UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 22-10-2018

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वर्ष 2018 का  मैन बुकर पुरस्कार निम्नलिखित में से किसे प्रदान किया गया?

A) एना बर्न्स
B) जे के रोलिंग
C) अमीश त्रिपाठी
D) रॉबिन रॉबर्टसन
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उत्तर : (a)
व्याख्या:

हाल ही में उत्तरी आयरलैंड की लेखिका एना बर्न्स ने प्रतिष्ठित मैन बुकर पुरस्कार 2018 जीत लिया। एना बर्न्स को उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘मिल्कमैन’ के लिये यह पुरस्कार दिया गया। यह मैन बुकर पुरस्कार का 50वाँ संस्करण है। एना 50,000 पौंड (66,000 डॉलर) की राशि वाले इस मैन बुकर पुरस्कार को जीतने वाली उत्तरी आयरलैंड की पहली लेखिका हैं।

  • बर्न्स की लिखी ‘मिल्कमैन’ किताब एक ऐसी सशक्त युवा महिला की कहानी है जो एक ऐसे शख्स का सामना करती है, जो यौन उत्पीड़न के लिये पारिवारिक रिश्तों, सामाजिक दबाव और राजनीतिक निष्ठा जैसे हथियारों का इस्तेमाल करता है।
  • पुरस्कार के लिये अन्ना का मुकाबला ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के 5 लेखकों से था। मिल्कमैन ने डेजी जॉनसन (27) के उपन्यास एवरीथिंग अंडर को पछाड़कर यह पुरस्कार हासिल किया। जिन अन्य किताबों को पुरस्कार के लिये नामित किया गया था, उनमें द लॉन्ग लेक (रॉबिन रॉबर्टसन), वॉशिंगटन ब्लैक (एसी एडुग्यान), द मार्स रूम (रैचेल कुशनर) और द ओवरस्टोरी (रिचर्ड पावर्स) शामिल थीं।
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हाल ही में किस विकसित देश ने नशीले पदार्थ मारिजुआना को कानूनी रूप से वैध घोषित कर दिया?

A) अमेरिका
B) ब्रिटेन
C) कनाडा
D) ऑस्ट्रेलिया
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उत्तर : (c)
व्याख्या:

हाल ही में कनाडा आनंददायक मारिजुआना (गांजा) को वैध बनाने वाला पहला औद्योगिक देश बन गया। यह दिन देश के लिये ऐतिहासिक था क्योंकि वयस्क कनाडाई लगभग एक शताब्दी के लंबे प्रतिबंध के बाद कानूनी रूप से आनंददायक मारिजुआना का सेवन करने में सक्षम होंगे। कनाडा के बड़े शहरों में दुकानों की कमी के बावजूद, उपभोक्ता प्रांतीय सरकारों या लाइसेंस प्राप्त खुदरा विक्रेताओं से कानूनी तौर पर मारिजुआना ऑनलाइन खरीद सकते हैं। मारिजुआना को कानूनी मान्यता देने वाला कनाडा विश्व का दूसरा और सबसे बड़ा देश भी बन गया है। सबसे पहले उरूग्वे ने इसे कानूनी तौर पर वैधता प्रदान की थी। इन दोनों देशों को छोड़कर दुनिया भर में इसे मादक पदार्थ मानते हुए इसकी बिक्री पर रोक है। इसे सिर्फ दवाओं में सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है।
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डीप सबमर्जेन्स रेस्क्यू व्हीकल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. डीएसआरवी दो चालक दल द्वारा संचालित किया जाता है और यह निष्क्रिय पनडुब्बी से एक बार में 50 कर्मियों को बचाने में सक्षम है।
  2. डीएसआरवी गहरे पानी में डूबी पनडुब्बियों में बचाव कार्य करने में बेहद सक्षम है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (b)
व्याख्या:

  • हाल ही में पश्चिमी नौसेना कमान ने डीएसआरवी (डीप सबमर्जेन्स रेस्क्यू व्हीकल) के शुरूआती परीक्षण सफलतापूर्वक किये हैं। इससे भारतीय नौसेना की ताकत बहुत बढ़ गई है। डीएसआरवी तीन चालक दल द्वारा संचालित किया जाता है और वह निष्क्रिय पनडुब्बी से एक बार में 14 कर्मियों को बचाने में सक्षम है। परीक्षणों के पूरा हो जाने के बाद भारतीय नौसेना विश्व की प्रमुख नौसेनाओं के उस छोटे समूह में शामिल हो जाएगी, जिनके पास समेकित पनडुब्बी बचाव क्षमता मौजूद है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • डीएसआरवी गहरे पानी में डूबी पनडुब्बियों में बचाव कार्य करने में बेहद सक्षम है। परीक्षणों के दौरान डीएसआरवी ने 666 मीटर गहराई तक गोता लगाने में कामयाबी हासिल की। भारतीय जल क्षेत्र में पहली बार किसी ‘मानवचालित वाहन’ ने इतनी गहराई तक पहुँचने का यह कारनामा कर दिखाया है। अतः कथन 2 सही है।
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हाल ही में जारी की गई ‘इंवेस्टमेंट ट्रेंड मॉनीटर’ नामक रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. रिपोर्ट के अनुसार, 22 अरब डॉलर के एफडीआई के साथ भारत इस अवधि के दौरान सबसे ज़्यादा एफडीआई प्राप्त करने वाली शीर्ष अर्थव्यवस्था है।
  2. रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक संदर्भ में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में आई गिरावट मुख्य रूप से समृद्ध देशों में देखी गई।
  3. विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 2017 के मुकाबले इस वर्ष की पहली छमाही में एफडीआई प्रवाह में चार फीसदी की गिरावट आई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1 और 2
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) 1, 2 और 3
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उत्तर : (c)
व्याख्या:

  • हाल ही में व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (UNCTAD) द्वारा जारी की गई ‘इंवेस्टमेंट ट्रेंड मॉनीटर’  नामक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया में भारत ने 22 अरब डॉलर के एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) प्रवाह को आकर्षित किया जिससे भारत इस अवधि के दौरान सबसे ज़्यादा एफडीआई प्राप्त करने वाली शीर्ष 10 सर्वाधिक आकर्षक अर्थव्यवस्थाओं में पहुँचने में कामयाब रहा। हालाँकि चीन एफडीआई का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है, जिसने वर्ष 2018 की पहली छमाही में अनुमानतः 70 अरब डॉलर के एफडीआई अंतर्वाह को आकर्षित किया। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी कर सुधारों के चलते मूल अमेरिकी कंपनियों द्वारा उनकी सहयोगियों से विदेशों में एकत्रित घरेलू आय की बड़ी राशि को अपने देश में वापस मँगाए जाने के कारण वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश इसी अवधि में 41 प्रतिशत घटकर 470 अरब डॉलर हो गया है। जो कि 2017 की इसी अवधि में 794 अरब डॉलर था। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में आई यह गिरावट मुख्य रूप से समृद्ध देशों में देखी गई, जिसमें आयरलैंड (81 अरब डॉलर की कमी) और स्विट्जरलैंड (77 अरब डॉलर की कमी) प्रमुख रूप से शामिल हैं। अतः कथन 2 सही है। 
  • विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में 2017 के मुकाबले इस वर्ष की पहली छमाही में एफडीआई प्रवाह में चार फीसदी की ‘नाममात्र की गिरावट’ आई और इस दौरान उनका अंतर्वाह कुल 310 अरब डॉलर का रहा। अतः कथन 3 सही है।
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‘ओनीर’ प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान अनुसंधान संस्थान, कोलकाता द्वारा ट्रेडमार्क ‘ओनीर’ के तहत पेयजल कीटाणुशोधन प्रणाली का विकास किया गया है।
  2. यह प्रणाली हानिकारक बैक्टीरिया या वायरस को नष्ट नहीं कर पाती है बल्कि केवल जल को अच्छी तरह से छान देती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
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उत्तर : (d)
व्याख्या :

  • हाल ही में वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (CSIR-IITR), लखनऊ ने ट्रेडमार्क ‘ओनीर’ के तहत एक अभिनव प्रौद्योगिकी ‘पेयजल कीटाणुशोधन प्रणाली’ विकसित की है। CSIR-IITR द्वारा विकसित ओनीर केवल 2 पैसे प्रति लीटर की दर से सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएगा। सामुदायिक स्तर के मॉडल की क्षमता 450 लीटर प्रति घंटा है जिसे 5,000 से 1 लाख लीटर प्रति दिन तक बढ़ाया जा सकता है। अतः कथन 1 सही नहीं है।
  • यह प्रणाली जल का निरंतर उपचार करती है और बीमारी पैदा करने वाली बैक्टीरिया, वायरस, कवक, प्रोटोजोआ, सिस्ट आदि को नष्ट करती है ताकि घरेलू एवं सामुदायिक पेयजल के लिये (बीआईएस, डब्ल्यूएचओ आदि द्वारा) निर्धारित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। यह प्रौद्योगिकी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिये काफी मददगार साबित होगी क्योंकि यह सौर ऊर्जा से संचालित हो सकती है। अतः कथन 2 सही नहीं है।

 

एशियाई पैरा गेम्स- 2018

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6 से 13 अक्तूबर, 2018 के बीच इंडो‍नेशिया के जकार्ता में तीसरे पैरा एशियाई गेम्स का आयोजन किया गया।

  • तीसरे पैरा एशियाई गेम्स का शुभंकर ‘मोमो’ नामक बोंडोल ईगल था।
  • इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने 72 मेडल जीते,  एशियाई पैरा गेम्स में भारत का यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में भारत ने इन खेलों में तीन स्वर्ण, 14 रजत और 16 कांस्य पदक सहित कुल 33 पदक ही जीते थे।
  • 15 स्‍वर्ण, 24 रजत और 33 कांस्‍य पदकों के साथ भारत इस बार पदक तालिका में नौंवे स्‍थान पर रहा।
  • चीन कुल 319 पदकों के साथ इस पदक तालिका में शीर्ष पर रहा जबकि दक्षिण कोरिया ने दूसरा स्थान हासिल किया।
  • खिलाड़ियों की उपलब्धि को देखते हुए खेल और युवा मामले मंत्रालय ने पदक विजेताओं को नकद पुरस्‍कार प्रदान किया।

भारत के लिये स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी

संदीप चौधरी (जैवलीन थ्रो), सुयश जाधव (तैराकी, 50 मी. बटरफ्लाई), राजू रक्षिता (1500 मी. T-11 स्पर्द्धा), एकता भ्यान (क्लब थ्रो), मनीष नरवाल (शूटिंग, 10 मी, एयर पिस्टल), नारायण ठाकुर (100 मी. T35), हरविंदर सिंह (तीरदांजी), शरद कुमार (ऊँची कूद), पारुल परमार (बैडमिंटन), किशन गंगोली (शतरंज), जेंनिथा एंटो कनिक्कल (शतरंज), नीरज यादव (जैवलीन थ्रो), अमित सरोहा (क्लब थ्रो), तरुण (बैडमिंटन), प्रमोद भगत (बैडमिंटन)।

Moonmoon

Moonmoon

सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं, जबकि बहुत से चंद्रमा स्वयं ही ग्रहों की परिक्रमा करते हैं। लेकिन क्या किसी भी चंद्रमा का अपना उपग्रह होना संभव है? हाल ही में एक नए शोध-पत्र में उन परिस्थितियों के बारे में वर्णन किया गया है जिनमें ऐसा होना संभव है। लेकिन जिस चीज़ ने सभी वैज्ञानिकों का ध्यान आकर्षित किया है वह यह है कि चंद्रमा के चंद्रमा को क्या नाम दिया जाए?

  • कुछ वैज्ञानिकों ने इसे Submoon तो कुछ ने इसे Moonmoon नाम से संबोधित किया है।
  • न्यू साइंटिस्ट मैगज़ीन ने अपने निष्कर्षों को जारी किया और कहा, “ चंद्रमा के भी चंद्रमा हो सकते हैं और उन्हें Moonmoons कहा जाता है।
  • अभी तक सौरमंडल में कोई Moonmoon मौजूद नहीं है। लेकिन इनके अस्तित्व के लिये निम्नलिखित स्थितियों का होना आवश्यक है-
    1. चंद्रमा का द्रव्यमान अधिक होना चाहिये और उसकी परिक्रमा करने वाले Moonmoon का आकार तुलनात्मक रूप से कम हो।
    2. दोनों के बीच दूरी भी महत्त्वपूर्ण है moonmoon को चंद्रमा के इतना नज़दीक होना चाहिये कि वे एक-दूसरे के गुरुत्त्वाकर्षण के संपर्क में रहें लेकिन इतना भी नज़दीक नहीं कि ज्वार बलों के कारण एक-दूसरे से अलग हो जाएँ।
    3. दोनों चंद्रमा को ग्रह से पर्याप्त दूरी पर होना चाहिये ऐसा न हो कि moonmoon ग्रह के गुरुत्त्वाकर्षण के संपर्क में आ जाए और ग्रह की परिक्रमा करने लगे।
गोवा समुद्री परिसंवाद

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समुद्री सीमा से लगे हुए पड़ोसियों के साथ मित्रवत रिश्तों को मज़बूत करने के लिये भारतीय नौसेना ने 16 अक्तूबर 2018 को नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में गोवा समुद्री परिसंवाद-2018 का आयोजन किया।

  • इस परिसंवाद में हिंद महासागर के तट से लगे 16 देशों की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
  • इन देशों में दक्षिण-पूर्व एशिया के इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड, जबकि भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, म्याँमार और श्रीलंका के अलावा सेशेल्स के द्विपीय देश, मॉरीशस और मालदीव के साथ ही पश्चिमी एशिया से ओमान और अफ्रीका से दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर, केन्या, तंजानिया और मोजांबिक ने हिस्सा लिया।
  • इस साल आयोजित इस संगोष्‍ठी की थीम थी, ‘हिन्‍द महासागर क्षेत्र में मज़बूत समुद्रीय भागीदारी को प्रोत्‍साहित करना।‘
  • इसका उद्देश्‍य शैक्षिक उत्‍कृष्‍टता के साथ-साथ हिन्‍द महासागर क्षेत्र में नौसेनाओं के वरिष्‍ठ प्रतिनिधियों और समुद्रीय एजेंसियों के मध्‍य बातचीत को प्रोत्‍साहित करके भारत के समुद्रीय पड़ोसियों के विचारों को आपस में साझा करना है।
नटवर ठक्कर

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हाल ही में प्रख्यात गांधीवादी नटवर ठक्कर का 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह ‘नगालैंड के गांधी’ के नाम से प्रसिद्द थे।

  • नटवर ठक्कर का जन्म ब्रिटिश भारत में वर्ष 1932 में हुआ था।
  • वह मूल रूप से महाराष्ट्र के थे। लेकिन वर्ष 1955 में नगालैंड आने के बाद उन्होंने इस राज्य को ही अपना घर बना लिया।
  • ‘पद्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित ठक्कर ने चुचुयिमलांग में नगालैंड गांधी आश्रम की स्थापना की थी।
  • गांधीवादी दर्शन और शांति के प्रचार-प्रसार के प्रयासों के कारण नटवर ठक्कर को ‘नगालैंड के गांधी’ की उपाधि दी गई थी।

 

जल कीटाणुरोधी प्रणाली ‘ओनीर’

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-11 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इनका प्रभाव)

OneerTM

चर्चा में क्यों?

वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (CSIR-IITR), लखनऊ ने ट्रेडमार्क ‘ओनीर’ (OneerTM) के तहत एक अभिनव प्रौद्योगिकी ‘पेयजल कीटाणुशोधन प्रणाली’ विकसित की है।

महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • यह प्रणाली जल का निरंतर उपचार करती है और बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया, वायरस, कवक, प्रोटोजोआ, सिस्ट आदि को नष्ट करती है ताकि घरेलू एवं सामुदायिक पेयजल के लिये (BIS, WHO आदि द्वारा) निर्धारित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
  • यह प्रौद्योगिकी विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिये काफी मददगार साबित होगी क्योंकि यह सौर ऊर्जा से संचालित हो सकती है।
  • इसका विकास ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के तहत किया गया है।

भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान

  • भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की स्थापना 1965 में हुई।
  • यह वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की संघटक प्रयोगशाला है।
  • IITR विषविज्ञान के प्रमुख क्षेत्रों में शोध संचालित करती है। इसमें औद्योगिक और पर्यावरण संबंधी रसायनों के मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव एवं वायु,जल एवं मिट्टी में प्रदूषकों प्रभाव संबंधी शोध सम्मिलित हैं।

IITR के उद्देश्य

  • उद्योग, कृषि एवं दैनिक जीवन में उपयोग में लाए जाने वाले रसायनों की सुरक्षात्मकता का मूल्यांकन करना।
  • विषाक्त रसायनों/प्रदूषकों की क्रिया विधि को निर्धारित करना।
  • प्रदूषकों से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा हेतु उपचारात्मक/निवारक उपायों का सुझाव देना।
  • रसायन उद्योगों, खानों, कृषि क्षेत्रों एवं पर्यावरण में जोखिम के कारण होने वाले स्वास्थ्य खतरों की पहचान करना।
  • विभिन्न रसायनों के कारण उत्पन्न विकारों की सहज/शीघ्र नैदानिक जाँच करना।
  • विषाक्त रसायनों की सूचना का संग्रहण, भंडारण एवं प्रसार करना।
  • औद्योगिक एवं पर्यावरण संबंधी समस्यांओं से निपटने हेतु मानव संसाधन विकसित करना।
  • रसायनों, योज्य तथा उत्पादों की सुरक्षा/विषाक्तता के संदर्भ में प्रश्नों और चिंताओं हेतु चर्चा करने के लिये जनता और उद्यमियों को मंच उपलब्ध कराना।