UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 12-10-2018

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वर्ष 2018 का शांति का नोबेल पुरस्कार निम्नलिखित में से किसे मिला?

A) डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद
B) रिचर्ड हैंडरसन और आलिया नज़ीर
C) डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन
D) एंटीनियो गुटेरेस और तारिक अनवर
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उत्तर : (a)
व्याख्या:

वर्ष 2018 के लिये डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो के डेनिस मुकवेगे और इराक की नादिया मुराद को नोबेल शांति पुरस्कार के लिये चुना गया है। यौन हिंसा को युद्ध के हथियार की तरह इस्तेमाल किये जाने के खिलाफ इन दोनों के द्वारा किये गए प्रयासों का बड़ा योगदान रहा है। रेप पीड़िता नादिया मुराद को आईएस के लड़ाकों ने सेक्स स्लेव बनाया था। वहाँ से जान बचाकर निकलने के बाद से वह इस वक्त पूरी दुनिया में महिलाओं को यौन हिंसा के खिलाफ जागरूक करने का काम कर रही हैं। डॉक्टर मुकवेगे पेशे से स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं और वह यौन हिंसा की शिकार महिलाओं के लिये लंबे समय से काम कर रहे हैं।
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घाघरा नदी राष्ट्रीय जलमार्ग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. घाघरा नदी के 364 किलोमीटर हिस्से को राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है।
  2. इसके तहत घाघरा और गंगा नदी में 11.6 करोड़ रुपए की लागत से टांडा-तलवाड़ी में एक तैरता हुआ टर्मिनल बनाया गया है।
  3. गंगा नदी पर विकसित किये गए राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 के विपरीत यह जलमार्ग केवल यात्रियों के परिवहन के लिये प्रयुक्त होगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर : (a)
व्याख्या:

  • हाल ही में केंद्रीय जहाज़रानी मंत्रालय द्वारा सागरमाला कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के बस्ती ज़िले में राष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में घाघरा नदी को विकसित करने की आधारशिला रखी गई। उल्लेखनीय है कि देश में अंतर्देशीय जलमार्ग को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने वर्ष 2016 में गंगा और घाघरा नदी के संगम पर माझी घाट से फैजाबाद/अयोध्या तक घाघरा नदी के 364 किलोमीटर हिस्से को राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या 40 के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। अतः कथन 1 सही है।
  • भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) ने घाघरा नदी से जुड़ी जलमार्ग परियोजना के पहले चरण की शुरुआत कर दी है। इसके तहत घाघरा और गंगा नदी में माल परिवहन और यात्री सेवाओं के लिये 11.6 करोड़ रुपए की लागत से टांडा-तलवाड़ी में एक तैरता हुआ टर्मिनल बनाया गया है। अतः कथन 2 सही है।
  • गंगा नदी पर विकसित किये गए राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 के समान ही यह जलमार्ग भी यात्रियों और सामान के परिवहन के लिये एक बड़ा माध्यम बनेगा। इस जलमार्ग पर अयोध्या, माहीरपुर, दोहरी घाट, तुर्तीपारा और माझी घाट पाँच प्रमुख टर्मिनल होंगे। अतः कथन 3 सही नहीं है।
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मेथनॉल कुकिंग ईंधन कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस पायलट परियोजना में असम पेट्रो कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत 500 परिवारों को शामिल किया जाएगा।
  2. यह एक अद्वितीय तकनीक है जिसमें रेगुलेटर या किसी भी पाइपिंग सिस्टम की आवश्यकता नहीं होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (c)
व्याख्या:

  • हाल ही में राज्य की स्वामित्व वाली कंपनी- नार्थईस्ट एंड असम पेट्रो-केमिकल्स ने एशिया का पहला कनस्तर आधारित और भारत का पहला ‘मेथनॉल कुकिंग ईंधन कार्यक्रम’ लॉन्च किया। इस पायलट परियोजना में असम पेट्रो कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत 500 परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिसे बाद में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, गोवा और कर्नाटक में 40,000 परिवारों तक बढ़ाया जाएगा। अतः कथन 1 सही है।
  • सुरक्षित रूप से संचालित होने वाले ये कनस्तर आधारित कुकिंग स्टोव स्वीडिश टेक्नोलॉजी से बने हैं। यह एक अद्वितीय तकनीक है जो मेथनॉल का बेहद सुरक्षित ढंग से उपयोग करती है और इसमें रेगुलेटर या किसी भी पाइपिंग सिस्टम की आवश्यकता नहीं होती है। अतः कथन 2 सही है।
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भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह- 2018 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. इस वर्ष समारोह की थीम ‘परिवर्तन के लिये विज्ञान’ थी।
  2. हाल ही में भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह- 2018 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया।
  3. इस समारोह का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विज्ञान भारती के सहयोग से किया।

नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर : (b)
व्याख्या:

  • भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह का यह चौथा संस्करण था। इस वर्ष समारोह की थीम ‘परिवर्तन के लिये विज्ञान’ (Science For Transformation) थी। इस समारोह में लगभग 800 महिला वैज्ञानिकों और उद्यमियों ने हिस्सा लिया। अतः कथन 1 सही है।
  • उल्लेखनीय है कि भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह- 2018 (India International Science Festival- IISF) का आयोजन लखनऊ में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और देश-विदेश के विशेषज्ञों ने भाग लिया। भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह का आयोजन पहली बार दिसंबर 2015 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institute of Technology- IIT), दिल्ली में किया गया था। अतः कथन 2 सही नहीं है।
  • इस समारोह का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विज्ञान भारती के सहयोग से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में किया। इस समारोह में युवा वैज्ञानिक सम्मेलन, वैश्विक भारतीय विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी हितधारक बैठक (Global Indian Science & Technology Stakeholders’ Meet- GIST) और मेगा विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा उद्योग एक्सपो का आयोजन भी किया गया। अतः कथन 3 सही है।
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भारत के पहले राष्ट्रीय पर्यावरण सर्वेक्षण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस सर्वेक्षण के संपूर्ण ग्रीन डेटा का पहला सेट 2025 से उपलब्ध होगा।
  2. NES सभी ज़िलों को उनके प्रदूषण रोकथाम प्रदर्शन पर रैंक प्रदान करेगा और उनकी प्रदूषणकारी प्रथाओं को प्रलेखित करेगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (d)
व्याख्या:

  • जनवरी 2019 में 24 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों के 55 ज़िलों में भारत का पहला राष्ट्रीय पर्यावरण सर्वेक्षण (NES) शुरू किया जाएगा। सर्वेक्षण के संपूर्ण ग्रीन डेटा का पहला सेट 2020 से उपलब्ध होगा जो कि ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तरों पर निर्णय लेने के लिये नीति निर्माताओं के हाथों में एक महत्त्वपूर्ण उपकरण प्रदान करेगा। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • यह सर्वेक्षण विभिन्न पर्यावरणीय मानकों जैसे- वायु, जल, मिट्टी की गुणवत्ता, उत्सर्जन सूची, ठोस, खतरनाक तथा ई-अपशिष्ट, वन तथा वन्यजीव, जीव तथा वनस्पति, आर्द्रभूमि, झीलों, नदियों और अन्य जल निकायों पर व्यापक डेटा एकत्र करने के लिये ग्रिड-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से किया जाएगा। यह देश भर के सभी ज़िलों की कार्बन प्रच्छादन क्षमता का भी आकलन करेगा। NES सभी ज़िलों को उनके पर्यावरण प्रदर्शन पर रैंक प्रदान करेगा और उनकी सर्वोत्तम हरित प्रथाओं को प्रलेखित करेगा। अतः कथन 2 सही नहीं है।

 

अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संगठन श्रेष्ठ कार्यप्रणाली पुरस्कार

ESIC-ISSA

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (Employees’ State Insurance Corporation – ESIC) ने मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिये क्षेत्रीय सामाजिक सुरक्षा फोरम में कवरेज विस्तार के प्रशासनिक समाधान के लिये आईएसएसए (International Social Security Association-ISSA) श्रेष्ठ कार्यप्रणाली पुरस्कार जीत लिया है।

  • यह पुरस्कार ESIC द्वारा कवरेज विस्तार – स्प्री (Scheme for Promoting Registration of Employers and Employees- SPREE), नए क्रियान्वित क्षेत्रों में 24 महीनों के लिये अंशदान दर में कमी तथा ESIC अधिनियम के अंतर्गत कवरेज के लिये वेतन सीमा बढ़ाने जैसे उठाए गए कदमों को मान्यता देता है।
  • रीजनल सोशल सिक्यूरिटी फोरम फॉर एशिया (Regional Social Security Forum for Asia) एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिये त्रैवार्षिक मंच (triennial Forum) है। यह क्षेत्र का महत्त्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा आयोजन है।
  • ISSA एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र के लिये श्रेष्ठ कार्यप्रणाली पुरस्कार के आवेदन आमंत्रित करता है। फोरम ISSA के सदस्य संस्थानों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों तथा प्रबंधकों को प्रमुख सामाजिक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने और अपने अनुभवों को साझा करने का अऩूठा अवसर प्रदान करता है।

ISSA

  • यह सामाजिक सुरक्षा संगठनों, सरकारों तथा सामाजिक सुरक्षा विभागों के लिये प्रधान अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना 1927 में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International Labour Organization – ILO), जिनेवा के तत्त्वावधान में की गई थी।
  • इसका उद्देश्य पेशेवर दिशा-निर्देशों, विशेष ज्ञान तथा सेवाओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में श्रेष्ठता को बढ़ावा देना और अपने सदस्यों को गतिशील सामाजिक सुरक्षा प्रणाली विकसित करने में सहायता देना है।
  • ESI कॉरपोरेशन, नई दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका के लिये ISSA के संपर्क कार्यालय की मेज़बानी करता है। संपर्क कार्यालय सामाजिक सुरक्षा से संबंधित ISSA की गतिविधियों पर सदस्य देशों तथा भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और ईरान में सामाजिक सुरक्षा संस्थानों के साथ समन्वय का काम करता है।
मेडवाच

Medwatch

  • भारतीय वायुसेना ने अपनी 86वीं वर्षगाँठ पर ‘डिजिटल इंडिया, आयुष्‍मान भारत और‍मिशन इन्‍द्रधनुष’ के संबंध में ‘मेडवाच’ नामक एक मोबाइल हेल्‍थ एप की शुरुआत की है।
  • स्वदेश निर्मित इस एप को बहुत कम लागत पर सूचना प्रौद्योगिकी निदेशालय द्वारा विकसित किया गया है। ‘मेडवाच’ तीनों सशस्‍त्र सेनाओं में सबसे पहला मोबाइल हेल्‍थ एप है।
  • ‘मेडवाच’ से वायुसेनाके जवान और देश के सभी नागरिकों को स्‍वास्‍थ्‍य के बारे में सही-सही एवं वैज्ञानिक तथा विश्‍वस्‍त विवरण उपलब्‍ध होगा।
  • इसमें मूलभूत प्राथमिक उपचार, स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े मुद्दे तथा पोषक आहार पर आधारित विवरण, समयानुसार स्‍वास्‍थ्‍य समीक्षा, रोग प्रतिरक्षण और स्‍वास्‍थ्‍य रिकॉर्ड कार्ड, बीएमआई कैलकुलेटर, हेल्‍पलाइन नंबरों और वेब लिंकों जैसे उपयोगी माध्‍यम शामिल हैं।
राष्‍ट्रीय सुरक्षा परिषद की सहायता हेतु SPG का गठन

SPG

हाल ही में केंद्र सरकार ने राष्‍ट्रीय सुरक्षा और सामरिक हितों के मामले में प्रधानमंत्री की सलाहकारी राष्‍ट्रीय सुरक्षा परिषद की सहायता हेतु एक रणनीतिक नीति समूह (Strategic Policy Group- SPG) का गठन किया है।

  • SPG राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की सहायता के साथ ही देश के सुरक्षा मामलों की दीर्घकालिक रणनीतिक समीक्षा समेत दूसरे कार्य करेगा।
  • इसकी अध्‍यक्षता राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष, मंत्रिमंडल के सचिव, तीनों सेनाओं के अध्‍यक्ष, रिज़र्व बैंक के गवर्नर, विदेश सचिव, गृह सचिव, वित्‍त सचिव और रक्षा सचिव इसके सदस्‍य होंगे। इनके अलावा रक्षा उत्‍पादन और आपूर्ति सचिव, रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और मंत्रिमंडल के सचिव भी इस समूह का हिस्सा होंगे।
  • इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग के सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव, अंतरिक्ष विभाग के सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के सचिव भी इस समूह के सदस्य होंगे।

SPG क्या है?

  • SPG का गठन अप्रैल 1999 में किया गया था। उस समय सरकार में कैबिनेट सेक्रेटरी को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, परंतु बाद में कैबिनेट सेक्रेटरी की बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को इसका अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया गया।
  • SPG का गठन बाहरी, आंतरिक और आर्थिक सुरक्षा के मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की मदद के लिये किया गया था। इसका मुख्य कार्य कैबिनेट सचिव के फैसलों पर अमल को लेकर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
  • केंद्र सरकार ने एसपीजी के सदस्यों की संख्या 16 से बढ़ाकर 18 करने का भी फैसला किया है। इसमें 2 अतिरिक्त नए सदस्यों के तौर पर कैबिनेट सेक्रेटरी और नीति आयोग के चेयरमैन को शामिल किया गया है।

 

हिंद महासागर में चक्रवाती तूफान

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-14 : आपदा और आपदा प्रबंधन।)

Twin Cyclones

संदर्भ

हाल ही में बंगाल की खाड़ी में तितली और अरब सागर में लुबान नामक चक्रवाती तूफान हिंद महासागर क्षेत्र में विकसित हुए थे। अनुमानित मार्ग से होते हुए तितली चक्रवात ओडिशा के गोपालपुर तट से टकरा गया। टकराते समय इस तूफान की रफ्तार 145-150 किमी/घंटे थी।

उल्लेखनीय बिंदु

  • तीव्र चक्रवात लुबान अरब सागर में सक्रिय था और इसने भारत के किसी भी तट को प्रभावित नहीं किया, जबकि वहीं दूसरी तरफ, तितली चक्रवात ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर टकरा गया।
  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में इतने ताकतवर चक्रवानी तूफान दुर्लभ ही उत्पन्न होते हैं।
  • तितली का नामकरण पाकिस्तान द्वारा जबकि लुबान का ओमान द्वारा किया गया है।
  • सक्रिय अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) तट की तरफ दक्षिण की ओर बढ़ना शुरू हो गया था। समुद्र में हलचल के पीछे यही मुख्य कारक था। दोनों चक्रवात इस ITCZ के ही उपशाखा थे।
  • इसके अलावा, मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन (MJO) भी हिंद महासागर के निकट था।

अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ)

ITCZ

  • अंतःउष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र या ITCZ पृथ्वी पर, भूमध्य रेखा के पास वृत्ताकार क्षेत्र है। पृथ्वी पर यह वह क्षेत्र है, जहाँ उत्तरी और दक्षिणी गोलार्द्धों की व्यापारिक हवाएँ, यानी पूर्वोत्तर व्यापारिक हवाएँ तथा दक्षिण-पूर्व व्यापारिक हवाएँ एक जगह मिलती हैं।
  • भूमध्य रेखा पर सूर्य का तीव्र तापमान और गर्म जल ITCZ में हवा को गर्म करते हुए इसकी आर्द्रता को बढ़ा देते हैं जिससे यह उत्प्लावक बन जाता है। व्यापारिक हवाओं के अभिसरण के कारण यह ऊपर की तरफ उठने लगता है।
  • ऊपर की तरफ उठने वाली यह हवा फैलती है और ठंडी हो जाती है, जिससे भयावह आँधी तथा भारी बारिश शुरू हो जाती है।

मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन (MJO)

MJO

  • मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन उष्णकटिबंधीय परिसंचरण और वर्षा में एक प्रमुख उतार-चढ़ाव है जो भूमध्य रेखा के साथ पूर्व की ओर बढ़ता है तथा 30-60 दिनों की अवधि में पूरे ग्लोब की परिक्रमा है।
  • इसलिये MJO हवा, बादल और दबाव की एक चलती हुई प्रणाली है। यह जैसे ही भूमध्य रेखा के चारों ओर घूमती है वर्षा की शुरुआत हो जाती है।
  • इस घटना का नाम दो वैज्ञानिकों रोलैंड मैडेन और पॉल जूलियन के ऊपर रखा गया था जिन्होंने 1971 में इसकी खोज की थी।