UPSC IAS MAINS 2014 GENERAL STUDY QUESTION PAPER-2

  1. ‘आधारिक संरचना’ के सिद्धांत से प्रारंभ करते हुए, न्यायपालिका ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत एक उन्नतिशील लोकतंत्र के रूप में विकसित करे, एक उच्चतः अग्रलक्षी भूमिका निभाई है। इस कथन के प्रकाश में, लोकतंत्र के आदर्शो की प्राप्ति के लिए हाल के समय में ‘न्यायिक सक्रियतावाद’ द्वारा निभाई भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
  2. यद्यपि परिसंघीय सिद्धांत हमारे संविधान में प्रबल है और वह सिद्धांत संविधान के आधारिक अभिलक्षणों में से एक है, परंतु यह भी इतना ही सत्य है कि भारतीय संविधान के अधीन परिसंघवाद सशक्त केंद्र के पक्ष में झुका हुआ है। यह एक ऐसा लक्षण है जो प्रबल परिसंघवाद की संकल्पना के विरोध में है। चर्चा कीजिए।
  3. संसद और उसके सदस्यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और उन्मुक्यिां, जैसे कि वे संविधान की धारा 105 में परिकल्पित हैं, अनेकों असंहिताबद्ध और अ-परिगणित विशषाधिकारों के जारी रहने का स्थान खाली छोड़ देती हैं। संसदीय विशेषाधिकारों के विधिक संहिताकरण की अनुपस्थिति के कारणों का आकलन कीजिए। इस समस्या का क्या समाधान निकाला जा सकता है?
  4. आप ‘वाक् और अभिव्यक्ति स्वातंत्रय’ संकल्पना से क्या समझते है? क्या इसकी परिधि में घृणा वाक् भी आता है? भारत में फिल्में अभिव्यक्ति के अन्य रूपों से तनिक भिन्न स्तर पर क्यों है? चर्चा कीजिए।
  5. मृत्यु दंडादेशों के लघूकरण मंे राष्ट्रपति के विलंब के उदाहरण न्याय प्रत्याख्यान के रूप में लोक वाद-विवाद के अधीन आए हैं। क्या राष्ट्रपति द्वारा ऐसी याचिकाओं को स्वीकार करने/अस्वीकार करने के लिए एक समय सीमा का विशेष रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए? विश्लेषण कीजिए।
  6. मंत्रिमंडल का आकार उतना होना चाहिए कि जितना सरकारी कार्य सही ठहराता हो और उसको उतना बड़ा होना चाहिए कि जितने को प्रधानमंत्री एक टीम के रूप मंे संचालन कर सकता हो। उसके बाद सरकार की दक्षता किस सीमा तक मंत्रिमंडल के आकार से प्रतिलोभतः संबंधित है? चर्चा कीजिए।
  7. यद्यपि 100 प्रतिशत विदेशी प्रत्यक्ष निवेश पहले से व्यापर प्रकाशन और सामान्य मनोरंजन चैनल जैसे समाचार-इतर मीडिया में अनुमत है, तथापि सरकार काफी कुछ समय से समाचार मीडिया में वर्धित एफ.डी.आई. के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। एफ.डी.आई. में बढ़ोतरी क्या अंतर पैदा करेगी? समालोचनापूर्वक इसके पक्ष-विपक्ष का मूल्यांकन कीजिए।
  8. किरायों का विनियमन करने के लिए रेल प्रशुल्क प्राधिकरण की स्थापना आमदनी-बंधे भारती रेलवे को गैर-लाभकारी मार्गों और सेवाओं को चलाने के दायित्व के लिए सहायिकी मांगने पर मजबूत कर देगी। विद्युत क्षेत्रक के अनुभव को सामने रखते हुए चर्चा कीजिए कि क्या प्रस्तावित सुधार से उपभोक्ताओं, भारतीय रेलवे या कि निजी कंटेनर प्रचालकों को लाभ होने की आशा है।
  9. भारत में राष्ट्रीय मानव अधिकारी आयोग सर्वाधिक प्रभावी तभी हो सकता ह, जब इसके कार्यों को सरकार की जवाबदेही को सुनिश्चित करने वाले अन्य नागरिकों का पर्याप्त समर्थन प्राप्त हो। उपरोक्त टिप्पी में प्रकाश में, मानव अधिकार मानकों को प्रोन्नति करने और उनकी रक्षा करने में, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं के प्रभावी पूरक के तौर पर, एन.एच.आर.सी. की भूमिका का आकलन कीजिए।
  10. ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यक्रमों में भागीदारी का प्रोन्नति करने में स्वावलंबन समूहों के प्रवेश को सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। परीक्षण कीजिए।
  11. क्या कमजोर और पिछड़े समुदायों के लिए आवश्यक सामाजिक संसाधनों को सुरक्षित करने के द्वार, उनकी उन्नती के लिए सरकारी योजनाएं, शहरी अर्थव्यवस्थाओं में व्यवसायों की स्थापना करने में उनकों बहिष्कृत कर देती है?
  12. खिलाड़ी औलंपिक्स में व्यक्तिगत विजय और देश के गौरव के लिए भाग लेता हैः वापसी घर, विजेताओं पर विभिनन संस्थाओं द्वारा नकद प्रोत्साहनों की बौछार की जाती है। प्रोत्साहन के तौर पर पुरस्कार कार्यविधि के तर्काधार के मुकाबले, राज्य प्रायोजित प्रतिभा खोज और उसके पोषण के गुणावगुण पर चर्चा कीजिए।
  13. क्या आई.आई.टी./आई.आई.एम. जैसे प्रमुख संस्थानों को अपनी प्रमुख स्थिति को बनाए की, पाठ्यक्रमों को डिजाइन करने में अधिक शैखिक स्वतंत्रता की और साथ ही छात्रों को चयन की विधाओं/कसौटियों के बारे में स्वयं निर्णय लेने की अनुमति दी जानी चाहिए? बढ़ती हुई चुनौतियों के प्रकाश में चर्चा कीजिए।
  14. क्या संवर्ग आधारित सिविल सेवा संगठन भारत में धीमे परिवर्तन का कारण रहा है? समालाोचनापूर्वक परीक्षण कीजिए।
  15. सरकार की दो समांतर चलाई जा रही योजनाओं, यथा ‘आधार कार्ड’ और ‘राष्ट्रीय रजिस्टर’ एक स्वैच्छिक और दूसरी अनिवार्य, ने राष्ट्रीय स्तरों पर वाद-विवादों को मुकदमों को जन्म दिया है। गुणो-अवगुणों के आधार पर चर्चा कीजिए कि क्या दोनों योजनाओं को साथ-साथ चलाना आवश्यक है या नहीं है। इन योजनाओं की विकासात्मक लाभों और न्यायोचित संवृद्धि को प्राप्त करने की संभाव्यता का विशेलषण कीजिए।
  16. दक्षिण चीन सागर के मामले में, समुद्री भूभागीय विवाद और बढ़ता हुआ तनाव समस्त क्षेत्र में नौपरिवहन की और उपरी उड़ान की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए समुद्री सुरक्षा की आवश्यकता की अभिपुष्टि करते है। इस संदर्भ में भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा कीजिए।
  17. सूचना प्रौद्योगिकी समझौतेों का उद्देश्य हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों पर सभी करों और प्रशुल्कों को कम करके शून्य पर लाना है। ऐसे समझौतों पर भारत के हितों पर क्या प्रभाव होगा?
  18. अंतरर्राष्ट्रीय निधीयन संस्थाओं में से कुछ की आर्थिक भागीदारी के लि विशेष शर्ते होती है, जो शर्त लगाती है कि उपस्कर के स्रोतन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सहायता का एक बड़ा भाग, अग्रणी देशों से उपस्कर स्रोतन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसी शर्तों के गुणों-अवगुणों पर चर्चा कीजिए और क्या भारतीय संदर्भ में ऐसी शर्ते को स्वीकार न करने की एक मजबूत स्थिति विद्यमान है।
  19. भारत ने हाल ही में ‘‘नव विकास बैंक’’ और साथ ही ‘‘एशियाई आधारिक संरचना निवेश बैंक’’ के संस्थापक सदस्य बनने के लिए हस्ताक्षर किय हैं। इन दो बैंकों की भूमिकाएं एक दूसरे से किस प्रकार भिन्न होगी? भारत के लिये इन दो बैंकों के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
  20. विश्व व्यापार संगठन एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जहां लिए गए निर्णय देशों के गहराई से प्रभावित करते हैं। डब्ल्यू.टी.ओ. का क्या अधिधेश है और उसके निर्णय किस प्रकार बंधनकारी है? खाद्य सुरक्षा पर विचार-विमर्श के पिछले चक्र पर भारत के दृढ़-पत का समालोचनापूर्वक विश्लेषण कीजिए।