UPSC DAILY CURRENT 31-08-2018

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लखवाड़ बहुउद्देश्यीय परियोजना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. ऊपरी यमुना बेसिन क्षेत्र में 3966.51 करोड़ रुपए की लागत वाली बहुउद्देशीय लखवाड़ परियोजना के निर्माण के लिये 6 राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया।
  2. परियोजना से जुड़े सिंचाई हिस्‍से का 50 फीसदी खर्च केंद्र सरकार देगी जबकि 50 प्रतिशत हिस्‍सा  छह राज्‍यों द्वारा वहन किया जाएगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (a)

 व्याख्या : ऊपरी यमुना बेसिन क्षेत्र में 3966.51 करोड़ रुपए की लागत वाली लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण के लिये उत्तर प्रदेश, राजस्‍थान, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्‍ली की सरकारों के मध्य हाल ही में नई दिल्‍ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किया गया। अतः कथन 1 सत्य है।परियोजना पर आने वाले कुल 3966.51 करोड़ रुपए की लागत में से बिजली उत्‍पादन पर होने वाले 1388.28 करोड़ रुपए का खर्च उत्तराखंड सरकार वहन करेगी। परियोजना से जुड़े सिंचाई और पीने के पानी की व्‍यवस्‍था वाले हिस्‍से के कुल 2578.23 करोड़ रुपए के खर्च का 90 प्रतिशत (2320.41 करोड़ रुपए) केंद्र सरकार वहन करेगी जबकि बाकी 10 प्रतिशत का खर्च छह राज्‍यों के बीच बाँट दिया जाएगा। इसमें हरियाणा को 123.29 करोड़ रुपए, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में से प्रत्‍येक राज्‍य को 86.75 करोड़ रुपए, राजस्‍थान को 24.08 करोड़ रुपए, दिल्‍ली को 15.58 करोड़ रुपए तथा हिमाचल प्रदेश को 8.13 करोड़ रुपए देने होंगे। अतः कथन 2 असत्य है।
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गगनयान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।

  1. इस कार्यक्रम के साथ भारत मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू करने वाला दुनिया का पाँचवाँ देश बन जाएगा।
  2. इसरो ने इस कार्यक्रम के लिये आवश्यक पुन: प्रवेश मिशन क्षमता, क्रू एस्केप सिस्टम एवं क्रू मॉड्यूल कॉन्फ़िगरेशन इत्यादि जैसी कुछ महत्त्वपूर्ण तकनीकों का विकास कर लिया है।
  3. गगनयान को लॉन्च करने के लिये GSLVMK-3 लॉन्च व्हिकल का उपयोग किया जाएगा, जो इस मिशन के लिये आवश्यक पेलोड क्षमता से परिपूर्ण है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) 1, 2 और 3
D) इनमें से कोई नहीं
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उत्तर : (b)

व्याख्या : प्रधानमंत्री द्वारा अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान ‘गगनयान-भारत का पहला मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम’ की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम के साथ भारत मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। उल्लेखनीय है कि अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने मानव अंतरिक्ष यान मिशन शुरू किया है। अतः कथन 1 असत्य है।

इसरो ने इस कार्यक्रम के लिये आवश्यक पुन: प्रवेश मिशन क्षमता, क्रू एस्केप सिस्टम, क्रू मॉड्यूल कॉन्फ़िगरेशन, तापीय संरक्षण व्यवस्था, मंदन एवं प्रवर्तन व्यवस्था, जीवन रक्षक व्यवस्था की उप-प्रणाली इत्यादि जैसी कुछ महत्त्वपूर्ण तकनीकों का विकास कर लिया है। इन प्रौद्योगिकियों में से कुछ को अंतरिक्ष कैप्सूल रिकवरी प्रयोग (SRE-2007), क्रू मॉड्यूल वायुमंडलीय पुन: प्रवेश प्रयोग (CARE-2014) और पैड एबॉर्ट टेस्ट (2018) के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया गया है। ये प्रौद्योगिकियाँ इसरो को 4 साल की छोटी अवधि में कार्यक्रम के उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम बनाएगी। अतः कथन 2 सत्य है।

गगनयान को लॉन्च करने के लिये GSLVMK-3 लॉन्च व्हिकल का उपयोग किया जाएगा, जो इस मिशन के लिये आवश्यक पेलोड क्षमता से परिपूर्ण है। 30 महीने के भीतर पहली मानव रहित उड़ान के साथ ही कुल कार्यक्रम के 2022 से पहले पूरा होने की उम्मीद है। मिशन का उद्देश्य पाँच से सात वर्षों के लिये अंतरिक्ष में तीन सदस्यों का एक दल भेजना है। इस अंतरिक्ष यान को 300-400 किलोमीटर की निम्न पृथ्वी कक्षा (Low Earth Orbit) में रखा जाएगा। कुल कार्यक्रम की लागत 10,000 करोड़ रुपए से कम होगी। अतः कथन 3 सत्य है।

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हाल ही में गूगल द्वारा लॉन्च किये गए प्रोजेक्ट नवलेखा का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?

A) भारतीय मौसम विज्ञान की मदद के लिये तैयार किया गया एक कार्यक्रम
B) भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के समुचित विस्तार के लिये एक पहल
C) विभिन्न भारतीय भाषाओँ के प्रकाशकों की पहुँच का विस्तार करने हेतु एक पहल
D) भारतीय छात्रों की लिखवाट में सुधार करने के लिये एक कार्यक्रम
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उत्तर : (c)

व्याख्या : गूगल ने भारतीय विषय-वस्तु की पहुँच बढ़ाने के लिये प्रोजेक्ट नवलेखा लॉन्च किया  है। यह परियोजना स्थानीय भारतीय भाषा के प्रकाशकों को उनकी सामग्री ऑनलाइन प्राप्त करने की अनुमति देगी। वर्तमान में, इस परियोजना में दिल्ली के प्रकाशक शामिल हैं और जल्द ही इसकी पहुँच में पूरा भारत शामिल होगा।

भारत में करीब 1.35 लाख समाचार पत्र हैं जिनकी डिजिटल उपस्थिति नहीं है और गूगल द्वारा शुरू की गई यह परियोजना भारत में स्थानीय भाषाओं के उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या की  जरूरतों को पूरा करने का एक प्रयास है।

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बुद्धमाल महोत्सव कहाँ मनाया जाता है?

A) असम
B) मेघालय
C) त्रिपुरा
D) अरुणाचल प्रदेश
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उत्तर : (a)

व्याख्या : बुद्धमाल महोत्सव फसलों के कटाई से संबंधित एक त्यौहार है जो असम राज्य में पांच साल में एक बार मनाया जाता है। विभिन्न समुदायों के लोग समाज के कल्याण और अच्छी फसल के लिये इस त्यौहार में भाग लेते हैं।
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ऐसा माना जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ ने इसे लाल बलुआ पत्थर और ईंटों से बनवाया था; यह नई दिल्ली में स्थित है; यह तीन मंजिलों (प्रत्येक उपरी मंजिल घटते हुए व्यास के साथ) वाले एक उठे हुए मंच पर 17 मीटर लंबा स्मारक है:

A) कुतुब मीनार
B) हस्तसाल मीनार
C) चाँद मीनार
D) झुल्टा मीनार
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उत्तर : (b)

व्याख्या : इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चर हेरिटेज (आईएनटीएसीएच) ने हस्तसाल मीनार की मरम्मत के लिये एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है। हस्तसाल मीनार नई दिल्ली के हस्तसाल गाँव में स्थित है। यह डिजाइन में कुतुब मीनार जैसा दिखता है और इसे भी लाल बलुआ पत्थर और ईंटों से बनाया गया है। इसे ‘छोटा कुतुब मीनार’ भी कहा जाता है और ऐसा माना जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ ने इसका निर्माण करवाया था। यह तीन मंजिलों (प्रत्येक उपरी मंजिल घटते हुए व्यास के साथ) वाले एक उठे हुए मंच पर 17 मीटर लंबा स्मारक है।

 

हस्तसाल मीनार

Handmade Tower

  • हस्तसाल की लाट या मीनार का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा 17वीं शताब्दी में बनवाया गया था।
  • यह मीनार दिल्ली के निकट हस्तसाल गाँव में स्थित है।
  • इस मीनार का उपयोग शिकारखाना के रूप किया जाता था।
  • हस्तसाल मीनार के निर्माण में लखोरी ईंट का प्रयोग किया गया है। यह एक ऊपर उठे हुए मंच पर 16.87 मीटर ऊँची तीन मंजिला मीनार है। प्रत्यके मीनार का व्यास निचले मंज़िल से कम है, जहाँ तक संकीर्ण सीढ़ियों के माध्यम से पहुँचा जा सकता है।
  • कुतुबमीनार की भाँति ही मीनार का प्रत्येक मंज़िल अष्टकोणीय अंगूठी से घिरा है साथ ही लाल बलुआ पत्थर से निर्मित छज्जा भी लगा हुआ है।
  • उल्लेखनीय है कि इसे ‘मिनी क़ुतुब मीनार’ भी कहा जाता है।
  • कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिये भारतीय राष्ट्रीय ट्रस्ट (INTACH) द्वारा मीनार की पुनर्स्थापना के लिये विस्तृत योजना तैयार की गई है।
कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिये भारतीय राष्ट्रीय ट्रस्ट (INTACH)

  • यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन है।
  • इसे भारत में विरासत जागरूकता और संरक्षण का नेतृत्व करने के दृष्टिकोण से 1 9 84 में नई दिल्ली में स्थापित किया गया था।
  • वर्ष 2007 में, संयुक्त राष्ट्र ने इसे संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के साथ एक विशेष सलाहकार दर्जे से सम्मानित किया था।
वोस्टोक – 2018

Vostok

  • रूस सितंबर माह  (11-15 सितंबर) में पिछले चार दशकों में सबसे बड़े युद्धाभ्यास आयोजित करने की योजना बना रहा है। इस युद्धाभ्यास में चीनी और मंगोलियाई सेनाएँ भी शामिल होंगी।
  • वोस्टोक – 2018 या पूर्व – 2018 नामक यह युद्धाभ्यास केंद्रीय और पूर्वी रूसी सैन्य ज़िलों में आयोजित होगा और इस अभ्यास में लगभग 300,000 सैनिक, 1000 से अधिक सैन्य विमान, दो रूसी नौसेना बेड़े और इसके सभी हवाई फौज इकाइयाँ शामिल होगी।
  • उल्लेखनीय है कि सोवियत संघ द्वारा सन 1981 में ‘जापद- 81’ नामक अभ्यास आयोजित किया गया था। यह सोवियत संघ का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास था जिसमें लगभग 100,000 से 150,000 सैनिकों से भाग लिया था।
बुद्धमाल महोत्सव

Buddhadeal Festival

  • यह फसल कटाई के दौरान मनाया जाने वाला त्योहार है जो असम राज्य में प्रत्येक पाँच साल की अवधि में एक बार मनाया जाता है।
  • इस त्योहर में विभिन्न समुदाय के लोग समाज की समृद्धि एवं कल्याण तथा अच्छी फसल की कामना के लिये एकत्रित होते हैं।
अफ्रीकी स्वाइन बुखार

African Swine Fever

  • संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) चीन से दक्षिण पूर्व एशिया या कोरियाई प्रायद्वीप तक अफ्रीकी स्वाइन फीवर के फैलने की चेतावनी ज़ारी किया है।
  • चीन ने एक महीने से भी कम समय में अपने चार प्रांतों में अत्यधिक संक्रामक बीमारी के प्रसार की सूचना दी है।
अफ्रीकी स्वाइन बुखार

  • अफ्रीकी स्वाइन बुखार घरेलू सूअरों की एक बेहद संक्रामक तीव्र रक्तस्राव वाली बीमारी है।
  • यह बीमारी टिक द्वारा प्रसारित होती है।
  • इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिये कोई औषधि या टीका नहीं है, इसके लिए एकमात्र ज्ञात विधि संक्रमित पशुधन को बड़े पैमाने पर मारना है।
  • अफ्रीकी स्वाइन बुखार मनुष्यों के लिए कोई प्रत्यक्ष खतरा उत्पन्न नहीं करता है।