UPSC DAILY CURRENT 22-06-2018

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हाल ही में चर्चा में रहे ‘UWIN’ पद का संबंध निम्नलिखित में से किससे/किनसे है?

  1. असंगठित श्रमिक पहचान संख्या से।
  2. संगठित श्रमिक पहचान संख्या से।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (A)
व्याख्या:

  • हाल ही में केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिक पहचान संख्या (UWIN) के नए प्लेटफॉर्म को डिज़ाइन और विकसित करने तथा उसके संचालन के लिये निविदाओं की मांग की है। अतः केवल पहला कथन सही है। 
  • सरकार ने असंगठित क्षेत्र के 40 करोड़ श्रमिकों की कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने हेतु आधार और राष्ट्रीय डेटाबेस आधारित पहचान प्रणाली पर काम शुरू कर दिया है।
  • केंद्र सरकार ने यूडब्ल्यूआईएन को 402.7 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत के साथ दो वर्षों के दौरान लागू करने की मंज़ूरी दे दी है।
  • इस मंच के आधार के रूप में सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना-2011 का उपयोग किया जाएगा और वस्त्र एवं स्वास्थ्य जैसे केंद्रीय मंत्रालयों को भी यूडब्ल्यूआईएन में शामिल किया जाएगा।
  • आंध्र प्रदेश सोशल सिक्योरिटी बोर्ड के आधार से जुड़े डेटाबेस, जिसमें 2.2 करोड़ श्रमिक नामांकित हैं,  का प्रयोग राष्ट्रीय परियोजनाओं की प्रभावकारिता को बढ़ाने हेतु किया जाएगा।

संभावित लाभ

  • यह कार्ड आधार कार्ड और बैंक खाता संख्या से जुड़ने के बाद विभिन्न मंत्रालयों और विभागों द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिये प्लेटफॉर्म का काम करेगा।
  • कार्ड से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि असंगठित क्षेत्र के सभी कामगारों को असंगठित क्षेत्र कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2008 के अंतर्गत कवर की जाने वाली सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिले।
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हाल ही में आईबीएम (IBM) द्वारा एक सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी युक्त किस कंप्यूटर का अनावरण किया गया?

A) प्रोजेक्ट डिबेटर
B) प्रोजेक्ट बातचीत
C) प्रोजेक्ट वाद-विवाद
D)  प्रोजेक्ट तर्कशक्ति
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उत्तर (A)
व्याख्या:

  • हाल ही में आईबीएम (IBM) ने सार्वजनिक प्रदर्शन के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी युक्त एक कंप्यूटर का अनवारण किया, जो इंसानों के वार्तालाप को समझने और उनसे तर्कपूर्ण ढंग से सवाल-जवाब करने में सक्षम है।

project debetor

  • गौरतलब है कि आईबीएम इस परियोजना पर विगत पाँच वर्षों से अधिक समय से काम कर रहा है, इसे ‘प्रोजेक्ट डिबेटर’ के नाम से जाना जाता है। अतः विकल्प (A) सही उत्तर है।
  • ध्यातव्य है कि सैन फ्रांसिस्को में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इस कंप्यूटर का अनावरण किया गया था।
  • इस कार्यक्रम के दौरान कंप्यूटर द्वारा अनिर्धारित विषयवस्तु पर बेहतरीन तर्क प्रस्तुत किये गए थे।

संभावित अनुप्रयोग

  • ‘प्रोजेक्ट डिबेटर’ लोगों को साक्ष्य-आधारित तर्क उपलब्ध कराएगा और अस्पष्ट भावनाओं और पूर्वाग्रहों के प्रभाव को सीमित करने में सहायता करेगा।
  • यह कंप्यूटर विस्तृत सहायक साक्ष्य जुटाने में इंसानों की तुलना में बेहतर साबित होगा।
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हाल ही दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने किस संयुक्त सैन्याभ्यास को रदद् करने का फैसला किया है?

A) हैंड-इन-हैंड-2018 सैन्याभ्यास
B) उल्ची फ्रीडम गार्जियन सैन्याभ्यास
C) सिम्बेक्स सैन्याभ्यास
D) इंद्रा शक्ति सैन्याभ्यास
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उत्तर (B)
व्याख्या

  • हाल ही में दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने संयुक्त सैन्य अभ्यास को रदद् करने का फैसला किया है।
  • दोनों देशों ने एक घोषणा के माध्यम से अगस्त 2018 के लिये निर्धारित उल्ची फ्रीडम गार्जियन (UFG) सैन्याभ्यास को रदद् कर दिया है। अतः विकल्प (B) सही उत्तर है।
  • उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष इस अभ्यास में लगभग 17,500 अमेरिकी सैन्यकर्मियों और 50,000 दक्षिण कोरियाई सैन्यकर्मियों ने भाग लिया था।
  • दोनों देश वसंत और गर्मियों में प्रतिवर्ष दक्षिण कोरिया में संयुक्त सैन्याभ्यास करते हैं।
  • वसंत में होने वाले इस युद्धाभ्यास वास्तव में वस्तुतः दो युद्धाभ्यासों- ‘की रिज़ॉल्व’ (Key Resolve) और ‘फोएल ईगल’ (Foal Eagle) शामिल हैं।
  • इस अभ्यास में टैंक, विमान और युद्धपोतों के साथ लाइव फायर ड्रिल को शामिल किया जाता है, जबकि ग्रीष्मकाल में होने वाले उल्ची फ्रीडम गार्जियन (UFG) युद्धाभ्यास में मुख्य निर्णय लेने और योजना बनाने के लिये कंप्यूटर सिमुलेशन  का प्रयोग होता है।
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स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा जारी रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2018 की शुरुआत में नौ देशों के पास 14,465 परमाणु हथियार थे।
  2. इस रिपोर्ट में भारत तथा पाकिस्तान के पास परमाणु हथियारों की संख्या क्रमशः 130 से 140 तथा 140 से 150 बताई गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A)  केवल 1
B)  केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (C)
व्याख्या:

  • हाल ही में स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा जारी वार्षिक परमाणु बल डेटा के मुताबिक, भारत  के पास 130 से 140 परमाणु हथियार हैं।
  • माना जा रहा है कि पाकिस्तान के पास मौजूदा वर्ष में लगभग 140 से 150 परमाणु हथियार हैं, जो संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 10 अधिक हैं। अतः दूसरा कथन भी सही है। 

प्रमुख बिंदु

  • SIPRI ने चेतावनी दी है कि परमाणु हथियारों की कुल संख्या में गिरावट के बावजूद इसका आधुनिकीकरण जारी है।
  • इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों अपने परमाणु हथियारों के भंडार का विस्तार करने के साथ ही भूमि, समुद्र और वायु आधारित मिसाइल वितरण प्रणाली का भी विस्तार कर रहे हैं।
  • उल्लेखनीय है कि विश्व के कुल परमाणु हथियारों का 92 प्रतिशत हिस्सा रूस और अमेरिका के पास है।
  • रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2018 की शुरुआत में नौ देशों- अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्राँस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इज़राइल और उत्तरी कोरिया के पास 14,465 परमाणु हथियार थे और इनमें से 3,750 को तैनात भी किया गया था। अतः पहला कथन सही है।
  • चीन अपनी परमाणु हथियार वितरण प्रणाली का लगातार आधुनिकीकरण करने के साथ-साथ अपने परमाणु शस्त्रागार के आकार में भी वृद्धि कर रहा है।
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राष्‍ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस नीति को अक्तूबर 2015 में अधिसूचित किया गया था।
  2. इस नीति के अंतर्गत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर अपतटीय क्षेत्रों के उपयोग के लिये एक प्रमुख मंत्रालय के रूप में अधिकृत किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A)  केवल 1
B)  केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (C)
व्याख्या:

  • नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy – MNRE) ने भारत में अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना के अंतर्गत मध्‍यम एवं दीर्घकालिक लक्ष्‍य घोषित किये हैं।
  • ध्यातव्य है कि वर्ष 2022 तक अपतटीय पवन ऊर्जा के लिये 5 गीगावाट का मध्‍यकालिक लक्ष्‍य और वर्ष 2030 तक 30 गीगावाट का दीर्घकालिक लक्ष्‍य घोषित किया गया है।

राष्‍ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति
National Offshore Wind Power Policy

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 9 सितंबर, 2015 को राष्ट्रीय अपतटीय पवन ऊर्जा नीति को मंज़ूरी दी गई और अक्तूबर 2015 में इसे अधिसूचित किया गया था। अतः पहला कथन सही है।
  • इसके अंतर्गत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र के अंदर अपतटीय क्षेत्रों के उपयोग के लिये प्रमुख मंत्रालय के रूप में अधिकृत किया गया है। अतः दूसरा कथन भी सही है।
  • यह योजना देश भर में मान्य होगी, जो अपतटीय पवन क्षमता की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
  • इसी तरह राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (National Institute of Wind Energy-NIWE) को देश में अपतटीय पवन ऊर्जा के विकास और अपतटीय पवन ऊर्जा ब्लॉकों के आवंटन तथा संबंधित मंत्रालयों एवं एजेंसियों के साथ समन्वय व संबद्ध कार्यों के लिये एक प्रमुख एजेंसी के रूप में अधिकृत किया गया है।
  • इसके अंतर्गत अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना गई  है और आधार रेखा से 200 समुद्री मील (नॉटिकल माइल) की दूरी तक देश में अथवा उसके आस-पास के जल में अनुसंधान व विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

International-Day

21 जून, 2018 को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। यह चौथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है। 21 जून, 2015 को पहली बार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। इस दिन दुनिया भर में विभिन्न योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

  • पहले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम का आयोजन 21 जून, 2015 को दिल्‍ली के राजपथ पर किया गया था। दूसरे एवं तीसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों का आयोजन क्रमश: 2016 में चंडीगढ़ तथा 2017 में लखनऊ में किया गया था। चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन देहरादून में किया जा रहा है।

21 जून ही क्यों?

  • 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति होती है, इसलिये इस तारीख को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में चुना गया है।
  • ग्रीष्म संक्रांति का दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। इस दिन सूर्य उत्तर से दक्षिण की ओर गति करना शुरू करता है।

पृष्ठभूमि

  • 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ के रूप में मनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई थी।
  • प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को 90 दिनों के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी दिवस प्रस्ताव को मंज़ूर करने के संदर्भ में लिया गया यह सबसे कम समय है।
योग प्रोत्‍साहन और विकास में असाधारण योगदान के लिये 2018 का प्रधानमंत्री पुरस्‍कार

yog

योग के प्रोत्‍साहन और विकास में असाधारण योगदान के लिये नासिक के श्री विश्‍वास मांडलिक और योग संस्‍थान, मुम्‍बई को वर्ष 2018 का प्रधानमंत्री पुरस्‍कार दिया जाएगा। पुरस्‍कार विजेता को एक ट्रॉफी, प्रमाण पत्र तथा नकद पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जाएगा। नकद पुरस्‍कार राशि 25 लाख रुपए होगी। 2017 के लिये यह पुरस्‍कार राममणि आयंगर स्‍मारक योग संस्‍थान, पुणे को दिया गया था।

  • 21 जून, 2016 को चंडीगढ़ में आयोजित दूसरे अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा योग के प्रोत्‍साहन और विकास के लिये पुरस्‍कार तय करने के लिये समिति गठित करने की घोषणा की गई थी।
  • इस पुरस्कार के लिये दिशा-निर्देश आयुष मंत्रालय द्वारा तैयार किये गए हैं। पुरस्‍कार तय करने में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए समितियाँ – स्‍क्रीनिंग समिति (प्रारंभिक मूल्‍यांकन के लिये) तथा मूल्‍यांकन समिति (निर्णायक मंडल) बनाई गई हैं।

विश्‍वास मांडलिक

  • श्री विश्‍वास मांडलिक ने प्रामाणिक पतंजलि और हठ योग का गूढ ज्ञान प्राप्‍त किया है। अध्‍ययन के ज़रिये भगवद्गीता और उपनिषद का ज्ञान प्राप्‍त किया और पिछले 55 वर्षों के प्राचीन हस्‍तलिपियों का अध्‍ययन किया है।
  • श्री मांडलिक ने 1978 में योग विद्या धाम की पहली शाखा तथा 1983 में योग शिक्षा के लिये योग संस्‍थान – योग विद्या गुरुगुल की स्‍थापना की।
  • 1994 में भारत के दूरदराज़ के हिस्‍सों में योग को लोकप्रिय बनाने के लिये श्री मांडलिक ने योग चैतन्‍य सेवा प्रतिष्‍ठान, ट्रस्‍ट की स्‍थापना की।
  • 1918 में स्‍थापित योग संस्‍थान, मुम्‍बई ने इस वर्ष अपने 100 वर्ष पूरे किये हैं। संस्‍थान द्वारा अभी तक करीब 5000 से अधिक योग शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ-साथ योग से संबंधित 500 से अधिक प्रकाशन कार्य भी संपन्न किये गए हैं।
विश्व शरणार्थी दिवस

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विश्व भर के शरणार्थियों की शक्ति, हिम्मत और दृढ़ निश्चय एवं उनके प्रति सम्मान को स्वीकृति देने के लिये संयुक्त राष्ट्र 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाता है।

  • विश्व शरणार्थी दिवस 2018 का विषय है: ‘Now More Than Ever, We Need to Stand with Refugees’.
  • प्रत्येक वर्ष 20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के रूप में मनाया जाता है, इस दिन उन लोगों के साहस, शक्ति और संकल्प के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है, जिन्हें प्रताड़ना, संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों के कारण अपना देश छोड़कर बाहर भागने को मजबूर होना पड़ता है। वस्तुत: शरणार्थियों की दुर्दशा और समस्याओं का समाधान करने के लिये ही इस दिवस को मनाया जाता है।

पृष्ठभूमि

  • अफ्रीकी देशों की एकता को अभिव्यक्त करने के लिये 4 दिसंबर, 2000 को संयुक्त राष्ट्र परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित किया गया था।
  • इस प्रस्ताव में 2001 को शरणार्थियों की स्थिति से संबंधित 1951 की संधि की 50वीं वर्षगाँठ के रूप में चिह्नित किया गया।
  • ऑर्गनाइजेशन ऑफ अफ्रीकन यूनिटी (ओएयू) अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस को अफ्रीकी शरणार्थी दिवस के साथ 20 जून को मनाने के लिये सहमत हो गया।
  • इंटरनेशनल रेस्क्यू कमिटी (International Rescue Committee) और एमनेस्टी इंटरनेशनल (Amnesty International) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन इस दिन निम्नलिखित गतिविधियाँ आयोजित करते हैं:
    ♦ शरणार्थी स्थलों का निरीक्षण।
    ♦ शरणार्थियों और उनकी समस्याओं से संबंधित फिल्मों का प्रदर्शन।
    ♦ गिरफ्तार शरणार्थियों की मुक्ति के लिये विरोध प्रदर्शन।
    ♦ जेल में बंद शरणार्थियों के लिये समुचित चिकित्सकीय सुविधा और नैतिक समर्थन उपलब्ध कराने के लिये रैलियों का आयोजन।
शिलॉन्ग (मेघालय) 100वीं स्मार्ट सिटी

shillong-meghalaya

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग का चयन 100वीं स्मार्ट सिटी के रूप में किया गया है। शिलॉन्ग द्वारा प्रस्तुत किये गए प्रस्ताव के आकलन के बाद ही इस शहर का चयन किया गया है। अब तक संबंधित प्रतिस्पर्द्धा के चार दौर में 99 स्मार्ट सिटी का चयन किया गया था। इस घोषणा के साथ ही स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 स्मार्ट सिटी के चयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

  • इससे पहले जनवरी 2016 में 20 शहरों, मई 2016 में 13 शहरों, सितंबर 2016 में 27 शहरों, जून 2017 में 30 शहरों और जनवरी 2018 में 9 शहरों का चयन किया गया था।
  • शिलॉन्ग के चयन के साथ ही स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अंतिम रूप से चयनित 100 स्मार्ट सिटी में कुल प्रस्तावित निवेश 2,05,018 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुँच गया है।

स्मार्ट सिटी

  • स्मार्ट सिटी की ऐसी कोई परिभाषा नहीं है जिसे सर्वत्र स्‍वीकार किया जाता है। अलग-अलग लोगों के लिये इसका आशय अलग-अलग होता है। अतः स्मार्ट सिटी की संकल्पना, शहर-दर-शहर और देश-दर-देश भिन्‍न होती है जो विकास के स्तर, परिवर्तन और सुधार की इच्छा, शहर के निवासियों के  संसाधनों और उनकी आकांक्षाओं पर निर्भर करता है। ऐसे में स्मार्ट सिटी का भारत में अलग अर्थ होगा, जैसे कि यूरोप से। भारत में भी स्मार्ट सिटी को परिभाषित करने का कोई एक तरीका है।
  • भारत के किसी भी शहर के निवासी की कल्पना में स्मार्ट शहर की तस्वीर में ऐसी अवसंरचना एवं सेवाओं की अभीष्‍ट सूची होती है जो उसकी आकांक्षा के स्तर को वर्णित करती है। नागरिकों की आकांक्षाओं और ज़रूरतों को पूरा करने के लिये शहरी योजनाकार का लक्ष्‍य आदर्श तौर पर पूरे शहरी पारिस्थितिकी तंत्र का इस प्रकार विकास करना होता है, जो व्‍यापक वि‍कास के चार स्तंभों-संस्थागत, भौतिक, सामाजिक और आर्थिक अवसंरचना में दिखाई देता है।
  • यह दीर्घावधिक लक्ष्‍य हो सकता है और शहर ‘स्‍मार्टनेस’ की परतें जोड़ते हुए संवर्द्धित रूप से ऐसी व्यापक अवसंरचना तैयार करने की दिशा में कार्य कर सकते हैं।

स्मार्ट सिटी चयन का आधार

  • संकल्पना और विकास के विभिन्न स्तर।
  • परिवर्तन और सुधार की इच्छा।
  • शहर के निवासियों के संसाधन।
  • लोगों की आकांक्षाओं का स्तर।

स्रोत : द हिंदू एवं पी.आई.बी.