UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 06-10-2018

बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग सेवा नीति

Biomatric

हाल ही में केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय द्वारा हवाई अड्डों पर विमान यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग सेवा- ‘डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म’ की नीति जारी की गई है।

  • डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म के लिये मानक तय करने के लिये एक तकनीकी कार्यसमिति बनाई गई है जिसमें हवाई अड्डों के संचालक, विमान सेवा देने वाली कंपनियाँ और नागरिक उड्डयन क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • फरवरी 2019 के अंत तक बंगलूरू और हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा। अप्रैल 2019 तक इसे कोलकाता, वाराणसी, पुणे और विजयवाड़ा के हवाई अड्डों पर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

प्रमुख विशेषताएँ

  • यह डिजिटल आधारित ऐसी प्रणाली है जिससे यात्रियों की पहचान उनके चेहरे से की जा सकेगी। यह हवाई अड्डे में प्रवेश करने और विमान पर सवार होने तक यात्रियों को यात्रा का सहज अनुभव कराएगी।
  • इस प्रणाली के तहत यात्रियों का एक केंद्रीयकृत प्रणाली के ज़रिये पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें डिजी यात्रा आईडी दी जाएगी। आईडी में यात्रियों का नाम, उनकी ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और आधार न होने की स्थिति में कोई अन्य पहचान पत्र का विवरण होगा।
  • डिजी यात्रा आईडी बनाने वाले यात्री को उस हवाई अड्डे पर पहली और अंतिम बार अपना सत्यापन कराना होगा जहाँ से वह प्रस्थान करने वाला है।
  • ‘डिजी-यात्रा’ योजना, यूनिक आईडी जैसे- भारतीय नागरिकों के आधार, पासपोर्ट या पैन कार्ड को पीएनआर की बुकिंग के लिये लिंक करेगी। बुकिंग के समय स्वचालित प्रणाली हवाई टिकट के साथ अद्वितीय पहचान (यूआईडी) को लिंक करेगी।
  • डिजी यात्रा के ज़रिये विमान सेवा कंपनियाँ टर्मिनल पर मौजूद अपने यात्रियों की स्थिति की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगी। इससे यात्रियों के समय पर न पहुँचने या उनके गुम हो जाने की स्थिति में उड़ान में देरी जैसी समस्या नहीं उत्पन्न होगी। इसके साथ ही हवाई अड्ड़े पर यात्रियों की सुरक्षा जांच भी सुगम हो जाएगी।
तंबाकू उत्पादों पर चित्रमय चेतावनी में भारत का 5वाँ स्थान

Tobaco

हाल ही में कनाडाई कैंसर सोसाइटी द्वारा जारी ‘सिगरेट पैकेज स्वास्थ्य चेतावनी: अंतर्राष्ट्रीय स्थिति रिपोर्ट’ (The Cigarette Package Health Warnings: International Status Report) में तंबाकू उत्पादों पर चित्रमय स्वास्थ्य चेतावनी देने वाले देशों की सूची में भारत को पाँचवें स्थान पर रखा गया है।  इस रिपोर्ट में सादी पैकेजिंग पर वैश्विक प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया है।

  • इस रिपोर्ट के अंतर्गत सिगरेट की पैकेजिंग पर स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियों के आकार के संबंध में 206 देशों और क्षेत्रों को शामिल करते हुए यह रैंकिंग जारी की गई है।
  • पूर्वी तिमोर को पैकेजिंग के मुख्य पृष्ठ पर 85% और  पिछले पृष्ठ पर 100% चित्रमय चेतावनियों के लिये पहले स्थान पर रखा गया है। नेपाल में पैकेजिंग के दोनों तरफ 90% चित्रमय चेतावनी का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि भारतीय पैकेजिंग में दोनों तरफ 85% पर चित्रमय चेतावनी होती है।
  • इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में 118 देशों और क्षेत्रों द्वारा सिगरेट पैकेजिंग पर चित्रमय चेतावनी को अनिवार्य कर दिया गया है। 2001 में सर्वप्रथम  कनाडा ने चित्रमय स्वास्थ्य चेतावनियों की पेशकश की थी।
  • गौर करने वाली बात यह है कि भारत एकमात्र सार्क देश है जो तंबाकू उत्पादों पर क्विट-लाइन नंबर (Quit-Line number) का इस्तेमाल करता है, हालाँकि समस्त एशिया में थाईलैंड, मलेशिया और सिंगापुर के बाद इसका चौथा स्थान है।
  • आपको बता दें कि भारत सरकार ने पहली बार सभी तंबाकू उत्पादों पर चित्रमय चेतावनी के लिये क्विट-लाइन नंबर की शुरुआत की है।

क्विट-लाइन नंबर

  • यह तंबाकू के उपभोग से होने वाले नुकसान के बारे में लोगों (विशेष रूप से अशिक्षित) और बच्चों को चेतावनी देने में मदद करेगा। क्विट-लाइन नंबर उन लोगों के लिये मददगार साबित होगा जो इस लत को छोड़ना चाहते है।
  • सिगरेट, बीड़ी और अन्य तंबाकू उत्पादों के दोनों तरफ मौजूद वर्तमान चित्रमय चेतावनियों को अप्रैल 2016 में राजस्थान उच्च न्यायालय और बाद में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के बाद प्रभाव में लाया गया।
ग्वादर तेल रिफाइनरी

Gwadar Oil Refinery

सऊदी अरब पाकिस्तान के गहरे पानी के बंदरगाह ग्वादर में एक नई तेल रिफाइनरी स्थापित करने के संदर्भ में निवेश करने के लिये राजी हो गया है।

  • इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिये पाकिस्तान सऊदी राज्य की तेल कंपनी अरामको के साथ साझेदारी में कार्य करेगा।
  • ग्वादर बंदरगाह अरब सागर में स्थित है। दक्षिण एशिया, मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के बीच स्थित होने के कारण यह रणनीतिक रूप से काफी महत्त्वपूर्ण है। ग्वादर शहर एक 60 किमी चौड़ी तटवर्ती पट्टी पर बसा हुआ है जिसे मकरान के नाम से भी जाना जाता है। ईरान तथा फ़ारस की खाड़ी के समीप होने के कारण यह सैन्य एवं राजनैतिक रूप से काफी महत्त्व रखता है।

ग्वादर बंदरगाह परियोजना

  • आपकी जानकारी के लिये बता दें कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के तटीय कस्बे ग्वादर और इसके आसपास के इलाके को वर्ष 1958 में पाकिस्तान सरकार ने ओमान से ख़रीदा था।
  • इस तटीय क्षेत्र में एक बड़ा बंदरगाह बनाने की संभावनाओं पर उस समय से विचार किया जा रहा है जब वर्ष 1954 में एक अमेरीकी भूगर्भ सर्वेक्षण में ग्वादर को डीप सी पोर्ट के लिये एक बेहतरीन स्थान के रूप में रेखांकित किया गया।
  • परंतु  वर्ष 2002 में वास्तविक रूप में इस विचार को अमल में लायए जाने के प्रयास शुरू किये गए। तत्कालीन सेना अध्यक्ष जनरल परवेज़ मुशर्रफ ने ग्वादर बंदरगाह के निर्माण कार्य का उद्घाटन किया और 24 करोड़ डॉलर की लागत से यह परियोजना 2007 में पूरी हुई।
  • नीलामी के बाद इस बंदरगाह के संचालन का कार्य सिंगापुर की एक कंपनी को दे दिया गया। ग्वादर बंदरगाह पहली बार विवाद में तब आया जब 2013 में पाकिस्तान सरकार ने इसके निर्माण का ठेका सिंगापुर की कंपनी से लेकर एक चीनी कंपनी को दे दिया।
  • इस परियोजना को चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरीडोर का नाम दिया गया, जिसके तहत चीन को ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने की योजना है।
  • इस समझौते पर 2015 में हस्ताक्षर किये गए जिसके बाद यह स्पष्ट किया गया कि इस परियोजना में सड़कें, रेलवे और बिजली परियोजनाओं के अलावा कई विकास परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है। चूँकि यह रास्ता ग्वादर से शुरू होता है (या समाप्त होता है), इसलिये ग्वादर और इस बंदरगाह का इस पूरी परियोजना में अहम स्थान है।
स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण पुरस्‍कार- 2018

Survey of Rural-Ancestry

  • हाल ही में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा शुरू किये गए राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 के आधार पर अधिकतम जन भागीदारी के साथ शीर्ष स्‍थान पाने वाले ज़िलों और राज्यों को पुरस्कृत किया।
  • इन पुरस्कारों के तहत हरियाणा ने शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि गुजरात और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे।
  • महाराष्ट्र के सतारा ज़िले ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 की रैंकिंग में सबसे अच्छे ज़िलों में पहला स्थान हासिल किया जबकि रेवाड़ी (हरियाणा) तथा पेडापल्ली (तेलंगाना) क्रमशः दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे।
  • उत्तर प्रदेश को पेयजल और स्‍वच्‍छता के क्षेत्र में सर्वाधिक जनभागीदारी के लिये पुरस्कृत किया गया।
  • इस दौरान उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सबसे ज़्यादा जनभागीदारी वाले राज्य रहे।
  • नासिक (महाराष्ट्र), सोलापुर (महाराष्ट्र), चितौड़गढ़ (राजस्थान) सबसे ज़्यादा जनभागीदारी वाले ज़िले रहे।

पृष्ठभूमि

  • पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने एक स्वतंत्र सर्वेक्षण एजेंसी के माध्यम से मात्रात्मक और गुणात्मक स्वच्छता (स्वच्छता) मानकों के आधार पर भारत के सभी ज़िलों की रैंकिंग तय करने के लिये “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018” (SSG 2018) की शुरुआत की थी।
  • इसके तहत पूरे भारत में 685 ज़िलों के 6786 गाँवों को शामिल किया गया था तथा एक स्वतंत्र एजेंसी ने इन गाँवों के 27,963 सार्वजनिक स्थानों अर्थात् स्कूल, आँगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, हाट/बाज़ार/धार्मिक स्थानों आदि का सर्वेक्षण किया।

 

क्या है ‘IL&FS संकट’?

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-01 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।)

IL-FS

चर्चा में क्यों

हाल ही में भारत के गैर-बैंकिंग क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़िग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS)’ के ऊपर नकदी तथा कर्ज़ का संकट आ गया जिसने पूरे गैर-बैंकिंग क्षेत्र में डर का माहौल पैदा कर दिया।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • इस संकट की शुरुआत तब हुई जब SIDBI से लिये गए अल्पावधि ऋण को चुकाने में IL&FS असफल रही। डिफॉल्टर होने की वज़ह से IL&FS की रेटिंग लगातार गिरने लगी।
  • आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज़, IL&FS की 100% सहायक कंपनी भी 440.46 करोड़ रुपए का ऋण चुकाने में असफल रही।
  • IL&FS 10 वर्षों से अधिक अवधि की परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है, लेकिन इसके द्वारा लिये गए उधार कम अवधि के होते हैं, जो परिसंपत्ति-देयता अंतर को बढ़ा देता है।
  • अनुमान के मुताबिक, तीन वर्षों तक 17% विसंगतियाँ नकारात्मक रहीं। जब ऋण का बहिर्वाह संपत्ति के अंतर्वाह से अधिक हो जाता है तब परिसंपत्ति-देयता विसंगति नकारात्मक हो जाती है।
  • IL&FS का सबसे बड़ा शेयरधारक LIC है, जिसके पास 25.34% शेयर हैं । LIC के बाद ORIX के पास 23.54% शेयर हैं।

प्रभाव क्या पड़ेगा?

  • IL&FS के डिफॉल्ट हो जाने से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ, मुख्य रूप से हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के निवेशक परेशानी में पड़ गए है।
  • बैंक और म्यूचुअल फंड हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों तथा अन्य गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों के लिये वित्तपोषण के मुख्य स्रोत हैं। वित्तपोषण में बैंक 40% और म्यूचुअल फंड 30% का योगदान देते हैं।
  • IL&FS ने संकट का सामना करने के लिये तीन तरह की रणनीतियों की शुरुआत की है- राइट शेयर जारी करना, ऋण चुकाने के लिये संपत्ति की बिक्री और लिक्विडिटी शेयर संबोधित करना जब तक कि संपत्ति की बिक्री शुरू नहीं हो जाती।
  • यह राइट शेयर जारी करते हुए 4,500 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रहा है जिसमें यह 150 रुपए प्रति शेयर के हिसाब से 30 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगा।
  • इसके बोर्ड ने सहायक कंपनियों जैसे- आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज़, आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन, आईएल एंड एफएस एनर्जी, आईएल एंड एफएस एन्वायरनमेंट और आईएल एंड एफएस एजुकेशन में ₹ 5,000 करोड़ के पुनर्पूंजीकरण को भी मंजूरी दे दी है।

IL&FS 

इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़िग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS) भारतीय अवसंरचना विकास तथा वित्त कंपनी है। जिसका कार्य प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं के लिये वित्त तथा ऋण प्रदान करना है। इसकी परियोजनाओं में एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक सुरंग चेनानी-नाशरी शामिल है। फिलहाल यह कंपनी दिवालिया होने की कगार पर है।

  • यह 250 से अधिक सहायक कंपनियों के माध्यम से संचालित होती है।
  • 1987 में इसे भारत सरकार के स्वामित्व वाले तीन वित्तीय संस्थानों अर्थात् सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) और यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) द्वारा ‘आरबीआई रजिस्टर्ड कोर इंवेस्टमेंट कंपनी’ के रूप में गठित किया गया था।

 

[1]

भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक के मध्य हुए समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिये भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक ने 240 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।
  2. इस परियोजना का उद्देश्य भूजल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित चिंताओं को दूर करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या:

  • हाल ही में भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank- ADB) ने आर्सेनिक, फ्लोराइड और लवणता से प्रभावित पश्चिम बंगाल के तीन ज़िलों में निरंतर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिये 240 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 1.65 मिलियन लोगों को निरंतर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। अतः कथन 1 सही है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य भूजल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित चिंताओं को दूर करना है। इस परियोजना से प्रदूषित भूजल के कारण होने वाली बीमारियों में कमी आएगी। इसके तहत विभिन्न परिवारों को व्यक्तिगत कनेक्शन देने के साथ-साथ ज़िला स्तर पर मीटर कनेक्शन आधारित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और इसके साथ ही स्मार्ट जल प्रबंधन के लिये उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा। अतः कथन 2 सही है।
[2]

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. जम्मू-कश्मीर में स्थित यह झील अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की वेटलैंड्स की रामसर सूची में शामिल 26 स्थलों की सूची में से एक है।
  2. महाभारत काल के दौरान इसकी पौराणिक उत्पत्ति के कारण कई मंदिरों के साथ यह स्थल सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्त्वपूर्ण है।
  3. वर्तमान में मानवीय हस्तक्षेप तथा जलवायु परिवर्तन की वज़ह से इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।

उपर्युक्त कथन निम्नलिखित में से किस झील से संबंधित हैं?

A) सुरिंसर-मानसर झील
B) डल झील
C) वूलर झील
D) निशात झील
Hide Answer –

उत्तर : (a)
व्याख्या :

सुरिंसर-मानसर झील:

जम्मू-कश्मीर में स्थित यह झील अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की वेटलैंड्स की रामसर सूची में शामिल 26 स्थलों की सूची में से एक है। सुरिंसर तथा मानसर झील को जुड़वाँ झील माना जाता है। सुरिंसर मानसर वन्यजीव अभयारण्य दोनों झीलों के मध्य स्थित है। महाभारत काल के दौरान इसकी पौराणिक उत्पत्ति के कारण कई मंदिरों के साथ यह स्थल सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्त्वपूर्ण है। सुरिंसर झील वर्षा जल पर निर्भर है तथा इस झील का कोई स्थायी बहाव नहीं है। जबकि मानसर मुख्य रूप से सतह पर प्रवाहित होने वाले जल तथा धान के खेतों से रिस कर आने वाले मिनरल जल पर आंशिक रूप से निर्भर है, जिसमें बरसात के मौसम में बढ़ोतरी हो जाती है। वर्तमान में मानवीय हस्तक्षेप तथा जलवायु परिवर्तन की वज़ह से इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।

[3]

2018-19 सीज़न की रबी फसलों के एमएसपी में की गई वृद्धि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. गेहूँ की एमएसपी में प्रति क्विंटल केवल 5 रुपए की वृद्धि की गई है।
  2. जौ, चना, मसूर और कुसुम के लिये सरकार द्वारा तय की गई एमएसपी उत्पादन लागत के मुकाबले काफी कम है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (d)
व्याख्या:

  • किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करते हुए हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 2018-19 सीज़न की सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंज़ूरी दे दी है। गेहूँ की एमएसपी में प्रति क्विंटल 105 रुपए, कुसुम की एमएसपी में प्रति क्विंटल 845 रुपए, जौ की एमएसपी में प्रति क्विंटल 30 रुपए, मसूर की एमएसपी में प्रति क्विंटल 225 रुपए, चने की एमएसपी में प्रति क्विंटल 220 रुपए तथा रेपसीड एवं सरसों की एमएसपी में प्रति क्विंटल 200 रुपए की वृद्धि की गई है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • गेहूँ, जौ, चना, मसूर, रेपसीड एवं सरसों और कुसुम के लिये सरकार द्वारा तय की गई एमएसपी उत्पादन लागत के मुकाबले काफी अधिक है। जौ की उत्पादन लागत 860 रुपए प्रति क्विंटल और एमएसपी 1440 रुपए प्रति क्विंटल है, जो 67.4 प्रतिशत का रिटर्न देती है। चने की उत्पादन लागत 2637 रुपए प्रति क्विंटल और एमएसपी 4620 रुपए प्रति क्विंटल है, जो 75.2 प्रतिशत का रिटर्न सुनिश्चित करती है। मसूर की उत्पादन लागत 2532 रुपए प्रति क्विंटल और एमएसपी 4475 रुपए प्रति क्विंटल है, जो 76.7 प्रतिशत का रिटर्न देती है। कुसुम की उत्पादन लागत 3294 रुपए प्रति क्विंटल और एमएसपी 4945 रुपए प्रति क्विंटल है, जो 50.1 प्रतिशत का रिटर्न देती है। अतः कथन 2 सही नहीं है।
[4]

यूनेस्को ग्लोबल जिओ पार्क स्टेटस के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये :

  1. ग्लोबल जिओ पार्क एकीकृत भौगोलिक क्षेत्र होते हैं जहाँ अंतर्राष्ट्रीय व्यापारिक महत्त्व के स्थलों का प्रबंधन किया जाता है।
  2. जिओ पार्क टैग से अभिनव स्थानीय उद्यमों, नई नौकरियों और उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निर्माण होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (b)
व्याख्या:

  • ग्लोबल जिओ पार्क एकीकृत भौगोलिक क्षेत्र होते हैं जहाँ अंतर्राष्ट्रीय भूगर्भीय महत्त्व के स्थलों व परिदृश्यों का सुरक्षा, शिक्षा और टिकाऊ विकास की समग्र अवधारणा के साथ प्रबंधन किया जाता है। भारत में लोनार झील, सेंट मैरी द्वीप और माल्पे बीच ग्लोबल जिओ पार्क का दर्जा पाने के लिये तैयार हैं। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • जिओ पार्क टैग से अभिनव स्थानीय उद्यमों, नई नौकरियों और उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का निर्माण होता है तथा भू-पर्यटन के माध्यम से राजस्व के नए स्रोत उत्पन्न होते हैं, जबकि क्षेत्र के भूगर्भीय संसाधन संरक्षित होते हैं। यूनेस्को ग्लोबल जिओ पार्क समाज के सामने आने वाले प्रमुख मुद्दों जैसे- पृथ्वी के संसाधनों का स्थायी रूप से उपयोग करना, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करना, प्राकृतिक आपदा से संबंधित जोखिम क्षेत्र आदि के मामले में जागरूकता और समझ को बढ़ाने के लिये, क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के अन्य सभी पहलुओं के साथ-साथ इसके भूगर्भीय विरासत को महत्त्व देता है। अतः कथन 2 सही है।
[5]

उद्यम अभिलाषा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक द्वारा 115 आकांक्षी ज़िलों में राष्ट्र स्तरीय उद्यमिता जागरूकता अभियान ‘उद्यम अभिलाषा’ की शुरुआत की गई।
  2. अभियान के तहत 800 से अधिक प्रशिक्षु तैयार किये जाएंगे, जो इन ज़िलों के आकांक्षी युवाओं को उद्यम प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
  3. रोज़गार के संदर्भ में ग्राम सभाओं और ज़िला पंचायतों के अंतर को कम करने की आवश्यकता को देखते हुए जून 2015 में आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर : (a)
व्याख्या:

  • हाल ही में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक, सिडबी (Small Industries Development Bank of India- SIDBI) ने 115 आकांक्षी ज़िलों में राष्ट्र स्तरीय उद्यमिता जागरूकता अभियान ‘उद्यम अभिलाषा’ की शुरुआत की। नीति आयोग ने 28 राज्यों में इन 115 आकांक्षी ज़िलों की पहचान की है और यह अभियान अब तक लगभग 15000 युवाओं तक पहुँचा है। अतः कथन 1 सही है।
  • इस अभियान के तहत 800 से अधिक प्रशिक्षु तैयार किये जाएंगे, जो इन ज़िलों के आकांक्षी युवाओं को उद्यम प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। सिडबी ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ई-शासन सेवा भारत लिमिटेड (e-Governance Services India Limited) के साथ साझेदारी की है, ताकि उसके मंच द्वारा अभियान को लागू किया जा सके। इस अभियान के तहत आकांक्षी ज़िलों के ग्रामीण युवाओं को प्रेरित किया जाएगा और उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिये सहायता प्रदान की जाएगी। अतः कथन 2 सही है।
  • मानव विकास सूचकांक को बेहतर बनाने तथा विकास के संदर्भ में राज्यों और ज़िलों के अंतर को कम करने की आवश्यकता को देखते हुए जनवरी 2018 में आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। आकांक्षी ज़िला कार्यक्रम में भारत की 15 प्रतिशत आबादी को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 28 राज्यों के 115 ज़िलों में तेज़ी से परिवर्तन लाना है। अतः कथन 3 सही नहीं है।