UPSC DAILY CURRENT 30-06-2018

कट्टुपल्ली बंदरगाह

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हाल ही में अदानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (एमआईपीडीएल) में 97% हिस्सेदारी हासिल करने के लिये लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) के साथ शेयर खरीद समझौता किया है।

प्रमुख बिंदु

  • इस समझौते का मुख्य उद्देश्य चेन्नई के पास स्थित कट्टुपल्ली बंदरगाह का विकास और संचालन करना है।
  • इस बंदरगाह के विकास की अनुमानित लागत ₹ 1,950 करोड़ है।
  • गौरतलब है कि ₹ 1,950 करोड़ की इस राशि में एपीएसईजेड,एमआईडीपीएल की बकाया राशि के निपटारे के लिये ₹ 1,562 करोड़ का भुगतान करेगा और ₹ 388 करोड़ शेयरों के अधिग्रहण के माध्यम से भुगतान किया जाएगा।
  • अदानी समूह इस समझौते के बाद इस बंदरगाह को दक्षिणी भारत के सबसे बड़े बंदरगाहों में से बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • उल्लेखनीय है कि कट्टुपल्ली बंदरगाह भारत के सबसे आधुनिक बंदरगाहों में से एक है और चेन्नई/बंगलौर क्षेत्र में एक्ज़िम व्यापार के लिये एक नए प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है।

आईआईटी चेन्नई ने तैयार किया मानव रहित वायुयान

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  • आईआईटी चेन्नई के छात्रों ने ड्रोन प्लेन के रूप में एक विशेष प्रकार का मानव रहित वायुयान (अनमैन्ड एयर व्हीकल-यूएवी) तैयार किया है जो शत्रु के ठिकानों की निगरानी कर रिपोर्ट भेजने में सक्षम होगा।
  • यदि किसी प्रकार के हमले में घायल होकर इस यान का कोई हिस्सा टूट भी जाता है तो इसके हिस्से अपने आप जुड़ जाएंगे। हालाँकि ऐसा तभी संभव हो पाएगा, जब वह एक निश्चित दूरी में गिरे।
  • यह मानव रहित वायुयान मैग्नेटिक तकनीक पर काम करता है।
  • इसमें 5000 एमएएच की बैटरी लगी है जिससे यह 100 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।
  • इसकी तुलना में ड्रोन क्षमता वाली बैट्री में महज़ 5 से 7 किलोमीटर तक की ही दूरी तय कर सकता है।
  • इस यान को अधिक प्रभावी बनाने के लिये इसमें कम-से-कम लंबी वायरिंग का इस्तेमाल किया गया है।
  • इस पर साधारण गुलेल या किसी पिलर के टकराने से कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, हालाँकि फायरिंग में यह अवश्य प्रभावित हो सकता है।

कबीर की 500वीं पुण्य तिथि

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  • प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर के मगहर में महान संत और कवि कबीर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
  • गौरतलब है कि महान संत और कवि कबीर की यह 500वीं पुण्य तिथि का अवसर था।
  • इस दौरान प्रधानमंत्री संत कबीर गुफा भी गए और पट्टिका का अनावरण करते हुए ‘संत कबीर अकादमी’ की आधारशिला रखी।
  • यह अकादमी संत कबीर की विरासत के साथ-साथ क्षेत्रीय बोलियों और लोक कलाओं का संरक्षण संस्थान होगी।
  • इस अकादमी की आधारशिला का मुख्य लक्ष्य महान संत की शिक्षाओं और विचारों का प्रसारित करना है।

मगहर के बारे में

  • प्रशासनिक रूप में ये एक नगर पंचायत है और ख़लीलाबाद संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है लेकिन यहाँ का मुख्य आकर्षण और पर्यटन केंद्र कबीर चौरा या कबीर धाम ही है।
  • उल्लेखनीय है कि सोलहवीं सदी के महान संत कबीरदास का जन्म वाराणसी में हुआ था और लगभग पूरा जीवन उन्होंने वाराणसी यानी काशी में ही बिताया था।
  • जीवन के आख़िरी समय में कबीर मगहर चले आए और यहीं 1518 में उनकी मृत्यु हुई।
  • दरअसल कबीर स्वेच्छा से उस अंधविश्वास को तोड़ना चाहते थे कि जिसमें कहा जाता था कि काशी में मोक्ष मिलता है और मगहर में नरक।
  • मगहर ही वह स्थान है जहाँ पर कबीर की समाधि और उनकी मज़ार दोनों इमारतें एक ही परिसर में स्थित हैं।

पोषण अभियान के लिये टेक-थॉन का आयोजन

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  • हाल ही में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने नई दिल्ली में पोषण अभियान के लिये टेक-थॉन का आयोजन किया।
  • इस सेमिनार में सरकार, बहुपक्षीय संगठनों, आईटी उद्योग, माईगव, यूआईडीएआई इत्यादि के विभिन्न हितधारक एकजुट हुए तथा सेमिनार में जन आंदोलन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
  • ध्यातव्य है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 से राष्ट्रीय पोषण मिशन (National Nutrition Mission-NNM) की शुरुआत की गई थी।

रणनीति एवं लक्ष्य

  • एनएनएम एक शीर्षस्थ निकाय के रूप में मंत्रालयों के पोषण संबंधी हस्तक्षेपों की निगरानी, पर्यवेक्षण, लक्ष्य निर्धारित करने तथा मार्गदर्शन का काम करता है।
  • राष्ट्रीय पोषण मिशन का लक्ष्य ठिगनापन, अल्पपोषण, रक्ताल्पता (छोटे बच्चों, महिलाओं एवं किशोरियों में) को कम करना तथा प्रतिवर्ष अल्पवज़नी बच्चों में क्रमश: 2%, 2%, 3% तथा 2% की कमी लाना है।

 

अंतरिक्ष के मलबे और कचरे की सफाई करेगा ‘रिमूव डिब्री’

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-13 : सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता)

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चर्चा में क्यों?

हाल ही में अंतरिक्ष में फैले रॉकेटों और उपग्रहों के टुकड़ों को हटाने के लिये इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से रिमूव डिब्री (Remove DEBRIS) नामक स्पेसक्राफ्ट लॉन्च किया गया।

प्रमुख बिंदु

  • 100 किलोग्राम वज़न वाले इस स्पेसक्राफ्ट का निर्माण एयरबस की सहायक ‘सरे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी’ द्वारा किया गया है।
  • यह स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से छोड़ा जाने वाला सबसे बड़ा स्पेसक्राफ्ट है।
  • यह यूरोपीय संघ की अनुसंधान परियोजना है जो भविष्य में सक्रिय मलबे को हटाने से संबंधित मिशनों के लिये आवश्यक प्रौद्योगिकियों के परीक्षण में मददगार साबित हो सकता है।
  • अंतरिक्ष में फैले कचरे को हटाने के लिये इस स्पेसक्राफ्ट में तीन एयरबस प्रौद्योगिकियों का प्रयोग किया गया है।
  • यह स्पेस क्राफ्ट अंतरिक्ष में तैर रहे छोटे लेकिन खतरनाक टुकड़ों को हटाने का प्रयास करेगा जो उपग्रहों या इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन को क्षति पहुँचा सकते हैं।
  • यह परियोजना वैश्विक/यूरोपीय ADR (Active Debris Removal) रोडमैप में योगदान देने के उद्देश्य पर आधारित है।

पृष्ठभूमि

  • पृथ्वी की कक्षा में भेजे जाने वाले कई मानव-निर्मित उपग्रह वहीं नष्ट हो जाते हैं और छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में  पृथ्वी की कक्षा में घूमते रहते हैं।
  • नासा द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार, यह मलबा पृथ्वी के चारों ओर काफी तेज़ रफ़्तार से घूम रहा  है। इसमें नष्ट हो चुके स्पेस क्राफ्ट, रॉकेट, उपग्रह प्रक्षेपण यानों के अवशेष, मिसाइल शार्पनेल व अन्य निष्क्रिय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अवशेष शामिल हैं।
  • अंतरिक्ष में बिखरा यह कचरा न केवल उपग्रहों की कक्षा में बल्कि हमारे वायुमंडल के लिये भी काफी खतरनाक हो सकता है।  यदि कोई बड़ा टुकड़ा पूरी तरह नष्ट हुए बिना हमारे वायुमंडल में प्रवेश कर जाए तो विनाशक प्रभाव पैदा कर सकता है।

 

वित्त क्षेत्र में साइबर हमलों की संख्या पूर्व की तुलना में आधी : रिपोर्ट

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-18 : संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।)

APAC

चर्चा में क्यों?

अक्सर बढ़ती प्रौद्योगिकी को अपनाने के कारण वित्त क्षेत्र को उच्च जोखिम का सामना करना पड़ता है। लेकिन डायमेंशन डेटा (Dimension Data) द्वारा ज़ारी NTT 2018 ग्लोबल इंटेलिजेंस थ्रेट रिपोर्ट (Global Intelligence Threat Report) के आँकड़ों से पता चलता है कि वित्त क्षेत्र के खिलाफ हमले में पिछले साल की तुलना में कमी दर्ज़ की गई है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • वर्ष 2017 में यह आँकड़ा 46 प्रतिशत था, जबकि वर्ष 2018 में यह घटकर 26 प्रतिशत हो गया है फिर भी यह APAC (Asia-Pacific क्षेत्र) में ऐसा क्षेत्र हैं जहाँ सबसे अधिक साइबर हमले हुए।
  • इस वर्ष जारी रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि शिक्षा के खिलाफ साइबर हमलों में वृद्धि हुई है। पिछले साल शिक्षा पर साइबर हमलों का प्रतिशत 9 था जबकि इस बार यह 18 है।
  • साइबर अपराधियों द्वारा शिक्षा और खुदरा व्यवसायों में अनधिकृत पहुँच प्राप्त करने के लिये ब्रूट फोर्स हमलों (सभी प्रकार के पासवर्ड को हैक करने की तकनीक) का उपयोग किया गया था।
  • प्रौद्योगिकी, खुदरा और सरकारी क्षेत्रों पर हमलों में कमी देखी गई जो क्रमश: 16, 15 और 13 प्रतिशत थी। विनिर्माण क्षेत्र पर हमलों में तेज़ी से गिरावट दर्ज की गई।
  • अध्ययन में कहा गया है कि यह EMEA को लक्षित करने वाले विनिर्माण क्षेत्र के हमले के रुझानों में वृद्धि के विपरीत था और IoT (Internet of Things) उपकरणों को अपनाने में समस्या उत्पन्न हुई क्योंकि सुरक्षा प्रक्रियाओं को केवल IoT विक्रेताओं द्वारा लागू किया जाना शुरू हो गया था।