UPSC DAILY CURRENT IN HINDI 23-10-2018

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक

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21 अक्तूबर को पुलिस स्मारक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया गया।

  • 21 अक्तूबर 1959 में चीनी सैनिकों द्वारा लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में मारे गए पुलिसकर्मियों की स्मृति में इस दिन को पुलिस स्मारक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का निर्माण नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में किया गया है। इसका निर्माण नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन द्वारा किया गया है।
  • इस स्मारक का वज़न लगभग 250 टन है तथा इसकी ऊँचाई लगभग 30 फीट है।
  • यह ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है।
  • राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में केंद्रीय मूर्तिकला, कर्त्तव्य निभाते हुए अपने जीवन का बलिदान करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम उत्कीर्ण हुई साहस और वीरता दर्शाने वाली दीवार तथा शहीद पुलिस कर्मियों को समर्पित एक आधुनिक संग्रहालय शामिल है।
बिहार की लीची को मिला जीआई टैग

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कतरनी चावल, जरदालू आम और मगही पान के बाद बिहार की शाही लीची को भौगोलिक संकेत(GI) का टैग मिला है और टैग मिलते ही यह राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में एक विशेष ब्रांड बन गया है।

  • प्रसिद्ध शाही लीची, जो अपने मीठे, रसदार, अद्वितीय स्वाद और सुगंध के लिये प्रसिद्ध है, अधिकांशतः मुज़फ्फरपुर और इसके आस-पास के ज़िलों- पूर्वी चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर और बेगूसराय में उगाई जाती है।
  • उल्लेखनीय है कि देश में उगाई जाने वाली कुल लीची का 40 प्रतिशत उत्पादन बिहार में किया जाता है।

भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication-GI)

  • एक भौगोलिक संकेतक (Geographical Indication) का इस्तेमाल ऐसे उत्पादों के लिये किया जाता है, जिनका एक विशिष्ट भौगोलिक मूल क्षेत्र होता है।
  • इन उत्पादों की विशिष्ट विशेषताएँ एवं प्रतिष्ठा भी इसी मूल क्षेत्र के कारण होती है। इस तरह का संबोधन उत्पाद की गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन देता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर GI का विनियमन विश्व व्यापार संगठन (WTO) के बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार संबंधी पहलुओं (Trade-Related Aspects of Intellectual Property Rights-TRIPS) पर समझौते के तहत किया जाता है।
  • वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर यह कार्य ‘वस्‍तुओं का भौगोलिक सूचक’ (पंजीकरण और सरंक्षण) अधिनियम, 1999 (Geographical Indications of goods ‘Registration and Protection’ act, 1999) के तहत किया जाता है, जो सितंबर 2003 से लागू हुआ।
  • वर्ष 2004 में ‘दार्जिलिंग टी’ जीआई टैग प्राप्त करने वाला पहला भारतीय उत्पाद है।
  • भौगोलिक संकेतक का पंजीकरण 10 वर्ष के लिये मान्य होता है।
ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक 2018

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6 से 18 अक्तूबर, 2018 के बीच अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक खेलों का आयोजन किया गया।

  • ब्यूनस आयर्स में आयोजित ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक में 32 खेलों को शामिल किया गया।
  • खेलों के अगले संस्करण 2020 शीतकालीन युवा ओलंपिक का आयोजन लुसाने, स्विट्ज़रलैंड में किया जाएगा।
  • 3 स्वर्ण, 9 रजत और 1 कांस्य पदक सहित कुल 13 पदकों के साथ भारत ने इस प्रतियोगिता में 14वाँ स्थान हासिल किया।
  • 29 स्वर्ण, 18 रजत और 12 कांस्य पदक सहित कुल 59 पदकों के साथ रूस ने इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि जापान दूसरे स्थान पर रहा।
  • भारत की ओर से सौरभ चौधरी (निशानेबाजी), मनु भाकर (निशानेबाजी) और जेरेमी लालरिनुंगा (भारोत्तोलन) ने स्वर्ण पदक जीता।
  • भारत की ओर से पुरुष एवं महिला हॉकी टीम ने रजत पदक प्राप्त किया।
  • हरियाणा का आकाश मलिक ने तीरंदाजी में रजत पदक हासिल किया। युवा ओलंपिक की तीरंदाजी प्रतिस्पर्द्धा में रजत पदक जीतने वाले वे पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।

 

वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक- 2018

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2 : शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध।
(खंड-20 : महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।)
सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3 प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन।
(खंड-10 : भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।)

WEF

चर्चा में क्यों?

हाल ही में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा जारी वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक- 2018 (Global Competitiveness Index 2018) में भारत ने 58वीं रैंकिंग हासिल की है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल की तुलना में इस बार भारत की रैंकिंग में 5 स्थान का सुधार हुआ है।

प्रमुख बिंदु

  • भारत ने जी 20 में शामिल अन्य देशों कि रैंकिंग की तुलना में सबसे अधिक सुधार किया है।
  • भारत का वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा स्कोर 62 है।
  • इस सूचकांक में विश्व के 140 देशों को शामिल किया गया है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका ने 85.6 वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि सिंगापुर तथा जर्मनी क्रमशः दूसरे तथा तीसरे स्थान पर रहे।
  • चीन ने इस सूचकांक में 28वाँ स्थान हासिल किया है।
  • रिपोर्ट के अनुसार, भारत एक ऐसे देश का उल्लेखनीय उदाहरण है जो अपने शोध संस्थानों की गुणवत्ता के कारण नवाचार के तरीकों में तेज़ी लाने में सक्षम रहा है।

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वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक के बारे में

  • वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा जारी की जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट है।
  • वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम वर्ष 2004 से यह रिपोर्ट जारी करता है।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा सूचकांक 12 संकेतकों पर आधारित है ये संकेतक हैं-
  1. संस्थान
  2. उपयुक्त आधारभूत संरचना
  3. स्थिर समष्टि आर्थिक ढाँचा
  4. अच्छा स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा
  5. उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण
  6. कुशल माल बाज़ार
  7. कुशल श्रम बाज़ार
  8. वित्तीय बाज़ारों का विकास
  9. मौजूदा प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की क्षमता
  10. बाज़ार आकार – घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों
  11. सबसे परिष्कृत उत्पादन प्रक्रियाओं का उपयोग करके विभिन्न घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय वस्तुओं का उत्पादन
  12. नवाचार

 

प्लुरिलेटरल वार्ता पर भारत की आपत्त

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र – 2: शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध। 
(खंड-18 : द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह एवं भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।)
(खंड-20 : महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।)

WTO-OMC

चर्चा में क्यों

हाल ही में औद्योगिक और विकासशील देशों के एक समूह ने कज़ाकिस्तान के अस्ताना में होने वाले 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में विवादास्पद मुद्दों पर प्लुरिलेटरल (plurilateral) वार्ता शुरू करने के प्रयासों को तेज़ कर दिया है। भारत ने वैश्विक व्यापार निकाय में ‘मौजूदा नियमों के प्रवर्तन की उचित व्यवस्था’ किये बिना व्यापार वार्ता के ‘नए दौर’ के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज़ की है।

अस्ताना सम्मेलन

  • अस्ताना सम्मेलन 8-11 जून, 2020 को कज़ाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन कुछ मुद्दों को हल करने हेतु विश्व व्यापार संगठन के मूल चरित्र (मल्टीलेटरल से प्लुरिलेटरल) को बदल सकता है। वर्तमान में ज़्यादातर देशों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।
  • अस्ताना में प्लुरिलेटरल की शुरुआत के लिये लक्षित पाँच मुद्दों में इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य, निवेश सुविधा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, लिंग तथा सेवाओं में घरेलू विनियमन शामिल हैं।
  • इसके अलावा, अस्ताना सम्मेलन यह भी तय करेगा कि 2020 के बाद WTO सर्वसम्मति के सिद्धांतों पर काम करना जारी रखेगा या नहीं।
  • सदस्य देशों के बीच इस बात को लेकर भी संघर्ष छिड़ सकता है कि विकासशील देशों जैसे- चीन, भारत, ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया को नीतियों के कार्यान्वयन की प्रतिबद्धता के मामले में विशेष एवं भिन्न सुविधा (S&DT) प्रदान की जाए अथवा नहीं।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्यापार निकाय को अमेरिकी हितों के खिलाफ बताया था जिसके बाद डब्ल्यूटीओ ने विश्व बैंक तथा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ ‘डब्ल्यूटीओ के आधुनिकीकरण’ की बहस के तहत सुधारों का प्रस्ताव दिया।

भारत का रुख

  • सिंगल अंडरटेकिंग फ्रेमवर्क के तहत सभी प्रतिभागियों को वार्ता की हर एक अंतर्वस्तु पर सहमत होने की आवश्यकता है। विदित है कि सिंगल अंडरटेकिंग फ्रेमवर्क पिछली वार्ताओं के उरुग्वे दौर (1986-1994) और वर्तमान अधूरे दोहा दौर का आधार है।
  • अफ्रीकी दूतावास के अनुसार, भारत ने उरुग्वे दौर के समझौतों जैसे-कृषि पर समझौते (AoA) में सुधार का प्रस्ताव दिया था।
  • विकासशील और गरीब देशों की एक बड़ी संख्या ने भारत की चिंताओं पर ध्यान दिया है। भारत ने विश्व बैंक और आईएमएफ द्वारा प्रस्तावित सुधारों के संदर्भ में सदस्यों के पूर्व अनुमोदन के बिना ‘पार्टी बनने’ के लिये डब्ल्यूटीओ सचिवालय की आलोचना की।

चीन और अमेरिका का रुख

  • चीन ने डब्ल्यूटीओ के मूल और बुनियादी सिद्धांतों की याद दिलाते हुए सदस्यों को सावधान रहने की चेतावनी दी।
  • अमेरिका विवाद निपटान निकाय को मजबूत करने की मांगों को छोड़कर सुधारों का समर्थन करता है। अमेरिका चाहता है कि चीन के बाज़ार क्षेत्र से अलग अर्थव्यवस्थाएँ WTO के सुधारों का लक्ष्य बनें।