UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 05-10-2018

[1]

नोबेल पुरस्कार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. वर्ष 2018 के लिये चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जेम्स पी एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को सामूहिक तौर पर दिया गया।
  2. वर्ष 2018 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार ऑप्टिकल लेज़र का आविष्कार करने के लिये तीन वैज्ञानिकों को प्राप्त हुआ।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • वर्ष 2018 के लिये चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार अमेरिका के जेम्स पी एलिसन और जापान के तासुकू होंजो को सामूहिक तौर पर दिया गया। इन्हें यह पुरस्कार कैंसर थेरेपी की खोज के लिये दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने ऐसी थेरेपी विकसित की है जिससे शरीर की कोशिकाओं में प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर ट्यूमर से लड़ने के लिये मज़बूत बनाया जा सकेगा। अतः कथन 1 सही है।
  • हाल ही में तीन वैज्ञानिकों ने ऑप्टिकल लेज़र का आविष्कार करने के लिये वर्ष 2018 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जीता, जिसने आँखों के इलाज के लिये की जाने वाली सर्जरी में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। अमेरिका के आर्थर अश्किन को 9 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग $ 01 मिलियन) वाले इस पुरस्कार का आधा हिस्सा प्राप्त होगा, जबकि फ्राँस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड पुरस्कार के शेष हिस्से को साझा करेंगे। अतः कथन 2 सही है।
[2]

स्वच्छता और स्वास्थ्य पर वैश्विक दिशा-निर्देश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया वर्ष 2025 तक सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी।
  2. वर्तमान स्वच्छता कार्यक्रम अनुमानित स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में पूर्णतः सफल रहे हैं, अतः WHO द्वारा स्वच्छता पर नए दिशा-निर्देश नहीं विकसित किये जाएंगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (d)
व्याख्या :

  • वैश्विक स्वच्छता और स्वास्थ्य पर पहली बार दिशा-निर्देश जारी करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation- WHO) ने चेतावनी दी है कि दुनिया वर्ष 2030 तक सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएगी। WHO के अनुसार, दुनिया भर में 2.3 बिलियन लोगों के बीच बुनियादी स्वच्छता की कमी है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • स्वास्थ्य सेवाओं तक उचित पहुँच न होने के कारण दुनिया भर में लाखों लोग उपयुक्त शौचालय और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। WHO ने स्वच्छता और स्वास्थ्य पर नए दिशा-निर्देश इसलिये विकसित किये हैं क्योंकि वर्तमान स्वच्छता कार्यक्रम अनुमानित स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में असफल रहे हैं और स्वच्छता पर आधिकारिक स्वास्थ्य-आधारित मार्गदर्शन की कमी है। अतः कथन 2 सही नहीं है।
[3]

‘सबकी योजना, सबका विकास’ अभियान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस अभियान के दौरान अगले 2 वित्त वर्षों 2019-2021 के लिये ‘ज़िला पंचायत विकास योजना’ तैयार करने हेतु ग्राम सभा की संरचित बैठकें होंगी।
  2. इस अभियान के तहत होने वाली बैठकों में केवल 5 क्षेत्रों– कृषि, भूमि सुधार, पशु पालन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सामुदायिक परिसंपत्तियों के रख-रखाव से संबंधित अग्रिम कामगार/पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (d)
व्याख्या :

  • हाल ही में लोगों की योजना अभियान’ (People’s Plan Campaign) को ‘सबकी योजना, सबका विकास’ के रूप में शुरू किया गया। यह अभियान 31 दिसंबर, 2018 तक जारी रहेगा। इस अभियान के दौरान अगले वित्त वर्ष 2019-2020 के लिये ‘ग्राम पंचायत विकास योजना’ (Gram Panchayat Development Plan- GPDP) तैयार करने हेतु ग्राम सभा की संरचित (structured) बैठकें होंगी।  अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • इस अभियान के तहत होने वाली बैठकों में 29 क्षेत्रों– कृषि, भूमि सुधार, लघु सिंचाई, पशु पालन, मत्स्य पालन, सामाजिक वानिकी, लघु वन उत्पाद, लघु उद्योगों, खादी, ग्राम और कुटीर उद्योग, ग्रामीण आवास, पेयजल, ईंधन और चारा, सड़कें, ग्रामीण विद्युतीकरण, गैर-परंपरागत ऊर्जा, गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, वयस्क और अनौपचारिक शिक्षा, लाइब्रेरी, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, बाज़ार और मेले, स्वास्थ्य और स्वच्छता, परिवार कल्याण, महिला और बाल विकास, सामाजिक कल्याण, कमज़ोर वर्गों के कल्याण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सामुदायिक परिसंपत्तियों के रख-रखाव से संबंधित अग्रिम कामगार/पर्यवेक्षक उपस्थित रहेंगे और इनके द्वारा सभी क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुति दी जाएगी। अतः कथन 2 सही नहीं है।
[4]

IBSAMAR के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. IBSAMAR के छठे संस्करण का आयोजन दक्षिण अफ्रीका के सिमन्स टाउन में किया जा रहा है।
  2. इस सैन्य अभ्यास के प्रथम संस्करण का आयोजन वर्ष 2002 में किया गया था।
  3. इस बार अभ्यास में पेशेवर गतिविधियों के अलावा, खेल और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना बनाई गई है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर : (b)
व्याख्या :

  • भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका की नौसेनाओं के बीच संयुक्त बहुराष्ट्रीय सामुद्रिक अभ्यास IBSAMAR (India-Brazil-South Africa- MARITIME) के छठे संस्करण का आयोजन दक्षिण अफ्रीका के सिमन्स टाउन में 01 से 13 अक्तूबर, 2018 तक किया जा रहा है। अतः कथन 1 सही है।
  • इस सैन्य अभ्यास के प्रथम संस्करण का आयोजन वर्ष 2008 में किया गया था। इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं को सामूहिक प्रशिक्षण प्रदान करना, अंतरसक्रियता और पारस्परिक समझ के साथ-साथ सर्वोत्तम प्रणालियों को साझा करना है। अतः कथन 2 सही नहीं है।
  • IBSAMAR-VI  में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट तर्कश, निर्देशित मिसाइल विनाशक कोलकाता, लांग रेंज सामुद्रिक निगरानी विमान P8I, सीकिंग और चेतक हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ एक मार्कोस दल द्वारा किया जा रहा है। इस बार अभ्यास में पेशेवर गतिविधियों के अलावा, खेल और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी योजना बनाई गई है। अतः कथन 3 सही है।
[5]

उन्नत भारत अभियान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत नवंबर 2016 में भारत के गृह मंत्रालय द्वारा की गई थी।
  2. उन्नत भारत अभियान-2 के तहत चयनित 840 संस्थानों में 521 तकनीकी संस्थान और 319 गैर-तकनीकी संस्थान हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (a)
व्याख्या :

  • उन्नत भारत अभियान की अवधारणा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के समर्पित संकाय सदस्यों के समूह की पहल के साथ तब अस्तित्व में आई जब ये सदस्य लंबे समय से ग्रामीण विकास और उपयुक्त प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे थे। इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत 11 नवंबर, 2014 को भारत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • उन्नत भारत अभियान के अगले चरण ‘उन्नत भारत अभियान- 2’ के लिये चुनौतीपूर्ण प्रणाली के आधार पर 840 संस्थानों का चयन किया गया है और ये सभी संस्थान उन्नत भारत अभियान-2 का हिस्सा होंगे। इन चयनित 840 संस्थानों में 521 तकनीकी संस्थान और 319 गैर-तकनीकी संस्थान हैं। अतः कथन 2 सही है।

 

सुरिंसर-मानसर झील

Ramsar Sites

  • जम्मू-कश्मीर में स्थित यह झील अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की वेटलैंड्स की रामसर सूची में शामिल 26 स्थलों की सूची में से एक है।
  • सुरिंसर तथा मानसर झील को जुड़वाँ झील माना जाता है।
  • सुरिंसर मानसर वन्यजीव अभयारण्य दोनों झीलों के मध्य स्थित है।
  • महाभारत काल के दौरान इसकी पौराणिक उत्पत्ति के कारण कई मंदिरों के साथ यह स्थल सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्त्वपूर्ण है।
  • सुरिंसर झील वर्षा जल पर निर्भर है तथा इस झील का कोई स्थायी बहाव नहीं है। जबकि मानसर मुख्य रूप से सतह पर प्रवाहित होने वाले जल तथा धान के खेतों से रिस कर आने वाले मिनरल जल पर आंशिक रूप से निर्भर है, जिसमें बरसात के मौसम में बढ़ोतरी हो जाती है।
  • वर्तमान में मानवीय हस्तक्षेप तथा जलवायु परिवर्तन की वज़ह से इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
ऊँट कडाल पुल श्रीनगर

SriNagar

हाल ही में भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर ट्रस्ट (Indian National Trust For Art And Cultural Heritage- INTACH) ने 17वीं शताब्दी के प्रतिष्ठित पुल ऊँट कडाल का पुनरुद्धार करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि INTACH द्वारा इस पुल के पुनरुद्धार का कार्य जर्मनी की मदद से पूरा किया जाएगा।

  • ऊँट के कूबड़ के समान संरचना वाला यह पुल जिसे स्थानीय रूप से ऊँट कडाल के नाम से जाना जाता है, डल झील के बीच में स्थित है और इसका अधिकांश भाग निशात बाग़ से दिखाई देता है।
  • ऊँट कडाल उस क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें डल झील, ज़बरवान पर्वत श्रृंखला (पीर पंजाल और ग्रेट हिमालय रेंज के बीच उप-पर्वत श्रृंखला) और निशात बाग जैसे विश्व धरोहर स्थल है।
  • ज़बरवान पर्वत श्रृंखला हिमालयी वन्यजीवन से समृद्ध है। दाचीगाम नेशनल पार्क इस श्रेणी की प्रमुख विशेषता है जिसमें कश्मीर स्टैग (हंगुल) की आखिरी व्यवहार्य आबादी मौज़ूद है।
  • ऊँट कडाल के पुनरुद्धार से डल झील की वैश्विक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत पर फिर से ध्यान केंद्रित होगा।

भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर ट्रस्ट (INTACH)

  • यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन है।
  • इसे भारत में विरासत जागरूकता और संरक्षण का नेतृत्व करने के दृष्टिकोण से 1984 में नई दिल्ली में स्थापित किया गया था।
  • वर्ष 2007 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के साथ-साथ एक विशेष सलाहकार का दर्जा प्रदान कर सम्मानित किया गया था।
भारत और एशियाई विकास बैंक के बीच ऋण समझौते पर हस्ताक्षर

ADB

हाल ही में भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank- ADB) ने आर्सेनिक, फ्लोराइड और लवणता से प्रभावित पश्चिम बंगाल के तीन ज़िलों में निरंतर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिये 240 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

  • इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1.65 मिलियन लोगों को निरंतर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
  • इस परियोजना का उद्देश्य भूजल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित चिंताओं को दूर करना है. इस परियोजना से प्रदूषित भूजल के कारण होने वाली बीमारियों में कमी आएगी।
  • इसके तहत विभिन्न परिवारों को व्यक्तिगत कनेक्शन देने के साथ-साथ ज़िला स्तर पर मीटर कनेक्शन आधारित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और इसके साथ ही स्मार्ट जल प्रबंधन के लिये उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।

वित्तीय अनुदान

  • इस परियोजना के लिये जापान गरीबी उन्मूलन कोष से 3 मिलियन डॉलर का अनुदान मिल रहा है जिसका वित्तपोषण जापान सरकार द्वारा किया गया है।
  • इसी तरह इस परियोजना के लिये ADB के शहरी जलवायु परिवर्तन सुदृढ़ ट्रस्ट फंड (Urban Climate Change Resilience Trust Fund) से 2 मिलियन डॉलर का अनुदान मिल रहा है।

एशियाई विकास बैंक

  • एशियाई विकास बैंक एक बहुपक्षीय वित्तीय संस्था है। इसकी स्थापना एशिया और प्रशांत क्षेत्रों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वर्ष 1966 में की गई थी, जिसका मुख्यालय मनीला (फिलिपींस) में है।
  • यह बैंक क्षेत्रीय, उप-क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय परियोजनाओं को प्राथमिकता देता है। सामाजिक और पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं को सहायता प्रदान करने पर बैंक का विशेष ध्यान रहता है। इसके प्रमुख कार्य हैं:

♦ विकास परियोजनाओं और कार्यक्रमों के लिये वित्तीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना।
♦ आर्थिक विकास के लिये लोक एवं निजी पूंजी निवेश को प्रोत्साहन देना।
♦ विकासशील सदस्य-राष्ट्रों की विकास योजनाओं और नीतियों के समन्वय में सहायता प्रदान करना।

  • एशियाई विकास बैंक में मतदान व्यवस्था विश्व बैंक के अनुरूप है, जहाँ मत विभाजन सदस्य राष्ट्रों की पूंजी के अनुपात में होता है। एशियाई विकास बैंक संयुक्त राष्ट्र का आधिकारिक पर्यवेक्षक भी है।
यूनेस्को ग्लोबल जिओ पार्क स्टेटस

Jio Park

लोनार झील, सेंट मैरी द्वीप, और माल्पे बीच ग्लोबल जिओ पार्क का दर्जा पाने के लिये तैयार हैं।

  • ग्लोबल जियो पार्क एकीकृत भौगोलिक क्षेत्र होते हैं जहाँ अंतर्राष्ट्रीय भूगर्भीय महत्त्व के स्थलों व परिदृश्यों का सुरक्षा, शिक्षा और टिकाऊ विकास की समग्र अवधारणा के साथ प्रबंधन किया जाता है।
  • यूनेस्को ग्लोबल जिओ पार्क की स्थापना की प्रक्रिया निचले स्तर से शुरू की जाती है जिसमें सभी प्रासंगिक स्थानीय तथा क्षेत्रीय दावेदारों जैसे कि भू-मालिकों, सामुदायिक समूहों, पर्यटन सेवा प्रदाताओं, तथा स्थानीय लोगों आदि को शामिल किया जाता है।
  • एक महत्त्वाकांक्षी ग्लोबल जिओ पार्क के लिये एक समर्पित वेबसाइट, कॉर्पोरेट पहचान तथा व्यापक प्रबंधन योजना का होना आवश्यक है।

जिओ पार्क टैग का महत्त्व

  • इससे अभिनव स्थानीय उद्यमों, नई नौकरियों और उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निर्माण होता है तथा भू-पर्यटन के माध्यम से राजस्व के नए स्रोत उत्पन्न होते हैं, जबकि क्षेत्र के भूगर्भीय संसाधन संरक्षित होते हैं।
  • यूनेस्को ग्लोबल जिओ पार्क समाज के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों जैसे- पृथ्वी के संसाधनों का स्थायी रूप से उपयोग करना, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करना, प्राकृतिक आपदा से संबंधित जोखिम क्षेत्र आदि के मामले में जागरूकता और समझ को बढ़ाने के लिये, क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के अन्य सभी पहलुओं के साथ-साथ इसके भूगर्भीय विरासत को महत्त्व देता है।
  • जिओ पार्क टैग ऐतिहासिक स्मारक के लिये दिये जाने वाले टैग ‘विश्व धरोहर स्थल’ के समान है।

लोनार झील 

  • लोनार क्रेटर झील भारत के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय भू-विरासत स्मारक है। यह महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िले में स्थित खारे पानी की झील है।

सेंट मैरी द्वीप

  • सेंट मैरी द्वीप जो नारियल द्वीप और थोन्सेपार के नाम से भी प्रसिध्द है, उडुपी, कर्नाटक के मालपे तट पर अरब सागर में स्थित चार छोटे द्वीपों का एक समूह है।
  • वे बेसाल्ट लावा द्वारा अपने विशिष्ट भूवैज्ञानिक गठन के लिये जाने जाते हैं।
  • 2001 में भारत के भूगर्भीय सर्वेक्षण द्वारा इसे “जियो टूरिज़्म” के लिये महत्त्वपूर्ण स्थल के रूप में घोषित किया गया।

मालपे बीच

  • मालपे एक प्राकृतिक बंदरगाह है जो कर्नाटक में उडुपी के पश्चिम में स्थित है।
  • यह कर्नाटक तट पर स्थित एक महत्त्वपूर्ण बंदरगाह और एक मछली पकड़ने का प्रमुख स्थान है।

 

बर्फीले आर्कटिक में नया समुद्री मार्ग

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

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चर्चा में क्यों?

विश्व के सबसे बड़े कंटेनर शिपिंग समूह एपी मॉलर-मैर्स्क (AP Moller-Maersk) के जहाज़ ने रूसी आर्कटिक से होते हुए परीक्षण यात्रा सफलता पूर्वक पूरी कर ली है।

  • यह जहाज़ 22 अगस्त को उत्तरी प्रशांत महासागर में रूस के व्लादिवोस्तोक से निकलकर फिनलैंड की खाड़ी स्थित सेंट पीटर्सबर्ग पहुँच गया।
  • यह समुद्री मार्ग एशिया और यूरोप के बीच नया समुद्री राजमार्ग बन सकता है।

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  • यह मार्ग (रूस की उत्तरी सीमा से होकर) पूर्वी एशिया और पश्चिमी यूरोप (वर्तमान में मलक्का स्ट्रेट, हिंद महासागर, एडन की खाड़ी और सुएज़ नहर से होकर जाने वाला) के बीच की दूरी को 21,000 किलोमीटर से घटाकर 12,800 किलोमीटर करता है। इस नए मार्ग से यात्रा करने में मात्र 10-15 दिनों का समय लगेगा।

गायब होती आर्कटिक बर्फ

  • वर्षों से पिघल रही समुद्री बर्फ ने इस मार्ग को जहाज़ों के लिये खोल दिया है।
  • माप से पता चलता है कि 1980 के दशक के बाद से आर्कटिक महासागर को ढकने वाली समुद्री बर्फ का विस्तार साल-दर-साल घटता गया।
  • जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप आर्कटिक के कुछ हिस्सों में वार्मिंग बहुत तेज़ गति से होती है। वर्षों से जमी हुई बर्फ तथा उसकी मोटी परत का गायब होना इसका सबूत है।

नया नौ-परिवहन मार्ग

  • समुद्र के तापमान में वृद्धि होने के कारण यह कल्पना की जा सकती है कि इस शताब्दी के मध्य तक जहाज़ रूस के उत्तर से निकलकर उत्तरी ध्रुव होते हुए सीधे कनाडा के उत्तरी भाग तक जाने में सक्षम होंगे।
  • अगले दशक में इस क्षेत्र में नौ-परिवहन गतिविधि में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, क्योंकि रूस द्वारा साइबेरिया में तेल तथा गैस से जुड़े क्षेत्रों को विकसित किये जाने की संभावना है।

आर्कटिक मार्ग से संबद्ध मुद्दे

  • लागत
    ♦ उच्च लागत तथा आर्कटिक बर्फ की बदलती परिस्थिति संचालकों को हतोत्साहित कर सकती है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिये सख्त मानदंडों का पालन करना पड़ सकता है।
  • सुरक्षा
    ♦ वर्द्धित बीमा लागत तथा सुरक्षा के प्रति सज़गता जैसी अन्य चिंताओं का भी ध्यान रखना होगा।

पर्यावरण

  • जहाज़ों द्वारा उत्पन्न शोर तथा प्रदूषण, पर्यावरण के साथ-साथ समुद्री दुनिया के अन्य हिस्सों में समुद्री जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।

 

भारत ने UNGA में CCIT की माँग फिर से उठाई

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-20 : महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच, उनकी संरचना, अधिदेश)

CCIT

चर्चा में क्यों?

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र का आयोजन हुआ। इस सत्र में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय (CCIT) की मांग को दोहराया।

CCIT क्या है?

  • 1996 में भारत ने आतंकवाद से निपटने के लिये बोधगम्य कानूनी ढाँचा प्रदान करने के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के समक्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय’ (CCIT) को लागू किये जाने का प्रस्ताव रखा।
  • भारत सीमा पार आतंकवाद से पीड़ित रहा है। इसलिये भारत ने प्रमुख वैश्विक शक्तियों से पहले वैश्विक शांति और सुरक्षा के मामले को संज्ञान में लिया।
  • CCIT के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं-
    ♦ आतंकवाद की सार्वभौमिक परिभाषा को UNGA के सभी 193 सदस्य देशों द्वारा अपने आपराधिक विधि में अपनाया जाना।
    ♦ सभी आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित करना तथा आतंकी गतिविधियों में संलिप्त कैम्पों को बंद करना।
    ♦ विशेष कानूनों के तहत सभी आतंकवादियों पर मुकदमे चलाना।
    ♦ वैश्विक स्तर पर सीमा-पार आतंकवाद को प्रत्यार्पण योग्य अपराध घोषित करना।
  • आतंकवाद की परिभाषा-
    ♦ इस अभिसमय के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जिसके अपराध का उद्देश्य लोगों को डराना या सरकार या अंतर्राष्ट्रीय संगठन को किसी भी कार्य को करने से रोकना या ऐसा कार्य करने के लिये मजबूर करना हो, जिसके कारण-
    ► किसी भी व्यक्ति की मौत या गंभीर शारीरिक चोट, या
    ► सार्वजनिक उपयोग की जगह, कोई सरकारी सुविधा, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली, अवसंरचना या पर्यावरण सहित सार्वजनिक या निजी संपत्ति की क्षति, या
    ► संपत्ति, स्थान, सुविधाओं या प्रणालियों को नुकसान पहुँचता है जिसके परिणामस्वरूप बड़ा आर्थिक नुकसान हो, को आतंकवाद की परिभाषा के तहत माना जाएगा।

CCIT से सबंद्ध मुद्दे-

  • तीन मुख्य समूहों के विपक्ष में होने की वज़ह से CCIT के निष्कर्ष तथा अनुसमर्थन पर गतिरोध बना हुआ है-
  • अमेरिका-
    ♦ अमेरिका शांतिकाल के दौरान राज्य की सैन्य ताकतों द्वारा किये गए कृत्यों को बाहर रखने का मसौदा चाहता था।
    ♦ अमेरिका खासतौर पर अफगानिस्तान और इराक में किये गए हस्तक्षेपों के संबंध में अपने सैन्य बलों पर CCIT के अनुप्रयोग को लेकर चिंतित है।
  • इस्लामी देशों का संगठन (OIC)
    ♦ OIC राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनों को CCIT के दायरे से बाहर रखना चाहता है। राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनों से OIC का तात्पर्य खासकर इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष से है।
    ♦ यह तर्क दिया गया था कि स्वतंत्रता आंदोलनों तथा आतंकवाद के कृत्यों को अलग करने की आवश्यकता है ताकि वैध आंदोलनों को आतंकवाद के आपराधिक कृत्यों के रूप में वर्गीकृत न किया जा सके।
  • लातिन अमेरिकी देश
    ♦ लातिन अमेरिकी देश ‘राज्य आतंकवाद (State Terrorism)’ को तथा राज्यों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के उल्लंघन को भी CCIT में शामिल करना चाहते थे।
  • आतंकवाद की यह परिभाषा विवादास्पद नहीं है। विवाद इस परिभाषा के अनुप्रोग को लेकर है। क्या यह परिभाषा किसी राज्य के सशस्त्र बलों और स्वतंत्रता आंदोलनों पर भी लागू होगी?

निष्कर्ष

आतंकवाद का मुकाबला करने हेतु एक प्रभावी तंत्र बनाने के लिये यह आवश्यक है कि दुनिया के सभी देश आतंकवाद की परिभाषा पर सहमत हों। देशों को मात्र अपने हित के नज़रिये से नहीं बल्कि वैश्विक आतंकवाद की समस्या का जड़ से उन्मूलन करने के व्यापक उद्देश्य के साथ इस मुद्दे को देखना चाहिये।