UPSC DAILY CURRENT 28-08-2018

1 भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह सरकार द्वारा आदेशित एक सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा संगठन है।
  2. इसका गठन वर्ष 2004 में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया गया था।
  3. इसका संचालन भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाता है।

उपरोक्त कथनों में कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर (D)
व्याख्या:

भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In)

  • भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम, सर्ट-इन (Indian Computer Emergency Response Team- CERT-In) सरकार द्वारा आदेशित (Government-Mandated) एक सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा संगठन है। अतः पहला कथन सही है।
  • इसका गठन वर्ष 2004 में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (Indian Department of Information Technology) द्वारा किया गया था। अतः दूसरा कथन सही है।
  • उल्लेखनीय है कि इसका संचालन भी इसी विभाग के द्वारा किया जाता है। अतः तीसरा कथन भी सही है।
[2]

हाल ही में एनजीटी द्वारा किस मंत्रालय को ई-कचरा प्रबंधन पर एक कार्य-योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है?

A) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
B) पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
C) सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय
D) इनमें से कोई नहीं
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उत्तर(B)
व्याख्या :

  • हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को तीन महीने के भीतर ई-कचरा प्रबंधन पर एक कार्य-योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अतः विकल्प (B) सही उत्तर है।
  • ई-कचरे के संबंध में एनजीटी ने उक्त मंत्रालय के साथ-साथ उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नियमों के प्रवर्तन तथा उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु एक कार्य योजना तैयार करने के लिये निर्देशित किया है।
[3]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. CERT-In द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में अप्रैल-जून 2018 में हुए साइबर हमलों के बारे में सूचना दी गई है।
  2. CERT-In की रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक भारतीय वेबसाइटों पर चीन द्वारा किये गए साइबर हमलों की कुल संख्या का 35% हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर (C)
व्याख्या:

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक विभाग द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (National Security Council Secretariat – NSCS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि आधिकारिक भारतीय वेबसाइटों पर अधिकांश साइबर हमले चीन, अमेरिका और रूस द्वारा किये गए हैं।

  • भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में अप्रैल-जून 2018 में हुए साइबर हमलों के बारे में सूचना दी गई है। अतः पहला कथन सही है।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आधिकारिक वेबसाइटों पर सबसे अधिक साइबर हमले चीन द्वारा किये गए। उल्लेखनीय है कि चीन द्वारा किये गए साइबर हमले भारत में साइबर हमलों की कुल संख्या का 35% हैं। अतः दूसरा कथन भी सही है।
  • चीन के बाद भारत पर सर्वाधिक साइबर हमला करने वालों में अमेरिका (17%), रूस (15%), पाकिस्तान (9%), कनाडा (7%) और जर्मनी (5%) शामिल हैं।
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हाल ही में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM) के तहत देश भर से एकत्रित तीन लाख पांडुलिपियाँ ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की गई है। राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन की स्थापना फरवरी 2008 में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना के रूप में की गई थी।
  2. राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन का विशिष्ट उद्देश्य भारत की पांडुलिपियों के ज्ञान तत्व का पता लगाना, प्रलेखन करना, संरक्षण करना और प्रसार करना था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (A)
व्याख्या:

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना के रूप में फरवरी 2003 में राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन की स्थापना की, जिसका विशिष्ट उद्देश्य भारत की पांडुलिपियों के ज्ञान तत्व का पता लगाना, प्रलेखन करना, संरक्षण करना और प्रसार करना था। अतः कथन 1 सही नहीं है, जबकि कथन 2 सही है।
  • अपने कार्यक्रम और अधिदेश में यह मिशन एक अनूठी परियोजना है तथा यह भारत की विशाल पांडुलिपि संपदा की खोज करने एवं इसे परिरक्षित करने में जुटा है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत में अनुमान के तौर पर पाँच मिलियन पांडुलिपियाँ हैं जो संभवतः विश्व का सबसे बड़ा संग्रह है।
  • देश के सभी राज्यों में विशेष रूप से अभिचिह्नित पांडुलिपि संसाधन केंद्रों और पांडुलिपि संरक्षण केंद्रों के साथ कार्य करते हुए यह मिशन विश्वविद्यालयों और पुस्तकालयों से लेकर विभिन्न स्थानों जैसे- मंदिरों, मठों, मदरसों, विहारों और निजी संग्रहों में रखी पांडुलिपियों के आँकड़ों के संग्रहण का कार्य करता है।
[5]

हाल ही में किस देश द्वारा कौसर नामक लड़ाकू विमान विकसित किया गया है?

A) ईरान
B) ईराक
C) कुवैत
D) सयुंक्त अरब अमीरात
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उत्तर (A)
व्याख्या :

  • हाल ही में ईरान ने अपने पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘कौसर’ का अनावरण किया। अतः विकल्प (A) सही उत्तर है। 
  • चौथी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान का निर्माण केवल देश की रक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है।
  • यह लड़ाकू विमान अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और बहुउद्देशीय रडार से लैस है।

 

छठा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन

Buddhist Conference

23 अगस्त, 2018 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नई दिल्ली में छठे अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन का आयोजन पर्यटन मंत्रालय ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश राज्य सरकारों के सहयोग से किया है।

  • पर्यटन मंत्रालय द्वाराआयोजित छठे अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की थीम – “बुद्ध मार्ग – सजीव विरासत” है।
  • सम्मेलन का उद्देश्य भारत में बौद्ध विरासत को प्रदर्शित करना तथा देश के बौद्ध स्थलों में पर्यटन को बढ़ावा देना है। इसके जरिये बौद्ध धर्म में रुचि रखने वाले समुदायों और देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध भी विकसित होते हैं।
  • इस सम्मेलन में धार्मिक/आध्यात्मिक,अकादमिक और राजनयिक व व्यापारिक आयाम शामिल हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में इन 29 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं – ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, भूटान, ब्राज़ील, कंबोडिया, कनाडा, चीन, फ्राँस, जर्मनी, हॉन्गकॉन्ग, इंडोनेशिया, जापान, लाओ पीडीआर, मलेशिया, मंगोलिया, म्याँमार, नेपाल, नॉर्वे, रूस, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, स्लोवाक गणराज्य, स्पेन, श्रीलंका, ताइवान, थाईलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और वियतनाम।

पृष्ठभूमि

  • पर्यटन मंत्रालय प्रत्येक दो वर्ष में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन आयोजित करता है। पिछला सम्मेलन (अक्टूबर, 2016) सारनाथ/वाराणसी और बोधगया में आयोजित किया गया था।
  • पर्यटन मंत्रालय ने उन देशों को भी आमंत्रित किया है, जहाँ बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं। इसमें आसियान देश और जापान शामिल है। आसियान, आईबीसी-2016 का विशिष्ट अतिथि था, जबकि जापान आईबीसी – 2018 का ‘सहयोगी देश’ है।
खो-खो को एशियाई ओलंपिक परिषद की मान्यता

OCA

हाल ही में एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारत के पारंपरिक खेल खो-खो को मान्यता प्रदान की है. इस निर्णय के प्रभाव में आने के बाद खो-खो को एशियन इंडोर गेम्स में प्रदर्शनी खेल के तौर पर शामिल किया जाएगा|

एशियाई ओलंपिक परिषद

  • यह एशिया में खेलों की सर्वोच्च संस्था है और एशिया के 45 देशों की राष्ट्रीय ओलंपिक समितियाँ इसकी सदस्य हैं|
  • इसका मुख्यालय कुवैत में है|
  • इसके वर्तमान अध्यक्ष शेख फहद अल-सबा हैं|

खो-खो खेल

  • खो-खो मैदानी खेलों के सबसे प्राचीनतम रूपों में से एक है जिसका शुरुआत प्रागैतिहासिक भारत में हुई मानी जाती है। मुख्य रूप से आत्मरक्षा, आक्रमण व प्रत्याक्रमण के कौशल को विकसित करने के लिए इसकी खोज हुई थी।
  • सन् 1914 में डेक्कन जिमखाना पूना द्वारा इस खेल में प्रारंभिक नियमों का प्रतिपादन किया गया था। ऐसी मान्यता है कि इसकी उत्पत्ति महाराष्ट्र से हुई|
विश्व बैंक ने विश्व का पहला ब्लॉकचेन बॉण्ड लॉन्च किया

Blockchain

विश्व बैंक ने डिजिटल अर्थव्यवस्था की दुनिया में सबसे क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पहली बार ब्लॉकचेन जारी किये हैं। पब्लिक के लिये जारी होने वाला यह अपनी तरह का पहला बॉण्ड है, जिसका पूरा संचालन ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होगा।

  • योजना का प्रबंधन करने वाले कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के मुताबिक इन बॉण्ड को दो वर्षों के लिये जारी किया जाएगा।
  • विश्व बैंक ने इस डिजिटल बॉण्ड को ‘बॉन्डी’ नाम दिया है।

क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) की तरह होगी ब्लॉकचेन बॉण्ड तकनीक

  • ब्लॉकचेन बॉण्ड की तकनीक काफी हद तक क्रिप्टोकरेंसी (बिटकॉइन) से मिलती जुलती है ।
  • लेकिन ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक की मदद से जारी होने वाला ब्लॉकचेन बॉण्ड बाकायदा असली मुद्रा ऑस्ट्रेलियन डॉलर का होगा।
  • पूरी तरह विकसित वित्तीय ढ़ाँचे वाले ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में इस बॉण्ड का परीक्षण सबसे मुफीद माना जा रहा है।
  • यहाँ विदेशी निवेशक पैसे लगाने में सहज भी महसूस करते हैं और ऑस्ट्रेलियन डॉलर में खरीद-फरोख्त पर भरोसा भी रखते हैं, जो दुनिया की सबसे ज़्यादा व्यापार की जाने वाली करेंसी में से एक है।
  • वैसे तो इस बॉण्ड को ब्लॉकचेन तकनीक पर जारी किया गया है, लेकिन इसके लिये भुगतान अभी चल रहे स्विफ्ट सिस्टम से भी किया जा सकता है।
यूरोप का नया वायु मानचित्रण उपग्रह एओलस लॉन्च

ESA

यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) एओलस (aeolus) उपग्रह दुनिया भर में वायु की निगरानी के लिये तीन साल के मिशन हेतु 22 अगस्त को अंतरिक्ष में भेजा गया।

  • एओलस दुनिया का पहला पवन मानचित्रण उपग्रह है और फ्रेंच गुयाना के कोरू में गुयाना स्पेस सेंटर से वेगा रॉकेट द्वारा लॉन्च किया गया।
  • कक्षा में एओलस शक्तिशाली लिडार प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए समताप मंडल तक पृथ्वी की सतह से हवाओं की माप करेगा, जो वैश्विक स्तर पर होगा।
  • एओलस द्वारा एकत्रित आँकड़ों से मौसम पूर्वानुमान में सुधार और जलवायु परिवर्तन अनुसंधान के लिये मूल्यवान जानकारी प्रदान करने में मदद मिलेगी।
  • ESA ने 1999 में एओलस मिशन को मंज़ूरी दे दी थी, लेकिन उपग्रह के उपकरणों के विकास में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा क्योंकि एक शक्तिशाली पराबैंगनी लेज़र बनाने की जटिलता जो वैक्यूम में काम कर सकती है, मुख्य समस्या बनी हुई थी।