UPSC DAILY CURRENT 26-07-2018

[1]

युगांडा के संदर्भ में  निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह एक बंदरगाह विहीन देश है।
  2. यह सूडान, इथियोपिया और केन्या से घिरा हुआ है।
  3. यह अफ्रीकी ग्रेट झील क्षेत्र में स्थित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर (c) 

  •   युगांडा, पूर्वी अफ्रीका में स्थित एक बंदरगाह विहीन देश है। अतः कथन 1 सही है|
  • यह देश सूडान, केन्या, तंजानिया, रवांडा और कांगो डीआरसी द्वारा घिरा हुआ है। अतः कथन 2 सही नहीं है|
  • अफ्रीकी ग्रेट झील पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट तथा उसके आसपास रिफ्ट घाटी झीलों के हिस्से का गठन करने वाली झीलों की एक श्रृंखला हैं। इसमें दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताजे पानी की झील, विक्टोरिया झील और विस्तार तथा गहराई में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ताज़े पानी की झील तांगानिका झील है।
  • अफ्रीकी ग्रेट झीलों के देशों में बुरुंडी, कांगो, केन्या, रवांडा, तंज़ानिया और युगांडा के रिपब्लिकन गणराज्य शामिल हैं। अतः कथन 3 सही है|
[2]

मतदाता सत्यापन पर्ची (वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल-VVPAT) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह ईवीएम का उपयोग कर डाले गए वोट का प्रिंटआउट तैयार करता है जिसे मतदाताओं को संदेह दूर करने के लिये दिखाया जा सकता है।
  2. इसका उपयोग जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत अनिवार्य किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (a)

  •   वीवीपीएटी मशीनों का उपयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान किया जाता है ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि मतदाता द्वारा दिया गया वोट सही उम्मीदवार को प्राप्त हुआ है।
  • वीवीपीएटी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के उपयोग से मतदाता द्वारा दिये गए वोट का प्रिंटआउट निकाला जाता है  जिसे मतदाताओं को संदेह दूर करने के लिये दिखाया जा सकता है। अतः कथन 1 सही है|
  • भारत के सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनावों में वीवीपीएटी शुरू करने के लिये 2013 में चुनाव आयोग को निर्देशित किया था। अतः कथन 2 सही नहीं है|
[3]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुसार  लोकपाल को साल में एक बार राष्ट्रपति को रिपोर्ट पेश करनी होगी जिसे संसद के समक्ष रखा जाएगा।
  2. लोकपाल की अवधारणा स्वीडन से ली गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर (c)

  • लोकपाल एक भ्रष्टाचार विरोधी प्राधिकरण या ओम्बड्समैन है जो जनता के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • भारत के प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) (1966-1970) ने नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिये ‘लोकपाल’ और ‘लोकायुक्त’ के रूप में नामित दो विशेष प्राधिकरणों की स्थापना की सिफारिश की।
  • लोकपाल की अवधारणा स्वीडन से ली गई है।
  • भ्रष्टाचार के मामलों में लोकपाल के पास संसद के सभी सदस्यों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर संज्ञान लेने का क्षेत्राधिकार प्राप्त है।
  • लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के मुताबिक राष्ट्रपति तथा संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष लोकपाल को एक रिपोर्ट पेश करना होगा। अतः दोनों ही कथन सही हैं|
[4]

नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व का हिस्सा निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. बंदीपुर टाइगर रिज़र्व
  2. नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व
  3. नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान
  4. वायनाड वन्यजीव अभयारण्य

नीचे दिये गए कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

A) केवल 1, 3 और 4
B)  केवल 1 और 3
C) केवल 3 और 4
D) 1, 2, 3 और 4
Hide Answer –

उत्तर (a)

तमिलनाडु में मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य, केरल में वायनाड वन्यजीव अभयारण्य और उत्तर में नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान, बंदीपुर टाइगर रिज़र्व भारत के सबसे बड़े बायोस्फीयर रिज़र्व बनाते हैं जिसे व्यापक रूप से ‘नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व’ कहा जाता है| अर्थात् नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व में तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्से शामिल हैं।

नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व भारत में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। यह टाइगर रिज़र्व पाँच जिलों  कुर्नूल, प्रकाशम, गुंटूर, नलगोंडा तथा आंध्र प्रदेश के महबूबनगर जिले और तेलंगाना में फैला है। अतः यह नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व का हिस्सा नहीं है।

सबसे छोटा टाइगर रिज़र्व: बोर टाइगर रिज़र्व (वर्धा, महाराष्ट्र) है|

[5]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में सरकार ने एल्युमीनियम क्षेत्र को भारत के नौवें कोर इंडस्ट्री के रूप में वर्गीकृत किया है।
  2. आठ कोर इंडस्ट्रीज के सूचकांक का आधार वर्ष 2011-12 है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (b)

हाल ही में वी.के. सारस्वत (नीति आयोग के सदस्य) की एक रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि सरकार को एल्युमीनियम क्षेत्र को भारत के नौवें कोर उद्योग के रूप में वर्गीकृत करने पर विचार करना चाहिये।

वर्तमान में  केवल आठ प्रमुख उद्योग हैं| कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली। अतः कथन 1 सही नहीं है|

आठ कोर इंडस्ट्रीज के सूचकांक का आधार वर्ष 2017 में संशोधित कर 2004-05 से 2011-12 किया गया है। अतः कथन 2 सही है|

मार्च 2018 के आठ कोर इंडस्ट्रीज के सूचकांक के अनुसार, आईआईपी में अधिकतम और न्यूनतम योगदान क्रमशः पेट्रोलियम और

रिफाइनरी तथा उर्वरक उत्पादन का था।

 

वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल

Audit-Trial

  • चुनाव आयोग 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिये 16 लाख वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) मशीनों की खरीद को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिये प्रयत्न कर रहा है।
  • भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने लोकसभा चुनावों में वीवीपीएटी शुरू करने के लिये 2013 में चुनाव आयोग को निर्देशित किया था।
  • वीवीपीएटी मशीनों का उपयोग चुनाव प्रक्रिया के दौरान किया जाता है ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि मतदाता द्वारा डाला गया वोट सही उम्मीदवार को मिल गया है।
  • वीवीपीएटी एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उपयोग करके डाले गए वोट का प्रिंटआउट तैयार करता है  जिसे मतदाताओं का संदेह दूर करने के लिये उन्हें दिखाया जा सकता है।
  • प्रिंटआउट को एक बॉक्स में जमा किया जाता है और मतदान परिणामों के संबंध में किसी भी विवाद को हल करने के लिये इसका उपयोग किया जा सकता है।
  • वीवीपीएटी सत्यापन की एक प्रक्रिया है और यह उस समय विशेष रूप से उपयोगी होती है जब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में छेड़छाड़ के आरोप लगाए जाते हैं।
होर्मज़ का जलडमरूमध्य

Strait

  • ओमान और ईरान के बीच स्थित होर्मज़ का जलडमरूमध्य  ओमान की खाड़ी और अरब सागर के साथ फारस की खाड़ी को जोड़ता है।
  • बहरीन, ईरान, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात अपने कच्चे तेल की आपूर्ति के लिये इस संकीर्ण मार्ग पर निर्भर करते हैं।
  • दुनिया का लगभग 30 प्रतिशत समुद्री व्यापारिक कच्चा तेल होर्मज़ के जलडमरूमध्य से गुज़रता है।
  • जलडमरूमध्य के चारों तरफ  कई सारे पहाड़ और चट्टानें हैं जो कई द्वीपों जैसे सलामाह वा बनतिहा द्वीप, मुसंदम द्वीप और पक्षी द्वीप बनाते हैं।

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बंदीपुर टाइगर रिज़र्व

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  • बंदीपुर टाइगर रिज़र्व जिसे पहले बंदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता था, वर्ष 2007 में अस्तित्व में आया।
  • यह नाम बंदीपुर नामक गाँव से लिया गया है जहाँ टाइगर रिजर्व की प्रशासनिक इकाई है। यह कर्नाटक में स्थित है।
  • तमिलनाडु में मुदुमलाई वन्यजीव अभयारण्य, केरल में वायनाड वन्यजीव अभयारण्य और उत्तर में नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान, बंदीपुर टाइगर रिजर्व भारत के सबसे बड़े बायोस्फीयर रिज़र्व बनाते हैं जिसे व्यापक रूप से ‘नीलगिरि बायोस्फीयर रिज़र्व’  के नाम से जाना जाता है|
  • प्रमुख नदियाँ : मोयर नदी, नूलपुजा / नुगु होल, कबीनी।

 

शोधन अक्षमता संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-10 : सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।)

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चर्चा में क्यों?

सरकार ने हाल ही में दिवालियापन कानून में संशोधन के लिये प्रस्ताव पेश किया जो गृह खरीदारों को वित्तीय लेनदारों के रूप में पहचाने जाने में सक्षम बनाता है और क्रेडिटर्स समिति (सीओसी) द्वारा एक संकल्प योजना को मंज़ूरी देने हेतु न्यूनतम मतदान सीमा को कम करता है। साथ ही अपनी कंपनियों की बोली लगाने हेतु सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के प्रमोटरों को एक विशेष छूट प्रदान करता है।

प्रमुख बिंदु

  • यह विधेयक शोधन अक्षमता और दिवालियापन संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2018 को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पिछले महीने राष्ट्रपति द्वारा मंज़ूरी दी गई थी। वर्तमान में 4 लाख करोड़ रुपए की तनावग्रस्त संपत्तियाँ आईबीसी के तहत समाधान प्रक्रिया से गुज़र रही हैं।
  • यह विधेयक घर खरीदने वालों को राहत प्रदान करता है, जिनके बारे में रियल एस्टेट कंपनियों की समाधान प्रक्रिया में पहले कोई बात नहीं की गई थी। इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि एक रियल एस्टेट परियोजना के तहत आवंटनकर्त्ता द्वारा जुटाई गई किसी भी राशि को उधार लेने के लिये वाणिज्यिक प्रभाव वाली राशि माना जाएगा।
  • इसका अर्थ है कि गृह क्रेताओं के साथ दिवालियापन कानून के तहत समाधान प्रक्रिया से गुजर रही कंपनियों के वित्तीय लेनदारों की भाँति व्यवहार किया जाएगा।
  • यह विधेयक क्रेडिटर्स की समिति द्वारा “महत्त्वपूर्ण निर्णय” लेने हेतु एक प्रस्ताव योजना को मंजूरी देने के लिये आवश्यक न्यूनतम मतदान सीमा को 75 प्रतिशत से कम करके 66 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करता है।  “नियमित निर्णयों” के लिये, न्यूनतम मतदान सीमा को 75 प्रतिशत से घटाकर 51 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • विधेयक में प्रस्तावित परिवर्तनों के अनुसार, एमएसएमई के डिफॉल्ट हो रहे प्रमोटरों को आईबीसी की धारा 29A द्वारा लगाए गए कुछ प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी, जिससे उन्हें अपनी कंपनियों के लिये बोली लगाने में मदद मिलेगी। हालाँकि, यह छूट इरादतन चूककर्त्ताओं के लिये उपलब्ध नहीं होगी  तथा उन्हें उनकी कंपनियों के लिये बोली लगाने से रोक दिया जाएगा।
  • धारा 29A इरादतन चूककर्त्ताओं, अमुक्त शोधन अक्षमता वाली संस्था, प्रतिभूति बाज़ार में व्यापार से प्रतिबंधित व्यक्तियों और एक वर्ष से अधिक के लिये एनपीए के रूप में वर्गीकृत खाता और बोलियाँ जमा करने से पहले अतिदेय राशि का भुगतान करने में विफल कंपनियों जैसी कई संस्थाओं को समाधान के लिये रखी गई कंपनियों की बोली लगाने से रोकती है।
  • एमएसएमई के मामले में बड़ी कंपनियों को समाधान हेतु आवेदकों के रूप में आकर्षित करना थोड़ा मुश्किल है। इसलिये यह सुनिश्चित करने के लिये छूट दी जा रही है कि मौजूदा प्रमोटरों पर कानून द्वारा लगाई गई सीमाओं की वज़ह से छोटी कंपनियाँ परिसमापन की ओर न बढ़ें।
  • कॉर्पोरेट देनदारों द्वारा कॉर्पोरेट शोधन अक्षमता संकल्प प्रक्रिया (सीआईआरपी) की शुरूआत के संबंध में विधेयक प्रावधान करता है कि इस तरह के आवेदन को केवल एक विशेष प्रस्ताव के बाद कॉर्पोरेट देनदार के तीन-चौथाई शेयरधारकों द्वारा अनुमोदित किया जा सकता है।
  • संहिता के तहत प्रवेश के बाद आवेदक द्वारा किसी मामले को वापस लेने के लिये सख्त प्रक्रिया का निर्धारण नए परिवर्तनों द्वारा किया गया है। इस तरह की निकासी को केवल 90 प्रतिशत वोटिंग शेयर सहित सीओसी की मंज़ूरी के साथ अनुमति होगी।