UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 08-10-2018

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नदी प्रदूषण समाप्ति योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. यह परियोजना पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा शुरू की जाएगी।
  2. परियोजना हेतु कुल स्वीकृत राशि 186.74 करोड़ रुपए है और यह राशि 90:10 लागत आधार पर भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार वहन करेगी।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (National River Conservation Plan- NCRP) के माध्यम से विभिन्न नदियों के चिह्नित भागों में प्रदूषण समाप्त करने के राज्य सरकारों के प्रयासों में सहायता प्रदान करने हेतु पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में देविका तथा तवी नदियों के प्रदूषण को समाप्त करने के लिये एक परियोजना को स्वीकृति दे दी है। अतः कथन 1 सही है।
  • यह परियोजना मार्च, 2021 तक पूरी की जाएगी और इसे शहरी इंजीनियरिंग तथा पर्यावरण विभाग (Urban Engineering and Environment Department -UEED) द्वारा लागू किया जाएगा। परियोजना हेतु कुल स्वीकृत राशि 186.74 करोड़ रुपए है और यह राशि 90:10 लागत आधार पर भारत सरकार और जम्मू-कश्मीर सरकार वहन करेगी। परियोजना में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 166.86 करोड़ रुपए की होगी और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 18.08 करोड़ रुपए होगी। अतः कथन 2 सही है।
[2]

‘डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म’ से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. फरवरी 2019 के अंत तक बंगलूरू और हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा।
  2. डिजी यात्रा के ज़रिये विमान सेवा कंपनियाँ टर्मिनल पर मौजूद अपने यात्रियों की स्थिति की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगी।
  3. डिजी यात्रा आईडी बनाने वाले यात्री को किसी भी हवाई अड्डे पर कोई सत्यापन नहीं कराना पड़ेगा।

नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर : (a)
व्याख्या :

  • हाल ही में केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय द्वारा हवाई अड्डों पर विमान यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल प्रोसेसिंग सेवा- ‘डिजी यात्रा प्लेटफॉर्म’ की नीति जारी की गई है। फरवरी 2019 के अंत तक बंगलूरू और हैदराबाद के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा। अप्रैल 2019 तक इसे कोलकाता, वाराणसी, पुणे और विजयवाड़ा के हवाई अड्डों पर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। अतः कथन 1 सही है।
  • यह डिजिटल आधारित ऐसी प्रणाली है जिससे यात्रियों की पहचान उनके चेहरे से की जा सकेगी। डिजी यात्रा के ज़रिये विमान सेवा कंपनियाँ टर्मिनल पर मौजूद अपने यात्रियों की स्थिति की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगी। इससे यात्रियों के समय पर न पहुँचने या उनके गुम हो जाने की स्थिति में उड़ान में देरी जैसी समस्या नहीं उत्पन्न होगी। इसके साथ ही हवाई अड्ड़े पर यात्रियों की सुरक्षा जाँच भी सुगम हो जाएगी। अतः कथन 2 सही है।
  • इसके तहत यात्रियों का एक केंद्रीकृत प्रणाली के ज़रिये पंजीकरण किया जाएगा और उन्हें डिजी यात्रा आईडी दी जाएगी। आईडी में यात्रियों का नाम, उनकी ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और आधार न होने की स्थिति में कोई अन्य पहचान पत्र का विवरण होगा। डिजी यात्रा आईडी बनाने वाले यात्री को उस हवाई अड्डे पर पहली और अंतिम बार अपना सत्यापन कराना होगा जहाँ से वह प्रस्थान करने वाला है। अतः कथन 3 सही नहीं है।
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राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 पुरस्कार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इन पुरस्कारों की रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा।
  2. महाराष्ट्र के सतारा ज़िले ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 की रैंकिंग में सबसे अच्छे ज़िलों में पहला स्थान हासिल किया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (b)
व्याख्या :

  • हाल ही में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा शुरू किये गए राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 के आधार पर अधिकतम जन भागीदारी के साथ शीर्ष स्थान पाने वाले ज़िलों और राज्यों को पुरस्कृत किया गया। इन पुरस्कारों की रैंकिंग में हरियाणा ने शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि गुजरात और महाराष्ट्र क्रमशः दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • इसके तहत पूरे भारत में 685 ज़िलों के 6786 गाँवों को शामिल किया गया था तथा एक स्वतंत्र एजेंसी ने इन गाँवों के 27,963 सार्वजनिक स्थानों अर्थात् स्कूल, आँगनवाड़ी, सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, हाट/बाज़ार/धार्मिक स्थानों आदि का सर्वेक्षण किया। महाराष्ट्र के सतारा ज़िले ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण- 2018 की रैंकिंग में सबसे अच्छे ज़िलों में पहला स्थान हासिल किया, जबकि रेवाड़ी (हरियाणा) तथा पेडापल्ली (तेलंगाना) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। अतः कथन 2 सही है।
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अमेरिका और कनाडा के मध्य हुए मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस समझौते के तहत कनाडा अब अपने डेयरी बाज़ार को अमेरिकी उत्पादकों के लिये खोल देगा।
  2. यह समझौता शुल्क मुक्त बाज़ार का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे बाहरी देशों पर नियंत्रण करता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • हाल ही में कनाडा और अमेरिका एक नए मुक्त व्यापार समझौते पर सहमत हुए जिसमें मैक्सिको भी शामिल होगा। इस समझौते के तहत कनाडा अब अपने डेयरी बाज़ार को अमेरिकी उत्पादकों के लिये खोल देगा और बदले में वाशिंगटन ने विवाद निपटान प्रावधानों को अपरिवर्तित छोड़ दिया। कनाडा की आपूर्ति-प्रबंधित डेयरी प्रणाली के तहत, कनाडा प्रभावी ढंग से उत्पादन कोटा और दूध की कीमत निर्धारित करता है, जो उपभोक्ताओं के लिये कीमतें बढ़ाता है लेकिन किसानों को स्थिर आय प्रदान करता है। कनाडा द्वारा लगाए गए 275% तक के टैरिफ ने कनाडा के बाज़ार से अधिकतर देशों के दूध को बाहर रखा है। अतः कथन 1 सही है।
  • इस समझौते में कनाडा में डेयरी बाज़ार में बदलाव के साथ-साथ श्रमिकों के लिये मजबूत सुरक्षा, कठिन नए पर्यावरणीय नियम शामिल किये गए हैं और डिजिटल अर्थव्यवस्था को कवर करने के लिये व्यापार संबंधों को अद्यतन किया गया है। साथ ही यह समझौता अभूतपूर्व बौद्धिक संपदा सुरक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, यह व्यापार नियमों के ‘हेरफेर’ को रोकने के लिये मुद्रा मूल्यों को शामिल करने सहित प्रावधानों को जोड़ता है और शुल्क मुक्त बाज़ार का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे बाहरी देशों पर नियंत्रण करता है। अतः कथन 2 सही है।
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IL&FS संकट के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

A) भारत के गैर-बैंकिंग क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़िग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS)’ के ऊपर नकदी तथा कर्ज़ का संकट आ गया।
B) डिफाल्टर होने के बावजूद IL&FS की रेटिंग लगातार बढ़ रही थी।
C) IL&FS का सबसे बड़ा शेयरधारक ONGC है, जिसके पास 51% शेयर हैं।
D) IL&FS 20 वर्षों से अधिक अवधि की परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है, लेकिन इसके द्वारा लिये गए उधार दीर्घ अवधि के होते हैं।
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उत्तर : (a)
व्याख्या :

  • हाल ही में भारत के गैर-बैंकिंग क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी ‘इंफ्रास्ट्रक्चर लीज़िग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज़ (IL&FS)’ के ऊपर नकदी तथा कर्ज़ का संकट आ गया जिसने पूरे गैर-बैंकिंग क्षेत्र में डर का माहौल पैदा कर दिया। इस संकट की शुरुआत तब हुई जब SIDBI से लिये गए अल्पावधि ऋण को चुकाने में IL&FS असफल रही। डिफॉल्टर होने की वज़ह से IL&FS की रेटिंग लगातार गिरने लगी। आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विसेज़, IL&FS की 100% सहायक कंपनी भी 46 करोड़ रुपए का ऋण चुकाने में असफल रही। IL&FS 10 वर्षों से अधिक अवधि की परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है, लेकिन इसके द्वारा लिये गए उधार कम अवधि के होते हैं, जो परिसंपत्ति-देयता अंतर को बढ़ा देता है। अनुमान के मुताबिक, तीन वर्षों तक 17% विसंगतियाँ नकारात्मक रहीं। जब ऋण का बहिर्वाह संपत्ति के अंतर्वाह से अधिक हो जाता है तब परिसंपत्ति-देयता विसंगति नकारात्मक हो जाती है। IL&FS का सबसे बड़ा शेयरधारक LIC है, जिसके पास 25.34% शेयर हैं । LIC के बाद ORIX के पास 23.54% शेयर हैं।

 

चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड- 2018

UNEP

हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड’ प्राप्त किया।

  • भारतीय प्रधानमंत्री को इंटरनेशनल सौर गठबंधन में अपने अग्रणी कार्यों और 2022 तक भारत में सभी प्रकार के एकल उपयोग वाले प्लास्टिक को खत्म करने की अभूतपूर्व प्रतिज्ञा के लिये नेतृत्व (leadership) की श्रेणी में चुना गया है।
  • 2005 में लॉन्च किया गया यह पुरस्कार उन सार्वजनिक क्षेत्रों, निजी क्षेत्रों और सिविल सोसाइटी के उत्कृष्ट आँकड़ों को मान्यता देता है जिनके कार्यों से पर्यावरण पर एक परिवर्तनीय सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • ‘चैंपियंस ऑफ द अवार्ड’ के अंतर्गत निम्नलिखित श्रेणियों में पुरस्कार दिये जाते हैं:
    ♦ लाइफटाइम अचीवमेंट
    ♦ नीति नेतृत्व (Policy Leadership)
    ♦ कार्य और प्रेरणा
    ♦ उद्यमी दृष्टि
    ♦ विज्ञान और नवाचार

चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड- 2018 विजेताओं की सूची 

  • लाइफटाइम अचीवमेंट – जोआन कार्लिंग (Joan Carling)
  • नीति नेतृत्व – नरेंद्र मोदी (भारत के प्रधानमंत्री) तथा इमानुअल मैक्रॉन (फ्राँस के राष्ट्रपति)
  • कार्य और प्रेरणा – ज्हेजिंग ग्रीन रूरल रिवाइवल प्रोग्राम (Zhejing Green Rural Revival Programme), चीन
  • उद्यमी दृष्टि – कोचीन इंटरनेशनल एअरपोर्ट
  • विज्ञान और नवाचार – बियॉन्ड मीट तथा इम्पॉसिबल फूड्स (संयुक्त रूप से)
अलफांसो आम को मिला जी.आई टैग

GI

महाराष्ट्र के रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पालघर, ठाणे और रायगढ़ ज़िलों के अल्फांसो आम को भौगोलिक संकेत (Geographical Indication- GI) टैग प्रदान किया गया है।

  • अलफांसों आम को फलों का राजा माना जाता है तथा महाराष्ट्र में इसे ‘हापुस’ नाम से भी जाना जाता है।
  • अपने स्वाद ही नहीं बल्कि सुगंध और रंग के चलते इस आम की माँग भारतीय बाज़ारों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में भी है।

भौगौलिक संकेत और उनका महत्त्व 

  • भौगोलिक संकेत (Geographical Indication) का इस्तेमाल एक ऐसे उत्पादों के लिये किया जाता है, जिसका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल क्षेत्र होता है।
  • इन उत्पादों की विशिष्ट विशेषताएँ एवं प्रतिष्ठा भी इसी मूल क्षेत्र के कारण होती है। इस तरह का संबोधन उत्पाद की गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन देता है।
  • उदाहरण के तौर पर- दार्जिलिंग की चाय, महाबलेश्वर की स्ट्राबेरी, जयपुर की ब्लू पोटरी, बनारसी साड़ी और तिरुपति के लड्डू ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध भौगोलिक संकेत हैं।
  • भौगोलिक संकेत किसी भी देश की प्रसिद्धि एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार के कारक होते हैं। किसी भी देश की प्रतिष्ठा में इनका अत्यंत महत्त्वपूर्ण स्थान होता हैं। वस्तुतः ये भारत की समृद्ध संस्कृति और सामूहिक बौद्धिक विरासत का एक अभिन्न अंग हैं।
  • विशिष्ट प्रकार के उत्पादों को जी.आई. टैग प्रदान किये जाने से दूरदराज़ के क्षेत्रों की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिला है।
  • पहली बार वर्ष 2004 में भौगौलिक संकेत टैग दार्जिलिंग चाय को मिला था।
  • भारत में अभी तक कुल 325 उत्पादों को जी.आई टैग मिल चुका है।
मेथनॉल कुकिंग ईंधन कार्यक्रम

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राज्य की स्वामित्व वाली कंपनी- नार्थईस्ट एंड असम पेट्रो-केमिकल्स ने एशिया का पहला कनस्तर आधारित और भारत का पहला ‘मेथनॉल कुकिंग ईंधन कार्यक्रम’ लॉन्च किया।

  • इस पायलट परियोजना में असम पेट्रो कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत 500 परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और कर्नाटक में 40,000 परिवारों तक बढ़ाया जाएगा।
  • सुरक्षित रूप से संचालित होने वाले ये कनस्तर आधारित कुकिंग स्टोव स्वीडिश टेक्नोलॉजी से बने हैं।
  • यह एक अद्वितीय तकनीक है जो मेथनॉल का बेहद सुरक्षित ढंग से उपयोग करती है और इसमें किसी रेगुलेटर या किसी भी पाइपिंग सिस्टम की आवश्यकता नहीं होती है।

मेथनॉल क्या है?

  • मेथनॉल एक हल्का, वाष्पशील, रंगहीन, ज्वलनशील द्रव है।
  • यह सबसे सरल संरचना वाला अल्कोहल है।
  • यह जैवईंधन के रूप में भी उपयोगी है।
  • यह कार्बनिक यौगिक है।
  • इसे काष्ठ अल्कोहल भी कहते हैं।
  • यह प्राकृतिक गैस, कोयला एवं विभिन्न प्रकार के पदार्थों से बनता है।
  • इसके दहन से कार्बन उत्सर्जन कम होता है इसलिये यह एक स्वच्छ ईंधन है।

मेथनॉल ईंधन की आवश्यकता क्यों?

  • मेथनॉल ईंधन में विशुद्ध ज्‍वलनशील कण विद्यमान होते हैं इसलिये यह परिवहन में पेट्रोल और डीज़ल दोनों तथा रसोई ईंधन में एलपीजी, लकड़ी एवं मिट्टी तेल का स्थान ले सकता है।
  • यह रेलवे, समुद्री क्षेत्र, जेनसेट्स, पावर जेनरेशन में डीज़ल को भी प्रतिस्‍थापित कर सकता है और मेथनॉल आधारित संशोधक, हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक वाहनों के लिये आदर्श पूरक हो सकते हैं।
गीता गोपीनाथ

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हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय मूल की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को अपना मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया है। वह मौरी ओब्सफेल्ड का स्थान लेंगी।

  • गीता इस पद पर पहुँचने वाली दूसरी भारतीय हैं। उल्लेखनीय है कि उनसे पहले इस पद पर पहुँचने वाले भारतीय रघुराम राजन थे।
  • वर्तमान में वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल स्टडीज़ ऑफ़ इकोनॉमिक्स में प्रोफ़ेसर हैं और दिसंबर 2018 में IMF में मुख्य अर्थशास्त्री का पद ग्रहण करेंगी।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष

  • आईएमएफ एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्था है जो अपने सदस्य देशों की वैश्विक आर्थिक स्थिति पर नज़र रखने का कार्य करती है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष  की कल्पना पहली बार वर्ष 1944 में सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा आयोजित ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में की गई थी।
  • इस सम्मेलन का आयोजन  सयुंक्त राज्य अमेरिका के न्यू हेम्पशायर शहर के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर किया गया था।
  • ब्रेटन वुड्स सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक के गठन की भी कल्पना की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक, विश्व बैंक की महत्त्वपूर्ण संस्था है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक को प्रायः सयुंक्त रूप से ब्रेटन वुड्स के जुड़वाँ (Bretton woods twins) के नाम से जाना जाता है।
  • ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के निर्णयानुसार अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की औपचारिक स्थापना 27 दिसंबर, 1945 को सयुंक्त राज्य अमेरिका के वाशिंगटन शहर में हुई थी, लेकिन इसने वास्तविक रूप से 01 मार्च, 1947 से कार्य करना प्रारंभ किया।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्यालय वाशिंगटन डी.सी. संयुक्त राज्य अमेरिका में है।
  • अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के वर्तमान में 189 सदस्य हैं। नौरू गणराज्य  अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का सदस्य बनने  वाला आखिरी (189वाँ) देश है।
  • क्रिस्टीन लेगार्ड (Christine Lagarde) वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रबंध निदेशक हैं। इसके प्रथम  प्रबंध निदेशक कैमिल गट्ट  (Camille Gutt) थे।
  • भारत अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के संस्थापक सदस्यों में से एक है, यह 27 दिसंबर, 1945 को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष में शामिल हुआ।

 

गिर के एशियाई शेर

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित विषय।
(खंड- 14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

Gir

संदर्भ

हाल ही में गुजरात के गिर अभयारण्य के पूर्वी हिस्से में 23 शेरों की मृत्यु हो गई है। एशियाई शेरों की मौतों की श्रृंखला के बाद, प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि ये एशियाई शेर कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के संक्रमण के कारण मारे गए हैं। उल्लेखनीय है कि वन्यजीवों की सामूहिक रूप से मृत्यु दर हमेशा चिंता का कारण रही है और वर्तमान मामला और भी चिंताजनक है क्योंकि गुजरात के जंगल में ही एशियाई शेर अंतिम निवास के रूप में वास करतें हैं। वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था कि महामारी के खतरे के कारण गुजरात से शेरों को मध्य प्रदेश के कुनो अभयारण्य में स्थानांतरित किया जाएगा लेकिन जंगली जानवर भी राज्य की राजनीति से परे नहीं हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एशियाई शेरों की मौत को एक गंभीर घटना मानते हुए केंद्र सरकार से इस मामले को देखने के लिये कहा है।

कैनाइन डिस्टेंपर क्या है?

  • कैनाइन डिस्टेंपर वायरस जनित संक्रामक बीमारी है जिससे तमाम तरह की पशु प्रजातियाँ प्रभावित होती हैं। इस वायरस से श्वसन प्रणाली, आँतें और तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है।
  • मूत्र, रक्त या लार के साथ सीधे संपर्क के माध्यम से यह वायरस एक पशु प्रजाति से दूसरे पशु प्रजाति तक पहुँचता है।
  • कैनाइन डिस्टेंपर पहली बार यूरोप के स्पेन में 1761 में सामने आया।
  • कैनाइन डिस्टेंपर के खिलाफ पहला टीका इटली के पंटोनी (Puntoni) ने विकसित किया था।

अदालत का आदेश क्या था?

  • अपने 2013 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि एशियाई शेरों का केवल एक ही आवास है यानी गिर राष्ट्रीय वन और इसके आस-पास के क्षेत्रों तक सीमित क्षेत्र तथा संभावित महामारी या प्राकृतिक आपदा का प्रकोप पूरी प्रजाति को समाप्त कर सकता है।
  • उल्लेखनीय है कि सीमित एशियाई शेरों की एक छोटी आबादी बड़ी और व्यापक आबादी की तुलना में बीमारियों और अन्य आपदाओं के प्रति अधिक संवेदनशील है।
  • कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी ध्यान दिलाया कि तंजानिया के सेरेनेगी में शेर की कुल आबादी का 30% कैनाइन डिस्टेंपर (एक वायरल बीमारी जो जानवरों को प्रभावित करती है) के फैलने के कारण मारे गए थे।

गुजरात राज्य की प्रतिक्रिया

  • गुजरात अपने शेरों को स्थानांतरित करने के लिये तैयार नहीं है क्योंकि वह उन्हें अपना “गर्व” मानता है।
  • गुजरात राज्य की प्रतिक्रिया यह थी कि शेर अब ग्रेटर गिर क्षेत्र में फैले हुए हैं और इससे उनके प्रति खतरा कम हो जाता है।
  • गुजरात ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि, “वर्तमान में एशियाई शेरों की आबादी एक ही जगह तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रेटर गिर क्षेत्र के भीतर कई स्थानों पर इनके मेटापॉपुलेशन का प्रसार किया गया है।
  •  इस प्रकार शासन ने संरक्षण व्यवस्था और मज़बूत वन्यजीव स्वास्थ्य देखभालों, महामारी मुक्त की उचित व्यवस्था की है।
  • उल्लेखनीय है कि ये क्षेत्र एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और यह भौगोलिक दृष्टि से दूर इनकी आबादी को बसाने की मुख्य चिंता को भी दूर करता है।

चिंता के बिंदु

  • वन्यजीव संरक्षण पशु प्रजातियों और उनके निवासों की रक्षा करने का अभ्यास है।
  • यह कार्य आंशिक रूप से लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम जैसे कानून के द्वारा तथा जिम्मेदार सार्वजनिक व्यवस्था के माध्यम से संरक्षित करके किया जाता है।
  • वन्यजीव संरक्षण खुद को पारिस्थितिकीय प्रक्रियाओं में बनाए रखने और लुप्तप्राय प्रजातियों हेतु खतरे को कम करने जैसे मुद्दों को लेकर चिंतित है, किंतु यह बीमार जंगली जानवरों के इलाज को अपने कार्य में शामिल नहीं करता है।
  • हालाँकि, जंगली जानवरों का इलाज और देखभाल करना ज़रूरी है लेकिन यह जीवन और मृत्यु की स्वाभाविक प्रक्रिया के लिये अनुकूल नहीं है और अंततः यह प्रतिरक्षा से समझौता करता है।
  • इस तरह के प्रबंधन का एक और उदाहरण राजस्थान के रणथंभौर की बाघिन माचली थी जिसे दुनिया की सबसे अधिक छायाचित्रों वाली बाघिन के रूप में जाना जाता है और वर्ष 2016 में इसकी मृत्यु हुई।
  • ऐसा इसलिये हुआ क्योंकि उसे चिकित्सकीय इलाज दिया जाता था और अक्सर कृत्रिम रूप से भोजन खिलाया जाता था।
  • जब जंगली जानवर स्थानीय रूप से विलुप्त हो जाते हैं, तो उन्हें फिर से पेश किया जाता है – जैसे राजस्थान के सरिस्का में बाघों को किया गया था।
  • भूखे होने पर उन्हें कृत्रिम रूप से खाना खिलाया जाता है और यहाँ तक ​​कि पूरक के रूप में लवण भी प्रदान किया जाता है। इसका प्रमुख उदाहरण जम्मू-कश्मीर के दाचिगम में हंगुल (लाल हिरण) की आबादी है।
  • इसके अलावा भारत के अन्य हिस्सों में जंगली जानवर कृत्रिम खाइयों, बाधाओं और बाड़ों में फँस जाते हैं या कई बार वन्यजीव संरक्षण के नाम पर उन्हें संरक्षित क्षेत्र यानी चिड़ियाघर में रखा जाता है।

आगे की राह 

  • अधिकांश संरक्षणवादी इस बात से सहमत होंगे कि जंगली जानवरों के स्थायित्त्व के लिये लंबे समय तक किये जा रहे अधिक कृत्रिम चिकित्सा उपचार उचित नहीं है।
  • साथ ही, वन्यजीव प्रबंधकों की भूमिका वन्यजीवों के लिये अप्राकृतिक खतरों को कम करने की होनी चाहिये, न कि उनके जीवन को अनैसर्गिक रूप से अधिक समय तक बनाए रखने के लिये।
  • हालाँकि, गुजरात ने शेरों को संरक्षित करने का अच्छा काम किया है, लेकिन उसे इस रोग के संचालकों को कम करने पर भी ध्यान देना चाहिये, जिसमें जंगली कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करना भी शामिल है।
  • साथ ही भौगोलिक दृष्टि से एशियाई शेरों की अलग आबादी बनाई जानी चाहिये और गुजरात को राज्य के भीतर तथा गिर परिदृश्य के बाहर नए आवासों को बनाने की दिशा में भी काम करना चाहिये।