UPSC DAILY CURRENT 17-07-2018

चार सदस्यों का राज्यसभा के लिये मनोनयन

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  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए और प्रधानमंत्री की सलाह से राष्ट्रपति ने निम्नलिखित चार सदस्यों को राज्यसभा के लिये मनोनीत किया है:
  • श्री राम शकल: ये विख्यात जननेता एवं उत्तर प्रदेश के जन प्रतिनिधि हैं जिन्होंने अपना जीवन दलित समुदाय के कल्याण को समर्पित किया है। ये एक किसान नेता हैं तथा तीन बार उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
  • श्री राकेश सिन्हा: एक प्रतिष्ठित और विख्यात लेखक श्री राकेश सिन्हा दिल्ली स्थित थिंक टैंक ’इंडिया पॉलिसी फाउंडेशन‘ के संस्थापक एवं मानद निदेशक हैं। वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के मोती लाल नेहरू महाविद्यालय के प्रोफेसर होने के साथ ही भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सदस्य भी हैं।
  • श्री रघुनाथ महापात्र: ये पत्थर पर नक्काशी कार्य से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय शख्सियत हैं। ये 1959 से इसका अभ्यास कर रहे हैं और 2000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। इन्होंने पारंपरिक वास्तु शिल्पों एवं प्राचीन स्मारकों के परिरक्षण में योगदान दिया है।
  • श्रीमती सोनल मानसिंह: ये भारतीय शास्त्रीय नृत्य के सबसे अग्रणी प्रतिपादकों में से एक हैं। यह छह दशकों से अधिक समय से भरतनाट्यम एवं ओडिशी का प्रदर्शन करती आ रही हैं। साथ ही एक विख्यात नृत्य निर्देशक, शिक्षक, वक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता के रूप में जानी जाती हैं।
भारत दो वर्षों के लिये विश्व सीमा शुल्क संगठन के एशिया प्रशांत क्षेत्र का उपाध्यक्ष बना

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  • भारत को जुलाई 2018 से जून 2020 तक दो वर्षों की अवधि के लिये विश्व सीमा शुल्क संगठन (डब्ल्यूसीओ) के एशिया प्रशांत क्षेत्र का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
  • डब्ल्यूसीओ ने अपनी सदस्यता को छह क्षेत्रों में विभाजित कर दिया है।
  • छह क्षेत्रों में से प्रत्येक का प्रतिनिधित्व डब्ल्यूसीओ परिषद में क्षेत्रीय रूप से निर्वाचित उपाध्यक्ष द्वारा किया जाता है।
  • उपाध्यक्ष पद ग्रहण करने के अवसर पर 16 जुलाई, 2018 को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की साझीदारी में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क (सीबीआईसी) द्वारा एक समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
  • इस समारोह में एशिया प्रशांत क्षेत्र के 33 देशों के सीमा शुल्क शिष्टमंडल, भारत में विभिन्न बंदरगाहों के सीमा शुल्क अधिकारी, साझीदार सरकारी एजेंसियाँ तथा प्रतिनिधि भाग लेंगे।
  • विश्व सीमा शुल्क संगठन एक अंतर-सरकारी संगठन है।
  • इसकी स्थापना 1952 में सीमा शुल्क सहयोग परिषद के रूप में की गई थी।
  • 1994 में इसका नाम बदलकर विश्व सीमा शुल्क संगठन रख दिया गया।
  • इसका मुख्यालय ब्रुसेल्स में है।
प्रधानमंत्री ने आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया

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  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का  शिलान्यास किया।
  • 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का विस्तार पश्चिम में दिल्ली से लेकर पूर्व में गाज़ीपुर तक है।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ को बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, फैजाबाद, अम्बेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाज़ीपुर से जोड़ेगा।
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को एक अलग लिंक के माध्यम से वाराणसी से जोड़ा जाएगा।
  • एक्सप्रेसवे के साथ साथ नए उद्योग एवं संस्थान विकसित होंगे।
  • यह एक्सप्रेसवे क्षेत्र में ऐतिहासिक महत्त्व के स्थानों में पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।
विश्‍व अंडर-20 चैंपियनशिप में हिमा दास ने जीता स्वर्ण पदक

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  • असम की रहने वाली 18 वर्षीय हिमा दास ने फिनलैंड के टेम्पेरे में आईएएएफ विश्व अंडर 20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ के फाइनल में पहला स्थान हासिल किया।
  • हिमा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की ट्रैक स्पर्द्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।
  • उन्होंने 51.46 सेकेंड के कम समय में 400 मीटर की दौड़ स्पर्धा में जीत दर्ज की।
  • उल्लेखनीय है कि 400 मीटर की इस दौड़ स्पर्द्धा में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रोमानिया की एंड्रिया मिक्लोस (52.07 सेकेंड) और अमेरिका की टेलर मैनसन (52.28 सेकेंड) रहीं।

 

कंपनी अधिनियम, 2013 : दंड प्रावधानों की समीक्षा के लिये 10 सदस्यीय समिति का गठन

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-1 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय )

Companies Act

चर्चा में क्यों?

सरकार ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत दंड प्रावधानों की समीक्षा करने और कुछ मामलों के गैर-अपराधीकरण की जाँच करने के लिये 10 सदस्यीय समिति गठित की है।

प्रमुख बिंदु

  • कॉर्पोरेट मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास की अध्यक्षता वाली यह समिति 30 दिनों के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप देगी ताकि इसकी अनुशंसाओं पर विचार किया जा सके।
  • कंपनी मामले मंत्रालय का उद्वेश्य कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत उन अपराधों की समीक्षा करना है जहाँ डिफॉल्ट की स्थिति में आर्थिक दंड लगाए जाते हैं।
  • यह न्यायालयों को गंभीर प्रकृति के अपराधों पर अधिक ध्यान देने में भी सक्षम बनाएगा।
  • इसके अलावा, समिति इस बात पर भी ध्यान देगी कि क्या किसी समाधान निषिद्ध अपराध (non-compoundable offences) – ऐसे अपराध जो अधिनियम के तहत दंड के रूप में केवल कारावास या कारावास व अर्थदंड दोनों की श्रेणी में आते हों, को क्षमायोग्य अपराध की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।
  • समिति एक आतंरिक तंत्र स्थापित करना चाहती है जहाँ MCA 21 प्रणाली द्वारा संचालित तरीके से ज़ुर्माना लगाया जा सकता है ताकि विचारशीलता को कम किया जा सके।
  • MCA 21 कंपनी के अधिनियम के तहत हितधारकों के लिये वैधानिक फाइलिंग जमा करने हेतु एक पोर्टल है।

सचिव की अध्यक्षता में समिति की संरचना 

अध्यक्ष

  • इंजेती श्रीनिवास, कंपनी मामले मंत्रालय के सचिव

सदस्य

  • लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं बीएलआरसी के अध्यक्ष (सदस्य)
  • उदय कोटक, एमडी, कोटक महेंद्रा बैंक  (सदस्य)
  • शार्दुल एस श्रॉफ, कार्यकारी अध्यक्ष, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी (सदस्य)
  • अजय बहल, संस्थापक मैनेजिंग पार्टनर, एजेडबी (AZB) एंड पार्टनर्स (सदस्य)
  • अमरजीत चोपड़ा, सीनियर पार्टनर, जीएसए एसोसिएट (सदस्य)
  • अरघ्य सेनगुप्ता, विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी (सदस्य)
  • सिद्दार्थ बिड़ला, पूर्व अध्यक्ष, फिक्की (सदस्य)
  • सुश्री प्रीति मल्होत्रा, पार्टनर एवं स्मार्ट ग्रुप की कार्यकारी निदेशक (सदस्य)
  • संयुक्त सचिव (पॉलिसी), कंपनी मामले मंत्रालय (सदस्य-सचिव)

 

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (आईओटी) : भारत की ज़रूरत

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन
(खंड-11 : विज्ञान और प्रौद्योगिकी–विकास और अनुप्रयोग तथा रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव)
(खंड-13 : सूचना प्रौद्योगिकी तथा अन्य विषयों के संबंध में जागरूकता)

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संदर्भ

नीति आयोग ने एक गंभीर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि भारत इतिहास में अपने “सबसे खराब” जल संकट का सामना कर रहा है और साथ ही आशंका व्यक्त की है कि अगर वर्ष 2030 तक जल संरक्षण के लिये पर्याप्त कदम नहीं उठाए गये तो पीने योग्य पानी की मांग को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा।

प्रमुख बिंदु

  • जल संकट की घटनाओं को देखते हुए विभिन्न नीतिगत कदमों के साथ-साथ तकनीक का प्रयोग करना उचित कदम साबित हो सकता है।
  • प्रमुख रूप से स्मार्ट मीटर पर विचार किया जा सकता है जो वास्तविक समय में व्यक्तिगत जल खपत की रीडिंग और लीक का पता लगाने तथा पानी की आपूर्ति को दूर से ही बंद करने में सक्षम हैं।

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स की अवधारणा के अनुप्रयोग

  • यह इंटरनेट पर रिमोट मॉनीटरिंग की अनुमति देता है इसके द्वारा स्मार्ट मीटर का उपयोग जल उपचार प्रणाली का विश्लेषण करने और किसी भी समय एवं कहीं से भी इसे नियंत्रित करने के लिये किया जा सकता है।
  • फसलों हेतु पानी, नल के पानी की गुणवत्ता, नदी में फैंके जाने वाले अपशिष्ट की मात्रा या रिसाव का पता लगाने और यहाँ तक कि जलाशयों में जल स्तर की विविधता आदि की निगरानी के लिये भी किया जा सकता है।
  • रिसर्च फर्म आईएचएस मार्किट ने भविष्यवाणी की है कि आगामी पाँच वर्षों में 500 मिलियन से अधिक स्मार्ट वॉटर मीटर इकाइयों को विश्व स्तर पर बेचा जाएगा।
  • इसके अलावा, एक स्मार्ट शहर के लिये आईओटी ऊर्जा आधारित स्मार्ट पानी और ऊर्जा मीटर कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जिससे वे लाभान्वित हो सकते हैं।
  • उल्लेखनीय है कि भारत में वर्ष 2020 तक 1.9 बिलियन डिवाइस कनेक्ट किये जाने की उम्मीद है जो वर्तमान में 60 मिलियन हैं।
  • आईओटी इंडिया कॉन्ग्रेस 2018 के अनुसार, भारत के आईओटी बाज़ार का दूरसंचार, स्वास्थ्य, वाहन, घरों, शहरों और कंप्यूटर जैसे क्षेत्रों में वर्ष 2016 के $ 1.3 बिलियन से बढ़कर 2020 तक 9 अरब डॉलर हो जाने की उम्मीद है।
  • यूटिलिटीज, विनिर्माण, मोटर वाहन और परिवहन तथा लॉजिस्टिक जैसे उद्योगों को भारत में सबसे अधिक स्तर पर अपनाए जाने के साथ ही स्वास्थ्य देखभाल, खुदरा और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी आईओटी में महत्त्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है।
  • अगले पाँच वर्षों में 100 स्मार्ट शहरों के विकास के लिये $ 1 बिलियन का सरकारी निवेश भी उद्योगों को आईओटी अपनाने हेतु प्रोत्साहित करेगा।
  • आईबीएम, सिस्को, क्वालकॉम जैसी बड़ी कंपनियों और भारतीय स्टार्ट-अप के कई मेजबानों ने आईओटी अंतरिक्ष में निवेश शुरू कर दिया है।
  • उदाहरण के लिये जर्मन तकनीकी प्रमुख बॉश, भारत में अगले तीन वर्षों में ₹ 1,700 करोड़ के निवेश करने की तलाश में हैं जो आईओटी और कृत्रिम बुद्धिमता पर केंद्रित है।
  • हालाँकि, जर्मन कंपनी ही नहीं, अपितु भारतीय दूरसंचार उद्योग भी आईओटी में भारी निवेश कर रहा है।