UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 18-10-2018

[1]

भारत के व्यापार घाटे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. सितंबर 2018 में वाणिज्यिक निर्यात में रुपए के संदर्भ में 9.65% की सकारात्मक वृद्धि हुई।
  2. अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अप्रैल-सितंबर 2018 में आयात में 10.02% की नकारात्मक वृद्धि देखी गई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (a)
व्याख्या :

  • केंद्र सरकार द्वारा किये गए भारत के व्यापार के अर्द्ध-वार्षिक आकलन के आँकड़ों से पता चलता है कि वाणिज्यिक निर्यात में रुपए के संदर्भ में 19.93% और अमेरिकी डॉलर के मामले में 12.54% की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, सितंबर 2018 में वाणिज्यिक व्यापार घाटा 13.98 अरब डॉलर है, जो तेल की उच्च कीमतों के बावजूद पिछले पाँच महीनों में सबसे कम है। सितंबर 2018 में वाणिज्यिक निर्यात में रुपए के संदर्भ में 9.65% की सकारात्मक वृद्धि हुई। डॉलर के मामले में सितंबर 2018 में वाणिज्यिक निर्यात में 2.15% की मामूली नकारात्मक वृद्धि देखी गई। अतः कथन 1 सही है।
  • अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में अप्रैल-सितंबर 2018 में आयात में 16.16% की सकारात्मक वृद्धि देखी गई। सितंबर 2018 में आयातों में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 10.45% की सकारात्मक वृद्धि (जो कि पिछले पाँच महीनों में सबसे कम है) और रुपए के संदर्भ में 23.78% की वृद्धि दर्ज की गई। अतः कथन 2 सही नहीं है।
[2]

चंद्र वेधशाला के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. 12 जुलाई, 2005 को लॉन्च की गई चंद्र एक्स-रे वेधशाला एक्स-रे खगोल विज्ञान के लिये इसरो का प्रमुख मिशन रहा है।
  2. चंद्र एक्स-रे वेधशाला को विशेष रूप से ब्रह्मांड के बहुत गर्म क्षेत्रों से एक्स-रे उत्सर्जन का पता लगाने के लिये डिज़ाइन किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (b)
व्याख्या :

  • हाल ही में नासा के चंद्र मिशन को गायरोस्कोप (किसी भी यान की स्थिति या ओरिएंटेशन के लिये ज़िम्मेदार यंत्र) की विफलता के कारण गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। जिसके कारण चंद्र एक्स-रे वेधशाला एक सुरक्षात्मक ‘सुरक्षित मोड’ में प्रवेश कर चुकी थी, जिससे वैज्ञानिक अवलोकन में बाधा पहुँचती है और अंतरिक्ष यान एक स्थिर विन्यास में आ जाता है। हालाँकि बाद में इसे ठीक कर लिया गया। 23 जुलाई, 1999 को लॉन्च की गई चंद्र एक्स-रे वेधशाला एक्स-रे खगोल विज्ञान के लिये नासा का प्रमुख मिशन रहा है, जिसका “ग्रेट वेधशालाओं” के बेड़े में प्रमुख स्थान है। भारतीय मूल के प्रख्यात अमेरिकी वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर के नाम पर इसका नामकरण किया गया है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • नासा के चंद्र एक्स-रे वेधशाला को विशेष रूप से ब्रह्मांड के बहुत गर्म क्षेत्रों जैसे कि विस्फोटित सितारों, आकाशगंगाओं के क्लस्टर और ब्लैक होल के आस-पास के पदार्थों से एक्स-रे उत्सर्जन का पता लगाने के लिये डिज़ाइन किया गया है। चूँकि एक्स-किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में अवशोषित हो जाती हैं, इसलिये चंद्र एक्स-रे वेधशाला को इससे ऊपर अर्थात् अंतरिक्ष में 139,000 किमी. (86,500 मील) की ऊँचाई वाली कक्षा में स्थापित किया गया है। अतः कथन 2 सही है।
[3]

हाइपरलूप पैसेंजर कैप्सूल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में दुनिया के पहले हाइपरलूप पैसेंजर कैप्सूल का अनावरण स्पेन में किया गया।
  2. हाइपरलूप चुंबकीय ढंग से हवा में तैरते हुए बहुत तीव्र गति से संचालित होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • हाल ही में दुनिया के पहले हाइपरलूप पैसेंजर कैप्सूल का अनावरण स्पेन में किया गया। कैलिफोर्निया स्थित स्टार्ट अप, जिसे हाइपरलूप-टीटी के नाम से भी जाना जाता है, ने इस कैप्सूल का निर्माण किया है। इसमें कम दबाव वाले ट्यूबों के भीतर हवा में तैरती हुई बोगी में 700 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से यात्रा करने वाले यात्रियों को देखा जा सकेगा। इस विचार की कल्पना सबसे पहले स्पेस एक्स के एलन मस्क द्वारा की गई थी। इसे ‘यातायात के पाँचवें माध्यम’ के रूप में जाना जाता है। अतः कथन 1 सही है।
  • हाइपरलूप चुंबकीय ढंग से हवा में तैरते हुए बहुत तीव्र गति से संचालित होता है। इसे कॉनकॉर्ड, रेल गन तथा एयर हॉकी टेबल के मिश्रण के रूप में माना जाता है। ये कैप्सूल यात्रियों को ट्यूब या सुरंगों के माध्यम से ले जाते हैं, जिनमें से अधिकांश वायु को घर्षण कम करने के लिये हटा दिया जाता है। वायु को हटाने की वज़ह से सुरंग का दबाव कम हो जाता है। कम हो चुका यह दबाव कैप्सूल को तीव्र गति प्रदान करता है। अतः कथन 2 सही है।
[4]

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में हुए चुनाव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय के लिये भारत को चुना गया है।
  2. भारत इससे पहले भी 2011-2014 तथा 2014-2017 की अवधि‍के लिये जिनेवा स्थित मानवाधिकार परिषद हेतु चुना जा चुका है।
  3. सभी उम्मीदवारों के बीच सबसे अधिक मतों के साथ भारत को एशिया-प्रशांत श्रेणी में 188 मत मिले हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर : (d)
व्याख्या :

  • हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष मानवाधिकार निकाय के लिये भारत को चुना गया है। गौरतलब है कि इस निकाय के लिये भारत का कार्यकाल तीन वर्षों का होगा, जो 1 जनवरी, 2019 से प्रारंभ होगा। परिषद में चुने जाने के लिये किसी भी देश को कम-से-कम 97 मतों की आवश्यकता होती है। अतः कथन 1 सही है।
  • एशिया-प्रशांत श्रेणी में भारत को 188 मत, फिजी को 187 मत, बांग्लादेश को 178 मत, बहरीन और फिलीपींस प्रत्येक को 165 मत प्राप्त हुए। भारत इससे पहले भी 2011-2014 तथा 2014-2017 की अवधि‍के लिये जिनेवा स्थित मानवाधिकार परिषद हेतु चुना जा चुका है। अतः कथन 2 सही है।
  • संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के नए सदस्यों के लिये चुनाव किया। 18 नए सदस्य गुप्त मतदान के द्वारा पूर्ण बहुमत से चुने गए। सभी उम्मीदवारों के बीच सबसे अधिक मतों के साथ भारत को एशिया-प्रशांत श्रेणी में 188 मत मिले हैं। अतः कथन 3 सही है।
[5]

निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?

1. अन्नपूर्णा देवी पखावज
2. प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा सफाई
3. पंडित लच्छू महाराज तबला

नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही उत्तर का चयन कीजिये:

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
Hide Answer –

उत्तर : (c)
व्याख्या :

  • हाल ही में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की प्रसिद्ध संगीतकार अन्नपूर्णा देवी का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वर्ष 1977 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह एक प्रसिद्ध सुरबहार वादक थीं। सुरबहार सितार का ही एक अन्य रूप है। यह आकार में सितार से बड़ा होता है। इसके तार सितार की तुलना में अधिक मोटे होते हैं। इसको बजाने की तकनीक सितार के समान ही होती है लेकिन सुरबहार की आवाज़ अधिक गहरी (गंभीर) होती है। अतः युग्म 1 सही सुमेलित नहीं है।
  • हाल ही में प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का निधन हो गया। उन्हें स्वामी ज्ञान स्वरुप सानंद के नाम से भी जाना जाता था। उल्लेखनीय है कि गंगा की सफाई को लेकर वे पिछले 111 दिनों से अनशन पर थे। उन्होंने भागीरथी नदी पर एक परियोजना के विरोध में 38 दिनों तक अनशन किया था जिसके परिणामस्वरूप सरकार को इस परियोजना पर रोक लगानी पड़ी थी। उन्होंने गंगा में हो रहे अवैध खनन, बांधों जैसे बड़े निर्माण को रोकने और गंगा की सफ़ाई को लेकर लगातार आवाज़ उठाई। अतः युग्म 2 सही सुमेलित है।
  • पंडित लच्छू महाराज बनारस घराने के महान तबला वादक थे। पंडित लच्छू महाराज का नाम लक्ष्मी नारायण सिंह था और उनका जन्म 1944 में हुआ था। 72 साल की उम्र में 27 जुलाई, 2016 को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। संगीत क्षेत्र में अपने योगदान के लिये लच्छू महाराज को 1957 में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से नवाजा गया। वह पद्मश्री के लिये भी नामांकित हुए, लेकिन उन्होंने यह पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया था। अतः युग्म 3 सही सुमेलित है।

 

भारतीय विश्वविद्यालयों हेतु QS रैंकिंग

QS

  • हाल ही में QS (Quacquarelli Symonds) ने अपनी पहली भारत-विशिष्ट रैंकिंग, इंडिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग की शुरुआत की है। यह भारतीय संस्थानों के लिये विशेष रूप से रैंकिंग का पहला संस्करण है।
  • QS द्वारा आयोजित यह दूसरी देश-विशिष्ट रैंकिंग है। पहली रैंकिंग चीन के लिये जारी की गई थी।
  • QS यूनाइटेड किंगडम आधारित एक वैश्विक उच्च शिक्षा कंपनी है जो QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी करती है।
  • इस रैंकिंग के अंतर्गत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT), मुंबई ने शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि दूसरे स्थान पर भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC), बेंगलुरु है।
  • इस रैंकिंग में शीर्ष 75 भारतीय विश्वविद्यालयों को शामिल किया गया है।
  • रैंकिंग में प्रयुक्त संकेतक इस प्रकार हैं- अकादमिक प्रतिष्ठा (30 प्रतिशत), नियोक्ता प्रतिष्ठा (20 प्रतिशत), संकाय-छात्र अनुपात (20 प्रतिशत), संकाय के प्रति सदस्य शोध संख्या (20 प्रतिशत), अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का अनुपात (2.5 प्रतिशत) तथा अंतर्राष्ट्रीय संकाय का अनुपात (2.5 प्रतिशत)।
पंडवानी गायिका तीजन बाई

TijanBai

  • हाल ही में छत्तीसगढ़ की लोक गायिका तीजन बाई को उनकी पंडवानी कला के लिये जापान का सबसे बड़ा सम्मान ‘फुकुओका कला एवं संस्कृति पुरस्कार’ प्रदान किया गया है।
  • इससे पहले यह पुरस्कार भारतीय संगीतकार ए.आर. रहमान को दिया गया था।
  • तीजन बाई को मिलने वाला यह पुरस्कार पूर्वी एशिया में भारत की मज़बूत एवं उदार शक्ति को प्रतिबिंबित करता है।

पंडवानी का परिचय

  • पंडवानी (शाब्दिक अर्थ ‘पांडवों के गीत’) एक लोक रंगमंच का स्वरूप है। इस स्वरूप में एक हाथ में एकतारा या तानपुरा तथा दूसरे हाथ में कभी-कभी खड़ताल के साथ अभिनय और गायन शामिल होता है।
  • यह ग्रामीण मनोरंजन है, जो छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों में लोकप्रिय है।
  • संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय स्तर की अकादमी) ने इस नाटक-कला के दस्तावेज़ीकरण तथा इसे बढ़ावा देने की ज़िम्मेदारी ली है।
गायल (गौर) या मिथुन (Bos Frontalis)

Bos Frontalis

  • हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के राजकीय पशु मिथुन (Bos frontalis) की बड़ी संख्या में हत्या के मुद्दे ने असम और अरुणाचल प्रदेश के अंतर-राज्य सीमा पर ग्रामीणों के बीच तनाव उत्पन्न कर दिया है।
  • मिथुन या गायल (Bos frontalis) को भारतीय गौर या बिजोन (Bison) का वंशज माना जाता है। यह न्यिशि, अपतानी, गालो, मिश्मी, आदि, शेरडुकपेन और अरुणाचल प्रदेश के अन्य समुदायों के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • इन्हें पवित्र माना जाता है क्योंकि सभी अनुष्ठानों में मिथुन की बलि देना अनिवार्य है।
  • इसे ‘पहाड़ों का पशु’ तथा ‘पहाड़ों का जहाज’ के रूप में भी जाना जाता है।
  • यह ठंड और नरम मौसम पसंद करता है तथा जंगल की पत्तियों, झाड़ियों एवं घास पर निर्भर रहता है। इस प्रजाति की प्रजनन क्षमताकाफी उच्च होती है।
  • इसे IUCN द्वारा सुभेद्य पशु के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

 

बीटी बैंगन

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3 : प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-13 : सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टेक्नोलॉजी, बायो-टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरूकता।)
(खंड-14 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।)

GEAC

संदर्भ

हाल ही में भारत के जैव प्रौद्योगिकी नियामक, जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेज़ल समिति (GEAC), ने बांग्लादेश से बीटी बैंगन (आनुवंशिक रूप से संशोधित फसल) के बारे में जानकारी की मांग की है। गौरतलब है कि बांग्लादेश के किसान 2013 से ही यह फसल उगा रहे हैं।

पृष्ठभूमि

  • बैसिलस थुरियनजीनिसस बैंगन, जिसे बीटी बैंगन के नाम से जाना जाता है, भारत में विवाद का केंद्र रहा है।
  • बीटी बैंगन उपज में सुधार और कृषि क्षेत्र की सहायता करने का दावा करता है। अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी मोन्सेंटो की सहायता से भारत की बीज कंपनी महिको ने आनुवंशिक रूप से संशोधित बीटी बैंगन को निर्मित किया था।
  • इस ट्रांसजेनिक किस्म के बारे में दावा किया जाता है कि यह तना एवं फल छेदक कीड़े को रोक सकता है, जो कि बैंगन पर लगने वाले प्रमुख कीटों में से एक है।
  • हालाँकि, बीटी बैंगन से पैदा होने वाली असुरक्षा पर सरकार के लिये काम कर रहे वैज्ञानिकों, किसानों तथा पर्यावरण कार्यकर्त्ताओं के अपने-अपने अलग विचार है।
  • पर्यावरण कार्यकर्त्ताओं का कहना है कि चूहों पर जीएम फसलों (आनुवंशिक रूप से संशोधित) का प्रभाव फेफड़ों और गुर्दे के लिये घातक साबित हुआ है। इन प्रयोगात्मक खाद्य पदार्थों को उचित अनुसंधान के बिना बाजार में पेश करना खतरनाक है।
GM

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, जीएम वह तकनीक है जिसमें जंतुओं एवं पादपों (पौधे, जानवर, सुक्ष्मजीवियों) के डीएनए को अप्राकृतिक तरीके से बदला जाता है।

GM-FOOD

  • सरल भाषा में जीएम तकनीक के तहत एक प्राणी या वनस्पति के जीन को निकालकर दूसरे असंबंधित प्राणी/वनस्पति में डाला जाता है।
  • इसके तहत हाइब्रिड बनाने के लिये किसी जीव में नपुंसकता पैदा की जाती है, जैसे जीएम सरसों को प्रवर्धित करने के लिये सरसों के फूल में होने वाले स्व-परागण (सेल्फ पॉलिनेशन) को रोकने के लिये नर नपुंसकता पैदा की जाती है। फिर हवा, तितलियों, मधुमक्खियों और कीड़ों के ज़रिये परागण होने से एक हाइब्रिड तैयार होता है।
  • इसी तरह बीटी बैंगन में प्रतिरोधकता के लिये ज़हरीला जीन डाला जाता है, ताकि बैंगन पर हमला करने वाला कीड़ा मर सके।
  • इसके अलावा, भारतीय किसानों को बीजों के लिये बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो भारतीय कृषि के लिये खतरनाक साबित हो सकता है।
  • 2009 में जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेज़ल समिति (GEAC) द्वारा व्यावसायीकरण के लिये बीटी बैंगन को मंज़ूरी दे दी गई थी। लेकिन पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने 2010 में इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी।
  • इसके इस्तेमाल पर तब तक के लिये रोक लगाई गई है जब तक कि वैज्ञानिक अध्ययनों द्वारा मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर दीर्घकालिक संदर्भ में इसके अच्छे या बुरे प्रभावों को मूल्यांकित नहीं कर लिया जाता।
  • भारत ने अभी तक दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा विकसित जीएम सरसों सहित खाद्य फसलों में किसी भी जीएम प्रौद्योगिकी को मंज़ूरी नहीं दी है।
  • 2002 में, भारत ने बीटी कपास को मंज़ूरी दे दी थी, जो कि देश में उगाई जाने वाली एकमात्र गैर-खाद्य जीएम फसल है। 

हाल के घटनाक्रम

  • GEAC ने पाया कि बांग्लादेश ने 2013 में महिको कंपनी के बीटी बैंगन प्रौद्योगिकी को मंज़ूरी दे दी थी और वर्तमान में वहाँ 50,000 किसान इस फसल की खेती कर रहे हैं।
  • बांग्लादेश में वाणिज्यिक उत्पादन के बाद सामने आये प्रभावों पर प्रासंगिक जानकारी और आँकड़ा प्राप्त करने के लिये भारतीय समिति ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) से सिफारिश की है।
  • जेनेटिक इंजीनियरिंग अप्रेज़ल समिति (GEAC) ने महिको (ट्रांसजेनिक बैंगन बनाने वाली कंपनी) द्वारा किये गए अनुरोधकी सुनवाई के दौरान यह फैसला लिया।
GEAC-1

  • जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MOEFCC) के अंतर्गत स्थापित किया गया है।
  • इसका कार्य अनुवांशिक रूप से संशोधित सूक्ष्म जीवों और उत्पादों के कृषि में उपयोग को स्वीकृति प्रदान करना है।
  • विदित हो कि जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति आनुवंशिक रूप से संशोधित बीजों के लिये स्थापित किया गया भारत का सर्वोच्च नियामक है।

 

 

ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र–2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-13 : स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय)

World Bank

चर्चे में क्यों?

हाल ही में विश्व बैंक ने इंडोनेशिया (बाली) में वर्ल्ड डेवलेपमेंट रिपोर्ट 2019 के एक भाग के रूप में  अपना पहला नया ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स अर्थात् मानव पूंजी सूचकांक जारी किया। इस इंडेक्स की रैंकिंग मानव पूंजी विकास के संदर्भ में देशों की सफलता के आधार पर निर्धारित की गई है। इस इंडेक्स में भारत 0.44 अंकों के साथ 115वें स्थान पर (157 देशों में) है। भारत का स्थान नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश से भी नीचे है।

ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स क्या है ?

  • इस इंडेक्स को विश्व बैंक के मौजूदा व्यापारिक सूचकांक अर्थात् डूइंग बिज़नेस इंडेक्स के आधार पर तैयार किया गया है, जो कि राष्ट्रीय व्यापार स्थितियों का आकलन करता है। इसी के आधार पर कोई देश अपने नागरिकों की देखभाल कैसे करता है, को केंद्र बिंदु मानते हुए समान रैंकिंग तैयार की गई है।
  • इस इंडेक्स के अंतर्गत बच्चों के जीवित रहने की संभावना, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मानकों के आधार पर 157 देशों का आकलन किया जाता है।
  • इस इंडेक्स को 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु दर तथा उनके विकास की दर, 18 साल की उम्र तक स्कूली शिक्षा और 15 साल के किशोरों के 60 साल तक जीवित रहने की संभावना जैसे मानकों के आधार पर तैयार किया गया है।
  • शीर्ष 5 में शामिल देश

♦ सिंगापुर
♦ दक्षिण कोरिया
♦ जापान
♦ हांग कांग
♦ फिनलैंड

  • सबसे नीचे के 5 स्थानों में शामिल देश

♦ चाड
♦ दक्षिण सूडान
♦ नाइजर
♦ माली
♦ लाइबेरिया

भारत के लिये HCI अवलोकन

  • पिछले पाँच वर्षों में भारत में एचसीआई घटकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 5 साल की आयु वर्ग के जीवित रहने की संभावना पर विचार करें तो भारत में पैदा हुए प्रत्येक 100 बच्चों में से 96 बच्चे ही 5 साल की आयु तक जीवित रहते है।
  • यदि स्कूली शिक्षा की बात करें तो भारत में 4 साल की आयु में स्कूल शुरू करने वाले बच्चे अपने 18वें जन्मदिन तक अनुमानत: 10.2 साल की स्कूली शिक्षा पूरी कर लेते हैं।
  • वयस्क जीवन रक्षा दर के संबंध में बात करें तो ज्ञात होता है कि देश में 15 वर्ष की आयु के केवल 83 प्रतिशत बालकों के 60 वर्ष की आयु तक जीवित रहने की उम्मीद है।
  • इसी क्रम में यदि स्वस्थ विकास के मुद्दे पर विचार करें तो प्रत्येक 100 बच्चों में से केवल 62 स्टंट कुपोषित अथवा अल्प-पोषण के शिकार नहीं पाए गए। स्पष्ट रूप से प्रत्येक 100 में से 38 बच्चे कुपोषित हैं।
  • लिंग विभेद के संबंध में इंडेक्स में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की स्थिति (HCI के संदर्भ में) थोड़ी बेहतर बताई गई है।
विश्व बैंक का मानव पूंजी सूचकांक संयुक्त राष्ट्र का मानव विकास सूचकांक
1. इसके अंतर्गत स्वास्थ्य की माप के रूप में जीवित रहने की दर और स्टंटिंग दर को आधार माना गया है। 1. इसके अंतर्गत स्वास्थ्य की माप के रूप में जीवन प्रत्याशा को आधार माना जाता है।
2. शिक्षा के उपाय के रूप में गुणवत्ता समायोजित शिक्षण को महत्त्व दिया गया है। 2. इसके अंतर्गत शिक्षा के उपाय के रूप में स्कूली शिक्षा के वर्षों को आधार माना जाता है।
3. इसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय को शामिल नहीं किया गया है। 3.इसके अंतर्गत प्रति व्यक्ति आय को शामिल किया जाता है।
4. इसके अंतर्गत आय के घटक को शामिल नहीं किया गया है। 4. इसके अंतर्गत आय के घटक को शामिल किया जाता है।