UPSC DAILY CURRENT 25-06-2018

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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. बैंकॉक स्थित यूनेस्को के ‘एशिया-पैसेफिक रीज़नल ब्यूरो फॉर एजुकेशन’ ने विद्यालयों में खुशी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हैप्पी स्कूल प्रोजेक्ट’ लॉन्च किया है।
  2. यूनेस्को, एमजीआईईपी की भागीदारी से ‘हैप्पी स्कूल’ के  ढाँचे को परिचालित करने की प्रक्रिया में है।
  3. इस योजना के अंतर्गत सामाजिक और भावनात्मक अधिगम (एसईएल) आधारित ‘लिब्रे’ (Libre) नामक पाठ्यक्रम विकसित किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 2
D) 1, 2 और 3
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उत्तर (D)
व्याख्या:

  •  शिक्षा प्रणाली अत्यधिक प्रतिस्पर्द्धी, तनाव-युक्त और परीक्षोन्मुख हो गई है, परिणामस्वरूप बच्चे अवसाद और गंभीर मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होते जा रहे हैं।
  • गौरतलब है कि यूनेस्को इस धारणा को बढ़ावा देता है कि विद्यालयों को सीखने के लिये अनुकूल माहौल प्रदान करना चाहिये, जहाँ बच्चे स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस करें।
  • इसी आधार पर बैंकॉक स्थित यूनेस्को के ‘एशिया-पैसेफिक रीज़नल ब्यूरो फॉर एजुकेशन’ ने शिक्षार्थी कल्याण और समग्र विकास के माध्यम से विद्यालयों में खुशी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘हैप्पी स्कूल प्रोजेक्ट’ (Happy Schools Project) लॉन्च किया है। अतः पहला कथन सही है। 
  • यूनेस्को, शांति और सतत् विकास के लिये महात्मा गांधी शिक्षा संस्थान (एमजीआईईपी) की भागीदारी से ‘हैप्पी स्कूल’ के  ढाँचे को परिचालित करने की प्रक्रिया में है। अतः दूसरा कथन सही है।

हैप्पी स्कूल प्रोजेक्ट

  • एमजीआईईपी एशिया-प्रशांत क्षेत्र में यूनेस्को का अपनी तरह का पहला संस्थान है, जिसे भारत सरकार द्वारा समर्थन प्राप्त है।
  • इस योजना के अंतर्गत सामाजिक और भावनात्मक अधिगम (एसईएल) पर आधारित ‘लिब्रे’ (Libre) नामक पाठ्यक्रम विकसित किया गया है। अतः तीसरा कथन भी सही है।  
  • यह पाठ्यक्रम चार महत्त्वपूर्ण दक्षताओं के विकास पर आधारित है, जिनमें महत्त्वपूर्ण पूछताछ (Critical Inquiry), सचेतन (Mindfulness), समानुभूति (Empathy) और करुणा (Compassion) शामिल हैं।
  • ध्यातव्य है कि इस वर्ष विद्यालय आधारित इस पाठ्यक्रम के भारत और मलेशिया से शुरू होने की उम्मीद है।
  • एसईएल विद्यालयों में खुशी के प्रसार का एक महत्त्वपूर्ण घटक साबित हो सकता है।

यूनेस्को बैंकॉक (UNESCO Bangkok)

  • वर्ष 1961 से यूनेस्को बैंकॉक ‘शिक्षा के लिये क्षेत्रीय ब्यूरो’ तथा ‘क्लस्टर कार्यालय’ के रूप में दोहरी भूमिका निभाता रहा है।
  • यह शिक्षा के लिये क्षेत्रीय ब्यूरो के रूप में, तकनीकी विशेषज्ञता और सहायता प्रदान करता है, इसके साथ ही ज्ञान सृजन, ज्ञान साझाकरण, निगरानी तथा मूल्यांकन का कार्य भी करता है।
  • क्लस्टर कार्यालय के रूप में, यह ‘मेकॉन्ग’ देशों में सभी यूनेस्को कार्यक्रमों (शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार तथा सूचना) को लागू करने में मदद करता है।
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निम्नलिखित में से किस राज्य ने हाल ही में विंड-सोलर हाइब्रिड पावर पॉलिसी की घोषणा की है?

A) गुजरात
B) महाराष्ट्र
C) कर्नाटक
D) राजस्थान
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उत्तर (A)
व्याख्या:

  • 21 जून, 2018 को गुजरात सरकार ने ‘विंड-सोलर हाइब्रिड पावर पॉलिसी-2018’ की घोषणा की। अतः विकल्प (A) सही उत्तर है। 

उद्देश्य

  • इस नीति का उद्देश्य पवन ऊर्जा के साथ-साथ सौर ऊर्जा परियोजनाओं को एक ही स्थान पर स्थापित करना है।
  • इसके साथ ही, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के कुशल उपयोग के लिये बड़े ग्रिड से जुड़े पवन-सौर फोटोवोल्टिक्स (पीवी) हाइब्रिड सिस्टम के प्रचार के लिये एक ढाँचा भी प्रदान करना है।

प्रमुख बिंदु

  • यह नीति पाँच वर्षों की निर्धारित अवधि के लिये होगी।
  • इस नीति के अंतर्गत अनुमोदित परियोजनाओं का लाभ 25 वर्षों की अवधि तक या परियोजना के जीवन काल तक नीति दस्तावेज़ में उल्लिखित शर्तों के अनुरूप लिया जा सकता है।
  • इस नीति के अंतर्गत कैप्टिव उपयोगकर्त्ता को हाइब्रिड परियोजनाओं में क्रॉस-सब्सिडी अधिभार और अतिरिक्त अधिभार पर पूर्ण छूट प्राप्त होगी।
  • साथ ही, वे व्हीलिंग शुल्कों और वितरण हानि पर 50 प्रतिशत छूट का लाभ भी ले सकेंगे।
  • वर्तमान में, गुजरात लगभग 7,100 मेगावॉट गैर-परंपरागत ऊर्जा का उत्पादन करता है, जिसमें 5,500 मेगावॉट पवन ऊर्जा और 1,600 मेगावॉट सौर ऊर्जा शामिल हैं।
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निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

  1. कान्हा टाइगर रिज़र्व – ओडिशा
  2. सतकोसिया टाइगर रिज़र्व – मध्य प्रदेश

कूटः

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (D)
व्याख्या:

  • अंतर-राज्य स्थानांतरण के अंतर्गत पहली बार एक बाघ को मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिज़र्व से ओडिशा के सतकोसिया टाइगर रिज़र्व में स्थानांतरित किया गया है।
  • ध्यातव्य है कि यह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई), देहरादून की एक महत्त्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है।
  • इस योजना के अंतर्गत विभिन्न बाघ संरक्षित क्षेत्रों से छः बाघों का स्थानांतरण शामिल है।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान

  • यह मध्य प्रदेश में सतपुड़ा के मैकाल रेंज में स्थित है। अतः पहला कथन सही नहीं है।
  • कान्हा टाइगर रिज़र्व मंडला और बालाघाट ज़िलों में फैला हुआ है तथा इसके अंतर्गत दो प्रमुख अभयारण्य- हॉलन और बंजर शामिल हैं।
  • गौरतलब है कि कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 1879 में आरक्षित वन घोषित किया गया था और वर्ष 1933 में  इसे एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में घोषित किया गया।
  • वर्ष 1955-75 की अवधि के दौरान चले संरक्षण प्रयासों के कारण इसे आगे चलकर एक राष्ट्रीय पार्क बना दिया।

सतकोसिया टाइगर रिज़र्व

  • यह राष्ट्रीय उद्यान ओडिशा राज्य में स्थित है। अतः दूसरा कथन भी सही नहीं है।
  • वर्ष 2007 में इस क्षेत्र को सतकोसिया टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया था, जिसमें दो निकट वन्यजीव अभयारण्यों- सतकोसिया जॉर्ज अभयारण्य और बाईसिपल्ली अभयारण्य को शामिल किया गया है।
  • यह रिज़र्व 4 ज़िलों- अंगुल, कटक, नायागढ़ और बौध में फैला हुआ है।
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राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह भारत सरकार के ‘पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय’ के अधीन कार्यरत एक सांविधिक निकाय है।
  2. इस प्राधिकरण का गठन ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1980’ के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है।
  3. यह प्राधिकरण ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ को वैधानिक अधिकार प्रदान करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) केवल 1 और 2
D) 1, 2 और 3
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उत्तर (B)
व्याख्या:

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए)

Tiger

  • यह भारत सरकार के ‘पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय’ के अधीन कार्यरत एक सांविधिक निकाय है। अतः पहला कथन सही है।
  • इसे ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972’ (Wildlife Protection Act, 1972) के प्रावधानों के अंतर्गत बाघों की सुरक्षा एवं बाघ अभयारण्यों के प्रशासन के उद्देश्य से गठित किया गया था। अतः दूसरा कथन सही नहीं है।

उपर्युक्त अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत इसके प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं-

  • ‘प्रोजेक्ट टाइगर’, जिसे भारत सरकार द्वारा बाघों की सुरक्षा के उद्देश्य से वर्ष 1973 में प्रारंभ किया गया था, को वैधानिक अधिकार प्रदान करना, ताकि इसके निर्देशों के अनुपालन को कानूनी बनाया जा सके। अतः तीसरा कथन सही है।
  • बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन में केंद्र एवं राज्यों की एकल एवं समन्वित जवाबदेही को बढ़ाना।
  • बाघ अभयारण्यों के आस-पास के क्षेत्रों में निवास कर रहे स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़े हितों को स्पष्ट करना।
  • ध्यातव्य है कि ‘राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण’ प्रत्येक चार वर्षों के अंतराल पर बाघ जनगणना रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
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भारतीय वन्यजीव संस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. वर्ष 1982 में स्थापित भारतीय वन्यजीव संस्थान अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है।
  2. यह भारत के सिक्किम राज्य में स्थित है।
  3. यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम एवं अकादमिक कार्यक्रम के अलावा वन्यजीव अनुसंधान तथा प्रबंधन के क्षेत्र में सलाह प्रदान करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A)  केवल 1
B)  केवल 2
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर (C)
व्याख्या:

 wild life

भारतीय वन्यजीव संस्थान

  • वर्ष 1982 में स्थापित भारतीय वन्यजीव संस्थान अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान है। अतः पहला कथन सही है। 
  • यह देहरादून में स्थित है। अतः दूसरा कथन सही नहीं है। 
  • यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम एवं अकादमिक कार्यक्रम के अलावा वन्यजीव अनुसंधान तथा प्रबंधन के क्षेत्र में सलाह प्रदान करता है। अतः तीसरा कथन सही है। 

ध्येय

  • वन्यजीव विज्ञान के विकास को निर्धारित करना और क्षेत्र में उसके अनुप्रयोग को प्रोन्नत करना, जो हमारे आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक वातावरण के अनुरूप हो।
  • यह राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों की सुरक्षा संबंधी सर्वोत्कृष्ट प्रयासों हेतु प्रतिबद्ध है।

लक्ष्य एवं उद्देश्य

  • वन्यजीव संसाधनों से संबद्ध वैज्ञानिक ज्ञान को समृद्ध करना।
  • वन्यजीव संरक्षण एवं प्रबंधन के लिये कार्मिकों को विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षित करना।
  • तकनीकी विकास सहित भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रबंधन तथा अनुसंधान करना।
  • वन्यजीव अनुसंधान प्रबंधन तथा प्रशिक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से साझेदारी करना।
  • वन्यजीव तथा प्राकृतिक संसाधन संरक्षण पर अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में विकास करना।
  • वन्यजीव प्रबंधन संबंधी विशेष समस्याओं पर सूचना एवं सलाह देना।

 

विश्व का पहला मानवतावादी फोरेंसिक केंद्र
(World’s First Humanist Forensic Center)

GFSU

हाल ही में गुजरात के गांधीनगर में विश्व का पहला अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी फोरेंसिक केंद्र शुरू किया गया। यह भारत, भूटान, नेपाल, मालदीव और गुजरात फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल का एक संयुक्त उद्यम है।

  • यह एक उत्कृष्टता केंद्र है जो मानवतावादी सेवाओं के लिये फोरेंसिक का उपयोग करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर देश और दुनिया की सेवा करना है।
  • गुजरात फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी, मानवतावादी फोरेंसिक में स्नातकोत्तर और स्नातकोत्तर डिप्लोमा के दो अलग-अलग पाठ्यक्रम चलाएगी।

मुख्य बिंदु

  • यह केंद्र रेड क्रॉस द्वारा किये जाने वाले कार्यों में सहायता प्रदान करेगा।
  • यह न केवल आपदाओं अथवा आपातकाल के दौरान मृतकों के प्रबंधन के लिये कार्य करेगा बल्कि उनकी पहचान इत्यादि में भी सहायक की भूमिका का निर्वाह करेगा।
  • यह वैश्विक स्तरीय उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ क्षमता निर्माण, अनुसंधान और अभिनव परियोजनाओं के लिये एशिया में उत्कृष्टता वन-स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेगा।
CEMS करेगा मुंबई और वीजैग में 24 प्रयोगशालाओं की स्‍थापना

CEMS

मेरीटाइम और जहाज़ निर्माण क्षेत्र के कौशल विकास, स्‍टार्टअप मेरीटाइम और जहाज़ निर्माण उत्‍कृष्‍टता केंद्र (Centre of Excellence in Maritime & Shipbuilding -CEMS) द्वारा 24 प्रयोगशालाएँ स्‍थापित करने की घोषणा की गई है। इनमें से 6 प्रयोगशालाएँ मुंबई में तथा 18 प्रयोगशालाएँ विजैग में स्‍थापित की जाएंगी।

  • CEMS ने शुरू किये जाने वाले पाठ्यक्रमों की सूची भी साझा की। स्‍थापित की जाने वाली प्रयोगशालाओं में प्रोडेक्‍ट डिजाइन एंड वैलीडेशन, एडवांस मैन्‍युफैक्‍चरिंग, हल डिज़ाइन, ऑटोमेशन, वेल्डिंग टेक्‍नोलॉजी, रोबोटिक्‍स, वर्चुअल रियलिटी, एडवांस मशीन और रोबोटिक्‍स इलेक्ट्रिकल पाठ्यक्रम शामिल हैं।
  • CEMS ने 24 प्रयोगशालाओं के साथ एशिया प्रशांत में अपने किस्‍म की पहली अवसंरचना स्‍थापित की है।
  • मुंबई और विजैग में इन प्रयोगशालाओं की स्‍थापना के साथ ही CEMS विश्‍व स्‍तरीय संरचना से विभिन्‍न पाठ्यक्रमों के ज़रिये मेरीटाइम और जहाज़ निर्माण के क्षेत्र में सक्षमता प्राप्त करेगा।
  • जहाज़रानी के भारतीय रजिस्‍टर (Indian Registar of Shipping) द्वारा संवर्धित सीमेंस (Siemens) के साथ साझेदारी में और शिपिंग मंत्रालय के सागरमाला के समर्थन से CEMS जहाज़ निर्माण/मरम्‍मत तथा अन्य सहायक क्षेत्रों में आधुनिक मैन्‍युफै‍क्‍चरिंग प्रौद्योगिकी द्वारा कौशल विकास के ज़रिये मेरीटाइम और जहाज़ निर्माण में सक्षम बनेगा।
  • CEMS इस उद्योग के लिये प्रासंगिक कौशल विकास कार्यक्रम चलाएगा और शिप हल डिज़ाइन (Ship Hull Design), विस्‍तृत डिज़ाइन, जहाज़ निर्माण और रखरखाव, मरम्‍मत एवं ओवरहॉल (Maintenance, Repair & Overhaul – MRO) तथा उत्‍पाद जीवनचक्र प्रबंधन (Product Lifecycle Management – PLM) के क्षेत्र में विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग और तकनीकी रूप से कौशल संपन्‍न बनाएगा।
बेस्‍ट परफॉर्मिंग सोशल सेक्‍टर मिनिस्‍ट्री’ स्‍कोच अवार्ड

best-performing

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किये गए कार्यों और महत्त्वपूर्ण उपलब्धियों तथा पहलों की प्रशंसा करते हुए SKOCH  ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग सोशल सेक्टर मिनिस्ट्री’ अवार्ड से सम्मानित किया है।

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’, छह माह का मातृत्व अवकाश, कार्य-स्थल पर यौन शोषण कानून, शी-बॉक्स, वन स्टॉप सेंटर्स, सर्वव्यापी महिला हेल्पलाइन (181), पुलिस भर्ती में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसी उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं।
  • हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आग्रह पर गृह मंत्रालय द्वारा महिलाओं से संबंधित मुद्दों के समाधान हेतु एक विशेष विभाग का गठन किया गया है।
  • यौन शोषण के मामले में दोषियों की धर-पकड़ में फोरेंसिक विश्‍लेषण को महत्त्व प्रदान करते हुए मंत्रालय द्वारा जून महीने की शुरुआत में चंडीगढ़ में सखी सुरक्षा उन्‍नत डीएनए फोरेंसिक प्रयोगशाला की आधारशिला रखी गई है और गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद, पुणे तथा भोपाल में पाँच और उन्‍नत फोरेंसिक प्रयोगशालाएँ बनाए जाने की योजना को भी अंतिम रूप दिया गया है।
  • इसके अतिरिक्त मंत्रालय की आगामी योजनाओं में देश के सभी थानों और अस्‍पतालों को बलात्‍कार संबंधी मामलों के लिये विशेष फोरेंसिक किट उपलब्‍ध कराया जाना शामिल है। इस कार्य के लिये निर्भया फंड से राशि उपलब्‍ध कराई जाएगी।
एनीड ब्लीटन पात्रों के नाम पर नई मकड़ी प्रजातियाँ
(New spider species named after Enid Blyton characters)

enid-blyton

हाल ही में श्रीलंका के जंगलों में खोजी गई मिनट गोब्लिन (minute goblin spiders) मकड़ियों की छह नई प्रजातियों का नाम लेखक एनीड ब्लीटन (Enid Blyton) द्वारा वर्णित काल्पनिक पात्रों के नाम पर रखा गया है।

  • ‘द गोब्लिन लुकिंग-ग्लास’ (1947), ‘बिलीज़ लिटिल बोट्स’ (1971) और ‘द फायरवर्क गोब्लिन’ (1971) के काल्पनिक किरदारों से प्रभावित होकर इन नई प्रजातियों को गोबलिन बोम (goblins Cavisternum Bom), स्नूकी (Pelicinus Snooky) और टम्पी (Pelicinus Tumpy) तथा ब्राउनीज़ चिप्पी (brownies Ischnothyreus Chippy), स्निप्पी (Silhouettella Snippy) एवं टिगी (Silhouettella Tiggy) नाम दिये गए हैं।
  • श्रीलंका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल स्टडीज़ (National Institute of Fundamental Studies) के वैज्ञानिक सुरेश पी बेंजामिन और ससंक रणसिंघे ने नई छठी पीढ़ी में नौ गोब्लिन मकड़ी प्रजातियों का वर्णन किया है।
  • 13 पीढ़ियों में शामिल 45 प्रजातियों के साथ श्रीलंका में गोब्लिन स्पाइडर प्रजाति न केवल पहले से ही प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, बल्कि अपनी चरम स्थानिकता के साथ विस्मित भी करती है। जबकि ‘इवोल्यूशनरी सिस्टमैटिक्स’ (Evolutionary Systematics) में वर्णित छः आँखों वाली गोबलिन्स को केवल कुछ क्षेत्र विशेष में ही पाया जाता है।

स्रोत : द हिंदू, डी.एन.ए एवं पी.आई.बी.