UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 04-10-2018

IBSAMAR-VI

IBSAMAR-VI

भारत,  ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं के बीच संयुक्त बहुराष्ट्रीय सामुद्रिक अभ्यास IBSAMAR (India-Brazil-South Africa- MARITIME) के छठे संस्करण का आयोजन दक्षिण अफ्रीका के सिमन्स टाउन में 01 से 13 अक्तूबर 2018 तक किया जा रहा है।

  • IBSAMAR अभ्यास के पाँचवें संस्करण का आयोजन गोवा में 19 से 26 फरवरी, 2016 को किया गया था।
  • इस सैन्य अभ्यास के प्रथम संस्करण का आयोजन वर्ष 2008 में किया गया था।
  • इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं को सामूहिक प्रशिक्षण प्रदान करना, अंतरसक्रियता और पारस्परिक समझ के साथ-साथ सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करना है।
  • IBSAMAR-VI  में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट तर्कश, निर्देशित मिसाइल विनाशक कोलकाता, लांग रेंज सामुद्रिक निगरानी विमान P8I, सीकिंग और चेतक हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ एक मार्कोस दल द्वारा किया जा रहा है।
  • इस बार अभ्यास में पेशेवर गतिविधियों के अलावा, खेल और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना बनाई गई है।
उन्नत भारत अभियान

UBA-NETWORK

उन्नत भारत अभियान के अगले चरण ‘उन्नत भारत अभियान- 2’ के लिये चुनौतीपूर्ण प्रणाली के आधार पर 840 संस्थानों का चयन किया गया है और ये सभी संस्थान उन्नत भारत अभियान-2 का हिस्सा होंगे।

  • चयनित 840 संस्थानों में 521 तकनीकी संस्थान और 319 गैर-तकनीकी संस्थान हैं।

पृष्ठभूमि

  • उन्नत भारत अभियान की अवधारणा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के समर्पित संकाय सदस्यों के समूह की पहल के साथ तब अस्तित्व में आई जब ये सदस्य लंबे समय से ग्रामीण विकास और उपयुक्त प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे।
  • सितंबर 2014 में IIT दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान विभिन्न प्रौद्योगिकी संस्थानों, रूरल टेक्नोलॉजी एक्शन ग्रुप (RuTAG) के समन्वयकों, स्वैच्छिक संगठनों और सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद यह अवधारणा और अधिक परिपक्व हुई।
  • इस कार्यशाला को काउंसिल फॉर एडवांसमेंट ऑफ पीपुल्स एक्शन एंड रूरल टेक्नोलॉजी (CAPART), ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया था।
  • कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 11 नवंबर,  2014 को भारत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी।

लक्ष्य

  • उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच विकास एजेंडे से संबंधित आपसी तालमेल तथा संस्थागत क्षमताओं का विकास करना और राष्ट्र की आवश्यकताओं विशेष रूप से ग्रामीण आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
  • उच्च शिक्षा के आधार के रूप में क्षेत्रीय स्तर पर कार्य किये जाने की आवश्यकता, हिस्सेदारों के बीच बातचीत तथा सामाजिक उद्देश्यों की प्राप्ति पर ज़ोर देना।
  • नए व्यवसायों के विकास केंद्र के रूप में सही रिपोर्टिंग और उपयोगी परिणामों पर ज़ोर देना।
  • ग्रामीण भारत और क्षेत्रीय एजेंसियों के लिये उच्च शिक्षा संस्थानों के पेशेवरों (विशेष रूप से ऐसे पेशेवर जिन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी तथा प्रबंधन के क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता हासिल की है) तक पहुँच सुनिश्चित करना।
  • इस शोध के फलस्वरूप विकास परिणामों में सुधार लाना। अनुसंधान के परिणामों को बनाए रखने और समाहित करने के लिये नए व्यवसाय और नई प्रक्रियाओं को विकसित करना।
  • विज्ञान, समाज और पर्यावरण से संबंधित बड़े समुदयों के बीच एक नई वार्ता को बढ़ावा देना।
एविया इंद्र- 18

Avia-Indra

17 से 28 सितंबर, 2018 तक भारत और रूस संघ की वायुसेना के बीच छमाही वायुसेना अभ्यास एविया इंद्र- 18 के पहले सत्र का आयोजन लिपेत्स्क, रूस में किया गया।

  • इस वर्ष युद्धाभ्यास के दूसरे सत्र का आयोजन भारत के जोधपुर में 10 से 22 दिसंबर, 2018 तक किया जाएगा।
  • इस अभ्यास का उद्देश्य एक द्विपक्षीय परिदृश्य में आतंकवाद विरोधी अभियान में वायु शक्ति का उपयोग करना उसे मान्यता देने के साथ सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना था।
  • इस अभ्यास में एयरोस्पेस सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी वायु संचालन पर ब्रीफिंग (briefing) शामिल थी।
  • पहली बार एविया-इंद्र का आयोजन वर्ष 2014 में किया गया था।
  • इस सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले भारतीय विमान थे- सुखोई-30 (SU-30), मिग- 29, Mi-8 तथा An-26।

 

लेज़र के अन्वेषकों ने जीता भौतिकी का नोबेल पुरस्कार

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन
(खंड-11 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।)

Physics Nobel

चर्चा में क्यों?

हाल ही में तीन वैज्ञानिकों ने ऑप्टिकल लेज़र का आविष्कार करने के लिये वर्ष 2018 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता, जिसने आँखों के इलाज के लिये की जाने वाली सर्जरी में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

प्रमुख बिंदु

  • अमेरिका के आर्थर अश्किन को 9 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग $ 1.01 मिलियन) वाले इस पुरस्कार का आधा हिस्सा प्राप्त होगा, जबकि फ्राँस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड पुरस्कार के शेष हिस्से को साझा करेंगे।
  • 96 वर्षीय अश्किन को “ऑप्टिकल ट्वीज़र्स” के आविष्कार के लिये सम्मानित किया गया जिसकी लेज़र बीम उंगलियों की मदद से कणों, अणुओं, वायरस और अन्य जीवित कोशिकाओं को पकड़ने में आसानी होती है।
  • रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज़ ने कहा कि “ऑप्टिकल ट्वीज़र्स की सहायता से अश्किन भौतिक वस्तुओं को स्थानांतरित करने हेतु प्रकाश के विकिरण दबाव का उपयोग करने में सक्षम हो पाए जो कि विज्ञान कथाओं का एक पुराना सपना था।”
  • अकादमी ने कहा कि वर्ष 1987 में एक बड़ी सफलता तब मिली जब अश्किन ने जीवित जीवाणुओं को नुकसान पहुँचाए बिना उन्हें पकड़ने के लिये ट्वीज़र्स का इस्तेमाल किया।
  • अश्किन, जिन्होंने 1952 से 1991 तक एटी एंड टी बेल प्रयोगशालाओं में काम करते हुए अपनी खोज की, नोबेल पुरस्कार पाने वाले सबसे उम्रदराज विजेता हैं। इससे पहले अमेरिकी वैज्ञानिक लियोनिद हूर्विज़ सबसे उम्रदराज नोबेल विजेता थे जिन्होंने 90 वर्ष की उम्र में वर्ष 2007 में अर्थशास्त्र के लिये यह पुरस्कार जीता था।
  • 74 वर्षीय मोउरो और 59 वर्षीय स्ट्रिकलैंड को अल्ट्रा-शॉर्ट ऑप्टिकल पल्स  उत्पन्न करने हेतु एक तरीका विकसित करने में मदद के लिये यह पुरस्कार प्राप्त हुआ। यह मानव जाति द्वारा बनाया गया सबसे छोटा और सबसे तीव्र लेज़र पल्स है। यह तकनीक अब आँखों के इलाज के लिये की जाने वाली सर्जरी में प्रयोग की जाती है।
  • मोउरो फ्राँस के इकोले पॉलीटेक्निक और यू.एस. में मिशिगन विश्वविद्यालय से संबद्ध रहे हैं, जबकि उनकी छात्रा स्ट्रिकलैंड कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। मोउरो एक्स्ट्रीम लाइट इंफ्रास्ट्रक्चर (ईएलआई) प्रोजेक्ट बनाने में भी शामिल रहे जिसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली लेज़रों में से एक माना जाता है।
  • स्ट्रिकलैंड भौतिकी में नोबेल पुरस्कार जीतने वाली इतिहास में तीसरी महिला हैं, इससे पहले 55 वर्ष पूर्व किसी महिला ने इस क्षेत्र में पुरस्कार जीता था।

चिकित्सा का नोबेल

  • वर्ष 2018 के लिये चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जेम्स पी एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को सामूहिक तौर पर दिया गया। इन्हें यह पुरस्कार कैंसर थेरेपी की खोज के लिये दिया गया है।
  • दोनों वैज्ञानिकों ने ऐसी थेरेपी विकसित की है जिससे शरीर की कोशिकाओं में प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर ट्यूमर से लड़ने के लिये मज़बूत बनाया जा सकेगा।