UPSC IAS MAINS 2015 GENERAL STUDY QUESTION PAPER-3

  1. हाल के समय में भारत में आर्थिक संवृद्धि की प्रकृति का वर्णन अक्सर नौकरीहीन संवृद्धि के तौर पर किया जाता है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? अपने उतर के समर्थन में तर्क प्रस्तुत कीजिए।
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में कृषितर रोज़गार और आय का प्रबंध करने में पशुधन पालन की बड़ी संभाव्यता है। भारत में इस क्षेत्रक की प्रोन्नति करने के उपर्युक्त उपाय सुझाते हुए चर्चा कीजिए।
  3. भारत में कृषिभूमि धारणों के पतनोन्मुखी औसत आकार को देखते हुए, जिसके कारण अधिकांश किसानों के लिए कृषि अलाभरी बन गई है, क्या संविदा कृषि को और भूमि को पट्टे पर देने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके पक्ष-विपक्ष का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
  4. ‘डिजिटल भारत’ कार्यक्रम खेत उत्पादकता और आय को बढ़ाने में किसानों की किस प्रकार सहायता कर सकता है? सरकार ने इस संबंध में क्या कदम उठाए हैं?
  5. प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी.बी.टी.) के द्वार कीमत सहायिकी का प्रतिस्थापन भार तमें सहायिकियों के परिदृष्य का किस प्राकर परिवर्तन कर सकता है? चर्चा कीजिए।
  6. भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास करने की राह में विपणन और पूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में क्या बाधाएं हैं? क्या इन बाधाओं पर काबू पाने में ई-वाणिज्य सहायक हो सकता है?
  7. सोने के लिए भारतीयों के उन्माद ने हाल के वर्षों में सोने के आयात में प्रोत्कर्ष (उछाल) उत्पन्न कर दिया है और भुगतान-संतुलन और रूपय के बाहृ मूल्य यपर दबाव डाला है। इसको देखते हुए, स्वर्ण मुद्रीकरण योजना के गुणों का परीक्षण कीजिए।
  8. ‘‘भारत में बनाइए’ कार्यक्रम की सफलता, ‘कौशल भारत’ कार्यक्रम और आमूल श्रम सुधारों की सफलता पर निर्भर करती है।’’ तर्कसम्मत दलीलों के साथ चर्चा कीजिए।
  9. सौर उर्जा की उपकरण लागतों और टैरिफ में हाल के नाटकीय पतन के क्या कारक बताए जा सकते हैं? इस प्रवृति के तापीय विद्युत् उत्पादकों और संबंधित उद्यो के लिए क्या निहितार्थ हैं?
  10. इनकी स्पष्ट स्वीकृति है कि विशेष आर्थिक जोन (एस.इ.जैड.) औद्योगिक विकास, विनिर्माण और निर्यातों के एक साधन हैं। इस संभाव्यता को मान्यता देते हुए, एस.ई.जैड. के संपूर्ण करणत्व में वृद्धि करने की आवश्यकता है। कराधान, नियंत्रक कानूनों और प्रशासन के संबंध में एस.ई.जैडों. की सफलता को परेशान करने वाले मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  11. जी.पी.एस. युग में, ‘मानक स्थिति-निर्धारण प्रणालियों’ और ‘शितयुद्ध स्थिति-निर्धारण प्रणालियों’ से आप क्या समझते हैं? केवल सात उपग्रहों का इस्तेमााल करते हुए अपने महत्वाकांक्षी आई.आर.एन.एस.एस. कार्यक्रम से किन लाभों को देखता है, इस पर चर्चा कीजिए।
  12. निषेधात्मक श्रम के कौन-से क्षेत्र हैं, जिनका रोबोटों के द्वारा धारणीय रूप से प्रबंधन किया जा सकता है? ऐसी पहलों पर चर्चा कीजिए, जो प्रमुख अनुसंधान संस्थानों में मौलिक और लाभप्रद नवाचार के लिए अनुसंधान को आगे बढ़ा सकें।
  13. सरकारी कार्यकलापों के लिए, सर्वरों की क्लाउड होस्टिंग बनाम स्वसंस्थागत मशीन-आधारित होस्टिंग लाभों और सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए।
  14. भारत की पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइबे्ररी (टी.के.डी.एल.), जिसमें 20 लाख से ज्यादा औषधीय फार्मूलेशनों पर संरूपित जानकारी है, त्रुटिपूर्ण पेटेंटों के प्रति देश की लड़ाई में एक शक्तिशाली हथियार साबित हो रही है। मुक्त-स्रोत लाइसेंसिंग के अधीन इस आंकड़ा-संचय को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने के पक्ष और विपक्ष पर चर्चा कीजिए।
  15. नमामी गंगे और स्वच्छ गंगा का राष्ट्रीय मिशन (एन.एम.सी.जी.) कार्यक्रमों पर और इससे पूर्व की योजनाओं से मिश्रित परिणामों के कारणों पर चर्चा कीजिए। गंगा नदी के परिरक्षण में कौन-सी प्रमात्रा छलांगों, क्रमिक योगदानों की अपेक्षा ज्यादा सहायक हो सकती हैं?
  16. भारतीय उप-महाद्वीप में भूकंपों की आवृति बढ़ती हुई प्रतीत होती है। फिर भी, इनके प्रभाव के न्यूनीकरण हेतु भारत की तैयारी (तत्परता) में महत्वपूर्ण कमियां हैं। विभिन्न पहलुओं की चर्चा कीजिए।
  17. मानवधिकार सक्रियतावादी लगातार इस विचार को उजागर करते हैं कि सशस्त बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 (ए.एफ.एस.पी.ए.) एक क्रूर अधिनियम है, जिससे सुरक्षा बलों के द्वारा मानवाधिकार दुरूपयोगों के मामले उत्पन्न होते हैं। इस अधिनियम की कौन-सी धराओं का सक्रियतावादी विरोध करते हैं? उच्चतम न्यायालय के द्वारा व्यक्त विचार के संदर्भ में इसकी आवश्यकता का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
  18. डिजिटल मीडिया के माध्यम से धार्मिक मतारोपण का परिणाम भारतीय युवकों का आई.एस.आई.एस. में शामिल हो जाना रहा है। आई.एस.आई.एस. क्या है और उसका ध्येय (लक्ष्य) क्या है? आई.एस.आई.एस. हमारे देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए किस प्रकार खतरनाक हो सकता है?
  19. पिछड़े क्षेत्रों में बड़े उद्योगों का विकास करने से सरकार के लगातार अभियानों का परिणाम जनजातीय जनता और किसानों, जिनको अनेक विस्थापनों का सामना करना पड़ता है, का विलगन (अगल करना) है। मल्कानगिरि और नक्सलबाड़ी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, वामपंथ्ज्ञी उग्रवादी विचारधारा से प्रभावित नागरिकों को सामाजिक और आर्थिक संवृद्धि की मुख्यधारा में फिर से लाने की सुधारक रणनीतियों पर चर्चा कीजिए।
  20. विचार करते हुए कि साइबरस्पेश देश के लिए खतरा प्रस्तुत करता है, भारत को ऐसे अपराधों को रोकने के लिए ‘‘डिजिटल सशस्त्र बल’’ की आवश्यकता है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन में दिखाई देने वाली चुनौतियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए, इस नीति का समालोचनचात्मक मूल्यांकन कीजिए।