बेचने तथा स्टोर करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग को मछलियों के कुछ नमूनों में हानिकारक फॉर्मेलिन मिला है, जिसको खाने से कैंसर होने का खतरा हो सकता है। फॉर्मेलिन एक प्रकार का केमिकल है और मछलियों में इसका इस्तेमाल उनको ताज़ा बनाए रखने के लिये किया जाता है।
  • भारत के पूर्व प्रमुख सांख्यिकीविद और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय में सचिव रहे डॉ. टी.सी.ए. अनंत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सदस्य नियुक्त किये गए। उन्होंने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पी.एचडी. और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है।
  • देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दिवंगत जस्टिस वाई.के. सभरवाल पर लिखी पुस्तक ‘बियोंड द नेम जस्टिस वाई के सभरवाल, एक फुलफिलिंग जर्नी’ (Beyond the Name, Justice Y K Sabharwal, A fulfilling Journey) की लॉन्चिंग की। इस पुस्तक में दिवंगत जस्टिस वाई.के. सभरवाल के जीवन और उनके न्यायिक करियर पर प्रकाश डाला गया है।
  • चेन्नई के शतरंज खिलाड़ी डी. गुकेश दुनिया के दूसरे और भारत के सबसे युवा शतरंज ग्रैंडमास्टर बन गए हैं। गुकेश ने 17वें दिल्ली ओपन इंटरनेशनल चेस टूर्नामेंट में अपना तीसरा और आखिरी ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया। दुनिया के सबसे युवा ग्रैंडमास्टर रूस के सर्गेई कार्जाकिन हैं, जिनकी आयु 12 साल सात महीने है। गुकेश कार्जाकिन से 17 दिन बड़े हैं और उनकी उम्र 12 साल, सात महीने 17 दिन है।
  • भारत की पर्वतारोही अनीता कुंडू ने अपने 7 समिट अभियान के तहत अंटार्कटिका महाद्वीप की सबसे ऊँची चोटी माउंट विन्सन को भी फ़तेह कर लिया है। दक्षिण ध्रुव में स्थित 16,050 फीट ऊँची यह चोटी विश्व की चौथी सबसे ऊँची चोटी है। गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर अनीता कुंडू माउंट एवरेस्ट को नेपाल और चीन दोनों तरफ से फतेह करने वाली भारत की पहली महिला पर्वतारोही हैं। 7 समिट अभियान से तात्पर्य सातों महाद्वीपों की सात सबसे ऊँची चोटियों को फतेह करना है। वह इंडोनेशिया में कारस्टेंस पिरामिड शिखर, यूरोप में माउंट एल्ब्रुश और अफ्रीका में माउंट किलिमंजारो को फतेह कर चुकी हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने मनु साहनी को नया CEO नियुक्त किया है। वह डेविड रिचर्डसन का स्थान लेंगे, जिनका अनुबंध इस साल इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के बाद समाप्त हो रहा है। मनु साहनी इससे पहले सिंगापुर स्पोर्ट्स हब के CEO और ESPN स्टार स्पोर्ट्स के प्रबंध निदेशक रह चुके हैं।
  • मैनचेस्टर में 2002 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में देश को बॉक्सिंग का पहला गोल्ड मैडल दिलाने वाले मोहम्मद अली कमर को महिला बॉक्सिंग टीम का मुख्य कोच बनाया गया है। शिव सिंह के स्थान पर नियुक्त हुए अर्जुन पुरस्कार विजेता मोहम्मद अली कमर रेलवे खेल संवर्द्धन बोर्ड की महिला टीम के कोच भी रह चुके हैं।

प्रारंभिक परीक्षा

‘वन फैमिली, वन जॉब’ योजना (‘One Family, One Job’ Scheme)

हाल ही में सिक्किम में ‘एक परिवार, एक नौकरी/वन फैमिली, वन जॉब’ योजना शुरू की गई है।

  • इस योजना के तहत राज्य में प्रत्येक उस परिवार के एक सदस्य को रोज़गार दिया जाएगा, जिसके पास सरकारी नौकरी नहीं है।
  • इसके अंतर्गत खेती और कृषि संबंधी सभी ऋण भी निरस्त कर दिये जाएंगे।
  • वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार के 12 विभागों में ग्रुप ‘सी’ और ग्रुप ‘डी’ पदों के लिये भर्तियाँ की जा रही हैं।

विज्ञान संचार के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय स्‍तर की पहल (National level initiatives in the field of science communication)

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology-DST) ने दूरदर्शन (DD), प्रसार भारती के साथ मिलकर विज्ञान संचार के क्षेत्र में दो पहलों- ‘डीडी साइंस’ (DD Science) और ‘इंडिया साइंस’ (India Science) की शुरुआत की है।

  • भारत में विज्ञान संचार के इतिहास में मील का पत्‍थर माने जाने वाले ये दोनों विज्ञान चैनल देश में एक राष्‍ट्रीय विज्ञान चैनल की शुरुआत करने की दिशा में आरंभिक कदम है।
  • इनका कार्यान्‍वयन एवं प्रबंधन विज्ञान प्रसार (Vigyan Prasar) द्वारा किया जा रहा है।
  • डीडी साइंस, दूरदर्शन न्‍यूज़ चैनल पर एक घंटे का स्‍लॉट है, जबकि इंडिया साइंस, इंटरनेट आधारित चैनल है, जो किसी भी इंटरनेट आधारित उपकरण पर उपलब्‍ध है।
  • इन दोनों चैनलों के ज़रिये विज्ञान आधारित वृत्तचित्र (Documentaries), स्टूडियो आधारित परिचर्चाओं एवं वैज्ञानिक संस्थानों के आभासी पूर्वाभ्यास, साक्षात्कार और लघु फिल्मों पर ध्‍यान केंद्रित किया जाएगा।
  • ये चैनल दर्शकों के लिये पूरी तरह से नि:शुल्‍क होंगे।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST)

  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की स्थापना मई 1971 में की गई थी।
  • इसका उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देना और देश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संबंधी गतिविधियों के आयोजन, समन्वय और प्रचार के लिये एक केंद्रीय विभाग के रूप में काम करना है।

प्रसार भारती (Prasar Bharti)

  • प्रसार भारती एक स्वायत्त वैधानिक निकाय है जो प्रसार भारती अधिनियम के तहत 23 नवंबर, 1997 को अस्तित्व में आया।
  • यह देश का सार्वजनिक सेवा प्रसारक (Public Service Broadcaster) है।
  • प्रसार भारती अधिनियम में संदर्भित सार्वजनिक सेवा प्रसारण उद्देश्यों को आल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से प्राप्त किया जाता है। उल्लेखनीय है कि ये दोनों पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन मीडिया यूनिट के रूप कार्य करते थे और प्रसार भारती की स्थापना के बाद इसके घटक बन गए थे।

विज्ञान प्रसार (Vigyan Prasar)

  • वर्ष 1989 में स्थापित विज्ञान प्रसार (वि.प्र.), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्तशासी संस्था है।
  • इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर विज्ञान को लोकप्रिय बनाने हेतु कार्यों/गतिविधियों की शुरुआत करना, वैज्ञानिक एवं तर्कसंगत दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और उनका प्रचार-प्रसार करना तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार हेतु संसाधन-सह-सुविधा केंद्र के रूप में कार्य करना है।

राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 2019 (National Youth Parliament Festival 2019)

हाल ही में युवा मामले और खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) ने राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 2019 की शुरुआत की।

  • इस महोत्सव की शुरुआत राष्ट्रीय युवा दिवस (12 जनवरी) के अवसर पर की गई तथा इसकी प्रक्रिया 24 फरवरी, 2019 तक जारी रहेगी।
  • इस महोत्सव का आयोजन तीन स्तरों पर किया जाएगा-
  1. ज़िला स्तर पर- ज़िला युवा संसद (District Youth Parliament-DYP )
  2. राज्य स्तर पर- राज्य युवा संसद (State Youth Parliament-SYP)
  3. राष्ट्रीय स्तर पर- राष्ट्रीय युवा संसद (National Youth Parliament-NYP)
  • राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव 2019 को “नए भारत की आवाज़ बनो” तथा “उपाय ढूंढो और नीति में योगदान करो” (Be The Voice of New India and Find solutions and contribute to policy) की थीम पर आयोजित किया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय सेवा योजना (National Service Scheme) और नेहरू युवा केंद्र संगठन (Nehru Yuva Kendra Sangthan) इसके संचालन और प्रबंधन में विभिन्न स्तरों पर शामिल होंगे।
  • राष्ट्रीय युवा संसद के तीन सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं को प्रधानमंत्री द्वारा क्रमशः 2 लाख, 1.50 लाख और 1 लाख रुपए की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।

अगस्त्याकूर्दम चोटी

हाल ही में सबरीमाला स्थित अयप्पा मंदिर (Ayyappa Temple) में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के बाद केरल के ही एक अन्य स्थान पर लैंगिग भेदभाव को मिटाने वाला कदम उठाया गया है।

  • राज्य की दूसरी सबसे ऊँची चोटी, अगस्त्याकूर्दम (Agasthyarkoodam) की ओर जाने वाले दुर्गम मार्ग को पहली बार महिलाओं के लिये खोला गया है।

♦ पश्चिमी घाट और दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी अनई मुड़ी (Anai Mudi) है जिसकी ऊँचाई 2,695 मीटर है।

  • रक्षा प्रवक्ता, के. धन्या सानल (K Dhanya Sanal) अगस्त्याकूर्दम चोटी की यात्रा करने वाली पहली महिला बन गई है।
  • केरल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, वन विभाग ने महिलाओं पर लगे प्रतिबंध को हटाया है।
  • पहाड़ी की तलहटी पर रहने वाली स्थानीय कानी जनजाति इस फैसले का विरोध करती रही है। उनके अनुसार, यह पर्वत श्रृंखला ‘अगस्त्य मुनि’ का पवित्र निवास स्थान है।
  • अगस्त्याकूर्दम चोटी केरल के अगस्त्याकूर्दम जीवमंडल रिज़र्व (Agasthymala Biosphere Reserve) में नेय्यर वन्यजीव अभयारण्य (Neyyar Wildlife Sanctuary) में स्थित है।
  • अगस्त्याकूर्दम जीवमंडल रिज़र्व 2016 में यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ़ बायोस्फीयर रिज़र्व (World Network of Biosphere Reserves ) में जोड़े गए 20 नए स्थलों में से एक है।