UPSC DAILY CURRENT 28-03-2019

जीव विज्ञान और पर्यावरण

वैश्विक ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड स्थिति रिपोर्ट

चर्चा में क्यों?

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency- IEA) द्वारा जारी वैश्विक ऊर्जा और कार्बन डाइऑक्साइड स्थिति रिपोर्ट (Global Energy & CO2 Status Report) के अनुसार, भारत ने 2018 में 2,299 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन किया, जो पिछले साल की तुलना में 4.8 प्रतिशत अधिक है।

प्रमुख बिंदु

  • इस साल भारत की उत्सर्जन वृद्धि दुनिया में दो सबसे बड़े उत्सर्जक देशों- संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन की तुलना में अधिक थी। इसका मुख्य कारण कोयले की खपत में वृद्धि बताया गया है।
  • ऊर्जा मांग में वृद्धि वाले देशों का लगभग 70% योगदान चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत का रहा।
  • भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन वैश्विक औसत का लगभग 40% पाया गया जबकि, कार्बन डाइऑक्साइड के कुल वैश्विक उत्सर्जन में भारत की हिस्सेदारी 7% थी।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका 14% के योगदान के साथ विश्व में सबसे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन के लिये ज़िम्मेदार देश रहा।

dark trend

भारत के प्रयास

  • जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के लिये अपनी प्रतिबद्धताओं के अनुसार, भारत ने 2005 के स्तर की तुलना में 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था की उत्सर्जन तीव्रता को कम करने का वादा किया है।
  • कार्बन उत्सर्जन कम करने के संदर्भ में ही भारत ने 2030 तक अपनी ऊर्जा उपभोग का 40% नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है साथ ही 2022 तक 100 गीगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र लगाना सुनिश्चित किया है।
  • हालाँकि IEA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की ऊर्जा तीव्रता में सुधार पिछले साल की तुलना में इस साल 3% कम हुआ है, क्योंकि इसके नवीकरणीय ऊर्जा अधिष्ठापन में पिछले साल से 10.6% की वृद्धि हुई।

वैश्विक संदर्भ में ऊर्जा की आवश्यकता

  • 2010 के बाद 2018 में वैश्विक ऊर्जा की खपत में औसत वृद्धि दर लगभग दोगुनी बढ़ गई, जो कि एक मज़बूत वैश्विक अर्थव्यवस्था और दुनिया के कुछ हिस्सों में उच्च ताप और शीतलन की ज़रूरतों से प्रेरित है।
  • विगत वर्षों में सभी गैसों की मांग में वृद्धि हुई। प्राकृतिक गैसों के साथ ही सौर और पवन ऊर्जा ने दोहरे अंक में वृद्धि दर्ज की है।
  • ऊर्जा आवश्यकता में वृद्धि के बावज़ूद ऊर्जा दक्षता के सुधार में कमी देखी गई।
  • उच्च ऊर्जा खपत के परिणामस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन पिछले साल एक नया रिकॉर्ड कायम करते हुए लगभग 1.7% बढ़ा है।
  • दुनिया भर में तेल और गैस की मांग में सबसे अधिक वृद्धि संयुक्त राज्य अमेरिका में पाई गई।

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी 
(International Energy Agency- IEA)

  • अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) एक स्वायत्त संगठन है, जो अपने 30 सदस्य देशों, 8 सहयोगी देशों और अन्य दूसरों के लिये विश्वसनीय, सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित करने हेतु काम करती है।
  • इसकी स्थापना (1974 में) 1973 के तेल संकट के बाद हुई थी जब ओपेक कार्टेल ने तेल की कीमतों में भारी वृद्धि के साथ दुनिया को चौंका दिया था। IEA के मुख्य क्षेत्र हैं-

♦ ऊर्जा सुरक्षा
♦ आर्थिक विकास
♦ पर्यावरण जागरूकता
♦ दुनिया भर से इंगेजमेंट

  • भारत 2017 में अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी का एक सहयोगी सदस्य बना।
  • इसका मुख्यालय फ्राँस के पेरिस में है।

स्रोत- द हिंदू


भारतीय अर्थव्यवस्था

इंडिया फिनटेक रिपोर्ट 2019

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में वैश्विक फिनटेक निरीक्षण मंच, मेडिसी (Medici) और ज़ोन स्टार्टअप्स (Zone Startups) द्वारा जारी की गई ‘इंडिया फिनटेक रिपोर्ट 2019’ के अनुसार, देश में 338 ऑनलाइन ऋण प्रदाता स्टार्टअप है। जो घरेलु उपभोक्ताओं के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र को भी लक्षित कर रहे है।

मुख्य बिंदु

  • ‘इंडिया फिनटेक रिपोर्ट’ (India Fintech Report) के अनुसार, डिजिटल ऋण प्रदाता कंपनियों (फिनटेक कंपनियों) का वर्तमान योगदान 23% है जिसके वर्ष 2023 तक 48% होने का अनुमान है।
  • पारंपरिक ऋण प्रदाता (बैंक व अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ) कुल आवेदित ऋणों का 25% से 40% तक ही ऋण उपलब्ध करवा पाते हैं, वहीं फिनटेक कंपनियाँ ऋण मूल्यांकन के लिये अधिक डाटा जैसे लेन-देन व्यवहारों, एप आधारित डेटा, अवस्थिति सूचना, सामाजिक डेटा आदि तक पहुँच के कारण इस सीमा का 10% से 15% तक विस्तार करने के उद्देश्य के साथ बाज़ार के लिये बड़ा अवसर उपलब्ध करवा सकती हैं।
  • फिनटेक ऋण सेवाएँ शहरी उपभोक्ताओं को प्रमाणपत्रों के सत्यापन की दीर्घ प्रक्रिया से मुक्त करने के साथ ही ग्रामीण ऋण आवेदकों को भी वैकल्पिक ऋण तंत्र तक पहुँच प्रदान करेगी जो उन्हें साहूकारों के जाल में फँसने से बचाएगा।
  • फिनटेक ऋण सेवा उन 300 मिलियन घरेलू उपभोक्ताओं तक ऋण बाज़ार की पहुँच उपलब्ध करवाएगी जिनकी बैंक तक पहुँच नहीं है। इसलिये विभिन्न उपयोगों के लिये मूल्यांकन हेतु पहचान प्रमाणीकरण, क्रेडिट स्कोर, नौकरी पात्रता व अन्य सामाजिक डेटा का संग्रह निकट भविष्य में अधिक ध्यान आकर्षित करेगा।
  • फिनटेक ऋण सेवाओं की उच्च ब्याज दर और गैर-निष्पादित संपत्तियों के आँकड़ों का अभाव इस ऑनलाइन ऋण तंत्र की प्रमुख चुनौती है।

अन्य संबंधित बिंदु

  • पूर्व में रिज़र्व बैंक ऑनलाइन पीयर-टू-पीयर ऋण प्लेटफॉर्म को एन.बी.एफ.सी. की मान्यता प्रदान कर चुका है। यह प्लेटफॉर्म ऑनलाइन मध्यवर्ती संस्था के रूप में ऋण सुविधा सेवाओं को उपलब्ध करवाता है जिसमें ऋण प्रदाता व प्राप्तकर्त्ता दोनों एक ही प्लेटफॉर्म पर होते हैं।

 

स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस


बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (MPI)

चर्चा में क्यों?

हाल ही में जारी वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index- MPI) के नए संस्करण के अनुसार, 2005-06 और 2015-16 के बीच में भारत की गरीबी की दर 55 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत रह गई है।

प्रमुख बिंदु

  • इस सूचकांक को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (United Nations Development Programme- UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी एवं मानव विकास पहल ( Oxford Poverty and Human Development Initiative- OPHI) द्वारा विकसित किया गया है।
  • 2005-06 से 2015-16 के दौरान भारत के सबसे गरीब वर्गों जैसे- मुसलमानों और अनुसूचित जनजातियों ने गरीबी को कम करने में सबसे अधिक योगदान दिया है।
  • इन दस वर्षों के दौरान भारत में कुल 271 मिलियन (27.10 करोड़) लोग गरीबी सूचकांक से बाहर आए।
  • यह सूचकांक अभावों के 10 आयामों पर तैयार की गई सूची पर आधारित है। जिसमें प्रमुख रूप में स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और जीवन स्तर हेतु अभावों को लिया गया है।
  • MPI बहुआयामी गरीबी को मापता है इसके तहत ऐसे लोग आते हैं जो कई प्रकार के अभावों का सामना कर रहे हैं, उदाहरण के लिये वे लोग जो अल्पपोषित हैं और जिनके पास सुरक्षित पेयजल, पर्याप्त स्वच्छता और स्वच्छ ईंधन नहीं है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में बहुआयामी गरीबी सबसे तेज़ी से कम हुई है।
  • 2005-06 में भारत में 292 मिलियन गरीब बच्चे थे, जबकि 2015-16 में इनकी संख्या 136 मिलियन पाई गई अर्थात नवीनतम आँकड़े में पहले की अपेक्षा 47 प्रतिशत की कमी पाई गई है।
  • वैश्विक MPI में कुल 105 देश शामिल हैं, जो दुनिया की आबादी का 77 प्रतिशत या 5.7 बिलियन हैं। इस अनुपात में 23 प्रतिशत लोगों (1.3 बिलियन) की पहचान बहुसंख्यक गरीब के रूप में की जाती है।

भारत की स्थिति

  • रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 640 जिलों में मध्य प्रदेश का अलीराजपुर जिला सबसे गरीब है, जहाँ MPI के अनुसार 76.5 प्रतिशत लोग गरीब हैं।
  • राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, और नगालैंड के साथ झारखंड में MPI में काफी सुधार पाया गया है।
  • 2015-16 के आँकड़ों के अनुसार, बिहार अब भी सबसे गरीब राज्य है जहाँ आधे से अधिक आबादी गरीबी में अपना जीवन व्यतीत कर रही है।
  • 2015-16 में चार सबसे गरीब राज्य – बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश थे जहाँ MPI के अनुसार अभी भी 196 मिलियन लोग गरीब हैं।
  • रिपोर्ट के अनुसार, 2015-16 में ग्रामीण वंचितों, निचली जातियों और जनजातियों जैसे पारंपरिक वंचित उप-समूह, मुस्लिम वर्ग और छोटे बच्चे सबसे गरीब थे हालाँकि, इन परिदृश्यों में तेज़ी से सुधार हुआ है।
    गौरतलब है कि यह ट्रेंड 1998-99 से 2005-06 के बीच देखा गया है।
  • 1998-99 से 2005-06 के दौरान इन समूहों की प्रगति सबसे धीमी रही और वे पीछे रह गए। यही कारण है कि 2015-16 में भी MPI के अनुसार अनुसूचित जनजातियों में से आधे गरीब हैं, जबकि उच्च जाति में केवल 15 प्रतिशत हैं।
  • हर छठे ईसाई की तुलना में हर तीसरा मुस्लिम बहुसंख्यक गरीब है। 10 साल से कम उम्र के पाँच में से दो बच्चे गरीब (41 प्रतिशत) हैं, लेकिन 18 से 60 वर्ष (24 प्रतिशत) के एक-चौथाई से भी कम लोग गरीब हैं।
  • हालाँकि इस दशक की अवधि के दौरान जीडीपी की औसत वृद्धि दर लगभग 7.6 प्रतिशत थी।

बहु-आयामी गरीबी सूचकांक (MPI)

    • भारत का MPI 0.121 है
    • वर्ष 2015-16 में किये गए सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की 27.5% आबादी बहु-आयामी गरीबी की गिरफ्त में थी।
    • 20–33 प्रतिशत के अभाव स्कोर के साथ 19.1% भारतीय आबादी को कई प्रकार की अभावों से ग्रस्त होने का जोखिम था।
    • 8.6% लोग गंभीर बहुआयामी गरीबी में जी रहे हैं।
    • भारत में 21.9% लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, जिसमें 21.2% लोग एक दिन में 1.90 डॉलर से भी कम कमाते हैं।

स्रोत- इंडियन एक्सप्रेस


विविध
  • 27 मार्च को भारत ने मिशन शक्ति को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए सैटेलाइट मिसाइल (A-SAT) से तीन मिनट में एक लाइव भारतीय सैटेलाइट को सफलतापूर्वक मार गिराया। अंतरिक्ष में 300 किमी. दूर पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit-LEO) में घूम रहा यह लाइव सैटेलाइट एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था। A-SAT मिसाइल सिस्‍टम अग्नि मिसाइल और अडवांस्‍ड एयर डिफेंस सिस्‍टम का मिश्रण है। यह इंटरसेप्टर मिसाइल दो सॉलिड रॉकेट बूस्टरों सहित तीन चरणों वाली मिसाइल थी। आपको बता दें कि अब तक रूस, अमेरिका और चीन के पास ही यह क्षमता थी और यह क्षमता हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। ‘मिशन शक्ति’ का मूल उद्देश्य भारत की सुरक्षा, आर्थिक विकास और भारत की तकनीकी प्रगति को दर्शाना है।
  • भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में क्रोएशिया पहुँचे। क्रोएशिया की राजधानी जगरेब में उन्होंने अपनी समकक्ष कोलिंदा ग्रैबर-कितारोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों देशों ने संस्कृति, पर्यटन और खेल के क्षेत्र में चार सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये। इनमें पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग पर जो समझौता हुआ है उसे दोनों देशों के संबंध और मज़बूत होंगे। इसके अलावा, ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और जगरेब विश्वविद्यालय के काइन्सियोलॉजी (Kinesiology) विभाग के बीच भी खेल में क्षमता निर्माण के लिये एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। जगरेब विश्वविद्यालय में संस्कृत और हिंदी भाषा के लिये भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की पीठ की स्थापना हेतु दो सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गए। राष्ट्रपति कोविंद को क्रोएशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड ऑर्डर ऑफ द किंग ऑफ तॉमिस्लाव’ से भी नवाज़ा गया। रामनाथ कोविंद क्रोएशिया के दौरे पर आने वाले पहले भारतीय राष्ट्रपति हैं।
  • नीति आयोग द्वारा नई दिल्ली में आयोजित फिनटेक कॉन्क्लेव में रिज़र्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने के लिये पाँच सदस्यीय एक समिति गठित की गई है। नंदन निलेकणी की अध्यक्षता में इस समिति का गठन इसी वर्ष जनवरी में किया गया था। इस समिति में पाँच सदस्य हैं और यह देश में डिजिटलीकरण के माध्यम से वित्तीय समावेशन और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित की गई है। इस समिति का काम देश में डिजिटल भुगतान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा, व्यवस्था में कमियों की पहचान और उन्हें ठीक के करने के लिये सुझाव देना है। इस समिति को डिजिटल भुगतान की सुरक्षा से जुड़े सुझाव देने के लिये भी कहा गया है।
  • नौसेना प्रमुख सुनील लांबा ने लोनावला स्थित INS शिवाजी में भारतीय नौसेना की परमाणु, जैविक और रासायनिक प्रशिक्षण सुविधा (Nuclear, Biological and Chemical Training Facility-NBCTF) का उद्घाटन किया। NBCTF को अभेद्य नाम दिया गया है और यह परमाणु, जैविक एवं रासायनिक पहचान तथा सुरक्षा प्रणालियों से लैस नौसैनिक जहाज़ों के प्रशिक्षित कर्मियों की मदद करेगा। यह सुविधा नौसेना कर्मियों को परमाणु, जैविक और रासायनिक एजेंटों का पता लगाने के साथ ही उनके संरक्षण और परिशोधन के लिये वास्तविक प्रशिक्षण प्रदान करेगी। आपको बता दें कि INS शिवाजी 2019-20 में अपना प्लैटिनम जयंती वर्ष मना रहा है।
  • भारत और बांग्लादेश के बीच नदी मार्ग के रास्ते क्रूज़ सेवा शुरू होने जा रही है। यह भारत और बांग्लादेश के लिये पर्यटन के लिहाज से काफी महत्त्वपूर्ण होगा। क्रूज़ शिप कोलकाता से नदी मार्ग से सुंदरबन होते हुए बांग्लादेश जाएगा और वहाँ से भारत के उत्तर-पूर्व क्षेत्र का रुख करेगा। दोनों देशों के बीच जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिये रूपनारायण नदी (राष्ट्रीय जल मार्ग- 86) को प्रोटोकॉल मार्ग के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में कोलाघाट और बांग्लादेश में छिलमारी को जहाज़ों के पड़ाव के लिये नामित करने पर भी सहमति हुई है। दोनों देश पश्चिम बंगाल में जियोंखली से कोलाघाटी तक रूपनारायण नदी को शामिल करने के विषय में विचार करने पर सहमत हुए हैं। पश्चिम बंगाल में कोलाघाट और बांग्लादेश में छिलमारी को जहाज़ों के विश्राम स्थल के रूप में घोषित करने पर भी सहमति बनी है।
  • सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन आयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने भारत पेट्रो रिर्सोसेज लि. (BPRL) के साथ भागीदारी में अबू धाबी में तेल ब्लॉक हासिल किया है। इन दोनों कंपनियों में से प्रत्येक इस ब्लाक में 17 करोड़ डॉलर का निवेश करेंगी। गौरतलब है कि IOC-BPRL ने Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) की प्रतिस्पर्द्धी बोली में पहली बार तटीय ब्लाक-1 में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की है।
  • आर्थिक और नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में चीन ने 2.2 अरब डॉलर की और सहायता की है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपए के बराबर है। चीन की इस सहायता से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार की स्थिति कुछ बेहतर हो सकेगी। इससे पाकिस्तान विदेशी ऋण किस्त का समय पर भुगतान कर सकेगा और डिफाल्ट होने से बच जाएगा। चीन से मिली इस मदद के बाद पाकिस्तान चालू वित्त वर्ष में अपने मित्र देशों से 9.1 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता प्राप्त कर चुका है। चीन से पाकिस्तान को 4.1 अरब डॉलर की मदद दी गई है और सऊदी अरब से तीन अरब डॉलर की मदद उसे मिली है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से भी दो अरब डॉलर की मदद पाकिस्तान को मिली है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की आर्थिक हालत खस्ता है और वह अलग-अलग तरीकों से धन जुटाने का प्रयास कर रहा है।
  • किंग्स कॉलेज लंदन की शोधकर्त्ता डॉ. तमसीन एडवर्ड्स ने अपने एक नवीनतम शोध में दावा किया है कि अंटार्कटिका में बर्फ काफी तेज़ी से पिघल रही है, लेकिन इसके बावजूद इस सदी के अंत तक इससे समुद्र का जलस्तर छह से सात इंच तक ही बढ़ेगा जो पहले के अनुमान से करीब सात गुना कम है। गौरतलब है कि पहले के शोधकर्त्ताओं ने इसके 44 इंच तक बढ़ने की आशंका जाहिर की थी। इस शोध के लिये शोधकर्त्ताओं ने 30 लाख वर्ष पहले के आँकड़े, 1.25 लाख वर्ष पहले के आँकड़े और 25 वर्ष पहले के आँकड़ों की पड़ताल की। इससे पता चला कि अंटार्कटिका की बर्फ पहले से पिघलती रही है और इन वर्षों के दौरान समुद्र के जलस्तर में इतना बड़ा परिवर्तन नहीं आया जैसा कि पहले के कई शोधों में दावा किया गया था।
  • जर्मनी के स्टॉसबर्ग में हुई बैठक में यूरोपीय संसद ने विवादास्पद कॉपीराइट सुधारों को मंज़ूरी दे दी। समाचार प्रकाशकों और मीडिया कारोबारियों ने इन सुधारों का समर्थन किया था, लेकिन गूगल जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियाँ इसके खिलाफ थीं। संसद में इस मुद्दे पर गहन चर्चा के बाद कानून को 274 के मुकाबले 348 मतों से पारित कर दिया गया । गौरतलब है कि यूट्यूब और फेसबुक के आगमन के बाद से ही यूरोपीय कॉपीराइट कानून में सुधार की मांग हो रही थी, क्योंकि 2001 के बाद से इसमें बदलाव नहीं हुआ था। मीडिया कंपनियों और लेखकों-कलाकारों ने इसका जोर-शोर से समर्थन किया। वे सभी उपयोगकर्त्ताओं को कंटेट प्रसारित करने अनुमति देने के लिये वेब कंपनियों से भुगतान की मांग कर रहे थे।