UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 17-10-2018

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हाल ही में चर्चा में रहे इस बॉयो-रिफाइनरी संयंत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में ओडिशा के बारगढ़ ज़िले में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन द्वारा स्थापित किये जा रहे चतुर्थ पीढ़ी के एथेनॉल बायो-रिफाइनरी संयंत्र की नींव रखी गई।
  2. यह बॉयो-रिफाइनरी संयंत्र देश का अपने किस्म का पहला संयंत्र है जो चावल की भूसी को फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके प्रतिवर्ष 3 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन करेगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (b)
व्याख्या :

  • हाल ही में ओडिशा के बारगढ़ ज़िले की भाटली तहसील के बोलासिंघा गाँव में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन द्वारा स्थापित किये जा रहे सेकेंड जेनरेशन (2G) एथेनॉल बायो-रिफाइनरी संयंत्र की नींव रखी गई। इस संयंत्र द्वारा उत्पादित एथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिश्रित किया जाएगा। इस परियोजना की लागत लगभग 100 करोड़ रुपए है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • यह बॉयो-रिफाइनरी संयंत्र देश का अपने किस्म का पहला संयंत्र है जो चावल की भूसी को फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करके प्रतिवर्ष 3 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन करेगा। बारगढ़ बायो-रिफाइनरी संयंत्र सालाना दो लाख टन चावल की भूसी का फीडस्टॉक के रूप में उपयोग करेगा। बायो-रिफाइनरी एथेनॉल उत्पादन के लिये चावल की भूसी का उपयोग करके पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करेगी और बेकार भूसी को खेतों में नहीं जलाना पड़ेगा। अतः कथन 2 सही है।
[2]

जस्टिस वर्मा समिति द्वारा यौन उत्पीड़न पर प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. इस समिति का गठन 16 दिसंबर के निर्भया गैंगरेप और उसके प्रतिरोध में हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ था।
  2. वर्मा समिति ने कहा था कि यदि एक नियोक्ता यौन उत्पीड़न को प्रोत्साहन देता है, तो इसके लिये नियोक्ता को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है।
  3. शिकायतों के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के लिये न्यायमूर्ति वर्मा समिति ने प्रस्तावित किया था कि रोज़गार अधिकरण को सिविल कोर्ट के रूप में कार्य करना चाहिये।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर : (a)
व्याख्या :

  • वर्ष 2013 की शुरुआत में न्यायमूर्ति जेएस वर्मा समिति ने लैंगिक कानूनों पर सौपी गई अपनी ऐतिहासिक रिपोर्ट में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) विधेयक में महत्त्वपूर्ण बदलाव करते हुए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की बजाय राज्य स्तरीय रोज़गार अधिकरण की स्थापना की सिफारिश की थी। इस समिति का गठन 16 दिसंबर के निर्भया गैंगरेप और उसके प्रतिरोध में हुए राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद हुआ था तथा 23 जनवरी, 2013 को समिति द्वारा अपनी रिपोर्ट जमा कर दी गई थी। अतः कथन 1 सही है।
  • वर्मा समिति ने कहा था कि यदि एक नियोक्ता यौन उत्पीड़न को प्रोत्साहन देता है, ऐसे माहौल की अनुमति देता है जहाँ यौन दुर्व्यवहार व्यापक और व्यवस्थित हो जाता है, जहाँ नियोक्ता यौन उत्पीड़न पर कंपनी की नीति का खुलासा करने और जिस तरीके से कर्मचारी शिकायत दर्ज कर सकते हैं, उसमें विफल रहता है, साथ ही ट्रिब्यूनल को शिकायत अग्रेषित करने में विफल रहता है तो इसके लिये नियोक्ता को ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है। कंपनी शिकायतकर्त्ता को मुआवज़े का भुगतान करने के लिये भी उत्तरदायी होगी। अतः कथन 2 सही है।
  • समिति ने सभी शिकायतों को प्राप्त करने और निर्णय लेने के लिये रोज़गार अधिकरण बनाने का प्रस्ताव रखा था। शिकायतों के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के लिये न्यायमूर्ति वर्मा समिति ने प्रस्तावित किया था कि अधिकरण को सिविल कोर्ट के रूप में कार्य नहीं करना चाहिये, लेकिन प्रत्येक शिकायत से निपटने के लिये वे अपनी प्रक्रिया का चयन कर सकते हैं। अतः कथन 3 सही नहीं है।
[3]

हाल ही में चर्चा में रहे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर ज़िले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान खोले जाने की मंज़ूरी दे दी है।
  2. यह संस्थान मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में मानव संसाधन और अनुसंधान के लिये उत्कृष्टता और क्षमता विकास केंद्र के रूप में काम करेगा।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (b)
व्याख्या :

  • हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश के सिहोर ज़िले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (National Mental Health Rehabilitation Institute- NIMHR) खोले जाने की मंज़ूरी दे दी है। सिहोर में बनने वाला राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान देश में अपनी तरह का पहला संस्थान होगा। यह संस्था निशक्त-जन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत एक सोसाइटी के रूप में सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत स्थापित की जाएगी। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • संस्थान का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के पुर्नवास की व्यवस्था करना, मानसिक स्वास्थ्य पुर्नवास के क्षेत्र में क्षमता विकास तथा मानसिक स्वास्थ्य पुर्नवास के लिये नीति बनाना और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। यह संस्थान मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास के क्षेत्र में मानव संसाधन और अनुसंधान के लिये उत्कृष्टता तथा क्षमता विकास केंद्र के रूप में काम करेगा और मानसिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों के प्रभावी पुनर्वास के लिये बेहतर मॉडल सुझाएगा। संस्थान मानसिक रोगियों के लिये सभी तरह की पुर्नवास सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ‍ही स्नात्कोत्तर और एम.फिल. डिग्री तक की शिक्षा की भी व्यवस्था करेगा। अतः कथन 2 सही है।
[4]

छठे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सिल्क मेला  के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. भारतीय सिल्क निर्यात संवर्द्धन परिषद (आईएसईपीसी) द्वारा प्रगति मैदान में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है।
  2. देश के विभिन्न हिस्सों में निर्मित रेशम और मिश्रित रेशम उत्पादों के 108 से भी अधिक प्रदर्शक इस तीन दिवसीय मेले के दौरान अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • भारतीय सिल्क निर्यात संवर्द्धन परिषद (आईएसईपीसी) द्वारा नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा 16 अक्तूबर, 2018 को इस छठे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सिल्क मेला (आईआईएसएफ) का उद्घाटन किया जाएगा। इस मेले से सिल्क उत्पादन और मिश्रित सिल्क वस्त्रों, कपड़ों, सहायक वस्तुओं और फ्लोर कवरिंग कार्य में लगे लघु और मध्यम उद्यमों के लिये 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर से भी अधिक का व्यापार सृजित होने की उम्मीद है। अतः कथन 1 सही है।
  • देश के विभिन्न हिस्सों में निर्मित रेशम और मिश्रित रेशम उत्पादों के 108 से भी अधिक प्रदर्शक भारतीय सिल्क निर्यात संवर्द्धन परिषद (आईएसईपीसी) द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय मेले के दौरान अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस मेले में विभिन्न देशों के 218 से भी अधिक खरीदार भाग लेंगे। इस मेले में जम्मू- कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों के कारीगर अपने क्षेत्रों के विशिष्ट उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे, जो कि खरीदारों के लिये एक अतिरिक्त आकर्षण होगा। अतः कथन 2 सही है।
[5]

हाल ही में समाचारों में रहे वैश्विक कौशल पार्क के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में विश्व बैंक और भारत सरकार ने आंध्र प्रदेश में एक वैश्विक कौशल पार्क की स्थापना के लिये 100 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये।
  2. इसका उद्देश्य राज्य में परंपरागत शैक्षिक प्रणाली की गुणवत्ता को बेहतर करना और अधिक कुशल श्रमबल को देश के बाहर भेजने में मदद करना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (d)
व्याख्या :

  • हाल ही में एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank- ADB) और भारत सरकार ने मध्य प्रदेश में एक वैश्विक कौशल पार्क (Global Skill Park- GSP) की स्थापना के लिये 150 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किये। यह भारत का पहला बहु-कौशल (Multi-Skill) पार्क होगा। नया GSP कैंपस भोपाल में स्थापित किया जाएगा, जिसमें प्रमुख उन्नत प्रशिक्षण संस्थान होंगे। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • इसका उद्देश्य राज्य में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रणाली की गुणवत्ता को बेहतर करना और अधिक कुशल श्रमबल सृजित करना है। यहाँ व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण केंद्र और उन्नत कृषि प्रशिक्षण केंद्र के साथ-साथ ऐसी अन्य सहायक सेवाओं से जुड़े केंद्र भी होंगे, जिनमें उद्यमिता, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण और कौशल संबंधी अनुसंधान पर फोकस किया जाएगा। इस कैंपस से लगभग बीस हज़ार प्रशिक्षु एवं प्रशिक्षक लाभान्वित होंगे। अतः कथन 2 सही नहीं है।

 

अन्नपूर्णा देवी

Annapurna Devi

हाल ही में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्द संगीतकार अन्नपूर्णा देवी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

  • अन्नपूर्णा देवी का जन्म 1923 में मध्य प्रदेश के मैहर शहर में हुआ था।
  • उनके पिता अलाउद्दीन खाँ मैहर घराने के संस्थापक तथा महाराजा बृजनाथ सिंह के दरबारी संगीतकार थे। अन्नपूर्णा देवी का वास्तविक नाम रोशन आरा था और महाराजा बृजनाथ सिंह ने उनका नाम अन्नपूर्णा देवी रखा था।
  • उनका विवाह पंडित रविशंकर के साथ हुआ था जो कि उनके पिता के शिष्य थे। लेकिन विवाह के 21 वर्षों के बाद पंडित रवि शंकर से उनका संबंध टूट गया था।
  • वर्ष 1977 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
  • वह एक प्रसिद्द सुरबहार वादक थीं।
सुरबहार वाद्य यंत्र

  • सुरबहार सितार का ही एक अन्य रूप है। यह आकार में सितार से बड़ा होता है।
  • यह लकड़ी का बना होता है।
  • इसके तार सितार की तुलना में अधिक मोटे होते हैं।
  • इसको बजाने की तकनीक सितार के समान ही होती है लेकिन सुरबहार की आवाज़ अधिक गहरी (गंभीर) होती है।
जीडी अग्रवाल

GD Agarwal

हाल ही में प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का निधन हो गया। उन्हें स्वामी ज्ञान स्वरुप सानंद के नाम से भी जाना जाता था। उल्लेखनीय है कि गंगा की सफाई को लेकर वे पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे।

  • इनका पूरा नाम गुरु दास अग्रवाल था।
  • उन्होंने बर्कले की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से पर्यावरण इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की और पर्यावरण विषय पर कई किताबें भी लिखीं।
  • उन्होंने कानपुर आईआईटी में पर्यावरण इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में भी काम किया। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल को 1979-80 में केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण इकाई केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पहला सदस्य सचिव नियुक्त किया गया था।
  • उन्होंने भागीरथी नदी पर एक परियोजना के विरोध में 38 दिनों तक अनशन किया था जिसके परिणामस्वरूप सरकार को इस परियोजना पर रोक लगानी पड़ी थी।
  • उन्होंने गंगा में हो रहे अवैध खनन, बांधों जैसे बड़े निर्माण को रोकने और गंगा की सफ़ाई को लेकर लगातार आवाज़ उठाई।

 

भारत एवं चीन अफगान राजनयिकों को प्रशिक्षण देंगे 

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-17 : भारत एवं इसके पड़ोसी–संबंध)
(खंड-18 : द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

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चर्चा में क्यों

हाल ही में भारत और चीन ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली में अफगान राजनयिकों के लिये एक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। यह एक ऐसा कदम है जो भारत-चीन के क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा। गौरतलब है कि यह फैसला भारत के प्रधानमंत्री तथा चीन के राष्ट्रपति की वुहान में सम्मलेन के दौरान अप्रैल 2018 में लिया गया था।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने सुझाव दिया है कि पड़ोसी ईरान, नेपाल और म्याँमार जैसे अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाएँ।
  • अफगानिस्तान के संबंध में भारत-चीन सहयोग को ऐसे दो पड़ोसियों के बीच के तनाव को कम करने हेतु एक कदम के रूप में देखा जा रहा है जो 1962 के सीमा विवाद के साथ-साथ अन्य मुद्दों की वज़ह से खराब हो चुके हैं।
  • ऐसे कार्यक्रम की शुरुआत संबंधों को सुधारने की कड़ी में महत्त्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
  • भारत और चीन ने अफगानिस्तान को प्राथमिक भागीदार के रूप में चिह्नित किया और अफगान राजनयिकों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण देने हेतु सहमति व्यक्त की।
  • यह कार्यक्रम क्षेत्रीय मामलों पर दोनों देशों के बीच समन्वय और सहयोग को दर्शाता है तथा चीन-भारत संबंधों में सकारात्मक विकास का प्रतिबिंब है।
  • क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान देने हेतु चीन और भारत का यह प्रयास सराहनीय है।
  • चीन-भारत का यह सहयोग कार्यक्रम अफगानिस्तान से नेपाल, भूटान, मालदीव, ईरान और म्याँमार जैसे अन्य देशों तक बढ़ाया जाना चाहिये।
  • चीन और भारत दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC), बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिये बंगाल की खाड़ी पहल (BIMSTEC) और क्षेत्रीय सहयोग के लिये बांग्लादेश, चीन, भारत और म्याँमार फोरम (BCIM) तंत्र के तहत भी क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने हेतु एक साथ आ सकते हैं।
  • हाल ही के वर्षों में म्याँमार, नेपाल, भूटान और मालदीव जैसे देशों में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर भारत चिंतित रहा है। गौरतलब है कि दक्षिण एशिया में इन देशों को भारत के प्रभाव क्षेत्र में माना जाता रहा है।
  • पूर्व में नई दिल्ली ने मालदीव और नेपाल जैसे देशों के चीन को सार्क में शामिल करने के सुझावों का विरोध किया है।

 

पवन चक्की वन्य-जीवन के लिये असुरक्षित 

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3: प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

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चर्चा में क्यों?

पवन चक्की हरित ऊर्जा स्रोत के रूप में देखी जाती है। लेकिन हाल ही में शोधकर्त्ताओं ने एक अध्ययन में पाया कि पवन चक्कियाँ टक्कर और शोर की वज़ह से वन्य-जीवन के लिये खतरा पैदा कर रही हैं।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • सलीम अली पक्षी विज्ञान एवं प्राकृतिक इतिहास केंद्र के शोधकर्त्ताओं द्वारा द्वि-वर्षीय परियोजना के तहत कर्नाटक में इस विशाल ढाँचे के प्रभाव का अध्ययन किया गया।
  • इस अध्ययन में पाया गया है कि पवन चक्की से टकराने की वज़ह से पक्षियों और चमगादड़ों की मौत हो जाती है।
  • इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रहने वाले पक्षी और स्तनधारी शोर की वज़ह से दूसरे भागों में पलायन कर जाते हैं।
  • पवन चक्की के निकट शोर का स्तर 85 डेसिबल तक पहुँच जाता है जो कि एक बड़े ट्रक द्वारा किये गए शोर के बराबर है।
  • टरबाइन का ड्रोन जो कि दिन-रात संचालित होता है, 70 डेसिबल पर काम करता है।
  • शहरी क्षेत्रों में शोर 55 डेसिबल होता है, यहाँ तक कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी 75 डेसिबल ही होता है। जंगलों में शोरगुल 40 डेसिबल से भी कम होता है।
  • एक छोटे समयांतराल में ही शोधकर्त्ताओं ने 10 जीवों के टरबाइन से टकराने के साक्ष्य पाए जिसमें 6 चमगादड़ तथा 4 पक्षी थे।
  • शोधकर्त्ताओं ने यह भी पाया कि जीव टरबाइन वाले क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। अबाधित क्षेत्रों की तुलना में इस क्षेत्र में मात्र 50 प्रतिशत जीव हैं। स्तनधारी जीव भी इस क्षेत्र में जाने से कतराते हैं।
  • शायद यह एकमात्र क्षेत्र है, जहाँ तीन तरह के हिरन- चार सींग वाले,चिंकारा और ब्लैकबक पाए जाते हैं। ये हिरन भी धीरे-धीरे इन इलाकों को छोड़कर जंगल के दूसरे हिस्से में पलायन कर जाते हैं। भेड़िये तथा अन्य दूसरे छोटे माँसाहरी पशु भी इनके पीछे-पीछे दूसरे क्षेत्रों में पलायन कर रहे हैं।

बिजली उत्पादन

  • पर्यावरण मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक ने अपने जंगल का 37.80 वर्ग किमी. क्षेत्र पवन चक्कियों के लिये समर्पित किया है।
  • कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड (KREDL) के अनुसार, इस क्षेत्र में कुल 3,857 विंड टरबाइन 4,730 मेगावाट बिजली का उत्पादन करते हैं।

वन्यजीवों का ऐसा स्थानांतरण तथा मानव द्वारा इसकी अनदेखी वन्य-जीवन के साथ संघर्ष को तीव्र कर सकता है। जैव विविधता पर छाए संकटों से निपटने के लिये आपसी समन्वय की आवश्यकता होती है। पवन चक्की द्वारा पक्षियों तथा स्तनधारी जीवों पर पड़ने वाले प्रभावों से निपटने के लिये दिशा-निर्देश के प्रारूप की नितांत आवश्यकता है।