UPSC DAILY CURRENT 25-12-2018

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

परमाणु क्षमता संपन्न अग्नि- IV मिसाइल का सफल परीक्षण

Agni IV Missile

चर्चा में क्यों?

23 दिसंबर, 2018 को भारत ने परमाणु क्षमता संपन्न लंबी दूरी की इंटर कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (Inter Continental Ballistic Missile) अग्नि- IV का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

प्रमुख बिंदु

  • सतह-से-सतह पर मार करने वाली इस सामरिक मिसाइल का परीक्षण डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप पर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (Integrated Test Range-ITR) के लॉन्च कॉम्प्लेक्स-4 से किया गया। इस द्वीप को पहले व्हीलर द्वीप (Wheeler Island) के नाम से जाना जाता था।
  • मोबाइल लॉन्चर के ज़रिये लॉन्च किये गए इस मिसाइल के उड़ान प्रदर्शन की ट्रैकिंग और निगरानी रडार, ट्रैकिंग सिस्टम और रेंज स्टेशन से की गई।
  • अग्नि- IV मिसाइल का यह 7वाँ परीक्षण था। इससे पहले मिसाइल का परीक्षण 2 जनवरी, 2018 को भारतीय सेना के रणनीतिक बल कमान (strategic force command -SFC) ने इसी बेस से किया था।
  • अग्नि- I, II, III और पृथ्वी जैसी बैलिस्टिक मिसाइलें सशस्त्र बलों के शस्त्रागार में पहले से ही शामिल हैं जो भारत को प्रभावी रक्षा क्षमता प्रदान करती हैं।

अग्नि-IV की विशेषताएँ

  • स्वदेशी तौर पर विकसित व परिष्कृत अग्नि- IV मिसाइल 4,000 किमी की मारक क्षमता के साथ दो चरणों वाली मिसाइल है।
  • इसका वज़न लगभग 17 टन तथा लंबाई 20 मीटर है।
  • यह अत्याधुनिक मिसाइल आधुनिक और कॉम्पैक्ट वैमानिकी या एवियोनिक्स (avionics) से लैस है, ताकि उच्च स्तर की विश्वसनीयता और परिशुद्धता प्रदान की जा सके।
  • अग्नि- IV मिसाइल उन्नत एवियोनिक्स, 5वीं पीढ़ी के ऑन बोर्ड कंप्यूटर (On Board Computer) से सुसज्जित है। इसमें उड़ान के समय गड़बड़ी को ठीक करने और मार्गदर्शन के लिये नवीनतम सुविधाएँ भी हैं।
  • अत्यधिक विश्वसनीय अतिरिक्त माइक्रो नेविगेशन सिस्टम (Micro Navigation System-MINGS) द्वारा समर्थित रिंग लेज़र गायरो-बेस्ड इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (Ring Laser Gyro-based Inertial Navigation System-RINS) यह सुनिश्चित करता है कि मिसाइल सटीकता के साथ लक्ष्य तक पहुँचे।
  • इसका पुन: प्रवेश उष्मा कवच (re-entry heat shield) 4000 डिग्री सेंटीग्रेड तक का तापमान सहन कर यह सुनिश्चित करता है कि अंदर का तापमान 50 डिग्री से कम रहे और इस दौरान वैमानिकी प्रणाली सामान्य ढंग से काम कर सके।

स्रोत : इकोनॉमिक टाइम्स


भूगोल

ज्वालामुखी-जनित सुनामी

चर्चा में क्यों?

हाल ही में इंडोनेशिया की सुंडा खाड़ी में रात के समय ज्वालामुखी फटने के बाद आई सुनामी ने तटवर्ती इलाकों में भयंकर तबाही मचाई है। सुनामी की वज़ह से उठने वाली समुद्री लहरों की चपेट में आकर अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

कितना हुआ है नुकसान?

  • यह सुनामी सुंडा खाड़ी के दोनों तरफ़ जावा और सुमात्रा के तटीय इलाक़ों में 22 दिसंबर, 2018 को रात में अचानक से आई।
  • कम-से-कम 281 लोगों की मौत, यह संख्या बढ़ने की आशंका है।
  • इंडोनेशिया की सरकार का कहना है कि लगभग 800 से ज़्यादा लोग जख्मी हुए हैं।

Tsunami Sweeps

  • इंडोनेशिया में क्राकाटोआ ज्वालामुखी की सक्रियता को देखते हुए चेतावनी दी गई है कि उसके आसपास के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग तटों से दूर रहें क्योंकि सुनामी की लहरें एक बार फिर अपनी विनाशलीला दिखा सकती हैं।
  • सुनामी से प्रभावित इलाकों में अब भी आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, दक्षिणी सुमात्रा के बांदर लामपंग शहर में सैकड़ों लोगों को गवर्नर के कार्यालय में शरण लेनी पड़ी है।
  • आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सुनामी से सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुँचा है। सबसे ज़्यादा मौतें पांडेंगलांग, दक्षिणी लामपांग और सेरांग इलाकों में हुई हैं।
  • आपदा प्रबंधन एजेंसियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इंडोनेशिया के मौसम विभाग ने बताया कि क्राकाटोआ ज्वालामुखी फटने के बाद दक्षिणी सुमात्रा और पश्चिमी जावा के पास समुद्र की ऊँची लहरें तटों को तोड़कर आगे बढ़ीं जिससे अनेक मकान नष्ट हो गए।

क्यों आई सुनामी?

  • 17000 से अधिक द्वीपों वाला यह देश रिंग ऑफ फायर पर अवस्थित होने की वज़ह से हमेशा से आपदा की आशंका वाला देश रहा है।

रिंग ऑफ फायर

  • ‘रिंग ऑफ फायर’ प्रशांत महासागर के बेसिन में एक ऐसा प्रमुख क्षेत्र है, जहाँ कई भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।

Ring of Fire

  • सुनामी आने की मुख्य वज़ह ज्वालामुखी में विस्फोट हो सकता है जिससे समंदर के ज़मीनी हिस्से में हलचल हुई और ऊँची लहरें उठीं।

Tsunami Generation

क्या होती है सुनामी?

  • दरअसल, ‘सुनामी’ एक जापानी शब्द है जो ‘सु’ और ‘नामी’ से मिलकर बना है। सु का अर्थ है समुद्र तट और नामी का अर्थ है लहरें।
  • इसके कारण समुद्र में तेज़ी के साथ विशाल लहरें उठने लगती हैं जो लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ती हैं और तटीय इलाकों पर एक ऊँची दीवार के रूप में भीषण तरीके से टकराती हैं तथा रास्ते में आने वाली हर एक चीज़ को नष्ट कर देती हैं।

Open Ocean

  • सुनामी की लहरें एवं उनकी ऊँचाई तटों की विभिन्नता के कारण अलग-अलग होती है।

कैसे उठती हैं सुनामी लहरें?

  • सुनामी लहरों के पीछे वैसे तो कई कारण होते हैं लेकिन सबसे ज़्यादा असरदार कारण भूकंप होता है।
  • इसके अलावा ज़मीन धँसने, ज्वालामुखी फटने, किसी तरह का विस्फोट होने और कभी-कभी उल्कापात के असर से भी सुनामी लहरें उठती हैं।
  • सबसे विनाशकारी सुनामी लहरें 26 दिसंबर, 2004 को भारतीय तट पर टकराई थीं जिसमें 9395 लोगों की जान गई और लगभग 26 लाख 63 हज़ार लोग प्रभावित हुए।
  • भारत के पूर्वी और पश्चीमी तट तथा द्वीप क्षेत्र, अण्डमान निकोबार, सुमात्रा दीप एवं अरब सागर के मकरान क्षेत्र टेक्टोनिक गतिशीलता के कारण सुनामी के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील हैं।

स्रोत- द हिंदू (The Hindu), बीबीसी हिंदी (BBC Hindi)


जीव विज्ञान और पर्यावरण

पेंटिंग ब्रश बनाने के लिये नेवलों का शिकार

संदर्भ

एक तरफ जहाँ हाथियों के अवैध शिकार, एक सींग वाले गैंडों तथा पैंगोलिन के साथ-साथ बाघों की मौत पर आम तौर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखी गईं, वहीँ हज़ारों नेवलों (mongoose) की हत्या पर किसी ने भी बहुत अधिक ध्यान नहीं दिया।

हालिया घटनाक्रम

  • 30 सितंबर, 2018 को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (Wildlife Crime Control Bureau-WCCB) और उत्तर प्रदेश राज्य के वन विभाग के अधिकारियों ने यूपी के बिज़नौर ज़िले के शेरकोट गाँव में घरों और कारखानों पर छापा मारा और वहाँ से से 155 किलोग्राम नेवले के बाल और 56,000 ब्रश ज़ब्त किये गए। यह देश में अपनी तरह की सबसे बड़ी ज़ब्ती थी और अधिकारियों द्वारा लगाए गए अनुमान के अनुसार, इतने बाल इकट्ठा करने के लिये कम-से-कम 3,000 जानवरों को मारा गया होगा।
  • इसके कुछ समय बाद 10 दिसंबर, 2018 को WCCB के अधिकारियों ने दिल्ली स्थित वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (Wildlife Trust of India-WTI) के साथ समन्वय करते हुए देश भर में 13 स्थानों पर एक साथ छापे मारे और हज़ारों की संख्या में नेवले के बालों से बने ब्रश ज़ब्त किये गए। WCCB द्वारा पिछले दो वर्षों में अवैध व्यापार पर की गई यह 27वीं कार्रवाई थी।

चिंता का कारण

  • इन सभी छापों के बावजूद भी प्रमुख भारतीय शहरों में किसी भी दुकान पर नेवले के बालों से ब्रश आसानी से मिल सकते हैं। इन जानवरों के लिये सबसे बड़ा खतरा इस व्यापार हेतु ही इन्हें मारा जाना है।
  • हालाँकि अन्य विकल्प भी उपलब्ध हैं लेकिन बालों की अच्छी गुणवत्ता, स्थायित्व और भुरभुरापन (brittleness) ने इन जानवरों को खतरे में डाल दिया है।
  • ब्रश की संवेदनशीलता, महीन परिष्करण और पेंट को अवशोषित करने की इसकी क्षमता के कारण कई कलाकार इसे अधिक प्राथमिकता देते हैं क्योंकि सिंथेटिक ब्रश में इसके समान गुण नहीं होते हैं।
  • पहले इन ब्रशों का निर्माण कई प्रतिष्ठित ब्रश निर्माताओं द्वारा किया जाता था। लेकिन 2000 के दशक की शुरुआत में इसके व्यापार की अवैध प्रकृति सामने आने के बाद प्रमुख निर्माताओं ने इसका निर्माण कार्य बंद कर दिया। फिर भी खरीदारों की मांग के चलते छोटे निर्माता नेवले के बाल से बने ब्रश का उत्पादन करते रहे।

नेवला (mongoose)

  • नेवला छोटा माँसाहारी स्तनधारी है इसका शरीर लंबा तथा भूरे रंग का होता है।
  • भारत में यह व्यापक रूप से ग्रामीण इलाकों, कृषि भूमि और वन क्षेत्रों में पाया जाता है।
  • इनका शिकार करने वाले पारंपरिक समुदायों में तमिलनाडु के नारिकुरुवास, कर्नाटक के हक्की पिक्की, आंध्र और कर्नाटक में गोंड तथा मध्य एवं उत्तर भारत में गुलिया, सपेरा और नाथ शामिल हैं।
  • नेवलों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के भाग 2 (अनुसूची 2) के तहत सूचीबद्ध किया गया है तथा उनका शिकार, अधिकार और व्यापार करना अपराध है साथ ही दंड के रूप में सात साल तक के कारावास का प्रावधान भी है।
  • वन्यजीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर अभिसमय (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora-CITES) द्वारा संरक्षित है।
  • देश भर में इसकी छह अलग-अलग प्रजातियाँ पाई जाती हैं:
  1. भारतीय भूरा नेवला (Indian grey mongoose)
  2. छोटा भारतीय नेवला (Small Indian mongoose)
  3. लाल सिरवाला नेवला (Ruddy mongoose)
  4. केकड़ा खाने वाला नेवला (Crab-eating mongoose)
  5. धारीदार गले वाला नेवला (Stripe-necked mongoose)
  6. ब्राउन नेवला (Brown mongoose)
  • भारतीय भूरा नेवला प्रजाति सबसे अधिक पाई जाने वाली जाति है और सबसे अधिक शिकार भी इसी प्रजाति का होता है।

नेवलों की दुर्दशा के बारे में लोगों को जागरूक करना आवश्यक

  • इसके बालों की कीमत लगभग 3000-5000 रुपए प्रति किलो के बीच होती है और एक किलोग्राम बाल संग्रह करने के लिये 50 जानवरों की हत्या की जाती है। प्रत्येक नेवले से लगभग 40 ग्राम बाल प्राप्त होते हैं जिसमें से केवल 20 ग्राम का उपयोग ब्रश बनाने के लिये किया जा सकता है।
  • कलाकारों और आम जनता को यह सूचित किये जाने की जरूरत है कि नेवले के बालों से बने ब्रश का उपयोग करना बंद करें क्योंकि अब तक इसके बालों से निर्मित ब्रशों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है और यह चिंता का एक बड़ा कारण है।

स्रोत : हिंदुस्तान टाइम्स

FAST

  • 24 दिसंबर: राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (National Consumer Day); उपभोक्ता शिकायतों का समयबद्ध निपटान (Timely Disposal of Consumer Complaints) है इस वर्ष की थीम; 1986 में इसी दिन उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम को मिली थी राष्ट्रपति की मंज़ूरी; त्रुटिपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं में कमी तथा अनुचित व्यापार प्रचलनों जैसे विभिन्न प्रकार के शोषणों के खिलाफ उपभोक्ताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराना है उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य
  • दिल्ली के विज्ञान भवन में 22 दिसंबर को हुई GST Council की 31वीं बैठक; आम उपयोग की 23 वस्तुओं और सेवाओं पर GST दर में की गई कमी; 5,500 करोड़ रुपए कम मिलेगा राजस्व; प्राथमिक बचत खातों, प्रधानमंत्री जनधन योजना के खातों पर दी जाने वाली सेवाएँ GST से मुक्त; एक केंद्रीकृत अग्रिम निर्णय प्राधिकरण गठित करने के प्रस्ताव पर बनी सहमति
  • रिज़र्व बैंक ने डिजिटल पब्लिक क्रेडिट रजिस्ट्री बनाने के लिये TCS, विप्रो व आईबीएम इंडिया समेत छह प्रमुख कंपनियों को चुना है; इनमें कैपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडिया, डन एंड ब्रैडशीट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज इंडिया व माइंडट्री लिमिटेड भी शामिल हैं; इस रजिस्ट्री में सेबी, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, GST नेटवर्क व भारतीय दिवालिया एवं दिवालियापन बोर्ड जैसे संगठनों का डाटा भी शामिल होगा; यह कदम सभी कर्ज़दारों तथा विलफुल डिफॉल्टर्स की जानकारी पाने के उद्देश्य से उठाया है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ललितगिरि, ओडिशा में बौद्ध पुरातत्त्व संग्रहालय का किया उद्घाटन; पाइक विद्रोह के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी किया गया; पाइक समुदाय ने भगवान जगन्नाथ को ओडिशा की एकता का प्रतीक मानकर बख्शी जगबंधु के नेतृत्व में 1817 में शुरू किया था पाइक विद्रोह; इस विद्रोह की स्मृति में उत्कल यूनिवर्सिटी में एक पीठ (Chair) की स्थापना की जाएगी; ओडिशा में इस विद्रोह को आज़ादी के संग्राम का दर्जा दिया जाता है
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात के केवडिया में DGP-IGP  सम्मेलन में राष्ट्रीय अखण्डता के लिये वार्षिक तौर पर सरदार पटेल पुरस्कार देने की घोषणा की; यह पुरस्कार राष्ट्रीय एकीकरण को प्रोत्साहन देने के लिये किये गए असाधारण प्रयासों हेतु दिया जाएगा; साथ ही प्रधानमंत्री ने साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर की वेबसाइट भी लॉन्च की
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तेलंगाना के करीमनगर में Sickle Cell Anaemia, Thalassemia and Other Genetic Blood Disorders के उपचार के लिये Centre of Excellence का उद्घाटन किया;  इससे समग्र स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्गों के बीच स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों का समाधान करने में आसानी होगी
  • रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र (IMC) गुरुग्राम में सूचना समेकन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (Information Fusion Centre–Indian Ocean Region-IFC-IOR) की शुरुआत की; यह एक सहयोगी व्यवस्था है जो भागीदारों, देशों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों की समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिये मिलकर काम करेगा
  • हरियाणा का गुरुग्राम बना देश का पहला ODF+ शहर; नए ODF+ प्रोटोकॉल के अनुसार किसी शहर, वार्ड या कार्यक्षेत्र को ODF+ तभी घोषित किया जा सकता है, जब दिन के किसी भी समय, एक भी व्यक्ति द्वारा खुले में शौच या मूत्रत्याग न किया जाता हो; साथ ही सभी सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय वर्किंग कंडीशन में हों और उनकी बेहतर तरीके से देख-रेख की गई हो
  • झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने शुरू की  मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना; इसके तहत राज्य में हर किसान को प्रति एकड़ 5000 रुपए दिये जाएंगे; एक एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को भी इतनी ही राशि दी जाएगी; यह योजना और राशि केवल खरीफ फसल के लिये लागू होगी; यह राशि सीधे किसानों के खाते में पहुँचेगी और उन्हें खाद तथा बीज के लिये किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा; किसानों को यह राशि फसल उत्पादन के बाद लौटानी नहीं होगी
  • हाल ही में भाजपा सांसद वरुण गांधी द्वारा लिखित पुस्तक ‘रूरल मेनिफेस्टो’ का बंगलूरु में विमोचन हुआ; यह पुस्तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने पर ध्यान देने के लिये विकास नीति में संभावित समाधान सुझाती है; इसके अलावा यह पुस्तक भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लगभग सभी पहलुओं की जानकारी भी देती है
  • जर्मनी को पीछे छोड़कर भारत बना दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा शेयर बाज़ार; ‘ब्लूमबर्ग’ के आँकड़ों के मुताबिक, सात वर्षों में पहली बार भारतीय शेयर बाज़ार ने यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के शेयर बाजार को पछाड़ा है; अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर, फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चुनौती के बावजूद भारत ने यह मुकाम हासिल किया है; विश्व बैंक के मुताबिक, जर्मनी की GDP में निर्यात का योगदान 38% है, जबकि भारत में यह केवल 11% है
  • इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के बाद सुंडा की खाड़ी (Sunda Strait) में आई सुनामी में जान-माल का नुकसान हुआ है; अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं तथा बड़ी संख्या में हताहत भी हुए हैं; सुंडा की खाड़ी के दोनों तरफ जावा और सुमात्रा के तटीय इलाकों में अचानक आई सुनामी; अनुमान है कि इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में माउंट सोपुतान ज्वालामुखी फटने के बाद समुद्र के भीतर हुए भूस्खलन की वज़ह से सुनामी आई
  • साइकिल से 159 दिनों में 29 हजार किलोमीटर सफर तय कर कोलकाता पहुंची पुणे की वेदांगी कुलकर्णी दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे तेज एशियाई महिला बनीं; उनका यह सफर ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से शुरू हुआ था और पर्थ में ही खत्म होगा; ब्रिटेन के बॉउर्नेमाउथ यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स मैनेजमेंट की स्टूडेंट हैं वेदांगी; अपने इस साइकिल सफर में वह ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, आइसलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, बेल्जियम, जर्मनी, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड और रूस होकर गुजरीं

प्रारंभिक परीक्षा

बौद्ध स्थल संग्रहालय (Buddhist site museum)

Buddhist Site Museum

ओडिशा की प्रारंभिक बौद्ध बस्तियों में से एक, ललितगिरि जहाँ खुदाई में प्राचीन मुहरें और शिलालेख मिले हैं, को एक संग्रहालय के रूप में परिवर्तित किया गया है।

  • कटक ज़िले में स्थित यह संग्रहालय रत्नागिरी और कोणार्क के बाद भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (Archaeological Survey of India) के भुवनेश्वर सर्कल का तीसरा स्थल संग्रहालय है।
  • संग्रहालय परिसर 4,750 वर्ग मीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। भवन और सभागार का निर्माण 1,310 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में किया गया है।
  • इस परिसर का निर्माण 10 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।
  • ललितगिरि में उत्खनन से चार मठों के अवशेष मिले हैं, जो मौर्य काल से लेकर 13वीं शताब्दी तक की सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाते हैं।
  • इस संग्रहालय का प्रमुख आकर्षण महास्तूपों (Mahastupta) के अंदर पाए जाने वाले शारीरिक अवशेष हैं।
  • संग्रहालय में बुद्ध की विशाल मूर्तियों, विहार और चैत्य के स्थापत्य खंडों को काल-क्रम के अनुसार व्यवस्थित किया गया है।
  • केंद्रीय गैलरी का निर्माण को बुद्ध मंडल (Buddha Mandala) के पीछे किया गया है, जिसे केंद्र में बुद्ध की विशाल मूर्ति और उसके चारों ओर छह बोधिसत्व चित्रों के साथ बनाया गया है।

सूचना समेकन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र Information Fusion Centre – Indian Ocean Region (IFC-IOR)

22 दिसंबर, 2018 को सूचना प्रबंधन और विश्लेषण केंद्र (Information Management and Analysis Centre- IMAC) गुरुग्राम में ‘सूचना समेकन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र’ (IFC-IOR) का शुभारंभ किया गया।

लाभ

  • IFC-IOR की स्थापना से पूरे क्षेत्र में आपसी सहयोग और सूचना का आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा। इसके अलावा, यह क्षेत्र में व्याप्त चिंताओं और खतरों को समझने में भी सहायक होगा।
  • IFC-IOR समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिये भागीदारों देशों और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा।

IFC-IOR की आवश्यकता

  • हिंद महासागर क्षेत्र विश्व व्यापार और कई देशों की आर्थिक समृद्धि के लिये महत्त्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का 75% से अधिक समुद्री व्यापार और 50% वैश्विक तेल व्यापार IOR से होकर गुजरता है।
  • हालाँकि, समुद्री आतंकवाद, समुद्री डकैती, मानव और अंतर्जनपदीय तस्करी, अवैध एवं अनियमित रूप से मछली पकड़ना, हथियार चलाना तथा अवैध शिकार करना इस क्षेत्र सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करते हैं।
  • इन चुनौतियों का सामना करने के लिये इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों की बढ़ती स्थितिजन्य जागरूकता की आवश्यकता है ताकि सुरक्षा एजेंसियों को प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाया जा सके।

राष्ट्रीय अखण्डता के लिये सरदार पटेल पुरस्कार

  • हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय अखण्डता के लिए सरदार पटेल पुरस्कार की घोषणा की।
  • यह नया पुरस्कार राष्ट्रीय एकीकरण को और बढ़ाने की दिशा में असाधारण प्रयासों के लिये दिया जाएगा।
  • सरदार पटेल ने भारत को एकजुट करने के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया था।
  • राष्ट्रीय अखण्डता के लिये घोषित किया गया यह पुरस्कार सरदार वल्लभ भाई पटेल के लिये उचित श्रद्धांजलि होगी और यह अधिक से अधिक लोगों को भारत की एकता तथा राष्ट्रीय अखण्डता को बढ़ाने की दिशा में काम करने के लिये प्रेरित करेगा।