UPSC(IAS) PRE 2019 CURRENT MCQ’S PART-1(JUNE-DECEMBER 2018)

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यह HINDI में है
यह 7MB की फ़ाइल है
इसमें 700+ CURRENT MCQ’S हैं तथा उनका विश्लेषण है
इसमें जून 2018 से दिसम्बर 2018 तक का करेंटहै जिसमें योजना,कुरुक्षेत्र,विज्ञान प्रगति भी शामिल है
यह केवल UPSC के IAS EXAM के लिए ही है
यह सभी वैबसाइट का संकलन करके बनाया गया है जिससे एक जगह पूरा करेंट मिल सके अतः कोई भी इस पर कॉपीराइट नहीं लगा सकता
पेमेंट होने पर स्क्रीन शॉट जरूर लें जिससे DOWNLOADING में कुछ समस्या होने पर <goldej7@gmail.com> पर संपर्क करते समय वह पेमेंट नंबर भेज सकें

इस प्रकार के प्रश्न इस PDF में हैं

Q-‘संरक्षण कृषि’ की क्याविशेषता/विशेषताएँ है/हैं?

  1. जुताई रहित विधि अपनाकर न्यूनतम मृदा हस्तक्षेप।
  2. फसल अवशेष का मृदा आवरण के रूप में उपयोग।
  3. स्थानिक और सामयिक फसल अनुक्रमण/फसल चक्र।

नीचे दिये गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर का चुनाव कीजिये: 

A केवल 1 और 2

B केवल 1

C केवल 2 और 3

D 1,2 और 3

Explanation

उत्तर: (d)
व्याख्या:

  • संरक्षण कृषि, फसल उगाने की एक ऐसी प्रणाली है जिसमें खेत की जुताई नहीं की जाती, जबकि फसल अवशेष को भी मृदा आवरण के रूप में बनाए रखा जाता है।
  • परिशुद्ध भूमि स्तरीकरण (precision land leveling; PLL) के माध्यम से भूमि को तैयार करने और फसल रोपण के लिये क्यारी व हल-रेखा समाकृति (bed and furrow configuration) के प्रयोग से बेहतर संसाधन प्रबंधन को और बल मिलता है।
  • संरक्षण कृषि, मृदा में अधिक हस्तक्षेप के बिना ही कृषि उत्पादन के लिये मृदा प्रबंधन का अवसर प्रदान करती है, जबकि अपरदन, संहनन (compaction), समग्र क्षय, जैविक पदार्थ की कमी, पोषक तत्त्वों का निक्षालन आदि प्रक्रियाओं से होने वाले मृदा अपक्षय से इसकी सुरक्षा करती है। इस प्रकार, संरक्षण कृषि फसल उत्पादन, कृषि-अर्थशास्त्र और पर्यावरणीय लाभों को अनुकूलतम बनाने की अवधारणा है।

संरक्षण कृषि की विशेषताएँ:

  • जुताई रहित विधि के उपयोग तथा कृषि कार्यकलापों में भारी कृषि मशीनरी के कम प्रयोग से न्यूनतम मृदा हस्तक्षेप।
  • मृदा सतह पर फसल अवशेषों को सड़ी-गली घास (mulch) के रूप में छोड़कर और उनके प्रबंधन द्वारा अधिकतम मृदा आच्छादन।
  • निवेश से अधिकतम लाभ पाने और न्यूनतम प्रतिकूल पर्यावरणीय प्रभावों के लिये स्थानिक व सामयिक फसल-अनुक्रमण/फसल चक्र को अपनाना। अतः विकल्प (d) सही है।

संरक्षण कृषि के लाभ:

  • उत्पादन लागत में कमी।
  • खर-पतवारों में कमी, पानी और पोषक-तत्त्वों की बचत।
  • बेहतर फसल उपज, फसल विविधीकरण के अवसर और संसाधन-उपयोग दक्षता में सुधार।

संरक्षण कृषि में प्रयुक्त प्रथाएँ:

  • संरक्षण कृषि में लेज़र भूमि स्तरीकरण, संरक्षण जुताई, क्यारी-रोपण, प्रत्यक्ष चावल बीजारोपण (direct seeded rice; DSR), सेस्बानिया का भूरी खाद के रूप में उपयोग, फसल अवशेष का प्रबंधन और फसल विविधिकरण जैसी प्रथाएँ शामिल हैं।

Q-‘डिजिटल इंडिया’ पहल के तहत निम्नलिखित में सेकौन-से विकास के स्तंभ हैं?

  1. ब्रॉडबैंड हाईवे
  2. मोबाइल संयोजकता (Connectivity) की सार्वभौमिक पहुँच
  3. इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण

नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये:

A केवल 1 और 2

B केवल 2 और 3

C केवल 1 और 3

D 1,2 और 3

Explanation

उत्तर: (d)
व्याख्या:

  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान परक अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने का एक दृष्टिकोण है।
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समन्वित किया जाता है।

डिजिटल इंडिया का दृष्टिकोण:

1.प्रत्येक नागरिक को अवसंरचना प्रदान करना:

  • मुख्य उपयोगिता के रूप में उच्च गति इंटरनेट सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराया जाएगा।
  • बचपन से वृद्धावस्था तक डिजिटल पहचान प्रदान करना जो अद्वितीय, आजीवन, ऑनलाइन और प्रामाणिक होगी।
  • मोबाइल फोन और बैंक खाता व्यक्तिगत स्तर पर डिजिटल तथा वित्तीय क्षेत्र में भागीदारी को सक्षम बनाएंगे।
  • क्षेत्र में एक सामान्य सेवा केंद्र (Common Service Centre; CSC) तक सुगम पहुँच।
  • Public Cloud (किसी तीसरे पक्ष द्वारा उपलब्ध कराया गया ऑनलाइन सार्वजनिक डाटा संग्रहण का स्थान, जहाँ से कोई भी उपयोगकर्त्ता इसे प्रयोग कर सकता है) पर साझा करने योग्य निजी स्थान।
  • देश में सकुशल और सुरक्षित साइबर स्पेस।

2. गवर्नेंस एंड सर्विसेज़ ऑन डिमांड:

  • सभी व्यक्तियों को सरल और एकल खिड़की पहुँच प्रदान करने के लिये विभागों या अधिकार क्षेत्र का निर्बाध रूप से एकीकरण करना।
  • ऑनलाइन सेवाओं और मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म द्वारा तत्काल उपलब्ध सरकारी सेवाएँ।
  • cloud पर सभी नागरिक अधिकार उपलब्ध कराना ताकि इस तक पहुँच सरल और सुनिश्चित हो सके।
  • व्यापार सुगमता में सुधार के लिये सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप में परिवर्तित करना।
  • निश्चित वित्तीय सीमा के बाद लेन-देन को इलेक्ट्रॉनिक और कैशलेस बनाना।
  • निर्णय समर्थन प्रणाली और विकास के लिये GIS का लाभ उठाना।

3.नागरिकों का डिजिटल सशक्तीकरण:

  • सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता।
  • सभी डिजिटल संसाधन सार्वभौमिकरूप से सुलभ कराना।
  • Cloud पर सभी सरकारी दस्तावेज उपलब्धकराना।
  • ​​भारतीय भाषाओं में डिजिटलसेवाओं की उपलब्धता।
  • सहभागी शासन के लिये सहभागीडिजिटल मंच।
  • डिजिटल इंडिया का लक्ष्य, विकास क्षेत्र के नौ स्तंभों कोअधिकाधिक प्रेरित करना है।

Q-अटल नवप्रर्वतन मिशन के संबंध मेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. नीति आयोग द्वारा संचालित यह मिशन कौशलयुक्त रोज़गार एवं महिलाओं के उत्थान से संबंधित है।
  2. इसके अंतर्गत अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं के साथ-साथ मेंटर इंडिया नाम से परामर्शदात्री नेटवर्क की भी स्थापना की जा रही है।
  3. अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं के संबंध में इंफोसिस इंडिया तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से गलत है/हैं?

A केवल 2

B केवल 1 और 2

C केवल 3

D केवल 1 और 3

Explanation

उत्तर: (D) 
व्याख्या: नीति आयोग द्वारा फरवरी 2016 से संचालित AIM भारत को एक नवप्रवर्तक औररचनात्मक देश बनाने की योजना है। AIM को एक सर्वोच्च नवप्रवर्तन संगठन केरूप में परिकल्पित किया गया है जो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, विज्ञान, इंजीनिरिंग और उच्चतर शैक्षणिकसंस्थाओं के विभिन्न स्तरों तथा एसएमई उद्योग/कारपोरेट स्तरों पर नवप्रर्वतन औरउद्यमिता के पारितंत्र की स्थापना को प्रोत्साहित करते हुए केंद्र, राज्य और क्षेत्रीय नवप्रवर्तकस्कीमों के बीच नवप्रवर्तन नीतियों के समन्वयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहाहै। यह देशभर में सभी 700 ज़िलों के विद्यालयों में सृजनात्मक, नवप्रवर्तनकारी मनोवृत्ति को बढ़ावादेने के लिये अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाओं ATL की स्थापना कर रहा है। ये ATL1000-1500 वर्ग फीटके समर्पित नवप्रवर्तक कार्यस्थल हैं। जहाँ 3डी प्रिंटरों, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रानिक्स जैसी अद्यतनप्रौद्योगिकियाँ स्थापित हैं ताकि कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थी इनप्रौद्योगिकियों के साथ प्रयोग कर सकें और इनका उपयोग कर नवप्रवर्तनकारी समाधानोंका सृजन करना सीख सकें।इंटेल टैक्नोलॉजी इंडियाप्रा.लि. इस कार्य को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। सामाजिक/आर्थिक प्रभावउत्पन्न करने वाले विशिष्ट उत्पाद नवप्रवर्तनों को बढ़ावा देने के लिये AIMराष्ट्रीयमहत्त्व के विशिष्ट क्षेत्रों के लिये स्वरोज़गार और प्रतिभा का उपयोग (सेतु)कार्यक्रम चला रहा है। विश्वविद्यालय, एनजीओ, एसएमई और कारपोरेट उद्योग के स्तरो पर उद्यमिता कोबढ़ावा देने के लिये एआईएम विश्वस्तरीय अटल इन्क्यूबेटर्स (AIC)कीस्थापना कर रहा है। इसके अलावा नवप्रवर्तन के पारितंत्र की स्थापना को संभव बनानेके लिये,AIM मेंटर इंडिया नाम से भारत में एक सबसे बडे परामर्शदात्री नेटवर्क कीस्थापना कर रहा है।

Q-सिटीज़न साइंस पहल निम्नलिखित में किससे संबंधित है?

A हॉर्नबिल के संरक्षण के लिये महत्त्वपूर्णइनपुट प्रदान करने हेतु भारतीय हॉर्नबिल का दस्तावेज़ीकरण करने के लिये की गई एकपहल।

B नागरिकों को विज्ञान की नई तकनीकों सेपरिचित कराने हेतु एक पहल।

C भारत सरकार द्वारा छात्रों को विज्ञानसे संबंधित शोध कार्य हेतु विदेश भेजने के लिये एक कार्यक्रम।

D खाड़ी देशों में गए अपनेनागरिकों की सूचना एकत्रित करने हेतु गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक कार्यक्रम।

Explanation

उत्तर : (a)

व्याख्या :

  • हाल ही में हॉर्नबिल के संरक्षण के लिये मूल्यवान इनपुटप्रदान करने हेतु भारतीय हॉर्नबिल का दस्तावेज़ीकरण करने के लिये सिटीज़न साइंस पहलकी शुरुआत की गई है। सिटीज़न साइंस, आँकड़े इकट्ठा करने के लिये भागीदारीहेतु एक सामूहिक, सार्वजनिक प्रयास है जिसमें से विज्ञान की प्रगति के लिये लोग घरस्वैच्छिक योगदान करते हैं।
  • संरक्षित क्षेत्रों के बाहर हॉर्नबिल की उपस्थिति के आँकड़े उनकेनिवास स्थान की पहचान करने और विकास परियोजनाओं तथा संभावित खतरों से उनकी रक्षाकरने में महत्त्वपूर्ण साबित होंगे। लोग किसी जीवित हॉर्नबिल के अवलोकन को दर्ज करसकते हैं, किसी मृत, शिकार किये गए या बंदी पक्षी की सूचना भी दे सकते हैं। भारत मेंहॉर्नबिल की नौ प्रजातियाँ हैं जिनमें से चार पश्चिमी घाट पर पाई जाती हैं- भारतीयग्रे हॉर्नबिल (भारत का स्थानिक), मालाबार ग्रे हॉर्नबिल (पश्चिमी घाट का स्थानिक), मालाबार पाइड हॉर्नबिल (भारत वश्रीलंका का स्थानिक) और व्यापक रूप से पाया जाने वाला ग्रेट हॉर्नबिल (अरुणाचलप्रदेश और केरल का राजकीय पक्षी)।

Q-पिसा (PISA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) द्वारा समन्वित यह एक त्रैवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण है जिसमें दुनिया भर में शैक्षिक प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है।
  2. अमेरिका PISA की किसी भी विषय श्रेणी में शीर्ष 10 में कभी नहीं रहा। वर्ष 2015 के परीक्षण में अमेरिकी छात्रों ने गणित में 40वाँ, विज्ञान में 25वाँ और पढ़ने में 24वाँ स्थान प्राप्त किया।

उपर्यक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A केवल 1

B केवल 2

C 1 और 2 दोनों 

D न तो 1 और न ही 2

Explanation

उत्तर : (c)

व्याख्या :

  • हाल ही में मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद, छात्र क्षमता के अंतर्राष्ट्रीय मूल्यांकन ‘पिसा’ (PISA) में भाग लेने का निर्णय लिया है।  राष्ट्रीय स्तर पर छात्र मूल्यांकन के लिये कार्यक्रम (Program for International Student Assessment– PISA) को पहली बार वर्ष 2000 में प्रबंधित किया गया था। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) द्वारा समन्वित यह एक त्रैवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सर्वेक्षण है जिसमें विज्ञान, गणित और पठन संबंधी छात्रों के मूल्यांकन के द्वारा दुनिया भर में शैक्षिक प्रणाली की गुणवत्ता का आकलन किया जाता है। दो घंटे का कंप्यूटर-आधारित परीक्षण उन 15 वर्षीय छात्रों पर केंद्रित है जो कि अधिकांश देशों में या तो अपनी अनिवार्य शिक्षा को पूरा कर चुके हैं या पूरा करने के करीब हैं। अतः कथन 1 सही है।
  • पिछले कुछ वर्षों में एशियाई शिक्षा प्रणाली ने इसकी ऊपरी रैंकिंग में स्थान बनाया है। PISA 2015 के परिणामों में गणित के लिये शीर्ष सात स्थानों पर सभी एशियाई देशों का कब्ज़ा था। इसमें सिंगापुर के बाद हॉन्गकॉन्ग, मकाओ, ताइवान, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया शामिल थे। अमेरिका PISA की किसी भी विषय श्रेणी में शीर्ष 10 में कभी नहीं रहा। वर्ष 2015 के परीक्षण में अमेरिकी छात्रों ने गणित में 40वाँ, विज्ञान में 25वाँ और पढ़ने में 24वाँ स्थान प्राप्त किया। अतः कथन 2 सही है।